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	<title>Weather &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>Weather &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<item>
		<title>ग्वालियर-उज्जैन समेत 21 जिलों में बारिश का अलर्ट, अगले चार दिन कई संभागों में बदलेगा मौसम</title>
		<link>https://swarajvani.com/rain-alert-in-21-madhya-pradesh-districts-including-gwalior-and-ujjain-several-divisions-may-see-rain-over-the-next-four/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 17 Oct 2026 07:28:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Weather]]></category>
		<category><![CDATA[Gwalior Weather]]></category>
		<category><![CDATA[Jabalpur Division]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh Weather]]></category>
		<category><![CDATA[MP Rain Alert]]></category>
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					<description><![CDATA[ग्वालियर-उज्जैन समेत 21 जिलों में बारिश का अलर्ट, अगले चार दिन कई संभागों में बदलेगा मौसम दो चक्रवाती परिसंचरण के असर से गरज-चमक और 30 से 40 किमी प्रति घंटे ... <a title="ग्वालियर-उज्जैन समेत 21 जिलों में बारिश का अलर्ट, अगले चार दिन कई संभागों में बदलेगा मौसम" class="read-more" href="https://swarajvani.com/rain-alert-in-21-madhya-pradesh-districts-including-gwalior-and-ujjain-several-divisions-may-see-rain-over-the-next-four/" aria-label="Read more about ग्वालियर-उज्जैन समेत 21 जिलों में बारिश का अलर्ट, अगले चार दिन कई संभागों में बदलेगा मौसम">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>ग्वालियर-उज्जैन समेत 21 जिलों में बारिश का अलर्ट, अगले चार दिन कई संभागों में बदलेगा मौसम</strong></h1>
<h2><strong>दो चक्रवाती परिसंचरण के असर से गरज-चमक और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं; 18 और 19 अक्टूबर को भी कुछ जिलों में बारिश के आसार</strong></h2>
<p><strong>भोपाल।</strong> मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई के बाद भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। पिछले दो दिनों से ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई है। मौसम केंद्र भोपाल ने शनिवार को प्रदेश के 21 जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।</p>
<p>मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश में सक्रिय दो चक्रवाती परिसंचरण का असर अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है। इससे ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के साथ सागर, नर्मदापुरम, रीवा और जबलपुर संभाग के कुछ इलाकों में मौसम बदलने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के 17 अक्टूबर को जारी उपखंडीय चेतावनी में पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए 17 और 18 अक्टूबर तथा पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए 17 से 19 अक्टूबर तक गरज-चमक और बिजली गिरने से जुड़ी चेतावनी दी गई है।</p>
<h3><strong>इन 21 जिलों में बारिश की संभावना</strong></h3>
<p>शनिवार को जिन जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट बताया गया है, उनमें ग्वालियर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, रतलाम, झाबुआ, धार, आलीराजपुर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना शामिल हैं।</p>
<p>इन जिलों में स्थानीय मौसम के अनुसार बारिश का असर अलग-अलग हो सकता है। कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है, जबकि कहीं तेज हवाएं चल सकती हैं। शुक्रवार शाम धार शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तेज बारिश हुई थी। पिछले दो दिनों में ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग में भी बारिश दर्ज की गई।</p>
<h3><strong>18 और 19 अक्टूबर को भी बदल सकता है मौसम</strong></h3>
<p>मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 18 और 19 अक्टूबर को भी प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश की संभावना बनी रह सकती है। इनमें नीमच, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सीधी, मऊगंज, सिंगरौली, सिवनी और बालाघाट शामिल हैं। अगले चार दिनों में सागर, जबलपुर, रीवा, नर्मदापुरम और अन्य संभागों के कुछ हिस्सों में भी मौसम का मिजाज बदल सकता है।</p>
<p>विभागीय चेतावनी के मुताबिक, पूर्वी मध्य प्रदेश में 19 अक्टूबर तक गरज-चमक और बिजली से जुड़ी स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए चेतावनी 18 अक्टूबर तक बताई गई है। 20 अक्टूबर से मौसम प्रणाली का असर कमजोर पड़ने और तेज बारिश की संभावना घटने का अनुमान है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव हो सकता है, इसलिए जिलेवार पूर्वानुमान और चेतावनी देखते रहना उपयोगी होगा।</p>
<h3><strong>मानसून विदा, फिर भी जारी है बारिश</strong></h3>
<p>मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई के बाद यह बारिश सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से हो रही है। मानसून समाप्त होने के बाद भी चक्रवाती परिसंचरण और अन्य मौसमी स्थितियों के कारण प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश हो सकती है। इस वजह से एक संभाग में बारिश होने पर दूसरे संभाग में मौसम सामान्य बना रह सकता है।</p>
<p>बारिश और तेज हवा के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर ढांचों के आसपास सावधानी रखने की जरूरत है। गरज-चमक के समय बिजली के खंभों और तारों से दूरी बनाए रखें। किसानों और यात्रियों को भी अपने क्षेत्र का ताजा मौसम पूर्वानुमान देखकर ही जरूरी गतिविधियों की योजना बनानी चाहिए।</p>
<p>मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार अगले कुछ दिन प्रदेश के उत्तरी, पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में अलग-अलग समय पर बारिश का असर रह सकता है। इसलिए बारिश की संभावना वाले जिलों में लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम केंद्र की ताजा सूचनाओं पर ध्यान देना चाहिए।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>MP Weather Update: मध्यप्रदेश में रातें होने लगीं ठंडी, दिन में गर्मी बरकरार; रतलाम में पारा 36 डिग्री</title>
		<link>https://swarajvani.com/mp-weather-update-night-temperatures-drop/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 16 Oct 2026 06:34:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Weather]]></category>
		<category><![CDATA[Bhopal Weather]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh Temperature]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh Weather]]></category>
		<category><![CDATA[MP Weather Forecast]]></category>
		<category><![CDATA[Mp Weather Update]]></category>
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					<description><![CDATA[MP Weather Update: मध्यप्रदेश में रातें होने लगीं ठंडी, दिन में गर्मी बरकरार; रतलाम में पारा 36 डिग्री भोपाल में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.8 डिग्री नीचे, इंदौर में रात ... <a title="MP Weather Update: मध्यप्रदेश में रातें होने लगीं ठंडी, दिन में गर्मी बरकरार; रतलाम में पारा 36 डिग्री" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-weather-update-night-temperatures-drop/" aria-label="Read more about MP Weather Update: मध्यप्रदेश में रातें होने लगीं ठंडी, दिन में गर्मी बरकरार; रतलाम में पारा 36 डिग्री">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div></div>
<div>
<div>
<h1><strong>MP Weather Update: मध्यप्रदेश में रातें होने लगीं ठंडी, दिन में गर्मी बरकरार; रतलाम में पारा 36 डिग्री</strong></h1>
