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कलेक्टर रत्नाकर झा का जिला चिकित्सालय अनूपपुर में आकस्मिक निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं का लिया जायजा

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Published On: 6 August 2026
Collector Ratnakar Jha inspecting healthcare facilities, patient wards, and medical services during a surprise visit to Anuppur District Hospital.
— Collector Ratnakar Jha inspecting healthcare facilities, patient wards, and medical services during a surprise visit to Anuppur District Hospital.

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कलेक्टर रत्नाकर झा का जिला चिकित्सालय अनूपपुर में आकस्मिक निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं का लिया जायजा

रिपोर्टर: अभिषेक द्विवेदी

अनूपपुर। आम नागरिकों को बेहतर और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में अनूपपुर कलेक्टर रत्नाकर झा ने बुधवार शाम जिला चिकित्सालय अनूपपुर का आकस्मिक निरीक्षण कर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न वार्डों का भ्रमण कर मरीजों को मिल रही चिकित्सा सुविधाओं, साफ-सफाई, दवाइयों की उपलब्धता और अस्पताल की कार्यप्रणाली की समीक्षा की।

कलेक्टर ने अस्पताल के चिकित्सकों और स्वास्थ्य अधिकारियों से विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार, समय पर दवाइयां और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी-कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

जिला चिकित्सालय का किया आकस्मिक निरीक्षण

बुधवार शाम कलेक्टर रत्नाकर झा बिना पूर्व सूचना के जिला चिकित्सालय अनूपपुर पहुंचे। उनके अचानक निरीक्षण से अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का अमला सक्रिय हो गया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न विभागों में जाकर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का अवलोकन किया।

कलेक्टर का उद्देश्य अस्पताल में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का प्रत्यक्ष रूप से मूल्यांकन करना और आवश्यक सुधार संबंधी निर्देश देना था।

नवजात शिशु देखभाल इकाई का किया निरीक्षण

निरीक्षण की शुरुआत नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) से हुई।

कलेक्टर ने यहां भर्ती नवजात शिशुओं के उपचार की व्यवस्था, उपलब्ध चिकित्सा उपकरणों और चिकित्सकीय सेवाओं की जानकारी ली।

उन्होंने संबंधित चिकित्सकों से नवजातों की देखभाल की प्रक्रिया, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता तथा चिकित्सकीय सुविधाओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने निर्देश दिए कि नवजात शिशुओं की देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए तथा प्रत्येक बच्चे को समय पर सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

जनरल मेडिसिन वार्ड का लिया जायजा

इसके बाद कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय के जनरल मेडिसिन वार्ड का निरीक्षण किया।

उन्होंने वार्ड में भर्ती मरीजों से भी बातचीत कर उपचार व्यवस्था और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।

मरीजों से यह भी पूछा गया कि उन्हें समय पर डॉक्टरों की सेवाएं मिल रही हैं या नहीं तथा दवाइयों की उपलब्धता में किसी प्रकार की समस्या तो नहीं है।

कलेक्टर ने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए और उन्हें समय पर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाए।

ओपीडी की व्यवस्थाओं का किया अवलोकन

कलेक्टर रत्नाकर झा ने अस्पताल की ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) का भी निरीक्षण किया।

उन्होंने मरीजों के पंजीयन, चिकित्सकीय परामर्श, जांच व्यवस्था और दवा वितरण प्रणाली की जानकारी प्राप्त की।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ओपीडी में आने वाले मरीजों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रखी जाएं।

विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और गंभीर मरीजों को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।

अस्पताल परिसर की साफ-सफाई पर दिया विशेष जोर

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय परिसर की स्वच्छता का भी गहन निरीक्षण किया।

उन्होंने कहा कि किसी भी अस्पताल में स्वच्छ वातावरण मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि वार्डों, गलियारों, शौचालयों और परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए।

साथ ही जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट (बायो मेडिकल वेस्ट) के वैज्ञानिक एवं सुरक्षित निस्तारण पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।

दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश

कलेक्टर ने अस्पताल में आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता की भी समीक्षा की।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पूछा कि मरीजों को सभी आवश्यक दवाइयां अस्पताल से उपलब्ध कराई जा रही हैं या नहीं।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी मरीज को आवश्यक दवाइयों के लिए बाहर भटकना नहीं पड़े।

यदि किसी दवा की कमी हो तो उसकी तत्काल पूर्ति सुनिश्चित की जाए।

स्वास्थ्य अधिकारियों से की विस्तृत चर्चा

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने चिकित्सकों और स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक कर अस्पताल की कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों, डॉक्टरों की संख्या, चिकित्सा उपकरणों, मरीजों की संख्या और विभिन्न विभागों की कार्यक्षमता की जानकारी ली।

साथ ही अस्पताल संचालन में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर भी चर्चा की गई।

गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रशासन की प्राथमिकता

कलेक्टर रत्नाकर झा ने कहा कि आमजन को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक नागरिक को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिले और किसी भी मरीज को उपचार के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

इसके लिए सभी स्वास्थ्य अधिकारी और कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।

मरीजों को समय पर मिले उपचार

कलेक्टर ने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि प्रत्येक मरीज का समय पर परीक्षण और उपचार सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति उम्मीद लेकर आता है, इसलिए उसके साथ संवेदनशील और मानवीय व्यवहार किया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि गंभीर मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।

अस्पताल की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने पर जोर

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अस्पताल प्रबंधन को व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियमित मॉनिटरिंग आवश्यक है।

अस्पताल के सभी विभागों में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाए और मरीजों की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

शासन की मंशा के अनुरूप करें कार्य

कलेक्टर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करें।

उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले अधिकांश मरीज आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से होते हैं।

ऐसे में उनकी समस्याओं को समझते हुए बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सभी की जिम्मेदारी है।

निरीक्षण के दौरान अधिकारी रहे मौजूद

जिला चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान कई वरिष्ठ प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर—

  • अपर कलेक्टर बलवीर रमन
  • अनुविभागीय दंडाधिकारी (राजस्व) प्राशि अग्रवाल
  • डॉ. एस.सी. राय
  • सिविल सर्जन डॉ. परस्ते
  • डॉ. प्रवीण शर्मा
  • डॉ. विनोद सिंह

सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

कलेक्टर रत्नाकर झा का यह आकस्मिक निरीक्षण जिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

ऐसे निरीक्षणों से अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली की नियमित समीक्षा होती है और आवश्यक सुधारों को समय पर लागू करने में सहायता मिलती है।

आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने पर फोकस

जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि अनूपपुर जिले के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हों। कलेक्टर रत्नाकर झा द्वारा जिला चिकित्सालय का आकस्मिक निरीक्षण इसी दिशा में प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है।

यदि निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होता है, तो अस्पताल की व्यवस्थाओं में और सुधार होगा तथा मरीजों को समय पर बेहतर उपचार, स्वच्छ वातावरण और आवश्यक दवाइयों जैसी सुविधाएं अधिक सुगमता से मिल सकेंगी। इससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों का विश्वास भी और मजबूत होगा।

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