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	<title>Uttar Pradesh &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>Uttar Pradesh &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>2027 के चुनाव को लेकर BSP का दावा: &#8220;यूपी-उत्तराखंड में बनेगी पूर्ण बहुमत की सरकार&#8221;</title>
		<link>https://swarajvani.com/bsp-leader-claims-party-will-form-gover-in-up/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 16 Oct 2026 12:23:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[#JantarMantar]]></category>
		<category><![CDATA[BahujanSamajParty]]></category>
		<category><![CDATA[BSP]]></category>
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		<category><![CDATA[UP2027Elections]]></category>
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					<description><![CDATA[2027 के चुनाव को लेकर BSP का दावा: &#8220;यूपी-उत्तराखंड में बनेगी पूर्ण बहुमत की सरकार&#8221; BSP नेता इन्द्रजीत कुमार ने सपा, कांग्रेस और वामपंथी दलों पर साधा निशाना; जंतर-मंतर पर ... <a title="2027 के चुनाव को लेकर BSP का दावा: &#8220;यूपी-उत्तराखंड में बनेगी पूर्ण बहुमत की सरकार&#8221;" class="read-more" href="https://swarajvani.com/bsp-leader-claims-party-will-form-gover-in-up/" aria-label="Read more about 2027 के चुनाव को लेकर BSP का दावा: &#8220;यूपी-उत्तराखंड में बनेगी पूर्ण बहुमत की सरकार&#8221;">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h2 dir="ltr"><strong>2027 के चुनाव को लेकर BSP का दावा: &#8220;यूपी-उत्तराखंड में बनेगी पूर्ण बहुमत की सरकार&#8221;</strong></h2>
<p dir="ltr"><strong>BSP नेता इन्द्रजीत कुमार ने सपा, कांग्रेस और वामपंथी दलों पर साधा निशाना; जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन को बताया राजनीतिक स्वांग</strong></p>
<p dir="ltr"><strong>दैनिक स्वराज वाणी संवाददाता फूलचंद मालवीय</strong></p>
<p dir="ltr"><strong>लखनऊ, उत्तर प्रदेश, ।</strong> उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के 2027 विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। अंबेडकर नगर के जलालपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व सेक्टर अध्यक्ष और बसपा आईटी सेल मीडिया प्रभारी इन्द्रजीत कुमार ने प्रेस वक्तव्य जारी कर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है।</p>
<h3 dir="ltr"><strong>पूर्ण बहुमत की सरकार का दावा</strong></h3>
<p dir="ltr">इन्द्रजीत कुमार ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्यों में बहुजन समाज पार्टी पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी।</p>
<h3 dir="ltr"><strong>जंतर-मंतर प्रदर्शन पर आरोप</strong></h3>
<p dir="ltr">उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रदर्शन को कांग्रेस, वामपंथियों और अन्य विरोधी शक्तियों का रचा हुआ राजनीतिक स्वांग बताया। उनका आरोप है कि इसका मकसद बसपा को सत्ता में आने से रोकना है। उनके अनुसार, विरोधी दलों को डर है कि मुस्लिम मतदाता बसपा के साथ एकजुट हो रहे हैं, और इसी मुस्लिम-दलित एकजुटता को तोड़ने के लिए यह नाटक किया गया।</p>
<h3 dir="ltr"><strong>“95 प्रतिशत वोट देकर भी भाजपा नहीं हारी” का दावा</strong></h3>
<p dir="ltr">इन्द्रजीत कुमार ने कहा कि 2014 के लोकसभा, 2017 और 2022 के विधानसभा तथा 2024 के लोकसभा चुनावों में मुस्लिम समाज ने 95 प्रतिशत से अधिक वोट सपा और कांग्रेस को दिया, फिर भी वे भाजपा को सत्ता में आने से नहीं रोक सकीं। उनका कहना है कि ऐसे में 2027 में भी उनसे उम्मीद रखना ठीक नहीं, और भाजपा को केवल बसपा ही रोक सकती है।</p>
<h3 dir="ltr"><strong>BSP के मुस्लिम संगठनों का दावा</strong></h3>
<p dir="ltr">उन्होंने कहा कि बसपा का मुस्लिम भाईचारा संगठन और मुस्लिम मोर्चा पूरे प्रदेश में सक्रिय है। उनके अनुसार बसपा शासनकाल में प्रदेश दंगा-मुक्त था और मुस्लिम समाज को सुरक्षा व सम्मान मिला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, सपा और वामपंथी दल केवल मुस्लिम समाज का इस्तेमाल करते हैं, जबकि बसपा उसकी सच्ची हमदर्द है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>UP Politics: सपा के तीन बागी विधायक 14 अक्टूबर को थामेंगे BJP का दामन, अमेठी में होगा सदस्यता कार्यक्रम</title>
		<link>https://swarajvani.com/three-rebel-samajwadi-party-mlas-set-to-join-bjp/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 09 Oct 2026 07:03:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Bharatiya Janata Party]]></category>
		<category><![CDATA[BJP Joining]]></category>
		<category><![CDATA[Samajwadi Party]]></category>
		<category><![CDATA[SP Rebel MLAs]]></category>
		<category><![CDATA[SP Rebel MLAs BJP Joining]]></category>
		<category><![CDATA[Uttar Pradesh Politics]]></category>
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					<description><![CDATA[&#160; UP Politics: सपा के तीन बागी विधायक 14 अक्टूबर को थामेंगे BJP का दामन, अमेठी में होगा सदस्यता कार्यक्रम अमेठी। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल ... <a title="UP Politics: सपा के तीन बागी विधायक 14 अक्टूबर को थामेंगे BJP का दामन, अमेठी में होगा सदस्यता कार्यक्रम" class="read-more" href="https://swarajvani.com/three-rebel-samajwadi-party-mlas-set-to-join-bjp/" aria-label="Read more about UP Politics: सपा के तीन बागी विधायक 14 अक्टूबर को थामेंगे BJP का दामन, अमेठी में होगा सदस्यता कार्यक्रम">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<h1><strong>UP Politics: सपा के तीन बागी विधायक 14 अक्टूबर को थामेंगे BJP का दामन, अमेठी में होगा सदस्यता कार्यक्रम</strong></h1>
<p><strong>अमेठी।</strong> उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) से बगावत करने वाले तीन विधायक 14 अक्टूबर को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होने जा रहे हैं। इनमें विनोद चतुर्वेदी, राकेश प्रताप सिंह और अभय सिंह के नाम शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, अमेठी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान तीनों विधायकों को बीजेपी की सदस्यता दिलाई जाएगी। इस कार्यक्रम में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है।</p>
<p>तीनों विधायकों के बीजेपी में शामिल होने की खबर को प्रदेश की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, सदस्यता ग्रहण करने की औपचारिक पुष्टि कार्यक्रम के दौरान ही स्पष्ट होगी।</p>
<h2><strong>अमेठी में आयोजित होगा सदस्यता कार्यक्रम</strong></h2>
<p>जानकारी के अनुसार, 14 अक्टूबर को अमेठी में बीजेपी का सदस्यता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें सपा के बागी विधायक विनोद चतुर्वेदी, राकेश प्रताप सिंह और अभय सिंह पार्टी में शामिल होंगे। कार्यक्रम में बीजेपी की वरिष्ठ नेता स्मृति ईरानी और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी समेत अन्य नेताओं की मौजूदगी की जानकारी सामने आई है।</p>
<p>तीनों विधायकों के पार्टी में शामिल होने से उत्तर प्रदेश में राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। बीजेपी में उनके संभावित प्रवेश को सपा के साथ उनके लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों के संदर्भ में देखा जा रहा है।</p>
<h2><strong>राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद बढ़े थे मतभेद</strong></h2>
<p>सपा और इन विधायकों के बीच राजनीतिक दूरी फरवरी 2024 में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान खुलकर सामने आई थी। उस समय सपा के कुछ विधायकों ने पार्टी के आधिकारिक रुख से अलग जाकर बीजेपी समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया था। इस घटनाक्रम में विनोद चतुर्वेदी, राकेश प्रताप सिंह और अभय सिंह के अलावा महाराजी देवी, पूजा पाल और आशुतोष मौर्य के नाम भी सामने आए थे।</p>
<p>क्रॉस वोटिंग के बाद पार्टी और संबंधित विधायकों के बीच मतभेद सार्वजनिक हो गए थे। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी कई मौकों पर बागी विधायकों को लेकर नाराजगी जाहिर की थी। इस घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में सपा और बीजेपी के बीच जारी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को और चर्चा में ला दिया था।</p>
<h2><strong>विधानसभा में विधायकों की स्थिति भी चर्चा में</strong></h2>
<p>विधानसभा की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विनोद चतुर्वेदी का नाम जालौन जिले की कालपी विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक के रूप में दर्ज बताया गया है। वहीं, अभय सिंह और राकेश प्रताप सिंह को असंबद्ध विधायकों की श्रेणी में दिखाए जाने की जानकारी दी गई है। इसी श्रेणी में कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय का नाम भी शामिल बताया गया है।</p>
<p>ऐसे में तीनों विधायकों के बीजेपी में शामिल होने की संभावित घोषणा पर राजनीतिक दलों और समर्थकों की नजर रहेगी। सदस्यता कार्यक्रम के बाद उनकी राजनीतिक स्थिति और आगामी भूमिका को लेकर तस्वीर अधिक स्पष्ट हो सकती है।</p>
<h2><strong>उत्तर प्रदेश की राजनीति पर क्या होगा असर?</strong></h2>
<p>तीन विधायकों के बीजेपी में शामिल होने से उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई हलचल देखने को मिल सकती है। इस घटनाक्रम को समाजवादी पार्टी के भीतर उभरे मतभेदों और बीजेपी के राजनीतिक विस्तार के संदर्भ में देखा जा रहा है। विनोद चतुर्वेदी, राकेश प्रताप सिंह और अभय सिंह के संभावित पार्टी परिवर्तन से प्रदेश में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, इसका व्यापक असर क्या होगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।</p>
<p>14 अक्टूबर को अमेठी में प्रस्तावित सदस्यता कार्यक्रम पर राजनीतिक दलों और समर्थकों की नजरें टिकी हुई हैं। कार्यक्रम में बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी की भी जानकारी सामने आई है। यदि तीनों विधायक औपचारिक रूप से बीजेपी में शामिल होते हैं, तो यह उनके राजनीतिक सफर में एक महत्वपूर्ण बदलाव होगा। साथ ही, सपा और बीजेपी के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के लिहाज से भी इस घटनाक्रम पर चर्चा जारी रहेगी। अब सभी की निगाहें सदस्यता कार्यक्रम और उसके बाद होने वाली राजनीतिक गतिविधियों पर हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Varanasi में ‘बिल्डिंग भारत संपर्क’ के सीजन 2 की शुरुआत, युवा सिविल इंजीनियरों ने पेश किए इनोवेटिव आइडिया</title>
		<link>https://swarajvani.com/building-bharat-sampaark-opens-season-two-in-varanasi-as-indias-civil-engineering-movement-scales-new-height/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 03 Oct 2026 10:47:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Building Bharat Sampark]]></category>
		<category><![CDATA[Building Bharat Sampark Season 2]]></category>
		<category><![CDATA[Civil Engineering]]></category>
		<category><![CDATA[Civil Engineering Innovation]]></category>
		<category><![CDATA[Innovation Boot Camp]]></category>
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					<description><![CDATA[Varanasi  में ‘बिल्डिंग भारत संपर्क’ के सीजन 2 की शुरुआत, युवा सिविल इंजीनियरों ने पेश किए इनोवेटिव आइडिया  Varanasi, 3 अक्टूबर 2026। भारत में सिविल इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र ... <a title="Varanasi में ‘बिल्डिंग भारत संपर्क’ के सीजन 2 की शुरुआत, युवा सिविल इंजीनियरों ने पेश किए इनोवेटिव आइडिया" class="read-more" href="https://swarajvani.com/building-bharat-sampaark-opens-season-two-in-varanasi-as-indias-civil-engineering-movement-scales-new-height/" aria-label="Read more about Varanasi में ‘बिल्डिंग भारत संपर्क’ के सीजन 2 की शुरुआत, युवा सिविल इंजीनियरों ने पेश किए इनोवेटिव आइडिया">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>Varanasi  में ‘बिल्डिंग भारत संपर्क’ के सीजन 2 की शुरुआत, युवा सिविल इंजीनियरों ने पेश किए इनोवेटिव आइडिया </strong></h1>
<p><strong>Varanasi, 3 अक्टूबर 2026।</strong> भारत में सिविल इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में युवा प्रतिभाओं को नवाचार और उद्यमिता से जोड़ने वाले <strong>‘बिल्डिंग भारत संपर्क’</strong> के 2026-27 सीजन की शुरुआत वाराणसी स्थित IIT (BHU) में हुई। 1 से 3 अक्टूबर तक आयोजित <strong>इनोवेशन बूट कैंप इन सिविल इंजीनियरिंग</strong> में देशभर के युवा इंजीनियरिंग विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया और भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए अपने विचार प्रस्तुत किए।</p>
<p>आयोजकों के अनुसार, दूसरे सीजन की शुरुआत से पहले देशभर के विभिन्न संस्थानों से <strong>500 से अधिक रजिस्ट्रेशन और 83 सिविलाथॉन एंट्री</strong> प्राप्त हुईं। प्रतिभागियों ने इंफ्रास्ट्रक्चर, निर्माण और सिविल इंजीनियरिंग से जुड़ी वास्तविक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तकनीकी समाधान और नवाचार आधारित विचार प्रस्तुत किए।</p>
<h2><strong>IIT (BHU) वाराणसी में तीन दिवसीय आयोजन</strong></h2>
<p>तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के नेतृत्व में मास्टरक्लास, गहन मेंटरशिप और सिविलाथॉन में भाग लिया। सिविलाथॉन को समस्या-समाधान के ऐसे मंच के रूप में विकसित किया गया है, जहां प्रतिभागियों के विचारों का आकलन केवल तकनीकी क्षमता के आधार पर नहीं, बल्कि उनकी वास्तविक दुनिया में उपयोगिता और बड़े स्तर पर लागू किए जाने की संभावनाओं के आधार पर भी किया जाता है।</p>
<p>आयोजकों के मुताबिक, इस चरण में सामने आने वाले मजबूत विचारों को बिल्डिंग भारत संपर्क की आगे की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। उद्देश्य ऐसे समाधानों को आगे बढ़ाना है, जिन्हें वास्तविक परिस्थितियों में लागू किया जा सके और जिनका व्यापक प्रभाव देखने को मिले।</p>
<h2><strong>IIT संस्थानों से राष्ट्रीय मंच तक पहुंचा अभियान</strong></h2>
<p>‘बिल्डिंग भारत संपर्क’ की शुरुआत देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों के प्रतिभाशाली इंजीनियरिंग विद्यार्थियों को एक मंच पर लाने की पहल के रूप में हुई थी। पिछले सीजन में यह पहल <strong>IIT गांधीनगर, IIT कानपुर और IIT मद्रास</strong> से होते हुए JSW विजयनगर में आयोजित नेशनल स्टार्टअप कॉन्टेस्ट तक पहुंची थी। इस प्रतियोगिता में नेशनल चैंपियन का चयन किया गया था।</p>
<p>आयोजकों का कहना है कि शुरुआती पहल के बाद यह अभियान अब राष्ट्रीय स्तर के मंच का रूप ले चुका है। दूसरे सीजन में इसकी पहुंच को और व्यापक बनाने और सिविल इंजीनियरिंग में नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।</p>
<h3><strong>Varanasi में परंपरा और भविष्य का संगम</strong></h3>
<p>सीजन 2 की शुरुआत के लिए वाराणसी और IIT (BHU) को चुना जाना भी महत्वपूर्ण माना गया। वाराणसी में इंजीनियरिंग शिक्षा की परंपरा 1919 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के अंतर्गत बनारस इंजीनियरिंग कॉलेज (BENCO) की स्थापना से जुड़ी है। IIT (BHU) इसी विरासत को आगे बढ़ाता है। संस्थान के सिविल इंजीनियरिंग विभाग की जड़ें 1949 से जुड़ी हैं।</p>
<p>IIT (BHU) के निदेशक <strong>प्रो. अमित पात्रा</strong> ने कहा कि बिल्डिंग भारत संपर्क अकादमिक जगत और उद्योग के बीच उस साझेदारी का प्रतिनिधित्व करता है, जिसकी मौजूदा समय में आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सिविल इंजीनियरिंग देश के भौतिक स्वरूप को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और ऐसे मंच विद्यार्थियों को अपने ज्ञान को वास्तविक निर्माण कार्य से जोड़ने का अवसर देते हैं।</p>
<h3>युवाओं के आइडिया को वास्तविक समाधान में बदलने पर जोर</h3>
