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	<title>kisan &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>kisan &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>एक खतौनी में 4-5 भाइयों के नाम तो किसे मिलेगा PM Kisan का पैसा? जानें नियम</title>
		<link>https://swarajvani.com/pm-kisan-samman-nidhi-4-5-brothers-in/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 06 Oct 2026 11:53:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[kisan]]></category>
		<category><![CDATA[PM Kisan]]></category>
		<category><![CDATA[PM Kisan 2026]]></category>
		<category><![CDATA[PM Kisan Eligibility]]></category>
		<category><![CDATA[PM Kisan Installment]]></category>
		<category><![CDATA[PM Kisan Rules]]></category>
		<category><![CDATA[PM Kisan Samman Nidhi]]></category>
		<category><![CDATA[PM Kisan Yojana]]></category>
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					<description><![CDATA[एक खतौनी में 4-5 भाइयों के नाम तो किसे मिलेगा PM Kisan का पैसा? जानें नियम PM Kisan Samman Nidhi: एक ही जमीन की खतौनी में कई भाइयों के नाम ... <a title="एक खतौनी में 4-5 भाइयों के नाम तो किसे मिलेगा PM Kisan का पैसा? जानें नियम" class="read-more" href="https://swarajvani.com/pm-kisan-samman-nidhi-4-5-brothers-in/" aria-label="Read more about एक खतौनी में 4-5 भाइयों के नाम तो किसे मिलेगा PM Kisan का पैसा? जानें नियम">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>एक खतौनी में 4-5 भाइयों के नाम तो किसे मिलेगा PM Kisan का पैसा? जानें नियम</strong></h1>
<h6>PM Kisan Samman Nidhi: एक ही जमीन की खतौनी में कई भाइयों के नाम दर्ज होने पर सभी को अलग-अलग 6,000 रुपये मिलेंगे या नहीं, इसे लेकर किसानों के बीच अक्सर भ्रम रहता है। जानिए योजना में परिवार और किसान की पात्रता से जुड़े जरूरी नियम।</h6>
<p>प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना यानी <strong>PM Kisan Samman Nidhi</strong> के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन किस्तों में 2,000-2,000 रुपये करके सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। योजना का उद्देश्य पात्र किसानों को खेती से जुड़ी जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।</p>
<p>हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में एक सवाल अक्सर सामने आता है कि अगर एक ही जमीन की खतौनी में दो, चार या पांच भाइयों के नाम दर्ज हैं, तो क्या सभी भाइयों को अलग-अलग पीएम किसान का लाभ मिलेगा? इसका जवाब केवल खतौनी में नाम दर्ज होने से तय नहीं होता। पात्रता के लिए भूमि रिकॉर्ड के साथ किसान की व्यक्तिगत स्थिति और योजना के नियमों को भी देखा जाता है।</p>
<h2><strong>सिर्फ खतौनी में नाम होना काफी नहीं</strong></h2>
<p>किसी व्यक्ति का नाम जमीन की खतौनी में दर्ज होना अपने आप यह सुनिश्चित नहीं करता कि उसे पीएम किसान की अलग किस्त मिलनी शुरू हो जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए संबंधित व्यक्ति का पात्र किसान के रूप में पंजीकरण और अन्य निर्धारित शर्तों को पूरा करना जरूरी है।</p>
<p>यदि एक ही जमीन में कई भाइयों का हिस्सा दर्ज है, तो यह देखना महत्वपूर्ण होता है कि राजस्व रिकॉर्ड में उनकी हिस्सेदारी कितनी और किस प्रकार दर्ज है। इसके साथ यह भी देखा जाता है कि संबंधित व्यक्ति अपने हिस्से की जमीन पर खेती कर रहा है या नहीं और उसका पीएम किसान रिकॉर्ड किस स्थिति में है।</p>
<h2><strong>बालिग भाइयों की स्थिति अलग हो सकती है</strong></h2>
<p>पीएम किसान योजना में परिवार की परिभाषा महत्वपूर्ण है। योजना के संदर्भ में पति, पत्नी और नाबालिग बच्चों को एक परिवार की इकाई के रूप में देखा जाता है। इसलिए परिवार के प्रत्येक सदस्य को अलग-अलग लाभ मिलने की व्यवस्था नहीं है।</p>
<p>वहीं, <strong>बालिग भाइयों की स्थिति अलग हो सकती है।</strong> यदि भाई अलग-अलग रहते हैं, अपने हिस्से की जमीन पर खेती करते हैं और सरकारी रिकॉर्ड में स्वतंत्र किसान के रूप में दर्ज हैं, तो उनकी पात्रता अलग से जांची जा सकती है। ऐसे मामलों में केवल यह तथ्य कि सभी भाइयों के नाम एक ही खतौनी में दर्ज हैं, अपने आप में सभी को लाभार्थी बनाने या लाभ से बाहर करने का अंतिम आधार नहीं है।</p>
<h2><strong>हिस्सेदारी और सरकारी रिकॉर्ड की भूमिका अहम</strong></h2>
<p>मान लीजिए एक खतौनी में चार भाइयों के नाम दर्ज हैं और प्रत्येक की जमीन में अलग-अलग हिस्सेदारी स्पष्ट रूप से दर्ज है। ऐसे मामले में प्रत्येक व्यक्ति की पात्रता उसके भूमि रिकॉर्ड, किसान पंजीकरण और योजना के अन्य नियमों के आधार पर निर्धारित की जा सकती है।</p>
<p>इसके विपरीत, यदि रिकॉर्ड में स्थिति स्पष्ट नहीं है या सभी सदस्य एक ही परिवार की इकाई के अंतर्गत आते हैं, तो सभी के नाम पर अलग-अलग किस्त मिलने की बात निश्चित रूप से नहीं कही जा सकती।</p>
<h2><strong>रजिस्ट्रेशन और ई-केवाईसी भी जरूरी</strong></h2>
<p>पीएम किसान का लाभ लेने वाले किसानों को अपना <strong>रजिस्ट्रेशन और ई-केवाईसी</strong> पूरा रखना चाहिए। इसके अलावा बैंक खाते, आधार और भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी भी सही होना जरूरी है।</p>
<p>अगर एक ही खतौनी में कई भाइयों के नाम हैं, तो किसानों को सबसे पहले अपने भूमि हिस्से, राजस्व रिकॉर्ड, परिवार की स्थिति और पीएम किसान पंजीकरण की जानकारी की जांच करनी चाहिए। किसी रिकॉर्ड में गलती होने पर उसे संबंधित विभाग के माध्यम से समय रहते दुरुस्त करवाना चाहिए।</p>
<h3><strong>क्या करें किसान?</strong></h3>
<ul>
<li>खतौनी में अपने हिस्से की जमीन की स्थिति जांचें।</li>
<li>भूमि रिकॉर्ड में नाम और हिस्सेदारी सही है या नहीं, देखें।</li>
<li>पीएम किसान में अपना पंजीकरण चेक करें।</li>
<li>ई-केवाईसी पूरी रखें।</li>
<li>बैंक खाते और अन्य जरूरी विवरण अपडेट रखें।</li>
<li>पात्रता को लेकर असमंजस होने पर संबंधित कृषि/राजस्व विभाग से पुष्टि करें।</li>
</ul>
<p><strong>निष्कर्ष:</strong> एक ही खतौनी में कई भाइयों के नाम दर्ज होने मात्र से सभी को अलग-अलग 6,000 रुपये मिलने की गारंटी नहीं होती। प्रत्येक व्यक्ति की पात्रता भूमि रिकॉर्ड, परिवार की स्थिति, किसान के रूप में पंजीकरण और पीएम किसान के लागू नियमों के आधार पर तय होती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>PM Kisan Samman Nidhi: किसान सम्मान निधि को लेकर बड़ा अपडेट, 24वीं किस्त का इंतजार; ऐसे तुरंत चेक करें स्टेटस</title>
		<link>https://swarajvani.com/pm-kisan-24th-installment-status-check/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Sep 2026 06:26:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[kisan]]></category>
		<category><![CDATA[M Kisan e-KYC]]></category>
		<category><![CDATA[PM Kisan]]></category>
		<category><![CDATA[PM Kisan Samman Nidhi]]></category>
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					<description><![CDATA[PM Kisan Samman Nidhi: किसान सम्मान निधि को लेकर बड़ा अपडेट, 24वीं किस्त का इंतजार; ऐसे तुरंत चेक करें स्टेटस PM Kisan Samman Nidhi: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना देश ... <a title="PM Kisan Samman Nidhi: किसान सम्मान निधि को लेकर बड़ा अपडेट, 24वीं किस्त का इंतजार; ऐसे तुरंत चेक करें स्टेटस" class="read-more" href="https://swarajvani.com/pm-kisan-24th-installment-status-check/" aria-label="Read more about PM Kisan Samman Nidhi: किसान सम्मान निधि को लेकर बड़ा अपडेट, 24वीं किस्त का इंतजार; ऐसे तुरंत चेक करें स्टेटस">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>PM Kisan Samman Nidhi: किसान सम्मान निधि को लेकर बड़ा अपडेट, 24वीं किस्त का इंतजार; ऐसे तुरंत चेक करें स्टेटस</strong></h1>
<p>PM Kisan Samman Nidhi: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना देश के करोड़ों किसानों के लिए आर्थिक मदद का एक महत्वपूर्ण जरिया है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता देती है। यह राशि किसानों के बैंक खातों में सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है। किसानों को यह रकम एक साथ नहीं, बल्कि 2,000-2,000 रुपये की तीन किस्तों में मिलती है।</p>
<p>PM किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी हो चुकी है। पात्र किसानों के बैंक खातों में 2,000 रुपये की राशि भेजी गई थी। अब योजना से जुड़े किसानों की नजर अगली यानी 24वीं किस्त पर है। मौजूदा जानकारी के अनुसार, अगली किस्त अक्टूबर 2026 के आसपास जारी होने की उम्मीद है। हालांकि, सरकार की ओर से 24वीं किस्त जारी करने की आधिकारिक तारीख अभी सामने नहीं आई है।</p>
