अनूपपुर में जिला कांग्रेस का प्रदर्शन: शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा अनियमितताओं और छात्रों के मुद्दों पर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और छात्रों के अधिकारों की रक्षा को लेकर उठाई आवाज
अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में शुक्रवार, 24 जुलाई को जिला कांग्रेस कमेटी ने शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक की घटनाओं तथा छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गुड्डू चौहान के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांधी चौक, कोतमा में धरना देकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और बाद में महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) कोतमा को सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता तथा छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
गांधी चौक पर जुटे कांग्रेस कार्यकर्ता
शुक्रवार को आयोजित विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, युवा कांग्रेस कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में समर्थक गांधी चौक पर एकत्रित हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के हितों की रक्षा की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हाल के समय में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उठे विवादों ने लाखों छात्रों और अभ्यर्थियों की चिंताओं को बढ़ाया है। उनका कहना था कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रक्रिया पर उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं ने छात्रों का विश्वास कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए ताकि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के साथ न्याय हो सके।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार केवल प्रशासनिक निर्णयों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए ठोस नीतिगत कदम आवश्यक हैं।
छात्रों के समर्थन में कांग्रेस का प्रदर्शन
जिला कांग्रेस ने अपने ज्ञापन में कहा कि हाल के दिनों में विभिन्न छात्र आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्रों के साथ हुई घटनाओं को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं।
ज्ञापन में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं के साथ कथित रूप से अनुचित व्यवहार किया गया। पार्टी ने इन घटनाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
कई नेताओं ने किया संबोधित
प्रदर्शन के दौरान आयोजित सभा को कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने संबोधित किया।
सभा में पूर्व विधायक मनोज कुमार अग्रवाल, जनपद सदस्य रेखा राठौर, जिला कांग्रेस कोषाध्यक्ष जेपी श्रीवास्तव, पंचायती राज संगठन की जिला अध्यक्ष संध्या वर्मा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता संतोष मिश्रा, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मानवेंद्र मिश्रा तथा युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष मोहम्मद नदीम ने अपने विचार रखे।
कार्यक्रम का संचालन युवा नेता रफी अहमद ने किया।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
धरना-प्रदर्शन के बाद जिला कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) कोतमा को सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार देशभर में छात्रों, विपक्षी नेताओं और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों से जुड़े हालिया घटनाक्रम लोकतांत्रिक मूल्यों एवं संविधान की भावना से जुड़े गंभीर विषय हैं।
ज्ञापन में इन मुद्दों पर उचित कार्रवाई और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया।
लोकतांत्रिक अधिकारों का किया उल्लेख
ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है।
पार्टी का कहना था कि असहमति के स्वर को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा मानते हुए उसका सम्मान किया जाना चाहिए। ज्ञापन में संविधान की मूल भावना के अनुरूप लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील की गई।
ज्ञापन में रखीं चार प्रमुख मांगें
जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें रखी गईं—
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया जाए अथवा उन्हें पद से हटाया जाए।
- प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं एवं व्यवस्थागत कमियों पर संसद में विस्तृत चर्चा कर निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
- नई दिल्ली में छात्रों एवं शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध दर्ज मामलों और एफआईआर की समीक्षा कर उचित निर्णय लिया जाए।
- जंतर-मंतर पर छात्रों और छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार एवं बल प्रयोग के आरोपों की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की उठाई मांग

जिला कांग्रेस नेताओं ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े विषयों को राजनीतिक विवाद से ऊपर उठकर गंभीरता से देखने की आवश्यकता है। उनका कहना था कि छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद और पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से किया जाना चाहिए।
नेताओं ने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा आवश्यक है।
संतोष मिश्रा ने किया ज्ञापन का वाचन

ज्ञापन का वाचन वरिष्ठ कांग्रेस नेता संतोष मिश्रा ने किया। उन्होंने ज्ञापन में शामिल मांगों और पार्टी के पक्ष को विस्तार से उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं प्रशासनिक अधिकारियों के सामने रखा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों, युवाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाती रहेगी तथा पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग जारी रखेगी।
युवाओं के भविष्य को लेकर जताई चिंता
सभा के दौरान कई वक्ताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता युवाओं के भविष्य से सीधे जुड़ी हुई है। इसलिए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, समयबद्ध कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने के लिए सभी संबंधित संस्थाओं को निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ कार्य करना चाहिए।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत सौंपा गया ज्ञापन
कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन प्रेषित किया और मांग की कि ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर संवैधानिक एवं न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिला कांग्रेस कमेटी ने कहा कि छात्रों, युवाओं और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े विषयों पर वह भविष्य में भी जनहित के मुद्दों को शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से उठाती रहेगी।
