चंद्रशेखर आजाद पुण्यतिथि झाबुआ पर भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट द्वारा आजाद चौक में भव्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जानें पूरी रिपोर्ट।
चंद्रशेखर आजाद पुण्यतिथि झाबुआ: वीर क्रांतिकारी को भावभीनी श्रद्धांजलि
चंद्रशेखर आजाद पुण्यतिथि झाबुआ के अवसर पर भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट, जिला झाबुआ द्वारा 27 फरवरी को आजाद चौक स्थित प्रतिमा स्थल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि पर सैकड़ों नागरिकों ने उपस्थित होकर उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य
चंद्रशेखर आजाद पुण्यतिथि झाबुआ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को राष्ट्रभक्ति, साहस और आत्मसम्मान के मूल्यों से प्रेरित करना था।आजाद का जीवन हमें सिखाता है कि स्वतंत्रता त्याग और संघर्ष से प्राप्त होती है।
जिला अध्यक्ष का प्रेरक संबोधन
ट्रस्ट के जिला अध्यक्ष श्री प्रदीप शर्मा ने कहा:
“चंद्रशेखर आजाद ने अंग्रेजों के सामने कभी घुटने नहीं टेके। उन्होंने अंतिम क्षण तक संघर्ष किया और अपने प्राण भारत माता को समर्पित कर दिए।”
उन्होंने बताया कि आजाद का जन्म भाबरा (वर्तमान अलीराजपुर) में हुआ, जिससे झाबुआ क्षेत्र गौरवान्वित हुआ।उनका जीवन त्याग और आत्मसम्मान की अद्भुत मिसाल है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष का श्रद्धा संदेश
ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव ने अपने संदेश में कहा:
“चंद्रशेखर आजाद का जीवन राष्ट्रप्रेम और बलिदान का सर्वोच्च उदाहरण है। युवाओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर सामाजिक न्याय के लिए कार्य करना चाहिए।”
उपस्थित गणमान्य सदस्य
कार्यक्रम में निम्न सदस्य उपस्थित रहे:
- कुलदीप सक्सेना
- जेठालाल परमार
- पंडित श्री प्रकाश मिश्रा
- सरलेश बैरागी
- राकेश सोनगरा
- दिनेश पालीवाल
- डॉ. राजेश पाल
- कोमल नायक
- जगदीश सोनी
- अवलोक शर्मा
- गौरव पालीवाल
साथ ही सैकड़ों की संख्या में महिलाएं एवं पुरुष उपस्थित रहे।
युवाओं के लिए प्रेरणा
चंद्रशेखर आजाद पुण्यतिथि झाबुआ केवल एक स्मरण दिवस नहीं बल्कि संकल्प दिवस भी है।
आज के युवा यदि आजाद के आदर्शों को अपनाएँ तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
निष्कर्ष
चंद्रशेखर आजाद पुण्यतिथि झाबुआ कार्यक्रम ने यह सिद्ध कर दिया कि महान क्रांतिकारियों की स्मृति आज भी जनमानस में जीवित है।यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का संकल्प भी था।भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से महापुरुषों के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाता रहेगा।


