MP News: CM मोहन यादव ने किसानों को बजट में 1 लाख करोड़ की सौगात दी, 88 करोड़ रुपए के 41 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया
ग्वालियर, मध्य प्रदेश – मध्य प्रदेश के CM डॉ. मोहन यादव ने आज ग्वालियर के कुलैथ में आयोजित कृषक कल्याण वर्ष के पहले प्रदेश स्तरीय किसान सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने किसानों के लिए विशेष घोषणाएं कीं और क्षेत्र में विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी किया।
88 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण
CM मोहन यादव ने सम्मेलन में कुल 88 करोड़ रुपए की लागत से 41 महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कन्हैया लोकगीत मंडलियों के मधुर गीतों का आनंद लिया। उन्होंने कहा कि कन्हैया लोकगीतों में आनंद और प्रेरणा है, और गोपाल कृष्ण का जीवन सबको आकर्षित करता है। सीएम ने उपस्थित किसानों को यह संदेश भी दिया कि जीवन में कठिनाइयों का सामना करते समय कन्हैया जी की याद करें।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “कुलैथ में लोकसभा चुनाव के समय हमने जनता का आशीर्वाद प्राप्त किया था और आज हम उसी आशीर्वाद को किसानों के कल्याण में बदल रहे हैं।”
किसानों को 1 लाख करोड़ की सौगात
CM ने घोषणा की कि इस बजट के माध्यम से किसानों के लिए 1 लाख करोड़ रुपए की विशेष सौगात दी गई है। उन्होंने बताया कि किसान कल्याण वर्ष में सरकार ने किसानों की जिंदगी में सुधार और उनकी आय बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
CM ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने आजादी के बाद किसी भी किसान परिवार से CM नहीं बनाया। “वे छोटे मन के लोग हैं, लेकिन हमारी सरकार किसानों के लिए ठोस काम कर रही है। चंबल मैया का पानी शिवपुरी, गुना और राजगढ़ तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे चंबल की धारा गंगा की तरह मजबूत होगी।”
दूध उत्पादन में 9 से 20 प्रतिशत वृद्धि
CM मोहन यादव ने किसानों के लिए दूध उत्पादन बढ़ाने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बजट में निर्णय लिया गया है कि दूध उत्पादन को 9 से 20 प्रतिशत तक बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही बच्चों को आठवीं तक दूध पिलाने की योजना लागू की जाएगी, जिससे कुपोषण को कम किया जा सके।
उन्होंने यह भी बताया कि किसानों को भू-अधिकार पट्टे तो मिलते हैं, लेकिन लोन नहीं मिलता। उनकी सरकार अब सभी पट्टों की रजिस्ट्री का खर्च वहन करेगी। सोलर पंप का प्रावधान भी किसानों के लिए किया गया है।
CM ने कहा कि डेयरी संचालन में 25 से 200 गाय तक का काम करने वाले किसानों के 10 लाख रुपए का कर्ज माफ किया जाएगा। “हम किसानों की आय बढ़ाने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं।”
बजट में अन्य घोषणाएँ
CM ने कहा कि रोड शो और अन्य ग्रामीण कार्यक्रमों में उन्हें इतना आनंद मिला कि होली और दीपावली का उत्सव भी बराबरी में महसूस हुआ। उन्होंने वर्ष 2002 में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा पेश किए गए 20 हजार करोड़ रुपए के बजट का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय सिर्फ लाडली बहनों के लिए 23 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था।
CM का संदेश और जनता के लिए योजनाएँ
CM मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने किसानों की समस्याओं और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बजट तैयार किया है। उन्होंने कहा कि किसान कल्याण, दूध उत्पादन, लोन माफी, भू-अधिकार पट्टे और सोलर पंप जैसी योजनाओं से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
उन्होंने उपस्थित किसानों से कहा कि भगवान कृष्ण और राम के काल में दूध की नदियाँ बहती थीं और हमारी सरकार उसी परंपरा को आगे बढ़ा रही है। बच्चों को पोषण देने और कुपोषण को कम करने के लिए दूध वितरण योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
CM ने किसानों को यह भी भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी समस्याओं के समाधान और उनके कल्याण के लिए निरंतर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत और संघर्ष को देखते हुए सरकार ने बजट में उनके हितों के लिए पर्याप्त प्रावधान किए हैं।
लोकगीत और सांस्कृतिक अनुभव
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कन्हैया लोकगीत मंडलियों के गीतों का आनंद लिया। उन्होंने कहा कि कन्हैया लोकगीत में आनंद और प्रेरणा है, जो ग्रामीण जीवन में उत्साह और ऊर्जा भरता है। इस दौरान उपस्थित किसानों और जनता ने सीएम के साथ लोकगीतों का आनंद लिया।
CM ने कहा, “कुलैथ में लोकसभा चुनाव के समय हमें जनता का आशीर्वाद मिला था और आज उसी आशीर्वाद को हम किसानों के कल्याण में बदल रहे हैं।”
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश के CM डॉ. मोहन यादव ने किसानों के लिए बजट में 1 लाख करोड़ रुपए की सौगात देने की घोषणा की और 88 करोड़ रुपए की लागत से 41 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा लोकार्पण किया। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने, दूध उत्पादन बढ़ाने, कुपोषण कम करने, भू-अधिकार पट्टों और सोलर पंप जैसी योजनाओं पर विशेष जोर दिया।
सम्मेलन में CM ने लोकगीतों का आनंद लिया और किसानों को यह संदेश दिया कि उनका कल्याण और आर्थिक मजबूती सरकार की प्राथमिकता है। किसानों के कल्याण और क्षेत्रीय विकास के लिए यह पहल मध्य प्रदेश में कृषि और ग्रामीण जीवन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