<p>एसोसिएशन ऑफ इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री (इंडिया) के ट्रस्टी एवं निदेशक तथा बिल्डिंग भारत संपर्क के नेशनल डायरेक्टर <strong>डॉ. रजनीश दासगुप्ता</strong> ने कहा कि चुनौती केवल युवा सिविल इंजीनियरों के पास विचार होने की नहीं है, बल्कि उन विचारों को आगे बढ़ाने के लिए उपयुक्त मंच, मार्गदर्शन और उद्योग से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराने की है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को समस्या की पहचान से समाधान विकसित करने और आगे चलकर इनोवेटर, फाउंडर और बिल्डर के रूप में विकसित होने का अवसर देना है।</p>
<h3><strong>संस्थागत सहयोग से मजबूत हुआ मंच</strong></h3>
<p>बिल्डिंग भारत संपर्क को <strong>अटल इनोवेशन मिशन (AIM), नीति आयोग, भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA)</strong> का समर्थन प्राप्त है। इन संस्थानों के सहयोग से प्रतिभागियों को विशेषज्ञता, मार्गदर्शन, नवाचार के अवसर और संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।</p>
<p>JSW ग्रुप की ओर से भी इस पहल को समर्थन दिया जा रहा है। समूह ने कहा कि भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए ऐसे इंजीनियरों की आवश्यकता है, जो तकनीकी ज्ञान के साथ नवाचार और उद्यमिता की सोच भी रखते हों।</p>
<h3><strong>विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जुड़ी पहल</strong></h3>
<p>2026-27 सीजन की शुरुआत के साथ बिल्डिंग भारत संपर्क ने सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने वाले मंच के रूप में अपनी भूमिका को आगे बढ़ाया है। पहल का फोकस अकादमिक जगत, उद्योग और सरकार को एक साझा मंच पर लाकर युवा इंजीनियरों के विचारों को वास्तविक समाधान में बदलने की दिशा में काम करना है।</p>
<p>आयोजकों के अनुसार, देश के इंफ्रास्ट्रक्चर के भविष्य में युवा इंजीनियरों की भूमिका महत्वपूर्ण है और ऐसे कार्यक्रम उन्हें वर्तमान चुनौतियों पर काम करने तथा विकसित भारत 2047 की दिशा में योगदान देने के लिए अवसर उपलब्ध करा रहे हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>यूपी चुनाव 2027: मायावती संग एकजुटता पर बोले चंद्रशेखर आजाद—समाज चाहता है दोनों साथ लड़ें</title>
		<link>https://swarajvani.com/up-election-2027-chandrashekhar-azad-says-community-wants-him-and-mayawati-to-together/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 30 Sep 2026 09:06:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Azad Samaj Party]]></category>
		<category><![CDATA[BSP]]></category>
		<category><![CDATA[Dainik Swaraj Vani]]></category>
		<category><![CDATA[Election 2027]]></category>
		<category><![CDATA[Mayawati]]></category>
		<category><![CDATA[Nagina MP]]></category>
		<category><![CDATA[Political Unity]]></category>
		<category><![CDATA[Uttar Pradesh Politics]]></category>
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					<description><![CDATA[यूपी चुनाव 2027: मायावती संग एकजुटता पर बोले चंद्रशेखर आजाद—समाज चाहता है दोनों साथ लड़ें लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और ... <a title="यूपी चुनाव 2027: मायावती संग एकजुटता पर बोले चंद्रशेखर आजाद—समाज चाहता है दोनों साथ लड़ें" class="read-more" href="https://swarajvani.com/up-election-2027-chandrashekhar-azad-says-community-wants-him-and-mayawati-to-together/" aria-label="Read more about यूपी चुनाव 2027: मायावती संग एकजुटता पर बोले चंद्रशेखर आजाद—समाज चाहता है दोनों साथ लड़ें">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>यूपी चुनाव 2027: मायावती संग एकजुटता पर बोले चंद्रशेखर आजाद—समाज चाहता है दोनों साथ लड़ें</strong></h1>
<p><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने बसपा प्रमुख मायावती के साथ राजनीतिक एकजुटता को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि समाज चाहता है कि वह और मायावती मिलकर चुनाव लड़ें। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि साथ आने का फैसला अकेले उनके हाथ में नहीं है। उनके बयान में सहयोग की इच्छा के साथ दोनों पक्षों की सहमति की आवश्यकता भी सामने आई है।</p>
<h2><strong>‘ताली एक हाथ से नहीं बजती’</strong></h2>
<p>चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उन्होंने अपनी ओर से साथ आने के प्रयास किए हैं, लेकिन “ताली एक हाथ से नहीं बजती।” उनका कहना था कि वह सहयोग के लिए तैयार हैं, मगर यदि दूसरा पक्ष रास्ता बंद कर देता है तो एकजुटता संभव नहीं होगी।</p>
<p>उन्होंने मायावती को ‘बहनजी’ संबोधित करते हुए समाज की इच्छा का उल्लेख किया। साथ ही कहा कि किसी एक नेता की तैयारी से साझा राजनीतिक रास्ता तय नहीं हो सकता। इस बयान में उन्होंने अपनी स्थिति रखी है; इसे बसपा की सहमति या दोनों दलों के गठबंधन की घोषणा नहीं माना जाना चाहिए।</p>
<h2><strong>समाज की इच्छा को बताया महत्वपूर्ण</strong></h2>
<p>आजाद के अनुसार, लोग चाहते हैं कि दोनों नेता जुड़कर काम करें। उन्होंने नेतृत्व और समाज के संबंध पर जोर देते हुए कहा कि नेताओं की पहचान समाज के समर्थन से बनती है। उनका तर्क था कि राजनीतिक निर्णयों में समाज की अपेक्षाओं को महत्व मिलना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने अपनी पार्टी के गठन को महापुरुषों की विचारधारा आगे बढ़ाने से जोड़ा। कार्यकर्ताओं के संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन को आगे बढ़ाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यह उनकी पार्टी और राजनीतिक उद्देश्य को लेकर दिया गया पक्ष है, जिसे उनके दावे के रूप में समझा जाना चाहिए।</p>
<h2><strong>गठबंधन पर औपचारिक घोषणा नहीं</strong></h2>
<p>उपलब्ध विवरण में बसपा और आजाद समाज पार्टी के बीच सीट बंटवारे, संयुक्त अभियान या किसी समझौते की घोषणा नहीं है। मायावती की ओर से इस नए बयान पर सहमति का विवरण भी सामने नहीं आया है। इसलिए फिलहाल खबर का मुख्य आधार चंद्रशेखर आजाद की एकजुटता संबंधी इच्छा है।</p>
<p>राजनीतिक सहयोग की संभावना और औपचारिक गठबंधन अलग चरण हैं। यदि दोनों पक्ष साथ आने का निर्णय लेते हैं तो उसकी शर्तें और चुनावी व्यवस्था अलग घोषणा से स्पष्ट होंगी। अभी किसी निश्चित समझौते या संयुक्त चुनाव लड़ने का दावा करना जल्दबाजी होगा।</p>
<h2><strong>हाल के मतभेदों के बीच आया बयान</strong></h2>
<p>यह बयान दोनों नेताओं के बीच हाल में सामने आए मतभेदों की पृष्ठभूमि में आया है। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, मायावती ने नगीना लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा और ईवीएम से संबंधित आरोप लगाए थे। ये उनके आरोप हैं; इन्हें प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।</p>
<p>इसके जवाब में चंद्रशेखर ने कहा था कि नगीना की जनता ने उन्हें अपना प्रतिनिधि चुना है। उन्होंने मायावती के प्रति सम्मान जताते हुए बहुजन समाज में संवाद और भाईचारा बनाए रखने की बात कही। साथ ही अपनी पार्टी का नाम आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) स्पष्ट किया था।</p>
<h2><strong>व्यापक गठबंधन की बात भी कह चुके हैं आजाद</strong></h2>
<p>इससे पहले चंद्रशेखर आजाद ने यूपी में भाजपा को चुनौती देने के लिए व्यापक विपक्षी गठबंधन की जरूरत बताई थी। उन्होंने अपनी पार्टी की चुनावी तैयारी का उल्लेख करते हुए दावा किया था कि 80 से अधिक प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। तैयारियों का मूल्यांकन करने के बाद उम्मीदवारों को सामने लाने की बात भी कही गई थी।</p>
<p>मायावती के साथ एकजुटता पर उनका नया बयान इसी राजनीतिक संदर्भ में महत्वपूर्ण है। आगे की स्थिति दोनों दलों के आधिकारिक रुख से स्पष्ट होगी। फिलहाल आजाद ने साथ काम करने की इच्छा जताई है, जबकि किसी साझा चुनावी समझौते की पुष्टि उपलब्ध नहीं है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अमरपुरा आंगनबाड़ी केंद्र में औचक निरीक्षण के दौरान बिना यूनिफॉर्म मिली सहायिका, व्यवस्थाओं पर उठे सवाल</title>
		<link>https://swarajvani.com/anganwadi-assistant-found-without-uniform/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 17 Sep 2026 06:02:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[#Shamshabad]]></category>
		<category><![CDATA[Amarpura]]></category>
		<category><![CDATA[Anganwadi Assistant]]></category>
		<category><![CDATA[Anganwadi Centre]]></category>
		<category><![CDATA[Anganwadi News]]></category>
		<category><![CDATA[Surprise Inspection]]></category>
		<category><![CDATA[Women and Child Development Department]]></category>
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					<description><![CDATA[अमरपुरा आंगनबाड़ी केंद्र में औचक निरीक्षण के दौरान बिना यूनिफॉर्म मिली सहायिका, व्यवस्थाओं पर उठे सवाल ड्रेस कोड के पालन और बच्चों की उपस्थिति को लेकर सामने आई शिकायतें, विभागीय ... <a title="अमरपुरा आंगनबाड़ी केंद्र में औचक निरीक्षण के दौरान बिना यूनिफॉर्म मिली सहायिका, व्यवस्थाओं पर उठे सवाल" class="read-more" href="https://swarajvani.com/anganwadi-assistant-found-without-uniform/" aria-label="Read more about अमरपुरा आंगनबाड़ी केंद्र में औचक निरीक्षण के दौरान बिना यूनिफॉर्म मिली सहायिका, व्यवस्थाओं पर उठे सवाल">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>अमरपुरा आंगनबाड़ी केंद्र में औचक निरीक्षण के दौरान बिना यूनिफॉर्म मिली सहायिका, व्यवस्थाओं पर उठे सवाल</strong></h1>
<h3>ड्रेस कोड के पालन और बच्चों की उपस्थिति को लेकर सामने आई शिकायतें, विभागीय जांच की मांग</h3>
<p class="isSelectedEnd"><strong>शमशाबाद।</strong> तहसील क्षेत्र के ग्राम अमरपुरा में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर उस समय सवाल खड़े हो गए, जब अखिल आर्यावर्त संघ अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थी परिषद, मध्यभारत प्रांत के प्रांतीय अध्यक्ष <strong>राजकुमार विश्वकर्मा</strong> ने केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र पर निर्धारित ड्रेस कोड के पालन, बच्चों की उपस्थिति तथा बच्चों को केंद्र तक लाने जैसी व्यवस्थाओं से जुड़े मुद्दे सामने आए।</p>
<h3><strong>बिना यूनिफॉर्म के मिली सहायिका</strong></h3>
<p class="isSelectedEnd">औचक निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी सहायिका बिना निर्धारित यूनिफॉर्म के ड्यूटी पर मिलीं। शासन द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड निर्धारित किया गया है। इसका उद्देश्य केंद्रों पर अनुशासन, पहचान और एकरूपता बनाए रखना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">निरीक्षण के दौरान जब प्रांतीय अध्यक्ष राजकुमार विश्वकर्मा ने सहायिका से बिना यूनिफॉर्म आने के संबंध में सवाल किया, तो रिपोर्ट के अनुसार सहायिका ने बताया कि वह यूनिफॉर्म केवल फोटो खिंचवाने के समय पहनती हैं और फोटो के बाद उसे बदल देती हैं। इस जवाब के सामने आने के बाद निरीक्षणकर्ता ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी देने की बात कही।</p>
<h3><strong>बच्चों को केंद्र तक बुलाने को लेकर भी चर्चा</strong></h3>
<p class="isSelectedEnd">निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र में दर्ज बच्चों की संख्या और मौके पर मौजूद बच्चों की स्थिति को लेकर भी जानकारी ली गई। सहायिका श्रीमती सरोज शर्मा के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्र में करीब <strong>30 बच्चे दर्ज</strong> हैं, जबकि निरीक्षण के दौरान तीन बच्चे केंद्र में मौजूद थे।</p>
<p class="isSelectedEnd">बच्चों को उनके घरों से आंगनबाड़ी केंद्र तक बुलाने को लेकर भी सहायिका से जानकारी ली गई। रिपोर्ट के अनुसार सहायिका ने कहा कि वह बच्चों को घर से बुलाने के लिए नहीं जाएंगी। उन्होंने इसके पीछे अपने घर की केंद्र से दूरी का कारण बताया।</p>
<p class="isSelectedEnd">बताया गया कि सहायिका ने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि वह इस पद पर काम नहीं करना चाहतीं और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें नौकरी से हटा दिया जाए। हालांकि, इन बयानों और केंद्र की वास्तविक व्यवस्थाओं की पुष्टि संबंधित विभाग द्वारा रिकॉर्ड एवं जांच के आधार पर की जानी बाकी है।</p>
<h3><strong>सुपरवाइजर से हुई फोन पर बातचीत</strong></h3>
<p class="isSelectedEnd">निरीक्षण के दौरान सामने आई शिकायतों के बाद राजकुमार विश्वकर्मा ने क्षेत्र की सुपरवाइजर <strong>श्रीमती सीमा ओझा</strong> से टेलीफोन पर बातचीत कर मामले की जानकारी दी। बातचीत के दौरान सुपरवाइजर ने मामले को विभागीय स्तर पर रखने और आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">जानकारी के अनुसार सुपरवाइजर ने कहा कि इस संबंध में सोमवार को <strong>डीपीएम (DPM)</strong> को पत्र लिखा जाएगा। साथ ही पत्र की प्रतिलिपि उपलब्ध कराने की बात भी कही गई। मामले को लेकर संबंधित विभाग को लिखित आवेदन भी प्रस्तुत किए जाने की जानकारी सामने आई है।</p>
<h3><strong>आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका महत्वपूर्ण</strong></h3>
<p class="isSelectedEnd">आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों के पोषण, प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता और बाल विकास से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाती हैं। ऐसे में केंद्रों पर कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति, निर्धारित नियमों का पालन और बच्चों की वास्तविक उपस्थिति महत्वपूर्ण मानी जाती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">राजकुमार विश्वकर्मा ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों से क्षेत्र के नौनिहालों का भविष्य जुड़ा हुआ है। इसलिए केंद्रों पर शासन द्वारा निर्धारित नियमों और जिम्मेदारियों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि निरीक्षण के दौरान सामने आई शिकायतें जांच में सही पाई जाती हैं तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।</p>
<h3><strong>निष्पक्ष जांच की मांग</strong></h3>
<p class="isSelectedEnd">घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और संगठन के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। मांग की गई है कि केंद्र के रिकॉर्ड, बच्चों की दर्ज संख्या, वास्तविक उपस्थिति, कर्मचारियों की उपस्थिति और शासन के निर्धारित ड्रेस कोड सहित अन्य व्यवस्थाओं की जांच की जाए।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल कागजी रिकॉर्ड के आधार पर व्यवस्थाओं का आकलन करने के बजाय समय-समय पर जमीनी निरीक्षण भी किया जाना चाहिए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंच सके।</p>
<p>फिलहाल मामले में विभागीय स्तर पर जांच और कार्रवाई का इंतजार है। निरीक्षण के दौरान सामने आए आरोपों की वास्तविकता संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। यदि किसी प्रकार की अनियमितता प्रमाणित होती है तो नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की उम्मीद है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>ध्वानी गांव में महीनों से जलभराव, ग्रामीण परेशान, स्कूली बच्चों का आवागमन भी हुआ मुश्किल</title>
		<link>https://swarajvani.com/months-long-waterlogging-on-dhwani-village/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 09 Sep 2026 08:22:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[#Waterlogging]]></category>
		<category><![CDATA[Culvert Construction]]></category>
		<category><![CDATA[Dhwani Village]]></category>
		<category><![CDATA[Drainage Problem]]></category>
		<category><![CDATA[Jhansi]]></category>
		<category><![CDATA[Moth Tehsil]]></category>
		<category><![CDATA[Road Waterlogging]]></category>
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					<description><![CDATA[ध्वानी गांव में महीनों से जलभराव, ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित सड़क पर जमा पानी बना परेशानी का कारण झांसी। मोंठ तहसील अंतर्गत ग्राम ध्वानी में सड़क पर लंबे समय से जलभराव ... <a title="ध्वानी गांव में महीनों से जलभराव, ग्रामीण परेशान, स्कूली बच्चों का आवागमन भी हुआ मुश्किल" class="read-more" href="https://swarajvani.com/months-long-waterlogging-on-dhwani-village/" aria-label="Read more about ध्वानी गांव में महीनों से जलभराव, ग्रामीण परेशान, स्कूली बच्चों का आवागमन भी हुआ मुश्किल">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>ध्वानी गांव में महीनों से जलभराव, ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित</strong></h1>
<h2>सड़क पर जमा पानी बना परेशानी का कारण</h2>
<p><strong>झांसी।</strong> मोंठ तहसील अंतर्गत ग्राम ध्वानी में सड़क पर लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है। बारिश के बाद सड़क पर पानी जमा हो जाने से ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक सड़क पर जमा रहता है और कई बार यह समस्या महीनों तक बनी रहती है।</p>
<p>सड़क पर पानी भरा रहने से पैदल चलने वालों के साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी काफी दिक्कत होती है। सड़क की स्थिति खराब होने के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। ग्रामीणों के अनुसार जलभराव के चलते सड़क से गुजरना खासकर बारिश के मौसम में बेहद मुश्किल हो जाता है।</p>
<h2><strong>स्कूली बच्चों को भी परेशानी</strong></h2>
<p>इसी मार्ग से ध्वानी गांव के स्कूली बच्चे पढ़ाई के लिए <strong>चिरगांव</strong> आते-जाते हैं। सड़क पर पानी भरा होने के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। कई बार बच्चों को पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उनके कपड़े और स्कूल सामग्री खराब होने का खतरा बना रहता है।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="size-medium wp-image-355406 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-09-at-12.09.39-AM-3-225x300.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026 09 09 at 12.09.39 AM 3" width="225" height="300" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-09-at-12.09.39-AM-3-225x300.jpeg 225w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-09-at-12.09.39-AM-3-768x1024.jpeg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-09-at-12.09.39-AM-3-1152x1536.jpeg 1152w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-09-at-12.09.39-AM-3.jpeg 1200w" sizes="(max-width: 225px) 100vw, 225px" /></p>
<p>ग्रामीणों ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए इस समस्या का जल्द समाधान किया जाना आवश्यक है। उनका कहना है कि लंबे समय से समस्या बनी होने के बावजूद अभी तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।</p>
<h2><strong>पुलिया निर्माण की मांग</strong></h2>
<p>ग्रामीणों के मुताबिक संबंधित स्थान पर <strong>पुलिया का निर्माण नहीं होने</strong> के कारण बारिश का पानी उचित तरीके से निकल नहीं पाता। जल निकासी की व्यवस्था होने पर सड़क पर पानी जमा होने की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।</p>
<p>ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से सड़क की स्थिति का निरीक्षण कर <strong>पुलिया निर्माण एवं जल निकासी की स्थायी व्यवस्था</strong> कराने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल अस्थायी रूप से पानी हटाने के बजाय समस्या का स्थायी समाधान किया जाना जरूरी है।</p>
<p>अब ग्रामीणों की नजर झांसी जिला प्रशासन की कार्रवाई पर है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द आवश्यक कदम उठाएगा।</p>
<p><strong>झांसी से संवाददाता उपेन्द्र द्विवेदी की रिपोर्ट।</strong></p>
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			</item>
		<item>
		<title>Jhansi Dam Reel Viral: रील के लिए 30 फीट ऊंचाई से पहूज डैम में कूदा युवक, दोनों पैर टूटे</title>
		<link>https://swarajvani.com/jhansi-reel-stunt-goes-wrong-man-jumps-30-feet-into-pahuj-dam-fractures-both-legs/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 07 Sep 2026 11:37:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[30 Feet Jump]]></category>
		<category><![CDATA[Both Legs Fractured]]></category>
		<category><![CDATA[Dangerous Reel Stunt]]></category>
		<category><![CDATA[el Viral]]></category>
		<category><![CDATA[Jhansi News]]></category>
		<category><![CDATA[Jhansi Viral Video]]></category>
		<category><![CDATA[Man Jumps Into Dam]]></category>
		<category><![CDATA[Pahuj Dam Accident]]></category>
		<category><![CDATA[Pahuj Dam Jhansi]]></category>
		<category><![CDATA[Pushpendra Kumar]]></category>
		<category><![CDATA[Reel Stunt Accident]]></category>
		<category><![CDATA[Social Media Reel]]></category>
		<category><![CDATA[Uttar]]></category>
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					<description><![CDATA[Jhansi Dam Reel Viral: रील के लिए 30 फीट ऊंचाई से पहूज डैम में कूदा युवक, दोनों पैर टूटे पानी कम होने के कारण चट्टानी सतह से टकराया 32 वर्षीय ... <a title="Jhansi Dam Reel Viral: रील के लिए 30 फीट ऊंचाई से पहूज डैम में कूदा युवक, दोनों पैर टूटे" class="read-more" href="https://swarajvani.com/jhansi-reel-stunt-goes-wrong-man-jumps-30-feet-into-pahuj-dam-fractures-both-legs/" aria-label="Read more about Jhansi Dam Reel Viral: रील के लिए 30 फीट ऊंचाई से पहूज डैम में कूदा युवक, दोनों पैर टूटे">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>Jhansi Dam Reel Viral: रील के लिए 30 फीट ऊंचाई से पहूज डैम में कूदा युवक, दोनों पैर टूटे</strong></h1>
<h2><strong>पानी कम होने के कारण चट्टानी सतह से टकराया 32 वर्षीय पुष्पेंद्र, पुलिस और स्थानीय लोगों ने बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया</strong></h2>
<p><strong>झांसी।</strong> सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होने और कुछ सेकंड की रोमांचक रील बनाने की कोशिश उत्तर प्रदेश के झांसी में एक युवक के लिए बेहद भारी पड़ गई। अपने दोस्तों के साथ पहूज डैम घूमने पहुंचे 32 वर्षीय युवक ने वीडियो बनवाते हुए करीब 30 फीट ऊंचाई से डैम में छलांग लगा दी। जिस स्थान पर वह कूदा, वहां पानी की गहराई बहुत कम थी। नीचे पहुंचते ही युवक चट्टानी सतह से टकरा गया, जिससे उसके दोनों पैरों की हड्डियां टूट गईं।</p>
<p>हादसे के बाद युवक पानी और चट्टानों के बीच फंस गया तथा अपने दम पर बाहर नहीं निकल सका। मौके पर मौजूद लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस और स्थानीय लोगों ने घायल युवक को किसी तरह डैम से बाहर निकाला और इलाज के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया है।</p>
<p>घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में छलांग लगाने से पहले युवक के दोस्त कथित रूप से मजाक करते हुए सुनाई दे रहे हैं। लेकिन कुछ ही सेकंड बाद हंसी-मजाक का यह माहौल गंभीर हादसे में बदल गया।</p>
<h2><strong>दोस्तों के साथ पहूज डैम घूमने गया था पुष्पेंद्र</strong></h2>
<p>घायल युवक की पहचान पुष्पेंद्र कुमार के रूप में हुई है। वह झांसी के रक्सा थाना क्षेत्र के परवाई गांव का निवासी बताया गया है। रविवार शाम पुष्पेंद्र अपने कई दोस्तों के साथ पहूज बांध घूमने पहुंचा था।</p>
<p>प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक और उसके दोस्त वहां मोबाइल फोन से वीडियो और रील बना रहे थे। इसी दौरान पुष्पेंद्र बांध के बाईं ओर स्थित व्यू पॉइंट पर पहुंच गया। उसके दोस्त दूसरी तरफ खड़े होकर मोबाइल से रिकॉर्डिंग करने लगे।</p>
<p>पुष्पेंद्र ने कथित रूप से व्यू पॉइंट की बाउंड्रीवॉल पर चढ़कर नीचे डैम में छलांग लगाने का फैसला किया। उसे अनुमान था कि नीचे पर्याप्त पानी होगा और वह सुरक्षित तरीके से उसमें गिर जाएगा, लेकिन वास्तविक स्थिति बिल्कुल अलग थी।</p>
<h2><strong>पानी की जगह चट्टानी सतह से टकराया युवक</strong></h2>
<p>करीब 30 फीट की ऊंचाई से छलांग लगाने के बाद पुष्पेंद्र उस हिस्से में जा गिरा, जहां पानी काफी कम था। नीचे मौजूद चट्टानों से तेज टक्कर लगने के कारण उसके दोनों पैरों में गंभीर चोट आई।</p>
<p>चोट लगते ही वह उठ नहीं सका। वीडियो बना रहे दोस्तों और आसपास मौजूद लोगों ने मदद के लिए आवाज लगाई। डैम का क्षेत्र जोखिम भरा होने के कारण उसे तत्काल बाहर निकालना आसान नहीं था।</p>
<p>हादसे की सूचना मिलने के बाद ग्रासलैंड चौकी प्रभारी रणविजय सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद स्थानीय लोगों की सहायता से घायल युवक को सुरक्षित बाहर निकाला गया। उसे तत्काल एक निजी अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों पैरों में फ्रैक्चर होने की जानकारी दी।</p>
<p>के अनुसार, घटना रविवार शाम हुई और पुष्पेंद्र को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।</p>
<h2><strong>एक पैर का ऑपरेशन, दूसरे का उपचार जारी</strong></h2>
<p>मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, डॉक्टरों ने पुष्पेंद्र के एक पैर का ऑपरेशन किया है, जबकि दूसरे पैर का उपचार जारी है। हादसे की सूचना मिलने के बाद उसके परिजन भी अस्पताल पहुंच गए।</p>
<p>पुष्पेंद्र ने घटना के बाद कथित रूप से कहा कि वह भविष्य में कभी इस तरह का खतरनाक स्टंट नहीं करेगा। कुछ सेकंड के वीडियो के लिए लिया गया जोखिम अब उसके लिए लंबे उपचार और पुनर्वास का कारण बन गया है।</p>
<p>चिकित्सकों के अनुसार, ऊंचाई से चट्टानी सतह पर गिरने से पैरों के अलावा रीढ़, सिर और शरीर के अंदरूनी अंगों में भी गंभीर चोट लग सकती है। ऐसे हादसों में व्यक्ति की जान जाने का खतरा भी बना रहता है।</p>
<h2><strong>वायरल वीडियो में दोस्त करते रहे रिकॉर्डिंग</strong></h2>
<p>सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में युवक को छलांग लगाने की तैयारी करते देखा जा सकता है। उसके दोस्त सुरक्षित स्थान से मोबाइल फोन पर पूरी गतिविधि रिकॉर्ड कर रहे थे। बताया जा रहा है कि छलांग लगाने से पहले दोस्त मजाक में “भगवान तेरी आत्मा को शांति दे” जैसी बात कहते सुनाई दे रहे हैं।</p>
<p>इसके बाद युवक बाउंड्रीवॉल से नीचे छलांग लगा देता है। नीचे गिरते ही उसे गंभीर चोट लग जाती है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया उपयोगकर्ता इस तरह के खतरनाक स्टंट को लेकर नाराजगी जता रहे हैं।</p>
<p>कई लोगों का कहना है कि दोस्तों को वीडियो बनाने के बजाय युवक को ऐसा कदम उठाने से रोकना चाहिए था। वहीं, कुछ लोगों ने पहूज डैम जैसे जोखिम भरे स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी बोर्ड बढ़ाने की आवश्यकता बताई है।</p>
<h2><strong>पहूज डैम पर पहले भी हो चुके हैं हादसे</strong></h2>
<p>पहूज डैम और इसके आसपास के जल क्षेत्र में पहले भी रील, फोटो और पिकनिक के दौरान जानलेवा हादसे हो चुके हैं। जुलाई 2025 में दो युवक सोशल मीडिया वीडियो बनवाने के लिए पानी के बीच मौजूद एक चट्टान तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। तेज बहाव में बह जाने के कारण दोनों की मौत हो गई थी।</p>
<p>के अनुसार, दोनों युवक अपने दोस्त से वीडियो बनवा रहे थे और पानी के तेज बहाव में फंस गए थे। उनके शव अगले दिन बरामद किए जा सके थे।</p>
<p>लगातार सामने आ रहे ऐसे हादसे बताते हैं कि डैम, झरने, नदी और पहाड़ी क्षेत्रों में बिना सुरक्षा इंतजाम के वीडियो बनाना कितना खतरनाक हो सकता है।</p>
<h2><strong>कुछ सेकंड की रील के लिए जोखिम न उठाएं</strong></h2>
<p>सोशल मीडिया पर लाइक, शेयर और फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए कई युवा खतरनाक स्टंट करते हैं। ऊंची इमारतों, पुलों, रेलवे ट्रैक, डैम और तेज बहाव वाले जल स्रोतों के पास बनाए गए वीडियो गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।</p>
<p>किसी भी जलाशय की गहराई ऊपर से देखकर तय नहीं की जा सकती। पानी के नीचे चट्टान, लोहे का ढांचा, मलबा या तेज धार हो सकती है। मौसम और डैम से पानी छोड़े जाने के कारण जलस्तर तथा बहाव अचानक बदल सकता है।</p>
<p>पुलिस और प्रशासन लगातार लोगों से प्रतिबंधित तथा जोखिम वाले स्थानों पर स्टंट नहीं करने की अपील करते हैं। वीडियो बनाने वाले मित्रों की भी जिम्मेदारी है कि वे किसी को खतरनाक कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित न करें और दुर्घटना की आशंका होने पर तुरंत रोकें।</p>
<p>पुष्पेंद्र के साथ हुआ हादसा उन लोगों के लिए चेतावनी है, जो सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होने के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं। एक रील कुछ समय के लिए वायरल हो सकती है, लेकिन उसकी वजह से लगी चोट या हुआ नुकसान पूरी जिंदगी प्रभावित कर सकता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>उत्तर प्रदेश की गौशालाओं की दयनीय स्थिति पर सवाल, गोवंश संरक्षण के लिए नियमित निगरानी, पर्याप्त संसाधन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत</title>
		<link>https://swarajvani.com/poor-condition-of-cow-shelters-in-uttar-pradesh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 07 Sep 2026 05:49:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Animal Welfare]]></category>
		<category><![CDATA[Cattle Welfare]]></category>
		<category><![CDATA[Cow Protection]]></category>
		<category><![CDATA[Cow Shelters]]></category>
		<category><![CDATA[Gaushalas]]></category>
		<category><![CDATA[Stray Cattle]]></category>
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					<description><![CDATA[उत्तर प्रदेश में गौशालाओं की दयनीय स्थिति कुछ महीने पहले मेरठ की एक सरकारी गौशाला में गोवंश की मौतों के बाद हंगामा हुआ। मंत्री से लेकर अधिकारी तक गौशाला के ... <a title="उत्तर प्रदेश की गौशालाओं की दयनीय स्थिति पर सवाल, गोवंश संरक्षण के लिए नियमित निगरानी, पर्याप्त संसाधन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत" class="read-more" href="https://swarajvani.com/poor-condition-of-cow-shelters-in-uttar-pradesh/" aria-label="Read more about उत्तर प्रदेश की गौशालाओं की दयनीय स्थिति पर सवाल, गोवंश संरक्षण के लिए नियमित निगरानी, पर्याप्त संसाधन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>उत्तर प्रदेश में गौशालाओं की दयनीय स्थिति</strong></h1>
<p>कुछ महीने पहले मेरठ की एक सरकारी गौशाला में गोवंश की मौतों के बाद हंगामा हुआ। मंत्री से लेकर अधिकारी तक गौशाला के निरीक्षण के लिए दौड़ पड़े। लगा कि अब व्यवस्था सुधर जाएगी और गोवंश की देखभाल बेहतर होगी।</p>
<p>इसी तरह बरेली की सरकारी गौशाला ‘कान्हा उपवन’ में 11 गोवंश की मौत के बाद भी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद फिर ऐसा लगा मानो सब कुछ ठीक हो गया हो। लेकिन सवाल यह है कि क्या केवल निरीक्षण से प्रदेश की सभी गौशालाओं की स्थिति सुधर गई?</p>
<p>क्या सभी गौशालाओं में गोवंश को पर्याप्त और पौष्टिक आहार मिल रहा है? क्या सभी बीमार गोवंश का समय पर और उचित उपचार हो रहा है? सरकारी पशु चिकित्सक महीने में कितनी बार गौशालाओं का निरीक्षण करते हैं और वहां उपलब्ध दवाओं तथा उपचार की वास्तविक स्थिति क्या है?</p>
<h3><strong>सड़कों पर क्यों घूम रहा है गोवंश?</strong></h3>
<p>जब सरकार की गौशालाएं संचालित हो रही हैं, तो मेरठ की माल रोड और बरेली की पीलीभीत रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर गोवंश खुले में क्यों घूम रहा है? बरेली में ट्यूलिप ग्रैंड के सामने भी अक्सर 10-15 गायों के बैठे रहने की स्थिति दिखाई देती है।</p>
<p>यदि प्रशासन के पास गोवंश को सुरक्षित रखने के लिए गौशालाएं हैं, तो खुले में घूम रहे गोवंश को पकड़कर गौशालाओं तक पहुंचाने की व्यवस्था प्रभावी क्यों नहीं है? सड़कों पर घूमने वाला गोवंश न केवल स्वयं दुर्घटनाओं का शिकार हो सकता है, बल्कि वाहन चालकों और आम नागरिकों के लिए भी गंभीर खतरा बनता है।</p>
<h3><strong>मौत के बाद ही क्यों जागता है प्रशासन?</strong></h3>
<p>सबसे बड़ा सवाल यह है कि शासन-प्रशासन किसी गौशाला में गोवंश की मौत की खबर सामने आने के बाद ही सक्रिय क्यों होता है? निरीक्षण और कार्रवाई के बाद कुछ समय तक व्यवस्था पर निगरानी रहती है और फिर स्थिति पहले जैसी होने की आशंका बनी रहती है।</p>
<p>जरूरत है कि गौशालाओं की निगरानी किसी घटना के बाद नहीं, बल्कि <strong>नियमित और पारदर्शी व्यवस्था के तहत</strong> हो।</p>
<h3><strong>हर महीने आए गौशालाओं की रिपोर्ट</strong></h3>
<p>प्रदेश के पशुधन विभाग को सभी जिलों की गौशालाओं की नियमित निगरानी करनी चाहिए। प्रत्येक जिले के जिलाधिकारी से हर महीने एक विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी जानी चाहिए। इसमें स्पष्ट रूप से दर्ज हो—</p>
<ul>
<li>जिले में कुल कितनी गौशालाएं संचालित हैं।</li>
<li>प्रत्येक गौशाला में कितने गोवंश हैं।</li>
<li>पिछले महीने की तुलना में गोवंश की संख्या कितनी बढ़ी या घटी।</li>
<li>कितने गोवंश बीमार हुए और कितनों का उपचार किया गया।</li>
<li>कितने गोवंश की मृत्यु हुई और उसके कारण क्या रहे।</li>
<li>कितने आवारा गोवंश पकड़े गए और उन्हें किस गौशाला में भेजा गया।</li>
<li>पशु चिकित्सक ने प्रत्येक गौशाला का कितनी बार निरीक्षण किया।</li>
</ul>
<p>ऐसी रिपोर्ट से कागजी दावों के बजाय वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।</p>
<h3><strong>समाज का भी लिया जा सकता है सहयोग</strong></h3>
<p>यदि सरकार के पास गौशालाओं के लिए जगह या संसाधन कम पड़ रहे हैं और गोवंश की संख्या अधिक है, तो आवश्यकता के अनुसार नई गौशालाएं स्थापित की जानी चाहिए। इसके लिए सरकार समाज और सामाजिक संस्थाओं का सहयोग भी ले सकती है।</p>
<p>सनातन समाज में गोसेवा के प्रति गहरी आस्था है और लोग गोवंश के संरक्षण के लिए सहयोग देने को तैयार रहते हैं। इस सामाजिक भावना को व्यवस्थित रूप से गौशाला प्रबंधन से जोड़ा जा सकता है।</p>
<p>आवारा गोवंश को पकड़ने और गौशालाओं तक पहुंचाने के अभियान में प्रशासन स्वयंसेवी संगठनों और अधिकृत गौ-सेवा संगठनों का सहयोग भी ले सकता है, ताकि सरकारी तंत्र पर अकेले निर्भरता कम हो और अभियान प्रभावी बने।</p>
<h3><strong>निरीक्षण नहीं, स्थायी व्यवस्था चाहिए</strong></h3>
<p>गौशालाओं की समस्या का समाधान केवल मंत्री या अधिकारियों के अचानक निरीक्षण से नहीं होगा। इसके लिए नियमित निगरानी, पर्याप्त चारा, स्वच्छ पानी, चिकित्सकीय सुविधा, दवाओं की उपलब्धता, पर्याप्त स्थान और जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी।</p>
<p>गोवंश की मृत्यु के बाद सक्रिय होने के बजाय सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए कि किसी गौशाला में स्थिति बिगड़ने की नौबत ही न आए।</p>
<p><strong>गोवंश संरक्षण केवल धार्मिक भावना का विषय नहीं, बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदना का भी प्रश्न है। उत्तर प्रदेश की गौशालाओं की वास्तविक स्थिति जानने और सुधारने के लिए अब नियमित निगरानी और पारदर्शी व्यवस्था आवश्यक है।</strong></p>
<p><strong>इंजी. कवि अतिवीर जैन ‘पराग’</strong><br />
पूर्व उपनिदेशक, रक्षा मंत्रालय<br />
लेखक, कवि, स्तंभकार एवं साहित्यकार<br />
मेरठ</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>साहित्य जगत के पितामह जगदीश मित्तल के निधन से उप्र में शोक की लहर, मेरठ की संस्थाओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि</title>
		<link>https://swarajvani.com/rashtriya-kavi-sangam-founder-jagdish-mittal-passes/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 04 Sep 2026 12:41:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Condolence Press Release]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Literature News]]></category>
		<category><![CDATA[Meerut News]]></category>
		<category><![CDATA[Rashtriya Kavi Sangam]]></category>
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					<description><![CDATA[साहित्य जगत के पितामह जगदीश मित्तल के निधन से उप्र में शोक की लहर, मेरठ की संस्थाओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि मेरठ (उत्तर प्रदेश): भारतीय साहित्य एवं काव्य जगत को ... <a title="साहित्य जगत के पितामह जगदीश मित्तल के निधन से उप्र में शोक की लहर, मेरठ की संस्थाओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि" class="read-more" href="https://swarajvani.com/rashtriya-kavi-sangam-founder-jagdish-mittal-passes/" aria-label="Read more about साहित्य जगत के पितामह जगदीश मित्तल के निधन से उप्र में शोक की लहर, मेरठ की संस्थाओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1 data-path-to-node="0"><b data-path-to-node="0" data-index-in-node="0">साहित्य जगत के पितामह जगदीश मित्तल के निधन से उप्र में शोक की लहर, मेरठ की संस्थाओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि</b></h1>
<p data-path-to-node="1"><b data-path-to-node="1" data-index-in-node="0">मेरठ (उत्तर प्रदेश):</b> भारतीय साहित्य एवं काव्य जगत को एक नई दिशा देने वाले &#8216;राष्ट्रीय कवि संगम&#8217; के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष <b data-path-to-node="1" data-index-in-node="129">श्री जगदीश मित्तल जी</b> का कल दिल्ली में निधन हो गया। उनके देवलोकगमन की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश के साहित्यिक और सांस्कृतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। विशेष रूप से मेरठ की तमाम सामाजिक और साहित्यिक संस्थाओं में गहरा दुख व्याप्त है।</p>
<p data-path-to-node="2">साहित्यकारों ने उनके निधन को हिंदी काव्य-परंपरा और साहित्यिक संगठन तंत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति करार दिया है।</p>
<h2 data-path-to-node="4"><b data-path-to-node="4" data-index-in-node="0">साहित्यिक मंचों के शिल्पी थे जगदीश मित्तल: मयंक अग्रवाल</b></h2>
<p data-path-to-node="5">राष्ट्रीय कवि संगम (मेरठ प्रांत) द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से संगठन के सभी पदाधिकारियों एवं कवियों ने अपनी गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।</p>
<p data-path-to-node="6">राष्ट्रीय कवि संगम (मेरठ प्रांत) के अध्यक्ष <b data-path-to-node="6" data-index-in-node="44">श्री मयंक अग्रवाल</b> और पश्चिम उत्तर प्रदेश के प्रभारी <b data-path-to-node="6" data-index-in-node="96">श्री शील वर्धन</b> ने संयुक्त रूप से कहा कि जगदीश मित्तल जी ने देश के कोने-कोने से युवा कवियों को खोजकर उन्हें राष्ट्रीय मंच प्रदान करने का ऐतिहासिक कार्य किया। वे केवल एक संगठनकर्ता नहीं, बल्कि हजारों नवोदित कवियों के मार्गदर्शक थे।</p>
<p data-path-to-node="7">इस अवसर पर संगठन की ओर से श्रीमती कोमल रस्तोगी, श्री प्रशांत और श्री विमल ग्रोवर सहित कई गणमान्य साहित्यकारों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर ईश्वर से प्रार्थना की।</p>
<h2 data-path-to-node="9"><b data-path-to-node="9" data-index-in-node="0">युवाओं के प्रेरणास्रोत और समाज को जोड़ने वाला व्यक्तित्व: अतिवीर जैन &#8216;पराग&#8217;</b></h2>
<p data-path-to-node="10">अखिल भारतीय राष्ट्रीय साहित्य परिषद के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व उपनिदेशक (रक्षा मंत्रालय), कवि <b data-path-to-node="10" data-index-in-node="107">अतिवीर जैन &#8216;पराग&#8217;</b> ने भी एक पृथक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर गहरा दुख व्यक्त किया।</p>
<p data-path-to-node="11">मित्तल जी के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए अतिवीर जैन &#8216;पराग&#8217; ने कहा:</p>
<blockquote data-path-to-node="12">
<p data-path-to-node="12,0"><strong><i data-path-to-node="12,0" data-index-in-node="0">&#8220;आदरणीय जगदीश मित्तल जी अत्यंत सौम्य, सरस और विनम्र स्वभाव के धनी थे। वे हमेशा युवाओं को आगे बढ़ाने और साहित्य के माध्यम से समाज को एक सूत्र में पिरोने के लिए तत्पर रहते थे। उनका जाना साहित्य संसार के एक स्वर्णिम अध्याय का अंत है। उनकी कमी को पूरा कर पाना असंभव होगा।&#8221;</i></strong></p>