<h2><strong>किसानों को क्यों है 24वीं किस्त का इंतजार?</strong></h2>
<p>PM किसान योजना की किस्तें निर्धारित अंतराल पर पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती हैं। 23वीं किस्त मिलने के बाद अब किसान यह जानना चाहते हैं कि अगली किस्त उनके खाते में कब आएगी और उनका नाम लाभार्थी सूची में है या नहीं।</p>
<p>किसानों को सलाह दी जाती है कि वे किस्त जारी होने का इंतजार करने के बजाय पहले से ही अपना <strong>PM Kisan Status, e-KYC, बैंक खाते और आधार से जुड़ी जानकारी</strong> जांच लें। किसी भी जानकारी में गलती या रिकॉर्ड अपडेट न होने की स्थिति में भुगतान अटक सकता है।</p>
<h3><strong>घर बैठे ऐसे चेक करें PM Kisan Status</strong></h3>
<p>अगर आप प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी हैं और अपनी किस्त या भुगतान की स्थिति जानना चाहते हैं तो यह काम ऑनलाइन आसानी से किया जा सकता है। इसके लिए आपको पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।</p>
<p>स्टेटस चेक करने के लिए सबसे पहले <strong>PM Kisan की आधिकारिक वेबसाइट</strong> खोलें। वेबसाइट पर जाने के बाद <strong>‘Know Your Status’</strong> विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद मांगी गई जानकारी दर्ज करनी होगी।</p>
<p>अपना <strong>रजिस्ट्रेशन नंबर</strong> डालें और स्क्रीन पर दिखाई देने वाला कैप्चा कोड भरें। इसके बाद रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए <strong>OTP</strong> को दर्ज करें। सत्यापन पूरा होने के बाद आपके सामने पीएम किसान से जुड़ा स्टेटस खुल जाएगा।</p>
<p>इसमें किसान अपनी किस्त और भुगतान से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां देख सकते हैं। यहां <strong>पेमेंट स्टेटस, बैंक का नाम, UTR नंबर और भुगतान की तारीख</strong> जैसी जानकारी उपलब्ध हो सकती है। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि किस्त भेजी गई है या नहीं और भुगतान किस बैंक खाते में किया गया है।</p>
<h5><strong>e-KYC पूरी करना बेहद जरूरी</strong></h5>
<p>PM किसान सम्मान निधि का लाभ लेने वाले किसानों के लिए <strong>e-KYC पूरा होना जरूरी</strong> है। अगर किसी किसान की e-KYC प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है तो उसे योजना की किस्त प्राप्त करने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।</p>
<p>इसलिए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते अपनी e-KYC स्थिति जरूर जांच लें। इसके साथ ही अपने <strong>आधार कार्ड, बैंक अकाउंट और जमीन के रिकॉर्ड</strong> में दर्ज जानकारी भी सही रखें।</p>
<p>अगर आधार और बैंक खाते की जानकारी में कोई गलती है या जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में किसी तरह की समस्या है तो उसे जल्द से जल्द ठीक करवाना बेहतर होगा। छोटी सी गलती के कारण भी भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।</p>
<h6><strong>लाभार्थी सूची में अपना नाम ऐसे देखें</strong></h6>
<p>अगली किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह जानना भी जरूरी है कि उनका नाम पीएम किसान की <strong>लाभार्थी सूची</strong> में शामिल है या नहीं। लाभार्थी सूची ऑनलाइन देखी जा सकती है।</p>
<p>इसके लिए किसान पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और <strong>Beneficiary List</strong> के विकल्प को चुनें। इसके बाद अपने <strong>राज्य, जिला, तहसील/उप-जिला, ब्लॉक और गांव</strong> का चयन करना होगा।</p>
<p>सारी जानकारी चुनने के बाद लाभार्थी सूची स्क्रीन पर दिखाई देगी। किसान इस सूची में अपना नाम चेक कर सकते हैं। अगर नाम सूची में मौजूद है तो योजना के तहत पात्रता और अन्य जरूरी शर्तों के आधार पर किस्त मिलने की संभावना बनी रहती है।</p>
<pre><strong>किस्त में देरी से बचने के लिए क्या करें?</strong></pre>
<p>किसानों को 24वीं किस्त का इंतजार करते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। सबसे पहले अपनी <strong>e-KYC पूरी</strong> रखें। इसके बाद आधार और बैंक खाते की जानकारी की जांच करें। बैंक अकाउंट सक्रिय है या नहीं, यह भी सुनिश्चित कर लें।</p>
<p>इसके अलावा जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में किसान की जानकारी सही होना जरूरी है। यदि किसी दस्तावेज में नाम, आधार नंबर या बैंक संबंधी जानकारी गलत है तो उसे संबंधित विभाग के माध्यम से समय रहते अपडेट करवाना चाहिए।</p>
<p>ध्यान रखें कि <strong>24वीं किस्त की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है</strong>। अक्टूबर 2026 के आसपास किस्त आने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन अंतिम तारीख की पुष्टि केंद्र सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही होगी।</p>
<p>इसलिए किसानों को किसी भी अनधिकृत वेबसाइट या सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा करने के बजाय <strong>PM Kisan के आधिकारिक पोर्टल</strong> पर उपलब्ध जानकारी को ही सही मानना चाहिए। वहीं से किसान अपनी किस्त, लाभार्थी सूची, e-KYC और भुगतान की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>एक साल से नहीं मिली PM किसान योजना की किस्त? जानें क्यों अटका है पैसा और कैसे मिलेगा भुगतान</title>
		<link>https://swarajvani.com/pm-kisan-ruki-kist-kaise-milegi-2026/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 22 Aug 2026 05:55:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[kisan]]></category>
		<category><![CDATA[e-KYC]]></category>
		<category><![CDATA[Land Seeding]]></category>
		<category><![CDATA[PM Kisan Samman Nidhi]]></category>
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					<description><![CDATA[एक साल से नहीं मिली PM किसान योजना की किस्त? जानें क्यों अटका है पैसा और कैसे मिलेगा भुगतान PM Kisan Samman Nidhi: अगर आपके बैंक खाते में प्रधानमंत्री किसान ... <a title="एक साल से नहीं मिली PM किसान योजना की किस्त? जानें क्यों अटका है पैसा और कैसे मिलेगा भुगतान" class="read-more" href="https://swarajvani.com/pm-kisan-ruki-kist-kaise-milegi-2026/" aria-label="Read more about एक साल से नहीं मिली PM किसान योजना की किस्त? जानें क्यों अटका है पैसा और कैसे मिलेगा भुगतान">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>एक साल से नहीं मिली PM किसान योजना की किस्त? जानें क्यों अटका है पैसा और कैसे मिलेगा भुगतान</strong></h1>
<p><strong>PM Kisan Samman Nidhi:</strong> अगर आपके बैंक खाते में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की किस्त पिछले कई महीनों या करीब एक साल से नहीं आई है, तो इसका कारण किसी जरूरी सत्यापन का अधूरा रह जाना हो सकता है। सरकार की ओर से योजना के तहत पात्र किसानों को आर्थिक सहायता दी जाती है, लेकिन नियमों के मुताबिक जरूरी प्रक्रियाएं पूरी नहीं होने पर किस्त का भुगतान रुक सकता है। ऐसे में किसान कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां जांचकर अपनी समस्या का समाधान करा सकते हैं।</p>
<p>PM किसान सम्मान निधि योजना देश के छोटे और सीमांत किसानों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता योजना है। इसके तहत पात्र किसानों को सालाना <strong>6,000 रुपये</strong> की सहायता दी जाती है। यह रकम तीन किस्तों में <strong>2,000-2,000 रुपये</strong> के रूप में सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। योजना का उद्देश्य किसानों को खेती से जुड़े छोटे-मोटे खर्चों के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है।</p>
<p>हालांकि, सभी किसानों को हर किस्त अपने आप नहीं मिलती। पात्रता और जरूरी सत्यापन से जुड़े नियमों का पालन करना आवश्यक है। अगर किसी किसान के खाते में लंबे समय से किस्त नहीं आई है, तो सबसे पहले उसे अपने रिकॉर्ड और योजना की स्थिति की जांच करनी चाहिए।</p>
<h2><strong>किस्त रुकने की सबसे बड़ी वजह क्या हो सकती है?</strong></h2>
<p>PM किसान योजना में किस्त रुकने के कई कारण हो सकते हैं। इनमें सबसे प्रमुख कारण <strong>ई-केवाईसी पूरी नहीं होना</strong> है। सरकार ने लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करने और गलत तरीके से योजना का लाभ लेने वाले लोगों को रोकने के लिए ई-केवाईसी को महत्वपूर्ण प्रक्रिया बनाया है।</p>
<p>अगर किसान की ई-केवाईसी पूरी नहीं हुई है या सत्यापन में कोई समस्या है, तो उसकी किस्त रोकी जा सकती है। इसलिए जिन किसानों को लंबे समय से भुगतान नहीं मिला है, उन्हें सबसे पहले अपनी ई-केवाईसी स्थिति की जांच करनी चाहिए।</p>
<p>ई-केवाईसी ऑनलाइन ओटीपी के माध्यम से या उपलब्ध सुविधा के अनुसार बायोमेट्रिक सत्यापन से पूरी की जा सकती है। किसान नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर या संबंधित सुविधा केंद्र की मदद भी ले सकते हैं।</p>
<h3><strong>जमीन का सत्यापन भी जरूरी</strong></h3>
<p>किस्त अटकने की दूसरी बड़ी वजह <strong>लैंड सीडिंग या भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन</strong> हो सकती है। पीएम किसान योजना का लाभ पात्र कृषि भूमि और किसान की संबंधित जानकारी के आधार पर दिया जाता है।</p>
<p>अगर किसान के जमीन संबंधी रिकॉर्ड में कोई गलती है या सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी योजना के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती, तो भुगतान रुक सकता है। ऐसे में किसान को अपने भूमि रिकॉर्ड की जानकारी जांचनी चाहिए।</p>
<p>अगर जमीन के दस्तावेजों में नाम, खसरा नंबर या अन्य विवरण में गड़बड़ी है, तो संबंधित राजस्व विभाग या स्थानीय कार्यालय से संपर्क करके रिकॉर्ड में सुधार कराया जा सकता है। रिकॉर्ड अपडेट होने के बाद योजना में सत्यापन की स्थिति भी जांचना जरूरी है।</p>
<h4><strong>बैंक खाते से आधार लिंक नहीं है तो भी अटक सकता है पैसा</strong></h4>
<p>PM किसान की किस्त सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। इसके लिए बैंक खाते से जुड़ी जानकारी सही होना जरूरी है। अगर आधार और बैंक खाते से संबंधित जरूरी लिंकिंग या भुगतान प्रक्रिया पूरी नहीं है, तो DBT यानी <strong>डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर</strong> के जरिए रकम पहुंचने में समस्या आ सकती है।</p>
<p>किसान को अपने बैंक खाते में आधार लिंकिंग और DBT की स्थिति की जानकारी बैंक से प्राप्त करनी चाहिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि बैंक खाते में दर्ज नाम और अन्य जरूरी विवरण सही हैं।</p>
<h4><strong>आवेदन में जानकारी गलत होने पर भी रुक सकती है किस्त</strong></h4>
<p>कई बार किसान के आवेदन में दर्ज जानकारी और सरकारी रिकॉर्ड में मौजूद जानकारी के बीच अंतर होने के कारण भी भुगतान प्रभावित हो सकता है। उदाहरण के लिए नाम की स्पेलिंग, आधार विवरण, बैंक खाता संख्या या अन्य जानकारी में अंतर होने पर सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती।</p>
<p>इसलिए किसानों को योजना से जुड़े अपने रिकॉर्ड की जानकारी ध्यान से जांचनी चाहिए। किसी तरह की गलती दिखाई देने पर संबंधित विभाग या अधिकृत केंद्र के माध्यम से उसे ठीक कराया जा सकता है।</p>
<h4><strong>पिछले पैसे एक साथ मिलेंगे या नहीं?</strong></h4>
<p>अगर किसान की किस्त किसी तकनीकी या सत्यापन संबंधी वजह से रुकी है, तो पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि वह योजना के लिए पात्र है और सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर चुका है। केवल ई-केवाईसी कराने से हर मामले में पिछली सभी किस्तें अपने आप एक साथ मिलने की गारंटी नहीं होती।</p>
<p>लंबित भुगतान का निर्णय लाभार्थी की पात्रता, रिकॉर्ड और विभागीय सत्यापन के आधार पर होता है। इसलिए किसानों को किसी भी व्यक्ति के झांसे में आकर पैसे देकर किस्त जारी कराने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।</p>
<h5><strong>किसान ऐसे करें अपनी स्थिति की जांच</strong></h5>
<p>किस्त नहीं मिलने पर किसान पीएम किसान योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने लाभार्थी स्टेटस और भुगतान की जानकारी देख सकते हैं। वहां यह पता लगाया जा सकता है कि किस्त जारी हुई है या नहीं और भुगतान में किसी तरह की समस्या दिखाई जा रही है या नहीं।</p>
<p>इसके अलावा किसान अपने आधार, बैंक खाते, भूमि रिकॉर्ड और ई-केवाईसी से जुड़ी जानकारी भी जांच लें। अगर ऑनलाइन जानकारी में कोई समस्या दिखाई देती है, तो संबंधित कृषि विभाग, बैंक या स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करना बेहतर होगा।</p>
<h6><strong>सावधानी से करें दस्तावेजों की जांच</strong></h6>
<p>PM किसान योजना से जुड़ी समस्या का समाधान कराने के नाम पर कई तरह के फर्जी कॉल और संदेश भी सामने आ सकते हैं। किसानों को अपना <strong>OTP, बैंक पासवर्ड, ATM PIN या अन्य संवेदनशील बैंकिंग जानकारी</strong> किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।</p>
<p>किस्त रुकने पर सबसे पहले आधिकारिक रिकॉर्ड में स्थिति जांचें और जरूरत पड़ने पर संबंधित सरकारी कार्यालय या बैंक से संपर्क करें।</p>
<h6><strong>निष्कर्ष:</strong></p>
<p>अगर PM किसान की किस्त लंबे समय से नहीं आई है, तो घबराने के बजाय ई-केवाईसी, भूमि सत्यापन, आधार-बैंक लिंकिंग और बैंक खाते की जानकारी की जांच करें। इन प्रक्रियाओं में कमी या गलती होने पर उसे संबंधित विभाग के माध्यम से ठीक कराना जरूरी है। भुगतान की पात्रता और लंबित किस्तों की स्थिति आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही तय होगी।</h6>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>PM Kisan Yojana: इन किसानों को नहीं मिलेगा योजना का लाभ, किस्त से पहले जरूर जांच लें पात्रता</title>
		<link>https://swarajvani.com/pm-kisan-yojana-eligibility-update/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 14 Aug 2026 04:56:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[kisan]]></category>
		<category><![CDATA[PM Kisan 2026]]></category>
		<category><![CDATA[PM Kisan Next Installment]]></category>
		<category><![CDATA[PM Kisan Samman Nid]]></category>
		<category><![CDATA[PM Kisan Yojana]]></category>
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					<description><![CDATA[PM Kisan Yojana: इन किसानों को नहीं मिलेगा योजना का लाभ, किस्त से पहले जरूर जांच लें पात्रता PM Kisan Yojana: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना देश के करोड़ों किसानों ... <a title="PM Kisan Yojana: इन किसानों को नहीं मिलेगा योजना का लाभ, किस्त से पहले जरूर जांच लें पात्रता" class="read-more" href="https://swarajvani.com/pm-kisan-yojana-eligibility-update/" aria-label="Read more about PM Kisan Yojana: इन किसानों को नहीं मिलेगा योजना का लाभ, किस्त से पहले जरूर जांच लें पात्रता">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>PM Kisan Yojana: इन किसानों को नहीं मिलेगा योजना का लाभ, किस्त से पहले जरूर जांच लें पात्रता</strong></h1>
<p><strong>PM Kisan Yojana:</strong> प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना देश के करोड़ों किसानों के लिए केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता योजना है। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल <strong>6,000 रुपये</strong> की आर्थिक मदद दी जाती है। यह राशि तीन समान किस्तों में सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। हालांकि, योजना का लाभ हर जमीन मालिक या किसान को नहीं मिलता। सरकार ने इसके लिए कुछ पात्रता और अपात्रता संबंधी नियम निर्धारित किए हैं।</p>
<p>ऐसे में जो किसान पीएम किसान सम्मान निधि की अगली किस्त का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें एक बार अपनी पात्रता जरूर जांच लेनी चाहिए। अगर कोई किसान या उसका परिवार योजना में निर्धारित अपात्र श्रेणी में आता है, तो उसका नाम लाभार्थियों की सूची से हटाया जा सकता है। वहीं, गलत जानकारी के आधार पर अगर किसी व्यक्ति ने योजना का लाभ लिया है, तो उससे राशि की वसूली भी की जा सकती है।</p>
<h2><strong>सिर्फ जमीन होना ही पर्याप्त नहीं</strong></h2>
<p>PM किसान योजना का लाभ लेने के लिए खेती योग्य जमीन होना एक महत्वपूर्ण शर्त है, लेकिन केवल जमीन आपके नाम होने से योजना का लाभ मिलना सुनिश्चित नहीं होता। सरकार लाभार्थी की अन्य परिस्थितियों को भी ध्यान में रखती है।</p>
<p>किसान की नौकरी, आय, पेंशन और परिवार की स्थिति जैसी जानकारी भी पात्रता तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए किसानों को समय-समय पर अपने रिकॉर्ड और योजना में दर्ज जानकारी की जांच करनी चाहिए।</p>
<p>अगर किसी किसान की परिस्थितियों में बदलाव हुआ है और वह अब योजना की पात्रता पूरी नहीं करता, तो संबंधित जानकारी को रिकॉर्ड में अपडेट कराना जरूरी है। गलत जानकारी के आधार पर मिलने वाली किस्त आगे चलकर परेशानी का कारण बन सकती है।</p>
<h3><strong>सरकारी नौकरी करने वालों के लिए नियम</strong></h3>
<p>PM किसान योजना के तहत कुछ सरकारी कर्मचारियों को लाभ नहीं दिया जाता। यदि किसान या परिवार का कोई सदस्य योजना के नियमों में आने वाली निर्धारित सरकारी सेवा श्रेणी में है, तो ऐसी स्थिति में किसान योजना के लाभ से बाहर हो सकता है।</p>
<p>इसके अलावा सरकार के कुछ महत्वपूर्ण संवैधानिक या प्रशासनिक पदों पर रह चुके लोगों को भी पीएम किसान योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। योजना का उद्देश्य मुख्य रूप से ऐसे पात्र किसान परिवारों को आर्थिक सहायता देना है, जिन्हें खेती से जुड़ी जरूरतों में इस राशि से मदद मिल सके।</p>
<p>इसलिए जिन किसानों की नौकरी या पद से संबंधित स्थिति बदल गई है, उन्हें अपनी पात्रता की दोबारा जांच करनी चाहिए।</p>
<h4><strong>इनकम टैक्स भरने वाले किसान भी रहें सावधान</strong></h4>
<p>जो किसान आयकर यानी इनकम टैक्स का भुगतान करते हैं, वे भी पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभ से बाहर हो सकते हैं। योजना में पात्रता तय करते समय किसान की आय से संबंधित नियमों को भी ध्यान में रखा जाता है।</p>
<p>इसलिए अगर कोई व्यक्ति पहले योजना का लाभ ले रहा था, लेकिन बाद में उसकी आयकर संबंधी स्थिति बदल गई है, तो उसे अपनी पात्रता जरूर जांचनी चाहिए। ऐसी स्थिति में योजना का लाभ जारी रहने की स्थिति में आगे चलकर प्राप्त राशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।</p>
<h4><strong>पेंशन पाने वालों के लिए भी लागू हैं नियम</strong></h4>
<p>सरकारी पेंशन प्राप्त करने वाले लोगों के लिए भी पीएम किसान योजना में अलग-अलग पात्रता नियम निर्धारित हैं। हर पेंशनधारी को योजना से बाहर नहीं माना जाता, बल्कि संबंधित श्रेणी और निर्धारित शर्तों के आधार पर पात्रता तय की जाती है।</p>
<p>ऐसे में अगर किसान या परिवार के किसी सदस्य को सरकारी पेंशन मिल रही है, तो योजना में अपनी स्थिति की जांच करना जरूरी है। किसी भी तरह की गलत जानकारी या अधूरी जानकारी के आधार पर योजना का लाभ लेने से भविष्य में आर्थिक परेशानी हो सकती है।</p>
<h5><strong>इन लोगों को भी मिल सकता है योजना से बाहर होने का जोखिम</strong></h5>
<p>PM किसान योजना में केवल नौकरी और आय ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य श्रेणियों को लेकर भी अपात्रता के नियम लागू होते हैं। सरकार की ओर से निर्धारित विशेष पदों पर कार्यरत या रह चुके लोगों को योजना का लाभ नहीं दिया जाता।</p>
<p>इसी तरह परिवार की पात्रता और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी का भी मिलान किया जाता है। योजना का लाभ परिवार की निर्धारित पात्रता के आधार पर मिलता है, इसलिए एक ही परिवार के अलग-अलग सदस्यों द्वारा गलत तरीके से लाभ लेने की स्थिति में भी समस्या पैदा हो सकती है।</p>
<h6><strong>गलत जानकारी देकर किस्त लेना पड़ सकता है भारी</strong></h6>
<p>अगर किसी किसान ने पात्र नहीं होने के बावजूद गलत जानकारी देकर पीएम किसान योजना का लाभ लिया है, तो बाद में सरकार उस राशि की रिकवरी कर सकती है। यानी जो पैसा किसान को किस्तों के रूप में मिला है, उसे वापस करने की स्थिति बन सकती है।</p>
<p>इसलिए किसानों को केवल अगली किस्त आने का इंतजार करने के बजाय अपनी पात्रता की जानकारी समय-समय पर जांचते रहना चाहिए। बैंक खाते, आधार, भूमि रिकॉर्ड और अन्य संबंधित जानकारी में किसी तरह की गलती होने पर उसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ठीक कराना भी जरूरी है।</p>
<pre><strong>किसान कैसे रहें सुरक्षित?</strong></pre>
<p>PM किसान योजना का लाभ ले रहे किसानों को अपनी जानकारी सही और अपडेट रखनी चाहिए। अगर नौकरी, आय, पेंशन या परिवार की स्थिति में बदलाव हुआ है तो उसे संबंधित रिकॉर्ड में दर्ज कराना जरूरी है।</p>
<p>किसानों को किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या एजेंट की बातों पर भरोसा करने के बजाय योजना से जुड़ी जानकारी के लिए सरकारी माध्यमों का इस्तेमाल करना चाहिए। पात्रता को लेकर कोई संदेह होने पर आधिकारिक रिकॉर्ड में अपनी स्थिति की जांच करना सबसे सुरक्षित तरीका है।</p>
<p>कुल मिलाकर, पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत सालाना 6,000 रुपये की सहायता केवल पात्र किसानों को ही दी जाती है। इसलिए अगली किस्त का इंतजार कर रहे किसानों को पहले यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि वे योजना की सभी शर्तों को पूरा करते हैं। सरकारी नौकरी, निर्धारित सरकारी पद, आयकर भुगतान और कुछ पेंशन श्रेणियों से जुड़े लोगों के लिए विशेष नियम लागू होते हैं। गलत जानकारी के आधार पर लाभ लेना भविष्य में आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है। इसलिए पात्रता और रिकॉर्ड की समय-समय पर जांच करना जरूरी है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>PM Kisan 24th Installment: अक्टूबर में आ सकती है 24वीं किस्त, किसानों को मिलेंगे ₹2,000; e-KYC और आधार लिंकिंग जरूरी</title>
		<link>https://swarajvani.com/pm-kisan-24th-installment-2000-paymely-in-october-2026-check-e-kyc-aadhaar-linking-and-land-seeding-requirement-likents/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 11:30:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[kisan]]></category>
		<category><![CDATA[PM Kisan 24th Installment]]></category>
		<category><![CDATA[PM Kisan 24th Installment Date]]></category>
		<category><![CDATA[PM Kisan 24th Kist]]></category>
		<category><![CDATA[PM Kisan Samman Nidhi]]></category>
		<category><![CDATA[PM Kisan Yojana 2026]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://swarajvani.com/?p=344548</guid>

					<description><![CDATA[PM Kisan 24th Installment: अक्टूबर में आ सकती है 24वीं किस्त, किसानों को मिलेंगे ₹2,000; e-KYC और आधार लिंकिंग जरूरी PM Kisan Samman Nidhi 24th Kist: 23वीं किस्त 20 जून ... <a title="PM Kisan 24th Installment: अक्टूबर में आ सकती है 24वीं किस्त, किसानों को मिलेंगे ₹2,000; e-KYC और आधार लिंकिंग जरूरी" class="read-more" href="https://swarajvani.com/pm-kisan-24th-installment-2000-paymely-in-october-2026-check-e-kyc-aadhaar-linking-and-land-seeding-requirement-likents/" aria-label="Read more about PM Kisan 24th Installment: अक्टूबर में आ सकती है 24वीं किस्त, किसानों को मिलेंगे ₹2,000; e-KYC और आधार लिंकिंग जरूरी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>PM Kisan 24th Installment: अक्टूबर में आ सकती है 24वीं किस्त, किसानों को मिलेंगे ₹2,000; e-KYC और आधार लिंकिंग जरूरी</strong></h1>
<h3><strong>PM Kisan Samman Nidhi 24th Kist: 23वीं किस्त 20 जून को जारी हुई थी, अब अक्टूबर में अगली किस्त आने की संभावना; जानिए किन किसानों को मिलेगा लाभ और कैसे चेक करें स्टेटस</strong></h3>
<p><strong>PM Kisan 24th Installment 2026:</strong> प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना देश के करोड़ों किसानों के लिए केंद्र सरकार की प्रमुख आर्थिक सहायता योजनाओं में शामिल है। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना <strong>₹6,000</strong> की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन समान किस्तों में यानी <strong>₹2,000-₹2,000</strong> करके किसानों के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर की जाती है।</p>
<p>अब किसानों को योजना की <strong>24वीं किस्त</strong> का इंतजार है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त <strong>20 जून 2026</strong> को जारी की गई थी। इस किस्त के तहत 9.44 करोड़ से अधिक किसानों को ₹18,880 करोड़ से अधिक की राशि DBT के जरिए दी गई थी।</p>
<p>ऐसे में किसानों के मन में सबसे बड़ा सवाल है कि 24वीं किस्त कब आएगी? क्या पैसा सितंबर में आएगा, अक्टूबर में या नवंबर में? आइए जानते हैं पूरी जानकारी।</p>
<h2><strong>अक्टूबर 2026 में आ सकती है 24वीं किस्त</strong></h2>
<p>PM-KISAN योजना के तहत किसानों को साल में तीन किस्तों में आर्थिक सहायता दी जाती है। सामान्य तौर पर किस्तें चार महीने के अंतराल वाले चक्र के अनुसार जारी की जाती हैं।</p>
<p>क्योंकि 23वीं किस्त <strong>20 जून 2026</strong> को जारी की गई थी, इसलिए अगले चार महीने का चक्र अक्टूबर 2026 में पूरा होता है। इसी आधार पर <strong>24वीं किस्त अक्टूबर 2026 में जारी होने की संभावना है।</strong></p>
<p>हालांकि, 10 अगस्त 2026 तक केंद्र सरकार की ओर से 24वीं किस्त जारी करने की कोई निश्चित तारीख आधिकारिक रूप से घोषित नहीं की गई है। इसलिए किसानों को किसी भी वायरल मैसेज या सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर तारीख को अंतिम नहीं मानना चाहिए।</p>
<h2><strong>किसानों को मिलेंगे ₹2,000</strong></h2>
<p>PM-KISAN के तहत पात्र किसान परिवार को हर साल कुल <strong>₹6,000</strong> की सहायता दी जाती है। यह रकम तीन बराबर किस्तों में ₹2,000-₹2,000 करके सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।</p>
<p>योजना की राशि Direct Benefit Transfer यानी <strong>DBT</strong> के माध्यम से किसानों के बैंक खाते में पहुंचाई जाती है। सरकार के अनुसार भुगतान Aadhaar-seeded बैंक खातों के माध्यम से किया जाता है। इसलिए 24वीं किस्त के लिए पात्र किसानों को अपने बैंक खाते और आधार से जुड़ी जानकारी सही रखना जरूरी है।</p>
<h2><strong>किन किसानों को मिलेगी 24वीं किस्त?</strong></h2>
<p>24वीं किस्त उन्हीं किसानों को मिलने की उम्मीद है जो PM-KISAN योजना की पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं और जिनका रिकॉर्ड योजना के तहत सही एवं सत्यापित है।</p>
<p>सरकार योजना में लाभार्थियों के रिकॉर्ड का सत्यापन करती है। कुछ ऐसे मामलों में भुगतान रोका जा सकता है जहां लाभार्थी योजना की निर्धारित शर्तों के तहत पात्र नहीं पाए जाते या रिकॉर्ड में कोई समस्या होती है।</p>
<p>आधिकारिक PM-KISAN पोर्टल के अनुसार कुछ संदिग्ध मामलों में लाभ अस्थायी रूप से रोका जा सकता है, जब तक आवश्यक भौतिक सत्यापन पूरा नहीं हो जाता।</p>
<h2><strong>e-KYC होना जरूरी</strong></h2>
<p>PM-KISAN योजना के लिए <strong>e-KYC अनिवार्य</strong> है। आधिकारिक पोर्टल पर भी e-KYC को Mandatory बताया गया है। किसानों के लिए आधार आधारित और अन्य उपलब्ध माध्यमों से e-KYC पूरी करने की सुविधा दी गई है।</p>
<p>अगर किसी किसान की e-KYC अभी तक पूरी नहीं हुई है, तो उसे इसे जल्द पूरा कर लेना चाहिए। e-KYC से संबंधित स्थिति PM-KISAN के आधिकारिक पोर्टल पर भी देखी जा सकती है।</p>
<h2><strong>आधार से बैंक खाता लिंक होना जरूरी</strong></h2>
<p>PM-KISAN की राशि DBT के माध्यम से बैंक खाते में भेजी जाती है। इसलिए किसान का बैंक खाता आधार से सीड होना महत्वपूर्ण है।</p>
<p>सरकारी जानकारी के अनुसार PM-KISAN का भुगतान Aadhaar-seeded बैंक खातों में DBT के माध्यम से किया जाता है।</p>
<p>यदि बैंक खाते में आधार सीडिंग से जुड़ी समस्या है, तो किसान को अपने बैंक से संपर्क करके इसे ठीक करवाना चाहिए। बैंक खाते की जानकारी में किसी प्रकार की गलती होने पर भी भुगतान में परेशानी हो सकती है।</p>
<h2><strong>जमीन से जुड़े रिकॉर्ड भी सही रखें</strong></h2>
<p>PM-KISAN योजना में खेती योग्य भूमि का रिकॉर्ड पात्रता का महत्वपूर्ण आधार है। सरकार डिजिटल लैंड रिकॉर्ड और Aadhaar आधारित सत्यापन के माध्यम से लाभार्थियों के रिकॉर्ड को सत्यापित करती है।</p>
<p>इसलिए किसानों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके जमीन से जुड़े रिकॉर्ड सही हैं और योजना के रिकॉर्ड में आवश्यक जानकारी अपडेट है।</p>
<p>यदि जमीन के रिकॉर्ड में नाम, स्वामित्व या अन्य जानकारी को लेकर कोई समस्या है, तो किसान संबंधित राजस्व विभाग या राज्य के निर्धारित अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।</p>
<h2><strong>24वीं किस्त का स्टेटस कैसे चेक करें?</strong></h2>
<p>किसान घर बैठे अपने मोबाइल फोन से PM-KISAN का स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें PM-KISAN की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।</p>
<p>वेबसाइट पर <strong>Know Your Status</strong> सुविधा उपलब्ध है। वहां किसान अपना Registration Number दर्ज करके भुगतान की स्थिति और अन्य संबंधित जानकारी देख सकते हैं। आधिकारिक स्टेटस पेज पर Payment Status, Bank Name, UTR Number, Payment Mode और Account Credited जैसी जानकारी दिखाई जा सकती है।</p>
<h3><strong>ऐसे चेक करें स्टेटस</strong></h3>
<ol>
<li>PM-KISAN की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।</li>
<li><strong>Know Your Status</strong> विकल्प पर जाएं।</li>
<li>अपना Registration Number दर्ज करें।</li>
<li>मांगी गई जानकारी और कैप्चा भरें।</li>
<li>OTP के जरिए सत्यापन पूरा करें।</li>
<li>स्क्रीन पर अपनी भुगतान और e-KYC से संबंधित जानकारी देखें।</li>
</ol>
<h2><strong>23वीं किस्त में कितने किसानों को मिला था लाभ?</strong></h2>
<p>केंद्र सरकार की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक 23वीं किस्त <strong>20 जून 2026</strong> को जारी की गई थी। इस दौरान ₹18,880 करोड़ से अधिक की राशि 9.44 करोड़ से अधिक किसानों को सीधे ट्रांसफर की गई थी। इसमें 2.18 करोड़ महिला किसान भी शामिल थीं।</p>
<p>इससे पहले 22वीं किस्त 13 मार्च 2026 को जारी की गई थी, जिसमें 9.32 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित हुए थे।</p>
<h2><strong>किस्त अटकने पर क्या करें?</strong></h2>
<p>अगर पात्र किसान को किस्त जारी होने के बाद भी ₹2,000 की राशि नहीं मिलती है, तो सबसे पहले उसे PM-KISAN पोर्टल पर अपना स्टेटस देखना चाहिए।</p>
<p>e-KYC, बैंक खाता, आधार सीडिंग, भूमि रिकॉर्ड या पात्रता से जुड़ी किसी समस्या के कारण भुगतान प्रभावित हो सकता है। इसलिए किसान को अपने रिकॉर्ड में दिखाई दे रही समस्या के अनुसार संबंधित विभाग या बैंक से संपर्क करना चाहिए।</p>
<p>आधिकारिक PM-KISAN पोर्टल पर लाभार्थियों के लिए <strong>Know Your Status</strong> सुविधा उपलब्ध है, जिससे भुगतान और संबंधित जानकारी की जांच की जा सकती है।</p>
<h2><strong>किसानों के लिए जरूरी बात</strong></h2>
<p>फिलहाल <strong>24वीं किस्त की आधिकारिक रिलीज डेट घोषित नहीं हुई है</strong>। लेकिन 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी होने और PM-KISAN के चार महीने के किस्त चक्र को देखते हुए अक्टूबर 2026 संभावित समय है।</p>
<p>किसानों को सलाह है कि वे किसी अनधिकृत वेबसाइट या सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा करने के बजाय PM-KISAN के आधिकारिक पोर्टल पर अपनी e-KYC, बैंक और लाभार्थी स्थिति की जांच करते रहें।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>PM Kisan Yojana: इन किसानों को नहीं मिलेगा योजना का लाभ, किस्त आने से पहले जरूर चेक करें पात्रता</title>
		<link>https://swarajvani.com/pm-kisan-portal-and-eligibility-information/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 06:14:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[kisan]]></category>
		<category><![CDATA[PM Kisan 20th Installment]]></category>
		<category><![CDATA[PM Kisan Eligibilit]]></category>
		<category><![CDATA[PM Kisan Yojana]]></category>
		<category><![CDATA[पीएम किसान सम्मान निधि]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://swarajvani.com/?p=344300</guid>

					<description><![CDATA[PM Kisan Yojana: इन किसानों को नहीं मिलेगा योजना का लाभ, किस्त आने से पहले जरूर चेक करें पात्रता PM Kisan Yojana: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना देश के करोड़ों ... <a title="PM Kisan Yojana: इन किसानों को नहीं मिलेगा योजना का लाभ, किस्त आने से पहले जरूर चेक करें पात्रता" class="read-more" href="https://swarajvani.com/pm-kisan-portal-and-eligibility-information/" aria-label="Read more about PM Kisan Yojana: इन किसानों को नहीं मिलेगा योजना का लाभ, किस्त आने से पहले जरूर चेक करें पात्रता">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>PM Kisan Yojana: इन किसानों को नहीं मिलेगा योजना का लाभ, किस्त आने से पहले जरूर चेक करें पात्रता</strong></h1>
<p><strong>PM Kisan Yojana:</strong> प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना देश के करोड़ों किसानों के लिए आर्थिक सहायता का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल <strong>6,000 रुपये</strong> की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन समान किस्तों में सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। हालांकि, खेती की जमीन होने मात्र से हर व्यक्ति इस योजना का लाभ लेने का हकदार नहीं हो जाता।</p>
<p>सरकार ने पीएम किसान योजना के लिए पात्रता और अपात्रता से जुड़े कई नियम निर्धारित किए हैं। अगर कोई किसान इन नियमों के दायरे में आता है तो उसका नाम लाभार्थी सूची से हटाया जा सकता है और उसकी किस्त भी रोकी जा सकती है। इसलिए अगली किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए अपनी पात्रता की जांच करना जरूरी है।</p>
<h2><strong>सिर्फ जमीन होने से नहीं मिलेगा लाभ</strong></h2>
<p>PM किसान योजना का लाभ पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को दिया जाता है। लेकिन लाभ लेने के लिए जमीन के साथ-साथ किसान की आर्थिक, रोजगार और पारिवारिक स्थिति से जुड़ी शर्तें भी देखी जाती हैं।</p>
<p>सरकार लाभार्थियों की जानकारी अलग-अलग सरकारी रिकॉर्ड से सत्यापित करती है। ऐसे में अगर किसी किसान की नौकरी, आय या अन्य स्थिति योजना के नियमों के अनुरूप नहीं है तो उसका नाम लाभार्थी सूची से हट सकता है।</p>
<p>किसानों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि आवेदन के समय दी गई जानकारी सही हो। गलत जानकारी के आधार पर यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक योजना की किस्त मिलती रहती है तो बाद में सरकार उस रकम की वसूली कर सकती है।</p>
<h3><strong>सरकारी नौकरी करने वाले किसानों पर लागू हैं नियम</strong></h3>
<p>PM किसान योजना में कुछ सरकारी कर्मचारियों और सरकारी पदों पर रह चुके लोगों को लाभ नहीं दिया जाता। यदि किसान या उसके परिवार का संबंधित सदस्य ऐसी श्रेणी में आता है, जिसे योजना के नियमों के तहत अपात्र माना गया है, तो पीएम किसान की किस्त नहीं मिल सकती।</p>
<p>इसलिए ऐसे किसान जिनकी नौकरी या रोजगार की स्थिति हाल ही में बदली है, उन्हें अपनी पात्रता दोबारा जांच लेनी चाहिए। सरकारी रिकॉर्ड में जानकारी अपडेट नहीं होने पर भी भविष्य में सत्यापन के दौरान समस्या सामने आ सकती है।</p>
<h4><strong>इनकम टैक्स देने वाले भी नहीं होते पात्र</strong></h4>
<p>PM किसान योजना में आय से जुड़े नियम भी महत्वपूर्ण हैं। <strong>इनकम टैक्स का भुगतान करने वाले व्यक्ति</strong> योजना के लाभ से बाहर रखे जाते हैं। सरकार का उद्देश्य सीमित संसाधनों वाले पात्र किसान परिवारों को आर्थिक सहायता देना है।</p>
<p>यदि कोई किसान पहले योजना का लाभ ले रहा था और बाद में उसकी स्थिति ऐसी हो गई कि वह इनकम टैक्स के दायरे में आ गया, तो उसे अपनी पात्रता की समीक्षा करनी चाहिए। पात्रता समाप्त होने के बावजूद किस्त लेते रहना आगे चलकर परेशानी पैदा कर सकता है।</p>
<h4><strong>पेंशन लेने वालों के लिए भी नियम</strong></h4>
<p>कुछ सरकारी पेंशनधारकों को भी पीएम किसान योजना के तहत लाभ नहीं दिया जाता। योजना में सरकारी सेवा, पेंशन और आर्थिक स्थिति से संबंधित अलग-अलग प्रावधान हैं।</p>
<p>इसलिए केवल यह देखकर कि आपके नाम पर कृषि भूमि है, यह मान लेना सही नहीं है कि आपको पीएम किसान की हर किस्त मिलती रहेगी। लाभार्थी की अन्य परिस्थितियों को भी सत्यापन प्रक्रिया में देखा जा सकता है।</p>
<h5><strong>भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए नियम अलग</strong></h5>
<p>PM किसान सम्मान निधि और अन्य सरकारी योजनाओं को एक जैसा नहीं समझना चाहिए। पीएम किसान का लाभ पात्र भूमिधारक किसान परिवारों के लिए है। दूसरी ओर, केंद्र और राज्य सरकारें भूमिहीन कृषि मजदूरों, असंगठित श्रमिकों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए अलग-अलग योजनाएं संचालित करती हैं।</p>
<p>इन योजनाओं में पात्रता के नियम अलग हो सकते हैं। कहीं जमीन का रिकॉर्ड जरूरी हो सकता है तो कहीं भूमिहीन होने की शर्त रखी जा सकती है। इसलिए एक योजना में पात्र होने या लाभ मिलने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति दूसरी सभी सरकारी योजनाओं के लिए भी स्वतः पात्र हो जाएगा।</p>
<h5><strong>श्रमिक योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी पात्रता जरूरी</strong></h5>
<p>असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सरकार की ओर से शिक्षा, विवाह, आवास, स्वास्थ्य और अन्य जरूरतों से जुड़ी कई योजनाएं चलाई जाती हैं। हालांकि, इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए संबंधित श्रमिक श्रेणी में पात्र होना जरूरी है।</p>
<p>कई सरकारी योजनाओं में आधार, बैंक खाता, जमीन का रिकॉर्ड, आय और अन्य दस्तावेजों के आधार पर लाभार्थी का सत्यापन किया जाता है। इसलिए आवेदन करते समय किसी भी जानकारी को छिपाना या गलत विवरण देना भविष्य में नुकसानदायक हो सकता है।</p>
<h5><strong>किसान अपनी पात्रता कैसे जांचें?</strong></h5>
<p>PM किसान का लाभ लेने वाले किसानों को समय-समय पर अपनी जानकारी और लाभार्थी स्थिति की जांच करते रहना चाहिए। आधार, बैंक खाते और जमीन के रिकॉर्ड में नाम या अन्य विवरण में किसी तरह की गलती है तो उसे समय रहते ठीक कराना जरूरी है।</p>
<p>अगर किसी पात्र किसान की किस्त नहीं आई है तो वह अपना लाभार्थी स्टेटस और भुगतान की स्थिति जांच सकता है। जरूरत पड़ने पर संबंधित कृषि विभाग या आधिकारिक पीएम किसान माध्यम से शिकायत भी दर्ज कराई जा सकती है।</p>
<h6><strong>गलत तरीके से ली किस्त तो हो सकती है रिकवरी</strong></h6>
<p>सरकार द्वारा लाभार्थियों का सत्यापन लगातार किया जाता है। अगर जांच में पता चलता है कि किसी व्यक्ति ने अपात्र होने के बावजूद पीएम किसान की राशि प्राप्त की है, तो उससे रकम वापस लेने की कार्रवाई हो सकती है।</p>
<p>इसलिए किसानों के लिए सबसे जरूरी है कि वे अपनी वर्तमान स्थिति के अनुसार योजना की पात्रता की जांच करें। नौकरी, आय, पेंशन या जमीन से संबंधित स्थिति में बदलाव होने पर रिकॉर्ड को अपडेट कराना चाहिए।</p>
<p><strong>निष्कर्ष:</strong><br />
PM किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पाने के लिए केवल कृषि भूमि होना पर्याप्त नहीं है। सरकारी नौकरी, कुछ सरकारी पद, आयकर भुगतान और अन्य निर्धारित श्रेणियां पात्रता को प्रभावित कर सकती हैं। अगली किस्त से पहले किसान अपनी जानकारी और पात्रता जरूर जांच लें, ताकि भुगतान रुकने या बाद में राशि वापस करने जैसी परेशानी से बचा जा सके।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>MP Kisan News: मध्यप्रदेश के 5 हजार डिफॉल्टर किसानों को मिलेगी बड़ी राहत, सरकार ला सकती है ‘कवच योजना’</title>
		<link>https://swarajvani.com/mp-kisan-kavach-yojana-farmer-loan-relief/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 04 Aug 2026 05:13:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[kisan]]></category>
		<category><![CDATA[MP Kisan News Madhya Pradesh Kisan News MP Kisan Kavach Yojana Kisan Kavach Yojana 2026 MP Farmer Scheme Madhya Pradesh Farme]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://swarajvani.com/?p=342087</guid>

					<description><![CDATA[MP Kisan News: मध्यप्रदेश के 5 हजार डिफॉल्टर किसानों को मिलेगी बड़ी राहत, सरकार ला सकती है ‘कवच योजना’ MP सरकार प्रदेश के हजारों किसानों को बड़ी राहत देने की ... <a title="MP Kisan News: मध्यप्रदेश के 5 हजार डिफॉल्टर किसानों को मिलेगी बड़ी राहत, सरकार ला सकती है ‘कवच योजना’" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-kisan-kavach-yojana-farmer-loan-relief/" aria-label="Read more about MP Kisan News: मध्यप्रदेश के 5 हजार डिफॉल्टर किसानों को मिलेगी बड़ी राहत, सरकार ला सकती है ‘कवच योजना’">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>MP Kisan News: मध्यप्रदेश के 5 हजार डिफॉल्टर किसानों को मिलेगी बड़ी राहत, सरकार ला सकती है ‘कवच योजना’</strong></h1>
<p>MP सरकार प्रदेश के हजारों किसानों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है। सहकारी बैंकों से जुड़े करीब <strong>5 हजार डिफॉल्टर किसानों</strong> को दोबारा राहत देने के लिए सरकार ने एक नई योजना का प्रस्ताव तैयार किया है। इस योजना का नाम <strong>‘कवच योजना’</strong> रखा गया है। इसे मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए रखा जा सकता है।</p>
<p>यदि कैबिनेट से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो ऐसे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी, जो अपनी गलती से नहीं बल्कि सहकारी समितियों के कर्मचारियों और पदाधिकारियों की गड़बड़ी के कारण डिफॉल्टर घोषित हो गए थे। योजना के तहत किसानों के बकाया कर्ज के एक हिस्से का भुगतान राज्य सरकार और एक हिस्से का भुगतान अपेक्स बैंक द्वारा किए जाने का प्रस्ताव है।</p>
<h2><strong>फर्जीवाड़े के कारण डिफॉल्टर बने किसान</strong></h2>
<p>दरअसल, प्रदेश में ऐसे कई किसान हैं जिन्होंने कुछ साल पहले सहकारी बैंकों और समितियों से कृषि ऋण लिया था। इन किसानों ने बैंक से मिले लोन की राशि खाद, बीज और खेती से जुड़ी जरूरतों के लिए समितियों में जमा कराई थी।</p>
<p>आरोप है कि कई समितियों के प्रबंधकों और सचिवों ने किसानों द्वारा जमा की गई राशि का सही हिसाब नहीं रखा और कुछ मामलों में राशि का दुरुपयोग किया गया। किसानों को भुगतान की रसीद भी उपलब्ध नहीं कराई गई।</p>
<p>जब बाद में बैंक और समितियों का रिकॉर्ड जांचा गया तो कई किसानों के खाते में भुगतान नहीं दिखा। इसके चलते किसान समय पर ऋण जमा नहीं कर पाए और उन्हें डिफॉल्टर की श्रेणी में डाल दिया गया।</p>
<h3><strong>जांच में सामने आई थी बड़ी गड़बड़ी</strong></h3>
<p>इस पूरे मामले की जांच के दौरान सहकारी समितियों में कई स्तरों पर अनियमितताएं सामने आई थीं। इसके बाद कई समिति प्रबंधकों और पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई।</p>
<p>कुछ मामलों में गबन की गई राशि की वसूली भी की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद जिन किसानों के नाम डिफॉल्टर सूची में शामिल हो गए थे, उन्हें अभी तक राहत नहीं मिल सकी है।</p>
<p>डिफॉल्टर होने के कारण इन किसानों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वे सहकारी बैंकों से नया कृषि ऋण नहीं ले पा रहे हैं और समितियों से खाद, बीज जैसी जरूरी सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।</p>
<h4><strong>सरकार देगी बकाया भुगतान में सहयोग</strong></h4>
<p>प्रस्तावित कवच योजना का उद्देश्य ऐसे किसानों को डिफॉल्टर की स्थिति से बाहर निकालना है। योजना के तहत किसानों के बकाया ऋण का कुछ हिस्सा सरकार और कुछ हिस्सा अपेक्स बैंक वहन कर सकती है।</p>
<p>सरकार का मानना है कि जिन किसानों को धोखाधड़ी और प्रशासनिक लापरवाही के कारण नुकसान उठाना पड़ा है, उन्हें राहत देना जरूरी है। इससे किसानों को दोबारा खेती के लिए ऋण सुविधा मिल सकेगी और वे कृषि गतिविधियों को सुचारू रूप से चला पाएंगे।</p>
<h4><strong>कैबिनेट बैठक में हो सकता है फैसला</strong></h4>
<p>कवच योजना का प्रस्ताव अब राज्य कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। यदि मंत्रिमंडल इस प्रस्ताव को मंजूरी देता है तो योजना को लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।</p>
<p>इसके अलावा कैबिनेट बैठक में अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी चर्चा हो सकती है। इनमें योजनाओं की निरंतरता और पेंशन से जुड़े विषय शामिल हैं।</p>
<h5><strong>किसानों को मिलेगा आर्थिक सहारा</strong></h5>
<p>MP में बड़ी संख्या में किसान सहकारी संस्थाओं के माध्यम से खेती के लिए ऋण लेते हैं। ऐसे में किसी भी तरह की गड़बड़ी का सीधा असर किसानों की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है।</p>
<p>किसान संगठनों का कहना है कि लंबे समय से डिफॉल्टर की समस्या झेल रहे किसानों को राहत मिलने से उन्हें खेती में दोबारा निवेश करने का अवसर मिलेगा। साथ ही सहकारी बैंकिंग व्यवस्था में किसानों का भरोसा भी मजबूत होगा।</p>
<h6><strong>डिफॉल्टर किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है योजना</strong></h6>
<p>किसानों के लिए डिफॉल्टर का टैग सिर्फ आर्थिक समस्या नहीं बल्कि भविष्य की खेती पर भी असर डालता है। डिफॉल्टर किसान न तो आसानी से नया ऋण ले पाते हैं और न ही सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठा पाते हैं।</p>
<p>कवच योजना के जरिए सरकार ऐसे किसानों को वित्तीय संकट से बाहर निकालने की कोशिश कर रही है। इससे हजारों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।</p>
<p>फिलहाल सभी की नजरें कैबिनेट बैठक पर टिकी हैं। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो प्रदेश के करीब 5 हजार किसानों के लिए यह बड़ा फैसला साबित हो सकता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>MP Moong Price: मध्य प्रदेश में मूंग के दामों में 500 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी, किसानों को राहत लेकिन सरकार पर बढ़ा आर्थिक दबाव</title>
		<link>https://swarajvani.com/mp-moong-ke-bhav-me-badhotri-kisan-ko-fayda/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 31 Jul 2026 05:24:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[kisan]]></category>
		<category><![CDATA[Moong Procurement]]></category>
		<category><![CDATA[Moong Rate Today]]></category>
		<category><![CDATA[MP Moong Price]]></category>
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					<description><![CDATA[MP Moong Price: मध्य प्रदेश में मूंग के दामों में 500 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी, किसानों को राहत लेकिन सरकार पर बढ़ा आर्थिक दबाव MP Moong Price: मध्य प्रदेश ... <a title="MP Moong Price: मध्य प्रदेश में मूंग के दामों में 500 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी, किसानों को राहत लेकिन सरकार पर बढ़ा आर्थिक दबाव" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-moong-ke-bhav-me-badhotri-kisan-ko-fayda/" aria-label="Read more about MP Moong Price: मध्य प्रदेश में मूंग के दामों में 500 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी, किसानों को राहत लेकिन सरकार पर बढ़ा आर्थिक दबाव">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>MP Moong Price: मध्य प्रदेश में मूंग के दामों में 500 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी, किसानों को राहत लेकिन सरकार पर बढ़ा आर्थिक दबाव</strong></h1>
<p>MP Moong Price: मध्य प्रदेश में मूंग किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश की मंडियों में मूंग के भाव में अचानक तेजी देखने को मिली है। समर्थन मूल्य पर खरीदी की सीमा बढ़ाए जाने के बाद मूंग के दाम में करीब 300 से 500 रुपये प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, जहां एक ओर किसानों को बढ़े हुए भाव से फायदा मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर सरकार के सामने मूंग खरीदी का संकट और गहरा गया है।</p>
<p>मूंग खरीदी को लेकर प्रदेश में पिछले कई वर्षों से विवाद की स्थिति बनी हुई है। केंद्र सरकार द्वारा तय किए गए कोटे से अधिक मूंग खरीदने के कारण राज्य सरकार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि पिछले दो वर्षों में सरकार को करीब 2 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है, जबकि हाल की खरीदी से लगभग 1200 करोड़ रुपये के अतिरिक्त नुकसान की आशंका जताई जा रही है।</p>
<h2><strong>केंद्र के तय कोटे से ज्यादा खरीदी बनी सरकार की परेशानी</strong></h2>
<p>हर साल केंद्र सरकार समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए राज्यों का कोटा तय करती है। मध्य प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों से उत्पादन अधिक होने के कारण सरकार केंद्र द्वारा निर्धारित सीमा से ज्यादा मूंग खरीद रही है।</p>
<p>समस्या यह है कि केंद्र सरकार तय सीमा से अधिक खरीदी गई मूंग को अपने स्तर पर नहीं उठाती। ऐसे में राज्य सरकार को अतिरिक्त स्टॉक खुले बाजार में बेचने के लिए मजबूर होना पड़ता है। टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से बिक्री करने पर व्यापारियों द्वारा समर्थन मूल्य से काफी कम कीमत की पेशकश की जाती है, जिससे सरकार को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।</p>
<h3><strong>दो वर्षों में 5.33 लाख टन अतिरिक्त मूंग खरीदी</strong></h3>
<p>आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 में मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों से लगभग 5.60 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी थी। इसमें करीब 2.84 लाख मीट्रिक टन मूंग केंद्र सरकार द्वारा तय कोटे से अधिक थी।</p>
<p>इसी तरह वित्तीय वर्ष 2024-25 में करीब 5.80 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी गई, जिसमें लगभग 2.49 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त थी। इस तरह दो वर्षों में राज्य सरकार ने केंद्र के कोटे से करीब 5.33 लाख मीट्रिक टन अधिक मूंग खरीदी।</p>
<p>यह खरीदी किसानों से लगभग 8682 से 8768 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर की गई थी। लेकिन जब सरकार ने इस अतिरिक्त मूंग को बेचने का प्रयास किया तो बाजार में अपेक्षित कीमत नहीं मिली।</p>
<h4><strong>टेंडर में कम दाम मिलने से बढ़ा नुकसान</strong></h4>
<p>सरकारी अधिकारियों के अनुसार, अतिरिक्त मूंग बेचने के लिए कई बार टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई, लेकिन व्यापारियों ने समर्थन मूल्य से 1500 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल तक कम कीमत लगाई।</p>
<p>कम कीमत के कारण कई टेंडर निरस्त करने पड़े। लेकिन लगातार प्रयासों के बाद भी खरीदी मूल्य के बराबर कीमत नहीं मिल सकी। इसके चलते सरकार को करीब 2 हजार करोड़ रुपये का नुकसान उठाकर मूंग बेचनी पड़ी।</p>
<h4><strong>2025-26 में भी बढ़ा खरीदी का दबाव</strong></h4>
<p>वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्य प्रदेश ने करीब 7.72 लाख मीट्रिक टन मूंग की खरीदी की है। यह केंद्र सरकार द्वारा तय लक्ष्य 4.19 लाख मीट्रिक टन से करीब 3.53 लाख मीट्रिक टन अधिक है।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, इस अतिरिक्त स्टॉक को बेचने के लिए अब तक तीन बार टेंडर किए जा चुके हैं, लेकिन व्यापारियों द्वारा कम कीमत लगाए जाने के कारण बिक्री नहीं हो पा रही है। यदि समय पर उचित दाम नहीं मिले तो सरकार को 1200 से 1500 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त नुकसान होने की संभावना है।</p>
<h4><strong>खरीदी सीमा बढ़ने से मंडियों में घट गई आवक</strong></h4>
<p>किसानों के आंदोलन के बाद राज्य सरकार ने मूंग खरीदी की सीमा बढ़ाने का फैसला किया था। पहले प्रति एकड़ 120 किलो यानी करीब सवा क्विंटल तक खरीदी का नियम था, जिसे बढ़ाकर 300 किलो यानी करीब 3 क्विंटल प्रति एकड़ कर दिया गया।</p>
<p>सरकार के इस फैसले के बाद मंडियों में मूंग की आवक अचानक कम हो गई। व्यापारियों के अनुसार, पहले जहां रोजाना करीब 25 हजार क्विंटल मूंग मंडियों में पहुंच रही थी, वहीं बाद में यह घटकर करीब 20 हजार क्विंटल रह गई।</p>