<p><strong>भोपाल में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.8 डिग्री नीचे, इंदौर में रात का पारा 17.8 डिग्री दर्ज; दक्षिण भारत में 21 अक्टूबर तक बारिश का अनुमान</strong></p>
<p><strong>भोपाल।</strong> मध्यप्रदेश में मौसम के मिजाज में बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रदेश के कई शहरों में दिन के समय गर्मी बनी हुई है, जबकि रात के तापमान में गिरावट के कारण सुबह और देर रात हल्की ठंडक महसूस होने लगी है। मौसम केंद्रों से मिले आंकड़ों के अनुसार, रतलाम में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि भोपाल में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.8 डिग्री कम रहा।</p>
<h2><strong>भोपाल में रात के तापमान में गिरावट</strong></h2>
<p>भोपाल में अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में 1.8 डिग्री की गिरावट आई। रात का तापमान सामान्य से नीचे रहने के कारण सुबह और रात के समय मौसम अपेक्षाकृत ठंडा महसूस हो सकता है।</p>
<p>इंदौर में अधिकतम तापमान 33.9 डिग्री और न्यूनतम 17.8 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, ग्वालियर में दिन का तापमान 34.7 डिग्री और रात का तापमान 22.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।</p>
<h2><strong>रतलाम में सबसे ज्यादा गर्मी</strong></h2>
<p>प्रदेश में दर्ज आंकड़ों के मुताबिक, रतलाम में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस रहा। धार, गुना और खरगोन में अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि उज्जैन में पारा 35.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा।</p>
<p>रतलाम में पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में 3.1 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। धार में भी दिन का तापमान 3.3 डिग्री बढ़ा। इससे प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में दिन के समय गर्मी का असर बना हुआ है।</p>
<h2><strong>पचमढ़ी में सबसे कम अधिकतम तापमान</strong></h2>
<p>पचमढ़ी में अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सूचीबद्ध शहरों में सबसे कम रहा। मलांजखंड में अधिकतम तापमान 29.5 डिग्री और बैतूल में 30 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।</p>
<p>मंडला में अधिकतम तापमान 34.9 और न्यूनतम 19.9 डिग्री रहा। जबलपुर में दिन का तापमान 33.7 डिग्री और रात का तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।</p>
<h2><strong>प्रमुख शहरों का तापमान</strong></h2>
<table style="height: 376px;" width="1164">
<tbody>
<tr>
<th>शहर</th>
<th>अधिकतम तापमान</th>
<th>न्यूनतम तापमान</th>
</tr>
<tr>
<td>भोपाल</td>
<td>32.8°C</td>
<td>17.6°C</td>
</tr>
<tr>
<td>इंदौर</td>
<td>33.9°C</td>
<td>17.8°C</td>
</tr>
<tr>
<td>ग्वालियर</td>
<td>34.7°C</td>
<td>22.1°C</td>
</tr>
<tr>
<td>जबलपुर</td>
<td>33.7°C</td>
<td>20.2°C</td>
</tr>
<tr>
<td>उज्जैन</td>
<td>35.5°C</td>
<td>20.0°C</td>
</tr>
<tr>
<td>रतलाम</td>
<td>36.0°C</td>
<td>22.5°C</td>
</tr>
<tr>
<td>धार</td>
<td>35.8°C</td>
<td>19.3°C</td>
</tr>
<tr>
<td>गुना</td>
<td>35.8°C</td>
<td>21.4°C</td>
</tr>
<tr>
<td>खरगोन</td>
<td>35.8°C</td>
<td>19.0°C</td>
</tr>
<tr>
<td>पचमढ़ी</td>
<td>27.0°C</td>
<td>19.2°C</td>
</tr>
<tr>
<td>बैतूल</td>
<td>30.0°C</td>
<td>18.2°C</td>
</tr>
<tr>
<td>छिंदवाड़ा</td>
<td>32.2°C</td>
<td>18.0°C</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<h2><strong>21 अक्टूबर तक दक्षिण भारत में बारिश का अनुमान</strong></h2>
<p data-pm-slice="1 1 []">मौसम संबंधी पूर्वानुमान के अनुसार, दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में 21 अक्टूबर तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश भी हो सकती है। हालांकि, दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियों का असर मध्यप्रदेश के मौसम पर पड़ेगा या नहीं, यह स्थानीय मौसमी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। ऐसे में प्रदेश में बारिश की संभावना को लेकर मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखना जरूरी है।</p>
<p>मध्यप्रदेश में फिलहाल दिन और रात के तापमान में अंतर देखने को मिल रहा है। कई शहरों में दिन के समय तेज धूप और गर्मी बनी हुई है, जबकि रात तथा सुबह के समय तापमान में गिरावट से हल्की ठंडक महसूस होने लगी है। भोपाल और इंदौर जैसे शहरों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। वहीं, रतलाम, धार, गुना और खरगोन जैसे पश्चिमी क्षेत्रों में दिन का पारा अपेक्षाकृत ऊंचा बना हुआ है।</p>
<p>मौसम में इस बदलाव के चलते लोगों को दिन में गर्मी और रात में ठंडक का अनुभव हो रहा है। आने वाले दिनों में तापमान में क्या बदलाव होगा, यह स्थानीय परिस्थितियों और मौसम प्रणाली पर निर्भर करेगा। इसलिए नागरिकों को अपने क्षेत्र का ताजा मौसम पूर्वानुमान देखते रहने की सलाह दी जाती है।</p>
<p><strong>नोट:</strong> लेख में दिए गए तापमान उपलब्ध कराए गए मौसम संबंधी आंकड़ों पर आधारित हैं। इन्हें वर्तमान समय के लाइव तापमान के रूप में न माना जाए।</p>
</div>
<div></div>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>MP Weather Update: ग्वालियर-चंबल में बारिश के आसार, इंदौर में रात का तापमान 17 डिग्री</title>
		<link>https://swarajvani.com/mp-weather-update-rain-likely-in-gwalior-chambal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 15 Oct 2026 06:57:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Weather]]></category>
		<category><![CDATA[Gwalior Chambal Rain]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh Weather]]></category>
		<category><![CDATA[MP Weather Forecast]]></category>
		<category><![CDATA[MP Weather Today]]></category>
		<category><![CDATA[Mp Weather Update]]></category>
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					<description><![CDATA[MP Weather Update: ग्वालियर-चंबल में बारिश के आसार, इंदौर में रात का तापमान 17 डिग्री वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से 18 अक्टूबर तक प्रदेश के उत्तरी-पूर्वी हिस्सों में तेज हवाएं ... <a title="MP Weather Update: ग्वालियर-चंबल में बारिश के आसार, इंदौर में रात का तापमान 17 डिग्री" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-weather-update-rain-likely-in-gwalior-chambal/" aria-label="Read more about MP Weather Update: ग्वालियर-चंबल में बारिश के आसार, इंदौर में रात का तापमान 17 डिग्री">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>MP Weather Update: ग्वालियर-चंबल में बारिश के आसार, इंदौर में रात का तापमान 17 डिग्री</strong></h1>
<p><strong>वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से 18 अक्टूबर तक प्रदेश के उत्तरी-पूर्वी हिस्सों में तेज हवाएं चलने की संभावना, सागर 37 डिग्री के साथ सबसे गर्म</strong></p>
<p><strong>भोपाल।</strong> MP Weather का मिजाज बदलने के संकेत मिल रहे हैं। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 15 अक्टूबर से इन क्षेत्रों में लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। यह स्थिति 18 अक्टूबर तक प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में बनी रहने का अनुमान है।</p>
<p>प्रदेश में दिन और रात के तापमान में अंतर बना हुआ है। जहां रात के समय कुछ शहरों में ठंडक महसूस होने लगी है, वहीं दिन में कई स्थानों पर तापमान 36 से 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया।</p>
<h2><strong>इंदौर में सबसे कम न्यूनतम तापमान</strong></h2>
