बड़वानी में CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान: किसानों और विकास पर सरकार की प्रतिबद्धता
बड़वानी। मध्य प्रदेश के CM डॉ. मोहन यादव ने बड़वानी जिले के नागलवाड़ी में प्रदेश की प्रथम कृषि कैबिनेट के फैसलों और किसानों के हित में सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और कहा कि कांग्रेस केवल वोट की राजनीति करती रही है।
कांग्रेस पर हमला: आदिवासियों और भगोरिया की उपेक्षा
CM ने कहा कि कांग्रेस आदिवासियों के वोट तो हमेशा लेती रही है, लेकिन आदिवासी पर्व भगोरिया को अब तक राष्ट्रीय पर्व घोषित करने का प्रयास नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस केवल सिंचाई परियोजनाओं के लिए काम करती रही, जबकि उनकी सरकार ने समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास किए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान मध्य प्रदेश सरकार क्षेत्रीय विकास, सामाजिक समरसता और किसानों की उन्नति के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह सरकार समग्र समाज और वर्गों के हित में योजनाओं को प्राथमिकता देती है, न कि केवल राजनीतिक लाभ के लिए कार्य करती है।
शिवराज सिंह चौहान को दिया श्रेय
सीएम मोहन यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि नर्मदा अंचल और सरदार सरोवर परियोजना सहित कई सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी देने में पूर्व मुख्यमंत्री का योगदान रहा है। इस कदम से उन क्षेत्रों में रोजगार के लिए पलायन करने वाले लोगों की स्थिति में सुधार आया और क्षेत्र हरा-भरा बन गया।
किसानों के लिए समर्पित यह वर्ष
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार प्रदेश में अलग-अलग वर्ष को जनता के कल्याण और विकास के साथ जोड़कर श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इस वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में घोषित किया गया है।
किसान कल्याण वर्ष के तहत प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कृषि कैबिनेट का आयोजन किया जाएगा। इसमें अधिकारी और विशेषज्ञ खेत टेंट तंबू में बैठकर किसानों के हित में नीतियां तैयार करेंगे। क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिए जाएंगे, जिससे स्थानीय किसानों को सीधे लाभ पहुंचेगा।
सीएम ने कहा कि सरकार की नीति “सच्चा वादा, पक्का काम” के सिद्धांत पर आधारित है। बड़वानी जिले के वरला और पानसेमल में सिंचाई परियोजनाओं की घोषणा इसी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
नर्मदा घाटी में सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार
सीएम मोहन यादव ने बताया कि बड़वानी जिले में नर्मदा घाटी विकास विभाग के माध्यम से वरला उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 861 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस परियोजना से 35 गांवों के 15,500 हेक्टेयर क्षेत्र में लाभ होगा।
साथ ही पानसेमल में 1,208 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना में 53 गांवों के 22,500 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई का लाभ मिलेगा। इससे न केवल किसानों की फसलों की पैदावार बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्र की कृषि उत्पादन क्षमता में भी सुधार होगा।
सीएम ने कहा कि इन परियोजनाओं से न केवल सिंचाई की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
मछुआरों और मत्स्योत्पादकों के लिए नई नीति
सीएम ने मछुआरों की आजीविका को संवर्धन देने के लिए एकीकृत मत्स्योत्पादक नीति 2026 के तहत कई योजनाओं की घोषणा की। इसमें एक्वा फोनिक्स हाइड्रोफोनिक्स इंटीग्रेटेड फिश फार्मिंग, फिश डक्ट, पोल्ट्री और एग्रो-बागवानी आधारित इको टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा।
इस पहल से मछुआरों और मत्स्योत्पादकों की आमदनी बढ़ेगी और स्थानीय रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना किसानों और मछुआरों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण कदम है।
फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री की संभावना
सीएम मोहन यादव ने बड़वानी जिले के कृषि उत्पादन की स्थिति का विवरण देते हुए कहा कि यहाँ केला, मिर्च, आम और अन्य सब्जियों का उत्पादन 30,660 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में हो रहा है।
उन्होंने कहा कि उच्च उत्पादन के कारण फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री की भी पूरी संभावना है। उत्पादन बढ़ने पर प्रोसेसिंग, मार्केटिंग और क्लस्टर विकास के लिए अधोसंरचना तैयार की जाएगी।
इसमें शामिल होंगे:
- कोल्ड स्टोरेज
- ग्रेडिंग
- सोर्सिंग
- पैकिंग
- भंडारण क्षमता
सीएम ने कहा कि उद्यानिकी और कृषि उत्पादन में वृद्धि से क्षेत्र में प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को भी बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय किसानों की आमदनी में सुधार होगा।
कृषि और क्षेत्रीय विकास पर केंद्रित पहल
मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि सरकार का उद्देश्य केवल सिंचाई परियोजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि समग्र क्षेत्रीय विकास और समाज के सभी वर्गों की उन्नति है।
सरकार की प्राथमिकता में शामिल हैं:
- किसानों का कल्याण
- मछुआरों और मत्स्योत्पादकों की आजीविका
- कृषि उत्पादन में सुधार
- फूड प्रोसेसिंग और मार्केटिंग नेटवर्क का विकास
- स्थानीय रोजगार सृजन
उन्होंने कहा कि यह सभी पहल “सच्चा वादा, पक्का काम” के सिद्धांत के अनुरूप हैं।
निष्कर्ष
बड़वानी में मुख्यमंत्री मोहन यादव की यह घोषणा न केवल क्षेत्रीय विकास के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह किसानों, मछुआरों और स्थानीय समुदाय के लिए सीधे आर्थिक लाभ सुनिश्चित करती है।
कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार केवल वोट की राजनीति नहीं करती, बल्कि वास्तविक विकास और किसानों तथा समाज के सभी वर्गों के हित में कार्यरत है।
वरला और पानसेमल में नई सिंचाई परियोजनाएं, मछुआरों के लिए मत्स्योत्पादक नीति और फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को बढ़ावा—ये सभी कदम बड़वानी जिले को कृषि और आर्थिक दृष्टि से मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।
कुल मिलाकर यह साल किसान कल्याण वर्ष के रूप में किसानों और ग्रामीण समुदाय के लिए समर्पित होगा, और बड़वानी जिले में कृषि, सिंचाई और प्रोसेसिंग उद्योग के माध्यम से क्षेत्रीय विकास की एक नई दिशा स्थापित करेगा।
