मध्य प्रदेश 70वें स्थापना दिवस पर उत्साह से झूम उठा, विकास प्रदर्शनी व लोक संस्कृति ने बांधा समां
भोपाल: आज 1 नवंबर 2025 को मध्य प्रदेश ने अपना 70वाँ स्थापना दिवस मनाया। राज्य के सभी जिलों में विभिन्न कार्यक्रमों व सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से यह पर्व उल्लासपूर्वक मनाया जा रहा है। राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मौजूद रहे, जहां लोक कलाकारों ने पारंपरिक नृत्यों के माध्यम से उनका स्वागत किया।
विकास प्रदर्शनी का भव्य उद्घाटन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को लाल परेड ग्राउंड में आयोजित विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और प्रदेशवासियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य ने बीते 70 वर्षों में निरंतर प्रगति और उन्नति की है। उन्होंने विशेष रूप से कहा:
“राज्य ने 70 साल की यात्रा में प्रगति और उन्नति की है। मध्य प्रदेश समृद्ध राज्य बना। योजना की दृष्टि से अलग प्रकार का हमारा राज्य निकल कर आया। कई क्षेत्रों में हमने नए-नए लक्ष्य हासिल किए। हमारे 20 वर्षों की यात्रा 55 वर्षों पर भारी पड़ती है।”
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदेश के विविध अतीत को दिखाया जा रहा है और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने सहित संस्कृति-धारा को मजबूती देने की दिशा में सरकार काम कर रही है।
“देश के साथ कदम से कदम मिलाकर मध्य प्रदेश”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रदेश की विकास यात्रा देश के साथ कदम मिलाकर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में प्रदेश के गौरवशाली अतीत और वर्तमान को समाहित किया गया है। युवाओं को रोजगार देने, प्रस्तावित योजनाओं को साकार करने और उद्योग व रोजगार वर्ष के रूप में आगामी वर्ष को चिन्हित करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में अगले दिनों अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन तक कई विकास-कार्य पूरे होंगे। साथ ही उन्होंने सबको देव दिवाली की बधाई दी।
सांस्कृतिक रंगों में रंगा कार्यक्रम
लाल परेड ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में लोक कलाकारों द्वारा पारंपरिक नृत्यों का आयोजन हुआ। साथ ही कार्यक्रम के अवसर पर प्रदर्शनी में विविध वस्तुओं व प्रगतिशील योजनाओं का प्रदर्शन हुआ, जिसमें राज्य की प्रगति-गाथा को प्रमुखता से दर्शाया गया।
इस कार्यक्रम की थीम रही “विरासत से विकास तक”, जो यह दिखाती है कि मध्य प्रदेश अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को विकास के पथ से जोड़ते हुए आगे बढ़ रहा है।
70 वर्ष : गौरवशाली यात्रा
मध्य प्रदेश का गठन 1 नवंबर 1956 को हुआ था। आज 70 वर्षों की यह समयावधि राज्य के लिए सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि समृद्धि, विकास और सामूहिक प्रगति की दिशा में निरंतर बढ़ते कदमों की प्रमाण-रेखा है।
आज राज्य कृषि-उद्यम, उद्योग, नवाचार व सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ गया है।
राज्यों और नेताओं ने दी शुभकामनाएँ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में मध्य प्रदेश के नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और कहा कि यह राज्य हर क्षेत्र में नई रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।
संघीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी राज्य की प्रगति एवं समृद्धि की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए शुभकामनाएँ दीं।
भविष्य की दिशा: उद्योग-रोजगार-नवाचार
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आगे कहा कि पिछले 20 वर्ष राज्य की विकास यात्रा में विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन वर्षों में राज्य ने निवेश आकर्षित करने, रोजगार सृजन करने व उद्योग-उद्यम को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण काम किया है।
प्रदर्शनी में ऐसे तत्व भी शामिल थे जो यह संकेत देते हैं कि कृषि, महिला सशक्तिकरण, स्टार्ट-अप्स, स्मार्ट सिंचाई व नवाचार जैसे क्षेत्र अब राज्य की प्राथमिकता बन चुके हैं।
समापन
इस तरह, मध्य प्रदेश ने अपने 70वें स्थापना दिवस पर न सिर्फ अपने अतीत का सम्मान किया, बल्कि भविष्य की दिशा में ठोस कदम उठाने का संकल्प भी लिया। लोक संस्कृति, विकास की कहानियाँ, रोजगार-उद्यम का संकल्प—all का मिलाजुला उत्सव आज भोपाल में देखने को मिला। प्रदेश के नागरिकों ने इस अवसर को गले लगाया और “विरासत से विकास तक” की इस यात्रा में अपना अभिमान संजोया।
हम सभी के लिए यह अवसर है कि हम मिलकर एक विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध मध्य प्रदेश का निर्माण करें।

