इंदौर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा बयान: “लव जिहाद करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा”
इंदौर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और समाज विरोधी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “लव जिहाद” जैसी प्रवृत्तियों को प्रदेश में किसी भी हालत में पनपने नहीं दिया जाएगा और इसके दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री शनिवार को इंदौर में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) विधि प्रकोष्ठ की अखिल भारतीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने भारतीय न्याय व्यवस्था, संस्कृति और कानून व्यवस्था की परंपरा पर विस्तार से विचार रखे।
भारतीय न्याय व्यवस्था पर गर्व:
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत की न्याय परंपरा अत्यंत गौरवशाली रही है। सम्राट विक्रमादित्य को भारतीय न्याय व्यवस्था का महान पुरोधा बताते हुए उन्होंने कहा कि उनके निर्णय आज भी मिसाल माने जाते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में निष्पक्षता और मन की पवित्रता ही न्याय का मूल आधार रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हुए कानूनी सुधारों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि समयानुकूल बदलाव बेहद ज़रूरी थे और अब भारत की न्याय प्रणाली पहले से और अधिक सशक्त और प्रासंगिक हुई है।
कानून का पालन सबके लिए समान:
डॉ. यादव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था को और सख्ती से लागू कर रही है।
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कोलाहल नियंत्रण अधिनियम का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है।
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खुले में मांस विक्रय पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू है और इसका पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
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प्रदेश में न्याय और कानून व्यवस्था के मामले में किसी तरह का भेदभाव नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए समान है और उसके साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
लव जिहाद पर दो-टूक:
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “लव जिहाद धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्ति की गरिमा के विरुद्ध है। यह समाज में अविश्वास और अशांति फैलाने वाला कृत्य है। प्रदेश सरकार इसे किसी भी परिस्थिति में सहन नहीं करेगी।” उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “मध्यप्रदेश में लव जिहाद करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।”
निष्पक्ष न्याय ही वास्तविक न्याय:
मुख्यमंत्री ने कहा कि असली न्याय वही है, जो पूरी निष्पक्षता और पवित्र नीयत से किया जाए। उन्होंने समाज को संदेश देते हुए कहा कि हमें अपनी संस्कृति, परंपरा और न्याय व्यवस्था पर गर्व होना चाहिए और न्यायालयों के निर्णयों का पालन सभी को समान रूप से करना चाहिए।
