—Advertisement—

भोपाल में Loktantra सेनानियों का भव्य राज्य स्तरीय सम्मेलन, 91वें वर्ष में प्रवेश पर हुआ ऐतिहासिक आयोजन

Author Picture
Published On: 26 June 2026
Loktantra

—Advertisement—

भोपाल में Loktantra सेनानियों का भव्य राज्य स्तरीय सम्मेलन, 91वें वर्ष में प्रवेश पर हुआ ऐतिहासिक आयोजन

झाबुआ प्रतिनिधि: मनीष कुमट

भोपाल। मध्य प्रदेश Loktantra सेनानी संगठन के तत्वावधान में आयोजित राज्य स्तरीय भव्य सम्मेलन का आयोजन राजधानी भोपाल स्थित प्रतिष्ठित रवींद्र सभागार में किया गया। यह सम्मेलन लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष, त्याग और योगदान को समर्पित रहा। इस अवसर पर संगठन ने लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान और उनके जीवन संघर्षों को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि और सम्मान अर्पित किया।

कार्यक्रम में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में लोकतंत्र सेनानी, उनके परिजन, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभागार पूरा भर गया और वातावरण लोकतंत्र की रक्षा के संघर्षों की स्मृतियों से भावुक और प्रेरणादायक बना रहा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित वरिष्ठ नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति

इस ऐतिहासिक सम्मेलन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ पूर्व राज्यपाल एवं वरिष्ठ नेता कप्तान सिंह सोलंकी, भाजपा प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह, लोकतंत्र सेनानी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश सोनी सहित अनेक वरिष्ठ नेता मंच पर मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत पुष्प वर्षा और स्वागत समारोह से हुई, जिसमें लोकतंत्र सेनानियों और उनके परिजनों का भव्य स्वागत किया गया। विशेष रूप से 95 वर्ष से अधिक आयु के लोकतंत्र सेनानियों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया, जिससे पूरा सभागार तालियों की गूंज से भर उठा।

Loktantra सेनानी संगठन ने प्रस्तुत की कार्ययोजना

प्रदेश अध्यक्ष चंपारण भौमिक ने संगठन की ओर से कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान, उनकी सामाजिक सुरक्षा और उनके अनुभवों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए संगठन लगातार प्रयास कर रहा है।

उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान जिन सेनानियों ने संघर्ष किया, उनका योगदान इतिहास का अमूल्य हिस्सा है और उसे हमेशा याद रखा जाएगा। संगठन की योजना है कि आने वाले समय में प्रत्येक जिले में ऐसे सम्मान समारोह आयोजित किए जाएं।

आपातकाल के काले दौर की यादें हुईं ताजा

पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने अपने संबोधन में 1975 के आपातकाल के दौर को विस्तार से याद किया। उन्होंने कहा कि उस समय देश में लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया गया था, प्रेस पर प्रतिबंध लगाए गए थे और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को बड़ी संख्या में जेलों में बंद कर दिया गया था।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों ने उस कठिन समय में भी साहस और धैर्य के साथ संघर्ष किया और लोकतंत्र की नींव को मजबूत बनाए रखा। उनका यह संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

मुख्यमंत्री की घोषणाएं और संबोधन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में लोकतंत्र सेनानियों के योगदान को नमन करते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के कारण ही आज देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत है और नागरिक स्वतंत्रता सुरक्षित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लोकतंत्र सेनानियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी सुविधाओं में वृद्धि की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके सम्मान और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।

उन्होंने आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारतीय लोकतंत्र का सबसे कठिन दौर था, लेकिन लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष ने देश को उस संकट से बाहर निकाला।

95 वर्ष से अधिक आयु के सेनानियों का विशेष सम्मान

कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक क्षण तब आया जब 95 वर्ष से अधिक आयु के लोकतंत्र सेनानियों को मंच पर बुलाकर विशेष सम्मान दिया गया। मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों ने पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया।

इस दौरान सभागार में मौजूद सभी लोग भावुक हो गए और लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान में तालियों की गूंज देर तक सुनाई देती रही।

महेंद्र सिंह और अन्य नेताओं के विचार

भाजपा प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में 25 जून 1975 की ऐतिहासिक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय देश में भय और दमन का माहौल था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों ने उस कठिन दौर में भी सत्य और न्याय के लिए संघर्ष किया।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों की भूमिका केवल इतिहास तक सीमित नहीं है, बल्कि आज के राजनीतिक और सामाजिक जीवन में भी उनकी प्रेरणा महत्वपूर्ण है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश सोनी ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों ने बिना किसी हिंसा के शांतिपूर्ण आंदोलन के माध्यम से लोकतंत्र की रक्षा की। उन्होंने यह भी कहा कि आज की सरकारों को उनके अनुभवों और विचारों का सम्मान करना चाहिए।

आपातकाल आंदोलन में सक्रिय रहे नेताओं का सम्मान

कार्यक्रम में पूर्व गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता सहित कई वरिष्ठ नेताओं को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने आपातकाल के दौरान जेल भरो आंदोलन और अन्य लोकतांत्रिक आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई थी।

मंच पर उन्हें स्मृति चिन्ह और सम्मान पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर कई नेताओं ने अपने अनुभव साझा किए और उस समय की परिस्थितियों को याद किया।

कार्यक्रम का संचालन और समापन

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के साथ हुई, जिसने पूरे सभागार में देशभक्ति का माहौल बना दिया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन किया गया।

कार्यक्रम के अंत में संतोष शर्मा द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। उन्होंने सभी अतिथियों, लोकतंत्र सेनानियों और उपस्थित जनसमूह का धन्यवाद व्यक्त किया।

निष्कर्ष

भोपाल में आयोजित यह राज्य स्तरीय लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र की रक्षा में योगदान देने वाले सेनानियों के संघर्षों की जीवंत स्मृति था।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp