चरणतीर्थ पावन धाम निगवानी रेउसा महायज्ञ 18 से 28 फरवरी तक—11 कुंडीय श्रीराम महायज्ञ, श्रीमद् भागवत कथा, संतों का आगमन, रामलीला और भंडारा।
चरणतीर्थ पावन धाम निगवानी रेउसा महायज्ञ — आस्था, परंपरा और संस्कृति का विराट संगम
मध्यप्रदेश के कोतमा क्षेत्र के समीप स्थित चरणतीर्थ पावन धाम, निगवानी रेउसा इन दिनों आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित है।
18 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित चरणतीर्थ पावन धाम निगवानी रेउसा महायज्ञ में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ रहा है। यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारतीय सनातन संस्कृति की जीवंत अनुभूति बन गया है।
चरणतीर्थ का पौराणिक महत्व
चरणतीर्थ पावन धाम को स्थानीय परंपराओं में अत्यंत चमत्कारी और दिव्य स्थल माना जाता है।
यहाँ भगवान श्रीराम के हजारों चरणचिन्ह विद्यमान बताए जाते हैं। मान्यता है कि—
- पाँचों पांडवों और द्रौपदी के चरणचिन्ह यहाँ देखे जा सकते हैं।
- श्री हनुमान जी, गजानन महाराज, दानगिरी महाराज का तपस्थल रहा।
- शेषनाग और गरुड़ जी के प्रादुर्भाव से जुड़ी लोकश्रुतियाँ आज भी जीवित हैं।
यह स्थल केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि लोकसंस्कृति और विश्वास का जीवंत प्रतीक है।
11 कुंडीय श्रीराम महायज्ञ का आध्यात्मिक संदेश
प्रतिदिन प्रातः 08:00 बजे से 11 कुंडीय श्रीराम महायज्ञ आयोजित किया जा रहा है।
वैदिक मंत्रोच्चार, आहुतियाँ और यज्ञीय वातावरण पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देता है।
यज्ञ का उद्देश्य —
- विश्व शांति
- समाज में सद्भाव
- धर्म जागरण
- पर्यावरण शुद्धि
श्रीमद् भागवत कथा का दिव्य रस
21 फरवरी से प्रतिदिन दोपहर 02:00 बजे श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
कथा में धर्म, भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का समन्वय श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक दिशा प्रदान कर रहा है।
खजुरीताल की सुप्रसिद्ध रामलीला
प्रतिदिन रात्रि 07:00 बजे खजुरीताल की आदर्श रामलीला मंडली द्वारा मंचन किया जा रहा है।
रामायण के प्रसंगों का सजीव अभिनय दर्शकों को त्रेतायुग की अनुभूति कराता है।
संतों का आगमन — तीर्थों का संगम
इस आयोजन में देश के अनेक पवित्र धामों से संत-महात्माओं का आगमन हुआ है—
- अयोध्या धाम
- वृंदावन धाम
- हरिद्वार
- अमरकंटक
- नैमिषारण्य
मानसपीठ खजुरीताल मैहर के पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी श्री रामललाचार्य जी महाराज के सानिध्य में आयोजन का आध्यात्मिक स्तर और अधिक ऊँचा हो गया है।
राष्ट्रीय गायिका शहनाज अख्तर की भजन प्रस्तुति
कार्यक्रम के विश्राम दिवस पर सुप्रसिद्ध भजन गायिका शहनाज अख्तर द्वारा भक्तिमय प्रस्तुति दी जाएगी, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है।
नित्य भंडारा और दस दिवसीय मेला
18 फरवरी से 28 फरवरी तक प्रतिदिन विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।
हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं।
साथ ही —
10 दिवसीय धार्मिक मेला
सांस्कृतिक वातावरण
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन
सामाजिक समरसता का संदेश
आयोजन का मूल संदेश जगद्गुरु जी के इस उद्घोष में निहित है—
“जाति पांति पूछे नहीं कोई,
हरि को भजे सो हरि का होई।”
यह आयोजन समाज में समता, एकता और आध्यात्मिक भाईचारे का संदेश दे रहा है।
क्षेत्रीय आस्था और सांस्कृतिक पुनर्जागरण
चरणतीर्थ पावन धाम निगवानी रेउसा महायज्ञ ने क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकजुटता का केंद्र बना दिया है।
स्थानीय लोगों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है कि उनके क्षेत्र में इतना विशाल धार्मिक आयोजन हो रहा है।