<p>मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इंदौर में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सूचीबद्ध शहरों में सबसे कम रहा। कटनी जिले के करौंदी में न्यूनतम तापमान 17.8 डिग्री, पचमढ़ी में 18 डिग्री और मंदसौर में 18.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।</p>
<p>इसके अलावा अमरकंटक और छिंदवाड़ा में न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस रहा। इन आंकड़ों से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में रात के तापमान में अंतर स्पष्ट दिखाई देता है।</p>
<h2><strong>सागर में 37 डिग्री पहुंचा पारा</strong></h2>
<p>दिन के तापमान की बात करें तो सागर प्रदेश में सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। खरगोन में 36.8 डिग्री, मंदसौर और खंडवा में 36.5 डिग्री तथा आगर में 36.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ।</p>
<p>रतलाम और उज्जैन में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में गर्मी और रात में अपेक्षाकृत कम तापमान के कारण मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।</p>
<h2><strong>वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय</strong></h2>
<p>मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू के आसपास वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय है। इसके अलावा हरियाणा, दक्षिणी राजस्थान और उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश से सटे बिहार के क्षेत्रों में ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय बने हुए हैं।</p>
<p>इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से ग्वालियर-चंबल सहित प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी क्षेत्रों में मौसम बदल सकता है। हालांकि, उपलब्ध मौसम बुलेटिन के अनुसार पूरे मध्यप्रदेश में व्यापक बारिश का स्पष्ट पूर्वानुमान नहीं दिया गया है।</p>
<h2><strong>दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मानसून की शुरुआत के आसार</strong></h2>
<p>मौसम विभाग के मुताबिक, 15 अक्टूबर से दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में पूर्वोत्तर मानसून की बारिश शुरू होने की संभावना है। इसका प्रभाव मुख्य रूप से दक्षिण भारत के क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है।</p>
<p>फिलहाल मध्यप्रदेश में मौसम की स्थिति अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्न बनी हुई है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में संभावित बारिश और तेज हवाओं के बीच अन्य शहरों में दिन का तापमान अपेक्षाकृत ऊंचा बना हुआ है। मौसम से जुड़े ताजा अपडेट और स्थानीय पूर्वानुमान के लिए मौसम विभाग के आधिकारिक बुलेटिन पर नजर रखना जरूरी है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>MP Weather Update: भोपाल समेत 25 से अधिक जिलों में बारिश और आंधी के आसार, इंदौर में न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री</title>
		<link>https://swarajvani.com/mp-weather-update-rain-and-strong-winds-likely-in-over-25-districts-including-bhopal-indore-records/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 07 Oct 2026 06:50:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Weather]]></category>
		<category><![CDATA[Bhopal Weather]]></category>
		<category><![CDATA[eather Update]]></category>
		<category><![CDATA[Indore Weather]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh Weather]]></category>
		<category><![CDATA[Rain Forecast]]></category>
		<category><![CDATA[Strong Winds]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://swarajvani.com/?p=364631</guid>

					<description><![CDATA[MP Weather Update: भोपाल समेत 25 से अधिक जिलों में बारिश और आंधी के आसार, इंदौर में न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री भोपाल। मध्यप्रदेश में मौसम एक बार फिर बदलने की ... <a title="MP Weather Update: भोपाल समेत 25 से अधिक जिलों में बारिश और आंधी के आसार, इंदौर में न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-weather-update-rain-and-strong-winds-likely-in-over-25-districts-including-bhopal-indore-records/" aria-label="Read more about MP Weather Update: भोपाल समेत 25 से अधिक जिलों में बारिश और आंधी के आसार, इंदौर में न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>MP Weather Update: भोपाल समेत 25 से अधिक जिलों में बारिश और आंधी के आसार, इंदौर में न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री</strong></h1>
<p><strong>भोपाल।</strong> मध्यप्रदेश में मौसम एक बार फिर बदलने की संभावना है। उपलब्ध मौसम रिपोर्ट के अनुसार, राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में हल्की बारिश और आंधी के आसार जताए गए हैं। इस संभावित बदलाव के बीच किसानों, यात्रियों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों के लिए स्थानीय मौसम की जानकारी महत्वपूर्ण होगी। वहीं, इंदौर में न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।</p>
<p>प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का असर अलग हो सकता है। जिन जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है, वहां भी सभी स्थानों पर एक जैसी वर्षा होना जरूरी नहीं है। कहीं हल्की बारिश हो सकती है, जबकि किसी क्षेत्र में केवल बादल या हवा का असर दिखाई दे सकता है। इसलिए जिलेवार पूर्वानुमान के आधार पर ही दैनिक गतिविधियों की योजना बनाना उपयोगी रहेगा।</p>
<h2><strong>भोपाल सहित कई जिलों में बारिश की संभावना</strong></h2>
<p>राजधानी भोपाल उन जिलों में शामिल है, जहां मौसम बदलने और हल्की बारिश होने की संभावना बताई गई है। बारिश के साथ आंधी के आसार होने से बाहर निकलने वाले लोगों को मौसम की स्थिति देखकर अपनी तैयारी रखनी चाहिए। विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों, पैदल यात्रियों और खुले में कारोबार करने वालों के लिए अचानक बदलता मौसम असुविधा पैदा कर सकता है।</p>
<p>उपलब्ध रिपोर्ट में 25 से अधिक जिलों का उल्लेख है, लेकिन प्रभावित जिलों की पूरी सूची नहीं दी गई है। इसके अलावा बारिश शुरू होने के समय और उसकी अवधि का विवरण भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में किसी खास क्षेत्र में निश्चित समय पर बारिश होने का दावा नहीं किया जा सकता। स्थानीय पूर्वानुमान से ही क्षेत्र की स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।</p>
<h2><strong>आंधी के दौरान खुले स्थानों पर सावधानी जरूरी</strong></h2>
<p>हल्की बारिश के साथ आंधी की संभावना होने पर खुले स्थानों में रखे सामान को सुरक्षित करना उपयोगी रहेगा। सड़क किनारे दुकान लगाने वाले व्यापारी, निर्माण कार्य में लगे लोग और अस्थायी ढांचों के आसपास रहने वाले नागरिक हवा की स्थिति को ध्यान में रख सकते हैं।</p>
<p>तेज हवा चलने पर कमजोर पेड़ों, बिजली के खंभों और असुरक्षित निर्माणाधीन ढांचों के आसपास रुकने से बचना चाहिए। वाहन चलाते समय धूल या बारिश के कारण दृश्यता कम हो तो गति नियंत्रित रखना जरूरी है। ये सामान्य सावधानियां हैं, जिन्हें संभावित मौसम बदलाव के दौरान अपनाया जा सकता है। उपलब्ध विवरण में हवा की गति या आंधी की तीव्रता का उल्लेख नहीं किया गया है।</p>
<h2><strong>इंदौर में 17.2 डिग्री दर्ज हुआ न्यूनतम तापमान</strong></h2>
<p>मौसम संबंधी उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इंदौर में न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान का यह आंकड़ा शहर के मौसम की जानकारी देता है, लेकिन इसके आधार पर पूरे दिन के तापमान का अनुमान नहीं लगाया जा सकता। दिन के समय की स्थिति समझने के लिए अधिकतम तापमान की जानकारी भी जरूरी होती है।</p>
<p>मूल रिपोर्ट में इंदौर के तापमान को सबसे कम बताया गया है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में अन्य शहरों के तापमान और तुलना किए गए मौसम केंद्रों की सूची शामिल नहीं है। इसलिए इंदौर के दर्ज न्यूनतम तापमान का उल्लेख स्पष्ट रूप से करना अधिक उचित है। सुबह और शाम बाहर निकलने वाले लोग अपने समय के अनुसार मौसम की जानकारी देख सकते हैं।</p>
<h2><strong>किसानों के लिए कटाई और उपज की सुरक्षा महत्वपूर्ण</strong></h2>
<p>बारिश की संभावना के बीच किसानों के लिए खेत और उपज से जुड़े कामों की योजना स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बनाना उपयोगी होगा। जिन किसानों का अनाज खुले में रखा है, वे उसे ढकने या सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था कर सकते हैं। कटाई के बाद खेत में रखी उपज को भी संभावित बारिश से बचाने की तैयारी की जा सकती है।</p>
<p>कटाई, दवा छिड़काव और उपज के परिवहन जैसे कार्यों से पहले स्थानीय मौसम पूर्वानुमान देखना मददगार रहेगा। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में किसी फसल को नुकसान पहुंचने की पुष्टि नहीं है। बारिश की संभावना को सीधे कृषि नुकसान के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा। फसल की स्थिति के अनुसार निर्णय लेने के लिए स्थानीय कृषि विशेषज्ञों का मार्गदर्शन लिया जा सकता है।</p>
<h2><strong>यात्रा की योजना बनाते समय देखें मौसम</strong></h2>
<p>भोपाल और अन्य जिलों में संभावित बारिश को देखते हुए यात्रियों के लिए रास्ते और गंतव्य का मौसम देखना उपयोगी रहेगा। छोटी दूरी की यात्रा में भी बरसाती या छाता साथ रखने से अचानक होने वाली बारिश में सुविधा मिल सकती है। मोबाइल, दस्तावेज और अन्य जरूरी सामान को पानी से बचाने की व्यवस्था भी की जा सकती है।</p>
<p>बारिश होने पर सड़क की सतह फिसलन भरी हो सकती है। इसलिए वाहन चालकों को गति नियंत्रित रखने और आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखने की जरूरत होगी। यदि आंधी के कारण यात्रा कठिन हो जाए, तो किसी सुरक्षित स्थान पर रुकना बेहतर रहेगा। मौसम सामान्य होने के बाद आगे की यात्रा की जा सकती है।</p>
<h2><strong>स्थानीय पूर्वानुमान से मिलेगी अधिक स्पष्ट जानकारी</strong></h2>
<p>मध्यप्रदेश के 25 से अधिक जिलों में हल्की बारिश और आंधी की संभावना मौसम में बदलाव का संकेत है। फिर भी इसका वास्तविक असर स्थान और समय के अनुसार अलग रह सकता है। उपलब्ध जानकारी में बारिश की मात्रा, हवा की गति और सभी प्रभावित जिलों का विवरण शामिल नहीं है।</p>
<p>भोपाल में बारिश की संभावना और इंदौर में दर्ज 17.2 डिग्री न्यूनतम तापमान इस रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु हैं। नागरिक अपने जिले की मौसम सूचना देखकर कामकाज और यात्रा की योजना बना सकते हैं। किसानों के लिए भी स्थानीय पूर्वानुमान महत्वपूर्ण रहेगा, ताकि खेतों में होने वाले काम और उपज की सुरक्षा संबंधी तैयारियां मौसम के अनुसार की जा सकें।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>MP Weather Update: मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई के संकेत, 3 अक्टूबर से पूरी तरह शुष्क होगा मौसम</title>
		<link>https://swarajvani.com/mp-weather-update-monsoon-withdrawal-gains-momentum/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 30 Sep 2026 06:17:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Weather]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh Weather]]></category>
		<category><![CDATA[Monsoon Departure]]></category>
		<category><![CDATA[Monsoon Withdrawal]]></category>
		<category><![CDATA[MP Weather Forecast]]></category>
		<category><![CDATA[Mp Weather Update]]></category>
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					<description><![CDATA[MP Weather Update: मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई के संकेत, 3 अक्टूबर से पूरी तरह शुष्क होगा मौसम ग्वालियर-चंबल, इंदौर और उज्जैन संभाग में 30 सितंबर से मौसम शुष्क होने ... <a title="MP Weather Update: मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई के संकेत, 3 अक्टूबर से पूरी तरह शुष्क होगा मौसम" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-weather-update-monsoon-withdrawal-gains-momentum/" aria-label="Read more about MP Weather Update: मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई के संकेत, 3 अक्टूबर से पूरी तरह शुष्क होगा मौसम">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>MP Weather Update: मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई के संकेत, 3 अक्टूबर से पूरी तरह शुष्क होगा मौसम</strong></h1>
<h3>ग्वालियर-चंबल, इंदौर और उज्जैन संभाग में 30 सितंबर से मौसम शुष्क होने का अनुमान, रीवा-शहडोल में बढ़ा तापमान</h3>
<p><strong>भोपाल।</strong> MP में मानसून की विदाई के संकेत अब तेज होने लगे हैं। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से बारिश की गतिविधियों में कमी आई है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं का दौर अभी जारी है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में प्रदेश में बारिश का सिलसिला और कमजोर होने की संभावना है।</p>
<p>सीनियर मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार मौजूदा मौसम परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश में धीरे-धीरे मौसम शुष्क होने का अनुमान है। उनके मुताबिक <strong>ग्वालियर-चंबल, इंदौर और उज्जैन संभाग में 30 सितंबर से मौसम ड्राई</strong> हो सकता है। इसके बाद प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां कम होने की संभावना है।</p>
<p>मौसम वैज्ञानिक के अनुसार <strong>3 अक्टूबर तक मध्यप्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क</strong> होने की स्थिति बन सकती है। इसके साथ ही प्रदेश में मानसून की विदाई की प्रक्रिया भी आगे बढ़ने के आसार हैं।</p>
<h3><strong>रीवा और शहडोल संभाग में बढ़ा तापमान</strong></h3>
<p>पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। ग्वालियर, चंबल, रीवा, जबलपुर, शहडोल और सागर संभाग के कुछ जिलों में बारिश हुई, जबकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहा।</p>
<p>तापमान की बात करें तो <strong>रीवा और शहडोल संभाग में अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी</strong> दर्ज की गई। वहीं ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के कुछ जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहा।</p>
<h3><strong>धीरे-धीरे बदलेगा मौसम का मिजाज</strong></h3>
<p>मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में लगातार कमी आने की संभावना है। इसके साथ ही दिन के तापमान में भी धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिल सकता है। मानसून की विदाई के बाद प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है।</p>
<p>हालांकि, स्थानीय मौसम परिस्थितियों के कारण कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश या तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। ऐसे में अगले कुछ दिनों के मौसम अपडेट पर नजर रखना जरूरी होगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>MP Weather Update: फिर बदलेगा मौसम, बारिश-गरज और तेज हवाओं का अलर्ट</title>
		<link>https://swarajvani.com/mp-weather-update-heavy-rain-and-thunderstorms/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 26 Sep 2026 05:55:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Weather]]></category>
		<category><![CDATA[Heavy Rain in MP]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh Rain]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh Weather]]></category>
		<category><![CDATA[MP Rain Forecast]]></category>
		<category><![CDATA[MP Weather Alert]]></category>
