CJP Jantar Mantar Protest: सोनम वांगचुक की हेल्थ रिपोर्ट जारी, प्रदर्शन हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस सख्त, 5 FIR दर्ज
नई दिल्ली: CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) का जंतर-मंतर प्रदर्शन एक बार फिर चर्चा में है। सोमवार शाम दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शन स्थल खाली कराए जाने के कुछ घंटे बाद ही CJP समर्थक दोबारा जंतर-मंतर पहुंच गए और उन्होंने अस्थायी मंच तैयार कर धरना फिर शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि यह आंदोलन किसी भी स्थिति में खत्म नहीं किया जाएगा। उन्होंने मंगलवार को भी संसद मार्च निकालने का ऐलान किया। उनका कहना है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
जंतर-मंतर पर फिर जुटे प्रदर्शनकारी
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन CJP ने ‘संसद चलो’ मार्च का आयोजन किया था। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की स्थिति बन गई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग किया। इसके बाद सोमवार शाम करीब 5 बजे जंतर-मंतर खाली करा दिया गया था। हालांकि देर रात प्रदर्शनकारी फिर से वहां पहुंच गए और धरना शुरू कर दिया।
हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस का एक्शन
प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस के अनुसार, पथराव, सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ और पुलिसकर्मियों पर हमले के मामलों में अब तक पांच एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शन स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। वीडियो के आधार पर हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। अब तक करीब 70 लोगों को हिरासत में लिया गया है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान एक IPS अधिकारी समेत दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के कई जवान घायल हुए। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायल जवानों का हाल भी जाना। पुलिस का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति है, लेकिन हिंसा और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सफदरजंग अस्पताल ने जारी की सोनम वांगचुक की हेल्थ रिपोर्ट
आंदोलन के बीच सफदरजंग अस्पताल ने सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर रिपोर्ट जारी की है। वांगचुक पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर थे, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाया गया था।
स्वास्थ्य को लेकर डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं। लंबे उपवास के कारण उनके वजन में काफी कमी आई है और कमजोरी की स्थिति बनी हुई है। इससे पहले डॉक्टरों ने बताया था कि लंबे समय तक भूख हड़ताल जारी रहने से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।
सरकार और CJP के बीच हुई बातचीत
प्रदर्शन के बीच सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच पहली बार बातचीत भी हुई। सोमवार सुबह नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त की पहल पर बातचीत शुरू हुई। इसके बाद भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने CJP प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
बैठक के दौरान CJP ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। इनमें सोनम वांगचुक को अस्पताल से रिहा करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और NEET मामले में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग शामिल थी।
CJP नेताओं का कहना है कि जब तक इन मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक जंतर-मंतर पर धरना और संसद मार्च जारी रहेगा।
CJP ने लगाया पुलिस पर कार्रवाई का आरोप
CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दिल्ली पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं।
रांका ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया और कई लोगों को चोटें आईं। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से आंदोलन कमजोर नहीं होगा, बल्कि और मजबूत होगा।
उन्होंने सरकार के साथ हुई बातचीत पर भी असंतोष जताते हुए कहा कि बैठक में कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। CJP का कहना है कि सरकार को सीधे प्रदर्शनकारियों से बातचीत करनी चाहिए।
सोनम वांगचुक भूख हड़ताल की टाइमलाइन
28 जून 2026:
सोनम वांगचुक ने NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की।
9 जुलाई 2026:
तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने अधिकारियों को उनकी सेहत की निगरानी के निर्देश दिए।
16 जुलाई 2026:
डॉक्टरों ने बताया कि लंबे उपवास के कारण उनका वजन काफी कम हो गया है और स्वास्थ्य जोखिम बढ़ रहा है।
17 जुलाई 2026:
वांगचुक का वजन और घटा। डॉक्टरों ने स्वास्थ्य स्थिति पर चिंता जताई।
18 जुलाई 2026:
दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल लेकर गई।
19 जुलाई 2026:
दिल्ली हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। निजी अस्पताल भेजने की मांग को स्वीकार नहीं किया गया।
20 जुलाई 2026:
सोनम वांगचुक ने तीन शर्तों के साथ भूख हड़ताल खत्म करने की बात कही।
21 जुलाई 2026:
सफदरजंग अस्पताल ने उनकी स्वास्थ्य रिपोर्ट जारी की, जबकि जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन जारी रहा।
फिलहाल दिल्ली पुलिस जांच में जुटी है और प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। वहीं CJP ने साफ कर दिया है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