</blockquote>
<h3 data-path-to-node="14"><b data-path-to-node="14" data-index-in-node="0">मेरठ के गणमान्य नागरिकों और साहित्यकारों ने जताया दुख</b></h3>
<p data-path-to-node="15">जगदीश मित्तल जी के निधन पर मेरठ क्षेत्र के कई प्रबुद्ध नागरिकों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। शोक व्यक्त करने वालों में मुख्य रूप से श्री विपिन गोयल, श्री संजय शर्मा, श्री संजय जैन और श्री राम लखन पटेल शामिल रहे।</p>
<p data-path-to-node="16">सभी ने एक स्वर में कहा कि राष्ट्रीय कवि संगम के माध्यम से मित्तल जी ने हिंदी भाषा, राष्ट्रवाद और काव्य संस्कृति की जो अलख जगाई है, उसे सदैव याद रखा जाएगा। उनकी स्मृतियां और उनके द्वारा स्थापित संगठन आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>राहुल गांधी की ब्रिटिश नागरिकता के दावे वाली याचिका खारिज, हाईकोर्ट में सबूत पेश नहीं कर सका याचिकाकर्ता</title>
		<link>https://swarajvani.com/allahabad-high-court-dismisses-plea-over-rahul-gandhis-alleged-british-citizenship-after-petitioner-fails-to-produce-evidence/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Sep 2026 12:52:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Allahabad High Court]]></category>
		<category><![CDATA[British Citizenship Case]]></category>
		<category><![CDATA[Congress]]></category>
		<category><![CDATA[Rahul Gandhi]]></category>
		<category><![CDATA[Rahul Gandhi British Citizenship]]></category>
		<category><![CDATA[Rahul Gandhi Citizenship]]></category>
		<category><![CDATA[Rahul Gandhi Citizenship Case]]></category>
		<category><![CDATA[Rahul Gandhi News]]></category>
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					<description><![CDATA[राहुल गांधी की ब्रिटिश नागरिकता के दावे वाली याचिका खारिज, हाईकोर्ट में सबूत पेश नहीं कर सका याचिकाकर्ता Allahabad High Court: राहुल गांधी को ब्रिटिश नागरिक बताने के दावे के ... <a title="राहुल गांधी की ब्रिटिश नागरिकता के दावे वाली याचिका खारिज, हाईकोर्ट में सबूत पेश नहीं कर सका याचिकाकर्ता" class="read-more" href="https://swarajvani.com/allahabad-high-court-dismisses-plea-over-rahul-gandhis-alleged-british-citizenship-after-petitioner-fails-to-produce-evidence/" aria-label="Read more about राहुल गांधी की ब्रिटिश नागरिकता के दावे वाली याचिका खारिज, हाईकोर्ट में सबूत पेश नहीं कर सका याचिकाकर्ता">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>राहुल गांधी की ब्रिटिश नागरिकता के दावे वाली याचिका खारिज, हाईकोर्ट में सबूत पेश नहीं कर सका याचिकाकर्ता</strong></h1>
<h2><strong>Allahabad High Court: राहुल गांधी को ब्रिटिश नागरिक बताने के दावे के समर्थन में दस्तावेज नहीं दिखा सका याचिकाकर्ता, अदालत ने सवाल किया तो कंपनी गठन या ब्रिटेन के रिकॉर्ड से जुड़ा प्रमाण भी नहीं हुआ पेश</strong></h2>
<p><strong>लखनऊ।</strong> कांग्रेस नेता राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर लंबे समय से लगाए जा रहे आरोपों से जुड़े एक मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है। याचिका में राहुल गांधी के ब्रिटिश नागरिक होने का दावा किया गया था, लेकिन अदालत के सामने याचिकाकर्ता इस दावे के समर्थन में कोई ठोस दस्तावेज या प्रमाण पेश नहीं कर सका।</p>
<p>सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा कि राहुल गांधी के ब्रिटिश नागरिक होने का दावा आखिर किन दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर किया जा रहा है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, याचिकाकर्ता न तो संबंधित कंपनी के गठन से जुड़े ऐसे दस्तावेज दिखा सका और न ही ब्रिटेन का कोई ऐसा आधिकारिक रिकॉर्ड पेश कर पाया, जिससे यह स्थापित हो कि राहुल गांधी ने स्वयं को ब्रिटिश नागरिक बताया था।</p>
<p>इसके बाद याचिका वापस लेने की स्थिति बनी और अदालत ने इसे वापस ली गई मानते हुए खारिज कर दिया।</p>
<h2><strong>अदालत ने पूछा- ब्रिटिश नागरिकता के दावे का आधार क्या?</strong></h2>
<p>मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने नागरिकता से जुड़े आरोपों के आधार पर सवाल किया। अदालत के सामने यह महत्वपूर्ण मुद्दा था कि याचिकाकर्ता के पास ऐसा कौन सा विश्वसनीय रिकॉर्ड है, जिसके आधार पर राहुल गांधी की ब्रिटिश नागरिकता का दावा किया जा रहा है।</p>
<p>प्रस्तुत विवरण के अनुसार याचिकाकर्ता ऐसा कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका, जिसमें राहुल गांधी द्वारा स्वयं को ब्रिटिश नागरिक घोषित किए जाने का स्पष्ट प्रमाण मौजूद हो।</p>
<p>अदालत के रुख से यह स्पष्ट हुआ कि नागरिकता जैसे गंभीर मामले में केवल आरोप या दावे पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि उनके समर्थन में विश्वसनीय दस्तावेजी आधार भी आवश्यक है।</p>
<h2><strong>कंपनी से जुड़े दस्तावेज भी नहीं हुए पेश</strong></h2>
<p>राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता को लेकर पहले भी विदेश में एक कंपनी से जुड़े रिकॉर्ड का उल्लेख राजनीतिक और कानूनी विवादों में किया जाता रहा है। हालांकि इस याचिका की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ऐसा कोई संबंधित दस्तावेज अदालत के सामने पेश नहीं कर पाया, जो उसके दावे को स्थापित कर सके।</p>
<p>अदालत ने विशेष रूप से यह जानने की कोशिश की कि क्या कंपनी गठन से जुड़ा कोई रिकॉर्ड, ब्रिटेन का कोई आधिकारिक दस्तावेज या ऐसा प्रमाण मौजूद है, जिसमें राहुल गांधी ने खुद को ब्रिटिश नागरिक बताया हो। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इसका कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया।</p>
<h2><strong>याचिका वापस लेने के बाद हुई खारिज</strong></h2>
<p>मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि अदालत ने राहुल गांधी की नागरिकता पर कोई नया तथ्य निर्धारित करने के बजाय याचिका में किए गए दावे के समर्थन में प्रमाण की उपलब्धता को देखा।</p>
<p>जब याचिकाकर्ता अपने दावे के समर्थन में आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं कर सका, तो उसने याचिका वापस ली। इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका को <strong>‘वापस ली गई’ मानते हुए खारिज</strong> कर दिया।</p>
<p>इसलिए अदालत के आदेश को इसी कानूनी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। इसका अर्थ यह है कि संबंधित याचिका अपने मौजूदा स्वरूप में आगे नहीं बढ़ी।</p>
<h2><strong>राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर पहले भी उठते रहे हैं सवाल</strong></h2>
<p>राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर राजनीतिक स्तर पर पहले भी आरोप लगाए जाते रहे हैं। अलग-अलग मौकों पर इस मुद्दे को अदालतों और सरकारी संस्थाओं तक भी ले जाया गया है। कांग्रेस इन आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताती रही है।</p>
<p>ताजा मामले में मुख्य बात यह रही कि ब्रिटिश नागरिकता का दावा करने वाला याचिकाकर्ता अदालत के सामने अपने आरोपों के समर्थन में ठोस दस्तावेजी सामग्री पेश नहीं कर पाया।</p>
<h2><strong>राजनीतिक बहस फिर हो सकती है तेज</strong></h2>
<p>राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं और उनकी नागरिकता से जुड़ा मुद्दा पहले भी राजनीतिक विवाद का विषय रहा है। ऐसे में इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस याचिका के खारिज होने के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच इस विषय पर राजनीतिक बयानबाजी फिर तेज हो सकती है।</p>
<p>फिलहाल अदालत के समक्ष आए इस मामले में याचिकाकर्ता द्वारा याचिका वापस लिए जाने के बाद उसे खारिज कर दिया गया है। सुनवाई में ब्रिटिश नागरिकता के दावे के समर्थन में कोई ठोस दस्तावेज पेश नहीं किए जाने की बात सामने आई है।</p>
<p>&nbsp;</p>
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