		<category><![CDATA[Mp Weather Update]]></category>
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					<description><![CDATA[&#160; MP Weather Update: फिर बदलेगा मौसम, बारिश-गरज और तेज हवाओं का अलर्ट भोपाल। MP में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने के आसार हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग ... <a title="MP Weather Update: फिर बदलेगा मौसम, बारिश-गरज और तेज हवाओं का अलर्ट" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-weather-update-heavy-rain-and-thunderstorms/" aria-label="Read more about MP Weather Update: फिर बदलेगा मौसम, बारिश-गरज और तेज हवाओं का अलर्ट">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<h1><strong>MP Weather Update: फिर बदलेगा मौसम, बारिश-गरज और तेज हवाओं का अलर्ट</strong></h1>
<p><strong>भोपाल।</strong> MP में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने के आसार हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। मौसम में यह बदलाव उत्तर छत्तीसगढ़ के ऊपर बने डिप्रेशन के प्रभाव से जुड़ा है। IMD के मुताबिक यह सिस्टम उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है और 26 सितंबर की शाम तक उत्तर छत्तीसगढ़ तथा उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश होते हुए दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ने की संभावना है।</p>
<p>इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। IMD ने 25 सितंबर को छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में डिप्रेशन के प्रभाव से बारिश की संभावना जताई है।</p>
<h3><strong>कई जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना</strong></h3>
<p>मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।</p>
<p>पूर्वी मध्य प्रदेश के कई हिस्से इस मौसम प्रणाली के प्रभाव वाले क्षेत्र में हैं। IMD के जिला-वार चेतावनी पोर्टल पर 26 से 29 सितंबर तक अलग-अलग दिनों के लिए जिलावार चेतावनियां जारी की गई हैं।</p>
<h3><strong>उत्तर छत्तीसगढ़ से MP की ओर बढ़ रहा डिप्रेशन</strong></h3>
<p>IMD के मुताबिक 25 सितंबर की शाम 5:30 बजे डिप्रेशन उत्तर छत्तीसगढ़ के ऊपर केंद्रित था। यह बिलासपुर के दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में करीब 50 किलोमीटर पश्चिम चांपा और मध्य प्रदेश के सीधी से लगभग 270 किलोमीटर दक्षिण में स्थित था। इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना जताई गई है।</p>
<p>मौसम विभाग का अनुमान है कि 26 सितंबर की शाम तक यह सिस्टम उत्तर छत्तीसगढ़ और उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश को पार करते हुए दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ सकता है। इसके बाद इसके धीरे-धीरे कमजोर होकर अच्छी तरह चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने की संभावना है।</p>
<h3><strong>लोगों को सतर्क रहने की सलाह</strong></h3>
<p>बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले क्षेत्रों में जाने से बचना और बिजली चमकने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी जाती है। किसानों और वाहन चालकों को भी स्थानीय मौसम चेतावनी के अनुसार आवश्यक सावधानी बरतने की जरूरत है।</p>
<p>मौसम विभाग की ताजा जिलावार चेतावनियों के अनुसार स्थिति में बदलाव संभव है। इसलिए किसी जिले के लिए यात्रा या अन्य गतिविधियों की योजना बनाने से पहले स्थानीय और आधिकारिक मौसम अपडेट देखना उचित रहेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>MP Weather Today: मध्यप्रदेश में फिर तेज बारिश का दौर, 27 सितंबर तक अलर्ट; इन जिलों में भारी बारिश की संभावना</title>
		<link>https://swarajvani.com/mp-weather-today-heavy-rain-alert-in/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 24 Sep 2026 06:33:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Weather]]></category>
		<category><![CDATA[IMD Alert]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh Rain]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh Weather]]></category>
		<category><![CDATA[MP Rain Alert]]></category>
		<category><![CDATA[MP Weather Today]]></category>
		<category><![CDATA[Weather Update]]></category>
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					<description><![CDATA[MP Weather Today: मध्यप्रदेश में फिर तेज बारिश का दौर, 27 सितंबर तक अलर्ट; भोपाल। MP में एक बार फिर बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। बंगाल की ... <a title="MP Weather Today: मध्यप्रदेश में फिर तेज बारिश का दौर, 27 सितंबर तक अलर्ट; इन जिलों में भारी बारिश की संभावना" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-weather-today-heavy-rain-alert-in/" aria-label="Read more about MP Weather Today: मध्यप्रदेश में फिर तेज बारिश का दौर, 27 सितंबर तक अलर्ट; इन जिलों में भारी बारिश की संभावना">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>MP Weather Today: मध्यप्रदेश में फिर तेज बारिश का दौर, 27 सितंबर तक अलर्ट;</strong></h1>
<p><strong>भोपाल।</strong> MP में एक बार फिर बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम हिस्से में बना <strong>डीप डिप्रेशन</strong> उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट की ओर बढ़ा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार इस मौसम प्रणाली का असर मध्यप्रदेश में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के रूप में दिखाई दे सकता है।</p>
<h2><strong>अर्नब तूफान को लेकर क्या है IMD का अपडेट?</strong></h2>
<p>इन दिनों मौसम से जुड़ी खबरों में &#8216;अर्नब तूफान&#8217; का नाम चर्चा में है, लेकिन IMD के आधिकारिक बुलेटिन में मौजूदा सिस्टम को <strong>Deep Depression</strong> के रूप में दर्ज किया गया है। 23 सितंबर को जारी IMD के अपडेट के मुताबिक यह सिस्टम उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट की ओर बढ़ रहा था और विशाखापत्तनम तथा गोपालपुर के बीच तट पार करने की संभावना जताई गई थी।</p>
<p>इसलिए मध्यप्रदेश के मौसम के संदर्भ में आधिकारिक पूर्वानुमान के लिए IMD की चेतावनियों को आधार माना जाना चाहिए।</p>
<h2><strong>23-24 सितंबर को पूर्वी MP में बारिश</strong></h2>
<p>IMD के 23 सितंबर के सब-डिविजन वार्निंग अपडेट के अनुसार <strong>पूर्वी मध्यप्रदेश में 23 और 24 सितंबर को भारी बारिश</strong> की चेतावनी थी। वहीं पश्चिमी मध्यप्रदेश में 24 सितंबर को उपखंड स्तर पर भारी बारिश की चेतावनी नहीं थी।</p>
<p>पूर्वी मध्यप्रदेश के कई जिलों में इस दौरान बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। जबलपुर, मंडला, डिंडोरी, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया और आसपास के क्षेत्रों में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है।</p>
<h2><strong>25-26 सितंबर को बढ़ेगा बारिश का असर</strong></h2>
<p>IMD के 23 सितंबर के विस्तृत चेतावनी अपडेट के अनुसार <strong>25 और 26 सितंबर को पूर्वी मध्यप्रदेश में बहुत भारी बारिश</strong> की चेतावनी जारी की गई थी। इसी दौरान पश्चिमी मध्यप्रदेश में भी भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई।</p>
<p>इन दिनों सतना, कटनी, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पन्ना, दमोह, सागर, उमरिया और आसपास के जिलों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है। स्थानीय स्तर पर बारिश की तीव्रता अलग-अलग हो सकती है।</p>
<h2><strong>भोपाल समेत पश्चिमी MP में भी बदलेगा मौसम</strong></h2>
<p>बारिश का असर केवल पूर्वी मध्यप्रदेश तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। IMD के अनुसार <strong>25 और 26 सितंबर को पश्चिमी मध्यप्रदेश में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं</strong> की चेतावनी है।</p>
