उन्हेल में मदन मोहन मंदिर की भूमि पर 26 दुकानों के निर्माण को लेकर कांग्रेस का धरना, जांच और एफआईआर की मांग
संवाददाता: नितेश वर्मा
उन्हेल (उज्जैन)। उज्जैन जिले के उन्हेल नगर में मदन मोहन मंदिर की भूमि पर 26 दुकानों के निर्माण को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने नगर परिषद के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए धरना-प्रदर्शन किया और निर्माण कार्य में नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा आवश्यक होने पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
धरना प्रदर्शन के बाद कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता थाना परिसर भी पहुंचे, जहां उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की मांग की। इस पूरे घटनाक्रम के बाद यह मामला नगर में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद
बताया जा रहा है कि मदन मोहन मंदिर की भूमि पर हो रहे निर्माण कार्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला व्यापक चर्चा में आया।
वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं ने निर्माण कार्य पर सवाल उठाते हुए नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता धरना-प्रदर्शन के लिए एकत्र हुए।
मदन मोहन मंदिर की भूमि पर लगाए गंभीर आरोप
धरना प्रदर्शन के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं तराना विधायक महेश परमार ने आरोप लगाया कि संबंधित भूमि मंदिर की है और पूर्व में इसे बस स्टैंड के उद्देश्य से उपयोग किए जाने की अनुमति दी गई थी।
उनका कहना था कि यदि भूमि के उपयोग से संबंधित शर्तें निर्धारित थीं, तो उनका पालन होना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि उन शर्तों के विपरीत जाकर अब वहां व्यावसायिक उपयोग के लिए 26 दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि निर्माण कार्य किस आधार पर किया जा रहा है।
व्यावसायिक उपयोग पर उठाए सवाल

महेश परमार ने आरोप लगाया कि संबंधित भूमि का व्यावसायिक उपयोग नहीं किया जा सकता, इसके बावजूद दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि भूमि से जुड़े सभी दस्तावेज, स्वीकृतियां और अनुमति पत्र सार्वजनिक किए जाएं ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
शिक्षा विभाग की भूमि का मुद्दा भी उठा
धरना प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता महफूज अली ने एक अन्य मामले को भी उठाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि लालबाई-फूलबाई माता मंदिर के सामने जिस स्थान पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है, वह पूर्व में कन्या शाला के रूप में उपयोग की जाने वाली शिक्षा विभाग की भूमि थी।
महफूज अली ने आरोप लगाया कि भूमि के स्वामित्व से संबंधित जानकारी में अनियमितता कर उसे नगर परिषद के नाम दर्ज कराया गया। साथ ही उन्होंने निर्माण कार्य निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं होने का भी आरोप लगाया।
व्यापारियों को दी सावधानी बरतने की सलाह
महफूज अली ने संभावित खरीदारों और व्यापारियों से अपील की कि किसी भी दुकान को खरीदने या लेने से पहले उसकी पूरी कानूनी जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
उन्होंने कहा कि—
- भूमि का स्वामित्व किसके नाम है,
- निर्माण की अनुमति वैध है या नहीं,
- सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हैं या नहीं,
इन सभी बातों की जांच करने के बाद ही कोई आर्थिक निर्णय लिया जाना चाहिए।
उन्होंने आशंका जताई कि यदि पर्याप्त जानकारी के बिना दुकान खरीदी गई तो भविष्य में व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
थाने पहुंचकर एफआईआर की मांग
धरना समाप्त होने के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने थाना परिसर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया।
उन्होंने थाना प्रभारी को बुलाकर पूरे मामले की जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं का कहना था कि पूर्व में भी इस संबंध में कई ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
थाना प्रभारी ने जांच के लिए मांगा समय
कांग्रेस नेताओं के अनुसार थाना प्रभारी ने पूरे मामले की जांच के लिए 10 दिन का समय मांगा।
इसके बाद कांग्रेस ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद यदि अनियमितता सामने आती है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए।
धरने में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता रहे मौजूद

धरना-प्रदर्शन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से—
- महेश परमार
- महफूज अली
- वीरसिंह राणा
- शांतिलाल जैन
- सुधाकर विपट
- पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष करण कुमारिया
- शंकर पटेल
- गुड्डू कुरैशी
- जीवन मालवीय
- गुफरान खान (ताजपुर)
- मुकेश गुर्जर
सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम के अंत में नेता प्रतिपक्ष द्वारकाधीश सोनी ने सभी का आभार व्यक्त किया।
धरना प्रदर्शन के दौरान सामने आईं कई झलकियां
धरना प्रदर्शन के दौरान कई ऐसे दृश्य भी देखने को मिले जिन्होंने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मंच से अपनी बातें रखीं और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की।
इसी दौरान एक दुकान संचालक ने भी मंच के सामने आकर अपनी बात रखी।
दुकान संचालक ने रखी अपनी पीड़ा
धरने के दौरान दुकान संचालक ने आरोप लगाया कि उस पर और उसके साथियों पर विभिन्न प्रकार का दबाव बनाया जा रहा है।
उसने अपनी समस्याएं सार्वजनिक रूप से कांग्रेस नेताओं और उपस्थित लोगों के सामने रखीं।
दुकान संचालक की बात सुनने के बाद उपस्थित लोगों ने भी पूरे मामले को गंभीरता से लिया।
नगर में चर्चा का विषय बना मामला
मदन मोहन मंदिर की भूमि पर निर्माण को लेकर उठा यह विवाद नगर में व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है।
राजनीतिक विरोध, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, धरना-प्रदर्शन और थाने में एफआईआर की मांग जैसे घटनाक्रमों के कारण इस मामले पर लोगों की नजर बनी हुई है।
फिलहाल पुलिस द्वारा जांच के लिए समय मांगा गया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और संबंधित विभाग तथा प्रशासन आगे क्या कार्रवाई करते हैं।
