सीएम मोहन यादव के बेटे अभिमन्यु नर्मदा परिक्रमा पर पत्नी और परिवार संग निकले। ओंकारेश्वर से शुरू हुई यात्रा में बोधवाड़ा सहित कई पवित्र स्थलों पर पूजा-अर्चना की।
सीएम मोहन यादव के बेटे अभिमन्यु नर्मदा परिक्रमा की शुरुआत
सीएम मोहन यादव के बेटे अभिमन्यु नर्मदा परिक्रमा इन दिनों मध्य प्रदेश में आस्था और संस्कार का प्रमुख विषय बनी हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के छोटे पुत्र डॉ. अभिमन्यु यादव अपनी पत्नी डॉ. इशिता यादव और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मां नर्मदा की पवित्र परिक्रमा पर निकले हैं।
यह धार्मिक यात्रा 22 दिसंबर को ओंकारेश्वर से विधिवत पूजा-अर्चना के साथ प्रारंभ हुई।
ओंकारेश्वर से प्रारंभ हुआ आध्यात्मिक संकल्प
ओंकारेश्वर, जो भगवान शिव का ज्योतिर्लिंग और नर्मदा तट का प्रमुख तीर्थ है, वहां से परिक्रमा की शुरुआत करना अत्यंत शुभ माना जाता है। परिवार ने मां नर्मदा का पूजन कर सुख-समृद्धि, राष्ट्र कल्याण और सामाजिक सौहार्द की कामना की।
बोधवाड़ा और साततलाई में प्राचीन मंदिरों में पूजा
शुक्रवार को परिक्रमा दल मनावर तहसील के ग्राम बोधवाड़ा और साततलाई पहुंचा। यहां स्थित प्राचीन मंदिरों में विधि-विधान से पूजा की गई। स्थानीय श्रद्धालुओं ने परिवार का आत्मीय स्वागत किया।
गांववासियों ने इसे संस्कार, सादगी और आस्था का जीवंत उदाहरण बताया।
परिवार संग मां नर्मदा की आराधना
परिक्रमा के दौरान परिवार के सभी सदस्य पारंपरिक वेशभूषा में मां नर्मदा की आरती और पूजन करते नजर आए। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे “राजनीति से परे आस्था का संदेश” बता रहे हैं।
नर्मदा परिक्रमा का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
नर्मदा परिक्रमा सनातन संस्कृति में विशेष स्थान रखती है। यह आत्मशुद्धि, संयम और सेवा का मार्ग मानी जाती है। हजारों किलोमीटर की यह यात्रा साधना, त्याग और अनुशासन का प्रतीक है।
जनमानस में सकारात्मक संदेश
सीएम मोहन यादव के बेटे अभिमन्यु नर्मदा परिक्रमा से यह संदेश गया है कि सार्वजनिक जीवन में रहते हुए भी भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ाव संभव है। युवाओं में धार्मिक चेतना और संस्कारों के प्रति रुचि बढ़ती दिख रही है।
सोशल मीडिया पर चर्चा
Instagram, Facebook और YouTube पर इस यात्रा से जुड़े वीडियो और रील्स वायरल हैं। लोग इसे “Power of Faith” और “Cultural Leadership” कहकर साझा कर रहे हैं।
