CM मोहन यादव का सादगीपूर्ण जन्मदिन किसान के घर से जगलों तक, लोगों के बीच बीता खास दिन
मध्य प्रदेश के CM डॉ. मोहन यादव ने अपने जन्मदिन को इस बार भी एक सरलता और आमजन के बीच रहने वाले नेता के रूप में मनाया। बुधवार को जन्मदिन के अवसर पर उन्होंने औपचारिक कार्यक्रमों के बजाय सागर जिले के दौरे को प्राथमिकता दी और वहां आम लोगों, बच्चों और ग्रामीणों के साथ मिलकर दिन बिताया। मुख्यमंत्री का यह सादगीभरा अंदाज न सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए बल्कि पूरे प्रदेश के लिए भी प्रेरणादायी रहा।
सागर जिले में जन्मदिन के शुरुआती कार्यक्रम सुबह से ही व्यस्तता भरे थे। CM ने सबसे पहले वन्यजीव संरक्षण से जुड़े एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने जंगल और पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपनी सोच साझा की। प्रदेश में आज भी वन्यजीवों व उनके प्राकृतिक आवासों का संरक्षण एक महत्वपूर्ण मुद्दा है और मुख्यमंत्री ने इसे प्राथमिकता से आगे बढ़ाने का आश्वासन वहां उपस्थित लोगों को दिया।
जनभागीदारी और पारिस्थितिक संतुलन की महत्ता बताते हुए डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वन, पानी, जमीन और जीव-जंतु यह सब एक संतुलन बनाए रखते हैं, जिसका संरक्षण हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि वन्यजीवों के संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय आदिवासी समुदायों और ग्रामीणों के जीवन को भी सुरक्षित और सशक्त बनाया जाए।
बच्चियों के साथ जन्मदिन का केक काटा
वन क्षेत्र कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने एक अलग ही मधुर पल का अनुभव किया। उन्होंने अपने जन्मदिन पर सागर के एक विद्यालय का दौरा किया और वहां बच्चियों के साथ जन्मदिन केक काटा। बच्चों के साथ बातचीत करते हुए सीएम का सहज और स्नेहपूर्ण व्यवहार देखने लायक था। उन्होंने बच्चियों के उज्जवल भविष्य की कामना की और उनसे यह भी पूछा कि उन्हें पढ़ाई में क्या-क्या पसंद है और वे भविष्य में क्या बनना चाहती हैं।
बच्चों के बीच जन्मदिन मनाने की परम्परा आम जनमानस को यह संदेश देती है कि सादगी और स्वाभाविकता किसी भव्य आयोजन से कहीं अधिक मायने रखती है। बच्चियों के साथ सेल्फी भी ली गईं और मुख्यमंत्री ने उन्हें सलाह दी कि वे पढ़ाई–लिखाई के साथ-साथ अपने माता-पिता तथा समाज की सेवा भी करें। इस दौरान स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं दीं और उनके जन्मदिन पर ढेरों बधाई संदेश भी पेश किए।
किसान के घर जाकर चारपाई पर बैठकर साधारण भोजन
बच्चियों के साथ जन्मदिन मनाने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गोपाल भार्गव के साथ क्षेत्र के एक किसान हरिदास रैकवार के घर पहुंचे। यह घर किसी भव्य महल जैसा नहीं था बल्कि एक साधारण किसान का गृहस्थ जीवन। हरिदास रैकवार ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें अपने घर पर भोजन के लिए आमंत्रित किया।
CM न सिर्फ आमंत्रण स्वीकार किए, बल्कि किसान के घर पर चारपाई पर बैठकर अपने जन्मदिन के अवसर पर वहीं का पारंपरिक बुंदेलखंडी भोजन ग्रहण किया। यह एक ऐसा दृश्य था जिसने आसपास मौजूद ग्रामीणों और मीडिया कर्मियों को भी भावविभोर कर दिया। CM का यह व्यवहार यह दर्शाता है कि वे लोगों के बीच बैठने तथा उनके जीवन की वास्तविकताओं को समझने को कितना महत्व देते हैं।
CM ने किसान हरिदास और उनके परिवार के साथ भोजन करते हुए उनका हालचाल जाना। उन्होंने यह भी जाना कि हरिदास के परिवार को कौन-कौन सी सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “एक नेता का कर्तव्य है कि वह जनता के बीच रहे, उनके दुख-सुख को समझे और ठान लें कि सरकार की सुविधाएं हर गरीब, हर किसान तक पहुंचें।”
CM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर भी इस अनुभव को साझा किया और लिखा कि सागर जिले के मोहली में किसान भाई हरिदास रैकवार के खेत में पहुंचकर उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने लिखा कि ‘यह जानकर खुशी हुई कि हरिदास और उनका परिवार विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हैं।’
टाइगर रिजर्व में कछुए छोड़े और चीता पुनर्वास की तैयारियों का निरीक्षण
खासतौर पर जन्मदिन पर ही नहीं बल्कि पूरे सागर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वन्य जीवन के संरक्षण की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। भोजन के बाद उन्होंने रानी दुर्गावती नौरादेही टाइगर रिजर्व का दौरा किया। यहां उनका स्वागत रिजर्व के अधिकारियों और कंबल वालों द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का पहला हिस्सा था कछुओं को नदी में मुक्त करना. यह एक संरक्षण गतिविधि का हिस्सा था, जिसमें सुरक्षित स्थानों से लाये गये कछुओं को पुनः उनके प्राकृतिक निवास स्थल पर छोड़कर उनके जीवन को एक नई शुरुआत दी गई। CM ने कछुओं की रक्षा तथा उनके आवास के संरक्षण की महत्ता पर बल देते हुए कहा कि नदी व जल स्रोतों की स्वच्छता को सुनिश्चित करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
इस मौके पर अधिकारियों को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि नौरादेही रिजर्व को एक उदाहरणीय संरक्षित क्षेत्र के रूप में विकसित करना है, जहां न सिर्फ शेर–बाघ, बल्कि कछुए, हिरण, पक्षी और अन्य प्रजातियों का संतुलित जीवन संभव हो।
इसके अतिरिक्त CM ने चीता पुनर्वास कार्यक्रम की तैयारियों का भी जायजा लिया। उन्होंने रिजर्व में बनाए जा रहे विशेष बाड़े का भूमिपूजन किया, जिसकी योजना है कि जुलाई महीने तक इसमें चीतों को रखा जाएगा। यह परियोजना प्रदेश में जंगल सफारी, आकर्षण के साथ-साथ संवेदनशील प्रजातियों के पुनर्वास का प्रयास है, जिससे पर्यटन तथा वन संरक्षण के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित हों।
भूमिपूजन समारोह के दौरान डॉ. मोहन यादव ने कहा कि चीतों का पुनर्वास पूरी सावधानी के साथ किया जाएगा और इनके जीवनयापन तथा प्रजनन दोनों की सुरक्षा हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
समर्पण, सादगी और सेवा एक दिन, एक संदेश
अपने जन्मदिन को इस तरह से सादगी और सेवा के साथ मनाकर CM डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि एक सच्चा नेता हमेशा जनता के बीच, उसके साथ बैठकर, उसके साथ संवाद कर ही आगे बढ़ता है। यह न केवल एक भावनात्मक दर्शक क्षण था, बल्कि सामाजिक समरसता और जन–सरकार के बीच विश्वास को मजबूत करने वाला एक सकारात्मक उदाहरण भी रहा।