<p>इसके चलते भोपाल, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सीहोर, बैतूल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम और आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि किसी जिले में बारिश की वास्तविक स्थिति स्थानीय मौसम प्रणाली और तात्कालिक चेतावनी पर निर्भर करेगी।</p>
<h2><strong>27 सितंबर तक बारिश का दौर</strong></h2>
<p>IMD के अनुसार <strong>27 सितंबर को पूर्वी मध्यप्रदेश में फिर भारी बारिश</strong> की चेतावनी है। पश्चिमी मध्यप्रदेश में भी इस दिन गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। इसके बाद 28 सितंबर से दोनों उपखंडों के लिए इस चेतावनी में कमी दिखाई गई है।</p>
<p>मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए बारिश प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को स्थानीय प्रशासन और IMD की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है। विशेषकर तेज बारिश और आंधी-गरज के दौरान खुले स्थानों तथा कमजोर संरचनाओं से दूरी बनाए रखना जरूरी है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>MP में मानसून फिर मेहरबान: चार दिन बारिश का दौर, छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; बांधों के गेट खुले</title>
		<link>https://swarajvani.com/mp-heavy-rain-alert-monsoon-2026/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 07 Sep 2026 03:19:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Weather]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh Weather MP Weather Today MP Rain Alert Madhya Pradesh Rain Heavy Rain Alert MP]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://swarajvani.com/?p=354392</guid>

					<description><![CDATA[MP में मानसून फिर मेहरबान: चार दिन बारिश का दौर, छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; बांधों के गेट खुले भोपाल: MP में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो ... <a title="MP में मानसून फिर मेहरबान: चार दिन बारिश का दौर, छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; बांधों के गेट खुले" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-heavy-rain-alert-monsoon-2026/" aria-label="Read more about MP में मानसून फिर मेहरबान: चार दिन बारिश का दौर, छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; बांधों के गेट खुले">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="font-family: inherit; font-size: 42px; font-style: inherit;">MP में मानसून फिर मेहरबान: चार दिन बारिश का दौर, छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; बांधों के गेट खुले</span></strong></p>
<section>
<div>
<p><strong>भोपाल:</strong> MP में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के ऊपरी हिस्सों में बनी दो मौसम प्रणालियों के प्रभाव से आने वाले चार दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की है। खासतौर पर निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं मालवा-निमाड़ क्षेत्र में हल्की बारिश के आसार हैं।</p>
<p>लगातार सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से मौसम की स्थिति पर नजर रखने और भारी बारिश वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की है।</p>
<h2><strong>छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट</strong></h2>
<p>मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा जिलों में भारी बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज हवाएं और गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है।</p>
<p>इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, इंदौर, धार, उज्जैन, ग्वालियर, शिवपुरी, मुरैना, भिंड और श्योपुर समेत कई जिलों में बारिश होने का अनुमान है। जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, सागर और दमोह में भी कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो सकती है।</p>
<p>मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है। कुछ इलाकों में तेज बारिश से स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।</p>
<h3><strong>रविवार को भी कई इलाकों में हुई तेज बारिश</strong></h3>
<p>रविवार को भी मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर देखने को मिला। राजधानी भोपाल सहित अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश के कारण मौसम सुहाना रहा। हालांकि, कुछ स्थानों पर तेज बारिश के चलते जलस्तर बढ़ने की स्थिति भी बनी।</p>
<p>भोपाल के कलियासोत बांध में पानी की आवक बढ़ने के बाद दो गेट दोबारा खोलने पड़े। इससे पहले शनिवार रात बांध के चार गेट खोले गए थे। पानी छोड़े जाने के बाद रात करीब 12 बजे इन गेटों को एक-एक करके बंद कर दिया गया था। इसके बाद जलस्तर और पानी की आवक को देखते हुए रविवार को दो गेट फिर से खोलने की जरूरत पड़ी।</p>
<p>बांधों के गेट खोले जाने के कारण आसपास के क्षेत्रों में प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। लगातार बारिश की स्थिति में अन्य जलाशयों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हो सकती है।</p>
<h4><strong>23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश</strong></h4>
<p>MP मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया शामिल हैं।</p>
<p>इसके अलावा भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में भी औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इन जिलों में बारिश की स्थिति फिलहाल अन्य क्षेत्रों की तुलना में बेहतर बताई जा रही है।</p>
<h4><strong>कई जिलों में अभी भी बारिश की कमी</strong></h4>
<p>MP में जहां कुछ जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी गिरा है, वहीं कई इलाके अब भी बारिश की कमी से जूझ रहे हैं। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडोरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य की तुलना में करीब 2 से 23 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।</p>
<p>इन क्षेत्रों में आने वाले दिनों में होने वाली बारिश से कुछ हद तक कमी पूरी होने की उम्मीद है। हालांकि, बारिश का वितरण पूरे प्रदेश में एक समान नहीं रहा है। कुछ जिलों में लगातार अच्छी बारिश हुई है, जबकि कई इलाकों में मानसून की गतिविधियां कमजोर रही हैं।</p>
<h5><strong>पश्चिमी मध्यप्रदेश में अब भी बारिश की कमी</strong></h5>
<p>MP के पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में बारिश की कमी बनी हुई है।</p>
<p>इन जिलों में बारिश की कमी करीब 1 से 54 प्रतिशत तक बताई गई है। ऐसे में अगले चार दिनों के दौरान होने वाली बारिश इन क्षेत्रों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।</p>
<pre><strong>जून की बारिश की कमी अब तक बरकरार</strong></pre>
<p>इस मानसून सीजन की शुरुआत प्रदेश के लिए कुछ कमजोर रही थी। जून में मध्यप्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी। इसके बाद जुलाई और अगस्त में कई चरणों में अच्छी बारिश हुई, लेकिन जून में हुई कमी पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकी।</p>
<p>मानसून के दौरान दो बार ब्रेक की स्थिति बनने से भी प्रदेश में बारिश के कुल आंकड़े पर असर पड़ा। हालांकि, अगस्त के आखिरी सप्ताह में सक्रिय हुए एक मजबूत मौसम सिस्टम के कारण पूर्वी मध्यप्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई और वहां बारिश की कमी काफी हद तक कम हुई।</p>
<p>इसके बावजूद प्रदेश में अब तक कुल बारिश सामान्य से करीब 6 प्रतिशत कम बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण बारिश का दौर जारी रह सकता है। यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश होती है तो प्रदेश के कई जिलों में बारिश की कमी कम होने की संभावना है।</p>
