—Advertisement—

ठंड ने तोड़े रिकॉर्ड: मध्य प्रदेश के 7 जिलों में पारा 10°C नीचे, छतरपुर सबसे ठंडा, भोपाल में 84 साल का रिकॉर्ड टूटा।

Author Picture
Published On: 27 November 2025
1289595 mp weather news rrr 1 1

—Advertisement—

मध्य प्रदेश मौसम अपडेट: 7 जिलों में पारा 10°C के नीचे, छतरपुर सबसे ठंडा, भोपाल में 84 साल का रिकॉर्ड टूटा

मध्य प्रदेश मौसम: मध्य प्रदेश में ठंड ने एक बार फिर से अपनी रफ्तार पकड़ ली है। नवंबर महीने के आखिरी दिनों में प्रदेश के सात जिलों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे लुढ़क गया है। मौसम विभाग के अनुसार, छतरपुर जिले का नौगांव 7.8 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा। उत्तरी हवाओं के प्रभाव और आसमान में छाए बादलों के कारण ग्वालियर-चंबल संभाग समेत कई इलाकों में कड़ाके की सर्दी का अहसास फिर से लौट आया है।

मध्य प्रदेश में ठंड का कहर: किन शहरों में पारा सबसे नीचे?

बीते 24 से 48 घंटों के दौरान, मध्य प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। यह ठंड का प्रकोप विशेष रूप से उत्तरी और मध्य मध्य प्रदेश के जिलों में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सबसे कम तापमान दर्ज करने वाले जिलों और शहरों की सूची इस प्रकार है:

  • छतरपुर (नौगांव): 7.8 डिग्री सेल्सियस
  • मुरैना: 8.8 डिग्री सेल्सियस
  • रीवा: 8.9 डिग्री सेल्सियस
  • ग्वालियर: 9.3 डिग्री सेल्सियस
  • दतिया: 9.6 डिग्री सेल्सियस
  • चित्रकूट: 9.6 डिग्री सेल्सियस
  • खजुराहो: 9.8 डिग्री सेल्सियस

इसके विपरीत, प्रदेश के पश्चिमी और दक्षिणी जिलों में रात का तापमान अपेक्षाकृत अधिक बना हुआ है। रतलाम, नरसिंहपुर और नर्मदापुरम जैसे शहरों में न्यूनतम तापमान 15 से 19 डिग्री के बीच रहा। वहीं, प्रदेश के प्रमुख शहरों में भोपाल का तापमान 15.4°C, इंदौर का 15.1°C, जबलपुर का 15.2°C और उज्जैन का 16.5°C दर्ज किया गया। इस तरह, प्रदेश में मौसम का दोहरा मिजाज साफ देखा जा सकता है।

मौसम में उतार-चढ़ाव का वैज्ञानिक कारण क्या है?

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि हवा के रुख में लगातार हो रहे बदलाव और वायुमंडल में नमी की मौजूदगी के कारण मध्य प्रदेश के मौसम में यह उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, इसके पीछे मुख्यतः दो कारण जिम्मेदार हैं:

  1. दक्षिण में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र: दक्षिण भारत में बना एक निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय है, जिसके प्रभाव से बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवाएं मध्य प्रदेश तक पहुंच रही हैं। इस नमी के कारण राज्य के कई हिस्सों में हल्के बादल छाए हुए हैं। ये बादल दिन के समय सूर्य की रोशनी को सीधे धरती तक पहुंचने से रोकते हैं, जिससे दिन का अधिकतम तापमान कम हो जाता है और पूरा दिन ठंडक भरा रहता है।

  2. उत्तरी हवाओं में बदलाव: आमतौर पर, पहाड़ों पर होने वाली बर्फबारी से आने वाली उत्तरी हवाएं सीधे मध्य प्रदेश में ठंड बढ़ाती हैं। लेकिन इस बार हवा की दिशा में लगातार बदलाव हो रहा है, जिस कारण ये सर्द हवाएं प्रदेश तक सीधे नहीं पहुंच पा रही हैं। साथ ही, बादलों की चादर रात के समय धरती से निकलने वाली गर्मी को वापस लौटा देती है (ग्रीनहाउस प्रभाव), जिससे कुछ स्थानों पर रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से 5-6 डिग्री तक बढ़ भी गया है। यही कारण है कि कहीं रातें बेहद सर्द हैं तो कहीं तापमान में मामूली गिरावट देखी जा रही है।

नवंबर 2024: मध्य प्रदेश के इतिहास में दर्ज हुई ठंड की मिसाल

इस साल का नवंबर महीना मध्य प्रदेश के मौसम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। इस साल नवंबर महीने की ठंड ने कई दशकों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

  • भोपाल में 84 साल का रिकॉर्ड: राजधानी भोपाल में इस साल नवंबर का महीना पिछले 84 सालों में सबसे ठंडा रहा है। यानि, 1940 के बाद भोपाल में नवंबर इतनी सर्दी नहीं पड़ी थी।

  • इंदौर में 25 साल का रिकॉर्ड: वहीं, प्रदेश के सबसे बड़े शहर इंदौर में 25 साल बाद इतनी ठंडी नवंबर देखी गई है।

क्यों बना रहा इस साल नवंबर में इतनी ठंड?

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस साल नवंबर में लगातार बनी रहने वाली ठंड के पीछे का मुख्य कारण हिमालय क्षेत्र में समय से पहले और अधिक मात्रा में हुई बर्फबारी थी। पहाड़ों पर जमी बर्फ से आने वाली ठंडी और सर्द हवाएं मैदानी इलाकों में जल्दी पहुंच गईं। इसके परिणामस्वरूप, नवंबर महीने की शुरुआत से ही प्रदेश में शीतलहर (कोल्ड वेव) का प्रकोप शुरू हो गया और लगातार 15 दिनों तक जारी रहा, जो कि एक असामान्य मौसमी घटना है।

मध्य प्रदेश के निवासियों के लिए सलाह

मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में रात और सुबह के तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है। ऐसे में, नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे सर्दी से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम करें। खासकर सुबह और रात के समय बाहर निकलते वक्त गर्म कपड़े पहनें, स्वेटर, टोपी और मफलर का उपयोग करें। बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है, क्योंकि अचानक आई इस ठंड से सर्दी-जुकाम और बुखार जैसी स्वास्थ्य समस्याएं होने का खतरा बढ़ गया है। मौसम की ताजा जानकारी के लिए मध्य प्रदेश मौसम विभाग के अपडेट पर नजर बनाए रखें।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp