दमोह में कांग्रेस का प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त के पांच पुतले जलाकर इस्तीफे की मांग
आमिर खान, संवाददाता, दमोह तहसील
दमोह। लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा की मांग को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने कलेक्ट्रेट के बाहर धरना प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस प्रभारी और पूर्व मंत्री हर्ष यादव के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग समय पर उनके पांच पुतले जलाए। इस दौरान पुलिस ने पुतला दहन रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की नजरों से बचकर पुतलों में आग लगा दी। प्रदर्शन के बाद एसडीएम निकेत चौरसिया को ज्ञापन सौंपा गया।
कलेक्ट्रेट के सामने जुटे कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता
जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में आयोजित धरने में जिले के कांग्रेस पदाधिकारी, पार्षद, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व मंत्री हर्ष यादव ने किया। उनके साथ पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री राजा पटेरिया, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मानक पटेल और युवक कांग्रेस जिला अध्यक्ष दृगपाल लोधी सहित अन्य नेताओं ने विरोध जताया।
कलेक्ट्रेट के सामने जुटे कांग्रेस नेताओं ने लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा को प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य बताया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए उनके त्यागपत्र की मांग की। धरने के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ भी नारे लगाए। कांग्रेस पदाधिकारियों ने अपनी मांगों को ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन तक पहुंचाया।
अलग-अलग समय पर पांच पुतलों का दहन
धरना प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पांच पुतले जलाए। सभी पुतलों का दहन एक साथ करने के बजाय अलग-अलग समय पर किया गया। इससे मौके पर तैनात पुलिस को बार-बार पुतला दहन रोकने के लिए सक्रिय होना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की निगरानी के बीच पुतलों में आग लगाई। मौके पर मौजूद फायर ब्रिगेड की मदद से आग बुझाने का प्रयास भी किया गया। हालांकि, कार्यकर्ता पुतला दहन करने में सफल रहे। इस दौरान धरनास्थल पर नारेबाजी जारी रही और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपना विरोध व्यक्त किया।
पुतला दहन के चलते प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासन की सक्रियता बढ़ गई। पुलिसकर्मी धरनास्थल तथा कलेक्ट्रेट के आसपास व्यवस्था संभालते रहे। प्रशासन की ओर से आग बुझाने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक वाहन एवं पुलिस बल पहले से तैनात किए गए थे।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से त्यागपत्र देने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने “वोट चोर, गद्दी छोड़” सहित केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए। नेताओं ने लोकतंत्र और मताधिकार से जुड़े मुद्दों पर अपना विरोध दर्ज कराया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस की तैनाती को लेकर भी नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कहा कि “जब-जब बीजेपी डरती है, पुलिस को आगे करती है।” यह बयान प्रदर्शनकारियों की राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में सामने आया। धरने में शामिल पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी तथा पुतला दहन के जरिए अपनी मांगों की ओर ध्यान खींचने का प्रयास किया।

बैरिकेडिंग हटाकर कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचे कार्यकर्ता
धरना और पुतला दहन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेडिंग हटाकर कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचे। इस दौरान पूर्व मंत्री हर्ष यादव, वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजा पटेरिया, मानक पटेल और दृगपाल लोधी के साथ अफजल खान, शैलेन्द्र ठाकुर, दिनेश रैकवार, बब्लू भट्ट तथा कुदूश चिश्ती भी मौजूद रहे।
कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन जारी रखा। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस की मौजूदगी में कांग्रेस प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों का ज्ञापन एसडीएम दमोह निकेत चौरसिया को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग प्रशासन के समक्ष रखी गई। धरने में जिले के विभिन्न कांग्रेस पदाधिकारियों, पार्षदों और कार्यकर्ताओं की भागीदारी रही।
सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल रहा तैनात
प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट और आसपास के क्षेत्र में पुलिस प्रशासन ने पर्याप्त व्यवस्थाएं की थीं। मौके पर तहसीलदार धनीराम गौड़, डीएसपी सौरभ त्रिपाठी और प्रशिक्षु डीएसपी शिव प्रसाद कंगाले मौजूद रहे। पुलिस अधिकारी प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था की निगरानी करते रहे।
इसके अलावा टीआई मनीष कुमार, टीआई अमित मिश्रा, टीआई नेहा गोस्वामी, यातायात निरीक्षक आकांक्षा जोशी और सब इंस्पेक्टर चंदन सिंह भी तैनात रहे। चौकी प्रभारी प्रियंका पटेल और सागर नाका चौकी प्रभारी विक्रम दांगी सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे।
पुलिस प्रशासन ने फायर ब्रिगेड और वज्र वाहन की व्यवस्था भी की थी। पुतला दहन के दौरान फायर ब्रिगेड से आग बुझाने का प्रयास किया गया। वहीं, पुलिस बल ने धरनास्थल से कलेक्ट्रेट परिसर तक प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रखी। कांग्रेस का यह विरोध प्रदर्शन धरने, नारेबाजी, पांच पुतलों के दहन और प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के साथ संपन्न हुआ।