<p>फिलहाल मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए भारी बारिश की संभावना वाले जिलों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। नदी-नालों और जलाशयों के आसपास जाने से बचना और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना जरूरी होगा। आने वाले चार दिन मध्यप्रदेश में मानसून की गतिविधियों के लिहाज से अहम रहने वाले हैं।</p>
</div>
</section>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>MP Weather: मध्य प्रदेश में मानसून ने फिर पकड़ी रफ्तार, 9 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट; नर्मदा-मंदाकिनी उफान पर</title>
		<link>https://swarajvani.com/mp-monsoon-news-9-districts-on-orange-alert/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 04 Sep 2026 04:59:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Weather]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh Rain]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh Weather]]></category>
		<category><![CDATA[MP Rain Alert]]></category>
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					<description><![CDATA[MP Weather: मध्य प्रदेश में मानसून ने फिर पकड़ी रफ्तार, 9 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट; नर्मदा-मंदाकिनी उफान पर MP Weather Update: मध्य प्रदेश में मानसून एक बार ... <a title="MP Weather: मध्य प्रदेश में मानसून ने फिर पकड़ी रफ्तार, 9 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट; नर्मदा-मंदाकिनी उफान पर" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-monsoon-news-9-districts-on-orange-alert/" aria-label="Read more about MP Weather: मध्य प्रदेश में मानसून ने फिर पकड़ी रफ्तार, 9 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट; नर्मदा-मंदाकिनी उफान पर">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>MP Weather: मध्य प्रदेश में मानसून ने फिर पकड़ी रफ्तार, 9 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट; नर्मदा-मंदाकिनी उफान पर</strong></h1>
<p><strong>MP Weather Update:</strong> मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश का दौर जारी है। पूर्वी मध्य प्रदेश में तेज बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी और मंडला में नर्मदा नदी उफान पर हैं। वहीं, कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन और राहत-बचाव दल भी सतर्क हैं।</p>
<p>मौसम विभाग ने प्रदेश के नौ जिलों में अति भारी बारिश को लेकर <strong>ऑरेंज अलर्ट</strong> जारी किया है। इसके अलावा कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे मध्य प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे और 4 व 5 सितंबर को बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।</p>
<h2><strong>9 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट</strong></h2>
<p>MP मौसम विभाग ने <strong>शिवपुरी, गुना, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह और नर्मदापुरम</strong> में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज बारिश के साथ जलभराव और निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है। लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।</p>
<p>वहीं <strong>भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, दतिया, पन्ना, सतना, रीवा, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, छिंदवाड़ा, बैतूल, सीहोर, शाजापुर, देवास, आगर-मालवा और मंदसौर</strong> में भारी बारिश की चेतावनी है।</p>
<p>इसके अलावा इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, नीमच, रतलाम, हरदा, मुरैना, जबलपुर, कटनी, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, पांढुर्णा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।</p>
<h3><strong>नदियों का बढ़ा जलस्तर, बाढ़ का खतरा</strong></h3>
<p>लगातार बारिश के कारण मध्य प्रदेश के कई नदी-नाले उफान पर हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर <strong>138.52 मीटर</strong> तक पहुंच गया है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने के कारण प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।</p>
<p>बाढ़ की आशंका को देखते हुए एसडीईआरएफ की टीम ने करीब <strong>100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया</strong>। प्रशासन की ओर से नदी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।</p>
<p>छतरपुर में बारिश की स्थिति को देखते हुए सभी स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है। वहीं मैहर में कई स्थानों पर पुलों के ऊपर से पानी बहने लगा, जिसके कारण मुकुंदपुर मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। तेज बारिश के कारण ग्रामीण और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।</p>
<h4><strong>मंडला और जबलपुर में भी बढ़ा पानी</strong></h4>
<p>मंडला में नर्मदा नदी का जलस्तर <strong>436.1 मीटर</strong> दर्ज किया गया है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।</p>
<p>जबलपुर में स्थित बरगी बांध भी लगातार भर रहा है। बांध का जलस्तर करीब <strong>93.33 प्रतिशत</strong> तक पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने के बाद बरगी बांध के पांच गेट करीब एक मीटर तक खोले गए हैं। बांध से पानी छोड़े जाने के कारण नर्मदा नदी के घाटों पर जलस्तर लगभग चार फीट तक बढ़ने की संभावना जताई गई है।</p>
<p>इसके चलते नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से नदी के आसपास जाने से बचने की अपील की गई है।</p>
<h5><strong>बरगी और कुटनी बांधों से छोड़ा जा रहा पानी</strong></h5>
<p>MP में तेज बारिश के बीच कई बांधों में पानी की आवक बढ़ गई है। बरगी और कुटनी बांधों के गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। इससे आसपास के नदी क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने की संभावना है।</p>
<p>लगातार बारिश के कारण बांधों और नदियों की स्थिति पर प्रशासन और संबंधित विभाग नजर रख रहे हैं। निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए जा सकते हैं।</p>
<h6><strong>अब तक 29.2 इंच बारिश</strong></h6>
<p>MP में इस मानसून सीजन में अब तक <strong>741.2 मिलीमीटर यानी 29.2 इंच बारिश</strong> दर्ज की जा चुकी है। हालांकि, इसके बावजूद प्रदेश में बारिश का आंकड़ा अभी सामान्य से कम है।</p>
<p>सामान्य तौर पर इस अवधि तक प्रदेश में करीब <strong>31.8 इंच बारिश</strong> होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश में अभी लगभग <strong>2.6 इंच बारिश कम</strong> हुई है। कुल मिलाकर मध्य प्रदेश में बारिश सामान्य से करीब <strong>8 प्रतिशत कम</strong> है।</p>
<p>पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी काफी कम होकर सिर्फ <strong>1 प्रतिशत</strong> रह गई है। इसके विपरीत पश्चिमी मध्य प्रदेश में सामान्य के मुकाबले करीब <strong>17 प्रतिशत कम बारिश</strong> दर्ज की गई है।</p>
<pre><strong>अगले 48 घंटे अहम</strong></pre>
<p>मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 48 घंटे मध्य प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। सक्रिय मौसम प्रणाली के आगे बढ़ने के कारण 4 और 5 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।</p>
<p>अति भारी बारिश वाले जिलों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। नदी, नाले और बांधों के आसपास रहने वाले लोगों को जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सावधानी बरतनी चाहिए। मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचना और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करना बेहतर रहेगा।</p>
<p><strong>कुल मिलाकर</strong>, मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। जहां बारिश से मौसम सुहावना हुआ है और जलस्रोतों को फायदा मिला है, वहीं लगातार तेज बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ और जलभराव का खतरा भी बढ़ गया है। आने वाले दो दिनों में बारिश की स्थिति पर सभी की नजर रहेगी।</p>
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		<item>
		<title>MP Weather: मध्य प्रदेश में फिर भारी बारिश का दौर, 22 जिलों में अलर्ट; सतना में स्कूल-कॉलेज बंद, भोपाल-उज्जैन में बढ़ेगा असर</title>
		<link>https://swarajvani.com/mp-weather-heavy-rain-alert-22-districts-satn/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 02 Sep 2026 03:05:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Weather]]></category>
		<category><![CDATA[MP Weather Madhya Pradesh Weather MP Weather Update Madhya Pradesh Rain Heavy Rain in MP]]></category>
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					<description><![CDATA[MP Weather: मध्य प्रदेश में फिर भारी बारिश का दौर, 22 जिलों में अलर्ट; सतना में स्कूल-कॉलेज बंद, भोपाल-उज्जैन में बढ़ेगा असर MP Weather Update: मध्य प्रदेश में मानसून एक बार ... <a title="MP Weather: मध्य प्रदेश में फिर भारी बारिश का दौर, 22 जिलों में अलर्ट; सतना में स्कूल-कॉलेज बंद, भोपाल-उज्जैन में बढ़ेगा असर" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-weather-heavy-rain-alert-22-districts-satn/" aria-label="Read more about MP Weather: मध्य प्रदेश में फिर भारी बारिश का दौर, 22 जिलों में अलर्ट; सतना में स्कूल-कॉलेज बंद, भोपाल-उज्जैन में बढ़ेगा असर">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>MP Weather: मध्य प्रदेश में फिर भारी बारिश का दौर, 22 जिलों में अलर्ट; सतना में स्कूल-कॉलेज बंद, भोपाल-उज्जैन में बढ़ेगा असर</strong></h1>
<p><strong>MP Weather Update:</strong> मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में मजबूत मानसूनी सिस्टम के चलते कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है। जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति सतना और चित्रकूट में बनी हुई है, जहां नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात दिखाई दे रहे हैं।</p>
<p>चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मंगलवार को रामघाट क्षेत्र की करीब 400 दुकानें और 20 से 25 होटल पानी में डूब गए। प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा को देखते हुए सतना जिले में 2 और 3 सितंबर को सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का फैसला किया है। मौसम विभाग ने सतना और चित्रकूट समेत कई इलाकों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है।</p>
<h2><strong>सात जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी</strong></h2>
<p>मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के सात जिलों में अति भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में <strong>सीधी, पन्ना, कटनी, उमरिया, डिंडोरी, मंडला और सिवनी</strong> शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक इन क्षेत्रों में चार इंच से अधिक बारिश दर्ज हो सकती है।</p>
<p>इसके अलावा <strong>विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, छतरपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर और बालाघाट</strong> में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।</p>
<p>प्रदेश के अन्य कई जिलों में भी मौसम सक्रिय रहेगा। भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, पांढुर्णा, मैहर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं।</p>
<h3><strong>बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र</strong></h3>
<p>MP मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इसके अलावा दक्षिणी हिस्से से एक द्रोणिका गुजर रही है और मानसून की द्रोणिका भी सक्रिय बनी हुई है। इन तीनों मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से मध्य प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी है।</p>
<p>मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में यह सिस्टम और मजबूत हो सकता है। 2 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इसके साथ ही भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के कुछ जिलों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।</p>
<p>3 सितंबर से सिस्टम का प्रभाव प्रदेश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचने की संभावना है। इस दौरान भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, नर्मदापुरम, रीवा और जबलपुर संभाग के कई जिलों में बारिश बढ़ सकती है। वहीं 4 और 5 सितंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है।</p>
<p>इन दिनों <strong>भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग</strong> के कई इलाकों में तेज से भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।</p>
<h4><strong>बांधों में बढ़ा जलस्तर, बड़ा तालाब भी भरने के करीब</strong></h4>
<p>लगातार हो रही बारिश का असर प्रदेश के जलस्रोतों पर भी दिखाई दे रहा है। राज्य के ज्यादातर बांधों में पानी की स्थिति पहले के मुकाबले बेहतर हुई है। कई बांधों में जलस्तर करीब 70 प्रतिशत तक पहुंच गया है। पानी की आवक बढ़ने के कारण कुछ बांधों के गेट भी खोले गए हैं।</p>
<p>हालांकि इंदौर और उज्जैन संभाग के कई बांधों में अभी पर्याप्त पानी नहीं पहुंचा है। वहीं राजधानी भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। इसका जलस्तर 1666.50 फीट तक पहुंच चुका है और अब तालाब महज 0.30 फीट खाली है।</p>
<p>बड़ा तालाब पूरी तरह भरने के बाद भदभदा बांध के गेट खोले जाने की संभावना है। भदभदा से छोड़ा गया पानी कलियासोत बांध तक पहुंचेगा, जिससे वहां भी जलस्तर में वृद्धि हो सकती है। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभाग जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।</p>
<h5><strong>MP में अब तक 27.8 इंच बारिश</strong></h5>
<p>मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक कुल <strong>707.1 मिलीमीटर यानी करीब 27.8 इंच बारिश</strong> दर्ज की जा चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक प्रदेश में लगभग 31.2 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस लिहाज से राज्य में अभी सामान्य से करीब 3.1 इंच कम बारिश हुई है।</p>
<p>आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में कुल बारिश सामान्य से लगभग 11 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी करीब 5 प्रतिशत है, जबकि पश्चिमी हिस्से में यह अंतर बढ़कर लगभग 16 प्रतिशत हो गया है।</p>
<p>हालांकि अगले कुछ दिनों में सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण बारिश की कमी काफी हद तक पूरी होने की उम्मीद है। लगातार बारिश से जहां जलाशयों में पानी की स्थिति सुधरेगी, वहीं निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है।</p>
<h6><strong>लोगों को सतर्क रहने की सलाह</strong></h6>
<p>भारी बारिश और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए। खासकर उन इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है जहां बाढ़ की स्थिति बन रही है।</p>
<p>मौसम विभाग के आगामी पूर्वानुमान के मुताबिक मध्य प्रदेश में अगले कई दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। पूर्वी जिलों के बाद अब पश्चिमी हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन के साथ आम लोगों के लिए भी मौसम अपडेट पर नजर रखना जरूरी होगा।</p>
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