रूद्राक्ष, दिलेर, अनमोल और पद्मश्री ने मारी बाजी, Indore में पहली बार आयोजित सेंट्रल इंडिया हॉर्स शो का शानदार आगाज
Indore । शहर में पहली बार आयोजित सेंट्रल इंडिया हॉर्स शो की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अश्व पूजन से हुई। 24 जनवरी, 2026 को सुपर कॉरिडोर स्थित ग्राउंड, खेड़ापति हनुमान मंदिर के सामने गांधीनगर में दो दिवसीय आयोजन की शुरुआत हुई। इस विशेष अवसर पर घोड़े और घोड़ियों की शान, चाल और प्रशिक्षण का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला।
अश्व पूजन और बीएसएफ बैंड की प्रस्तुति
शुरुआत में ही वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अश्व पूजन किया गया। इस दौरान बीएसएफ बैंड ने अपनी प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया। नुकरा नस्ल के घोड़ों ने रिंग में परेड कर अपनी शक्ति, अनुशासन और सुंदर चाल दिखाई, जिससे उपस्थित दर्शक रोमांचित हो गए।
प्रतियोगिता में पहले दिन के विजेता
पहले दिन की प्रतियोगिता में रूद्राक्ष, दिलेर, अनमोल और पद्मश्री ने अपने शानदार प्रदर्शन से बाजी मारी।
- रूद्राक्ष – प्रथम स्थान, मालिक: ईश्वरगिरि (इंदौर, पालाखेड़ी)
- दिलेर – द्वितीय स्थान, मालिक: जीवाराम (राजस्थान)
- बादल – तृतीय स्थान, मालिक: दीपक पटेल (उदयपुर, राजस्थान)
- अनमोल (घोड़ी) – प्रथम स्थान, मालिक: दीनू राठौर (इंदौर)
- पद्मश्री (घोड़ी) – द्वितीय स्थान, मालिक: अमन शुक्ला (छोटा बांगड़दा)
- जोधा (घोड़ी) – तृतीय स्थान, मालिक: रूस्तम खान (बेटमा)
घोड़ों और घोड़ियों की यह प्रतियोगिता प्रशिक्षित चाल, डांस और अनुशासन पर आधारित थी। दर्शकों ने इनके करतबों को देखकर तालियों की गड़गड़ाहट से आयोजन स्थल गुंजायमान कर दिया।
मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य व्यक्ति
आयोजन में मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर रहीं। इसके अलावा सांसद शंकर ललवानी, विधायक मधु वर्मा, विधायक गोलू शुक्ला, जयपाल सिंह चावड़ा, श्रवण सिंह चावड़ा, चिंटू वर्मा, अंतरसिंह दरबार, नितेश रावल, हिम्मत गिरी, अनुराग राठौर, हवनसिंह चावड़ा, शुभमसिंह चावड़ा, अंकितसिंह चौहान उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतियोगिता के शानदार आयोजन की प्रशंसा की और अश्वप्रेमियों को शुभकामनाएँ दी।
देशभर से 230 से अधिक घोड़े शामिल
आयोजक पवन सिंह चावड़ा ने बताया कि इस दो दिवसीय आयोजन में देशभर से 230 से अधिक मारवाड़ी और नुकरा (नुक्ले) नस्ल के घोड़े शामिल हुए हैं। प्रतियोगिता में घोड़ों की शान, चाल, बनावट और प्रशिक्षण का मूल्यांकन किया गया। दर्शकों ने घोड़ों के परिश्रम और अनुशासन को देखकर खूब सराहना की।
अश्व प्रेमियों की उत्साही भीड़
सुबह निर्धारित समय से पहले ही बड़ी संख्या में अश्व प्रेमी कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित हुए। उन्होंने दोपहर और शाम तक घोड़ों के विभिन्न करतब और प्रदर्शन का आनंद लिया। प्रतियोगिता का पहला दिन पूरी तरह से दर्शकों की उम्मीदों पर खरा उतरा।
निर्णायक समिति और पुरस्कार वितरण
घोड़ों की प्रदर्शन प्रतियोगिता का निर्णय एक विशेषज्ञ समिति द्वारा किया गया। निर्णायक समिति में केशव जोशी (महाराष्ट्र), अन्ना हराले (महाराष्ट्र) और परम गिल (पंजाब) शामिल थे। समिति ने छह विभिन्न केटेगरी में प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार वितरित किए।
घोड़ों की विशेषताएँ और आकर्षण
प्रतियोगिता में नुकरा और मारवाड़ी नस्ल के घोड़े मुख्य आकर्षण रहे। प्रशिक्षित घोड़ों द्वारा प्रस्तुत डांस, अनुशासित चाल और अद्भुत करतब दर्शकों के लिए विशेष रूप से आकर्षक साबित हुए। रूद्राक्ष और अनमोल की अद्भुत प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया।
आयोजन का उद्देश्य और महत्व
सेंट्रल इंडिया हॉर्स शो का उद्देश्य न केवल घोड़ों की सुंदरता और प्रशिक्षण को प्रदर्शित करना है, बल्कि अश्वपालन और घोड़े के प्रशिक्षण में देशभर के शौक़ीनों को प्रोत्साहित करना भी है। आयोजन में घोड़ों की नस्ल, स्वास्थ्य, और संरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता फैलाने की कोशिश की गई।
भविष्य की योजनाएँ और उम्मीदें
आयोजक पवन सिंह चावड़ा ने बताया कि यह आयोजन हर साल नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा। अगले साल और भी अधिक घोड़ों और दर्शकों की भागीदारी की उम्मीद है। दो दिवसीय कार्यक्रम में दूसरे दिन भी प्रतियोगिताएं, अश्व परेड और विशेष आकर्षण होंगे।
अश्वप्रेमियों और परिवारों का उत्साह
प्रतियोगिता में केवल घोड़े ही नहीं, बल्कि उनके प्रशिक्षक और मालिक भी अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे थे। परिवार सहित आए दर्शकों ने पूरे कार्यक्रम का आनंद लिया। बच्चों के लिए भी अश्व परेड और उनके करतब मनोरंजन का प्रमुख स्रोत रहे।
संगठन और सहयोग
घोषित आयोजक देवी अहिल्या हॉर्स सोसायटी ने इस कार्यक्रम का सफल संचालन किया। उन्होंने शहर में पहली बार होने वाले इस आयोजन में सभी सुविधाओं और सुरक्षा इंतजामों का ध्यान रखा।