<p>आवक कम होने से बाजार में मूंग के भाव में तेजी आई। वर्तमान में प्रदेश की मंडियों में मूंग का अधिकतम भाव करीब 7605 रुपये प्रति क्विंटल और मॉडल भाव लगभग 6900 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है।</p>
<h5><strong>भाव बढ़ने के बावजूद किसान पूरी तरह संतुष्ट नहीं</strong></h5>
<p>Moong के बढ़े हुए भाव के बावजूद किसान पूरी तरह खुश नहीं हैं। किसानों का कहना है कि मंडियों में बिक्री करने पर अभी भी गुणवत्ता के आधार पर उन्हें 1500 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है।</p>
<p>किसानों की मांग है कि सरकार उनकी पूरी उपज खरीदे और उन्हें उचित मूल्य मिले, ताकि उत्पादन लागत और मेहनत का सही लाभ मिल सके।</p>
<h6><strong>Moong विवाद खत्म करने के लिए स्थायी समाधान की जरूरत</strong></h6>
<p>Moong खरीदी को लेकर हर साल बनने वाली स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ स्थायी समाधान की जरूरत बता रहे हैं। कुछ अधिकारियों का कहना है कि मूंग उत्पादन, गुणवत्ता और बाजार व्यवस्था को लेकर स्पष्ट नीति बनाई जानी चाहिए।</p>
<p>किसानों द्वारा कीटनाशकों के अधिक उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। सुझाव दिया गया है कि सरकार मूंग की गुणवत्ता की जांच कराए और यदि कोई समस्या सामने आती है तो उसके समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।</p>
<pre><strong>सरकार और किसानों के बीच संतुलन बड़ी चुनौती</strong></pre>
<p>Moong खरीदी का मुद्दा अब सरकार के लिए आर्थिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चुनौती बन गया है। केंद्र द्वारा तय सीमा के अनुसार खरीदी करने पर किसानों की नाराजगी बढ़ सकती है, जबकि ज्यादा खरीदी करने पर सरकार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।</p>
<p>मार्कफेड से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि किसान आंदोलन के जरिए अपनी मांगें मनवा लेते हैं, लेकिन अतिरिक्त खरीदी से होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी अधिकारियों पर आती है।</p>
<p>ऐसे में आने वाले समय में सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि किसानों को उचित मूल्य भी मिले और सरकारी खजाने पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी न पड़े।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>MP Kisan Protest: भोपाल में किसानों का दो दिन से चल रहा धरना खत्म, सरकार ने मूंग खरीदी की सीमा बढ़ाकर 60 प्रतिशत की</title>
		<link>https://swarajvani.com/mp-kisan-andolan-bhopal-moong-kharidi-seema/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 30 Jul 2026 04:38:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[kisan]]></category>
		<category><![CDATA[MP Kisan Protest Madhya Pradesh Farmers Protest Bhopal Kisan Andolan MP Farmer News Moong Procurement MP]]></category>
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					<description><![CDATA[MP Kisan Protest: भोपाल में किसानों का दो दिन से चल रहा धरना खत्म, सरकार ने मूंग खरीदी की सीमा बढ़ाकर 60 प्रतिशत की MP की राजधानी भोपाल में पिछले ... <a title="MP Kisan Protest: भोपाल में किसानों का दो दिन से चल रहा धरना खत्म, सरकार ने मूंग खरीदी की सीमा बढ़ाकर 60 प्रतिशत की" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-kisan-andolan-bhopal-moong-kharidi-seema/" aria-label="Read more about MP Kisan Protest: भोपाल में किसानों का दो दिन से चल रहा धरना खत्म, सरकार ने मूंग खरीदी की सीमा बढ़ाकर 60 प्रतिशत की">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>MP Kisan Protest: भोपाल में किसानों का दो दिन से चल रहा धरना खत्म, सरकार ने मूंग खरीदी की सीमा बढ़ाकर 60 प्रतिशत की</strong></h1>
<p>MP की राजधानी भोपाल में पिछले दो दिनों से चल रहा किसानों का धरना आंदोलन बुधवार देर रात समाप्त हो गया। समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी की सीमा बढ़ाने और खाद वितरण में ई-टोकन व्यवस्था को लेकर अपनी मांगों को लेकर हजारों किसान राजधानी में जुटे थे। सरकार के साथ हुई बैठक में मांगों पर सहमति बनने के बाद किसान संगठनों ने आंदोलन खत्म करने का फैसला लिया।</p>
<p>किसानों की प्रमुख मांग थी कि समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी की सीमा बढ़ाई जाए और खाद वितरण में लागू ई-टोकन व्यवस्था को हटाया जाए। मंत्रालय में मंत्री समूह और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक के बाद सरकार ने किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने की घोषणा की।</p>
<h2><strong>मूंग खरीदी की सीमा 25 से बढ़ाकर 60 प्रतिशत</strong></h2>
<p>बैठक में सबसे बड़ा फैसला मूंग खरीदी को लेकर लिया गया। सरकार ने तय किया कि अब हर पात्र किसान से उसकी कुल उपज का 60 प्रतिशत तक मूंग समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। इससे पहले खरीदी की सीमा केवल 25 प्रतिशत निर्धारित थी, जिसे लेकर किसानों में नाराजगी थी।</p>
<p>किसानों का कहना था कि कम सीमा तय होने के कारण बड़ी संख्या में किसानों की उपज समर्थन मूल्य योजना के दायरे से बाहर रह जा रही थी। सरकार के नए फैसले से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।</p>
<h3><strong>ई-टोकन व्यवस्था को किया गया स्थगित</strong></h3>
<p>किसानों की दूसरी बड़ी मांग खाद वितरण में लागू ई-टोकन व्यवस्था को लेकर थी। किसानों का आरोप था कि ऑनलाइन टोकन प्रणाली के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के कई किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही थी और उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।</p>
<p>बैठक में सरकार ने खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था को फिलहाल स्थगित करने और इसकी समीक्षा करने का निर्णय लिया है। किसान संगठनों ने इसे अपनी प्रमुख मांगों में से एक की पूर्ति बताया।</p>
<h4><strong>स्लाट बुकिंग और खरीदी की अंतिम तिथि बढ़ाने पर भी सहमति</strong></h4>
<p>सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच हुई चर्चा में स्लाट बुकिंग की प्रक्रिया और मूंग खरीदी की अंतिम तारीख बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। किसानों का कहना था कि कई किसान तकनीकी समस्याओं और समय की कमी के कारण खरीदी प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पा रहे थे।</p>
<p>बैठक में इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए खरीदी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया गया।</p>
<h4><strong>कृषि मंत्री ने साझा किए सरकार के फैसले</strong></h4>
<p>बैठक के बाद कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने सरकार के निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया है और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिए गए हैं।</p>
<p>मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के हितों को प्राथमिकता देती है और कृषि से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि किसानों से जुड़ी अन्य मांगों पर भी सरकार गंभीरता से विचार करेगी।</p>
<h4><strong>किसान संगठनों ने प्रदर्शनकारियों से की चर्चा</strong></h4>
<p>सरकार के साथ बैठक के बाद किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे किसानों से चर्चा की। उन्होंने सरकार के फैसलों की जानकारी दी और आंदोलन समाप्त करने की अपील की।</p>
<p>भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने किसानों के धरना समाप्त करने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा मांगों पर सकारात्मक कदम उठाने के बाद आंदोलन को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।</p>
<p>वहीं राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा ‘कक्का जी’ ने इसे किसानों की जीत बताया। उन्होंने कहा कि किसान संगठनों ने हमेशा किसानों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई है और आगे भी किसानों के हितों के लिए संघर्ष जारी रहेगा।</p>
<h5><strong>दो दिन तक राजधानी में डटे रहे किसान</strong></h5>
<p>मूंग खरीदी और खाद वितरण की समस्याओं को लेकर बड़ी संख्या में किसान भोपाल पहुंचे थे। किसानों ने राजधानी में दो दिनों तक धरना देकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। आंदोलन के दौरान किसानों ने सरकार से जल्द समाधान की मांग की थी।</p>
<p>धरना समाप्त होने के बाद प्रदर्शन स्थल की सफाई भी कराई गई। कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर साफ-सफाई का काम पूरा किया।</p>
<h6><strong>किसानों को फैसलों से मिली राहत</strong></h6>
<p>सरकार के निर्णय के बाद किसानों में राहत की भावना देखी गई। किसान संगठनों का कहना है कि मूंग खरीदी की सीमा बढ़ने से अधिक किसानों को समर्थन मूल्य योजना का लाभ मिलेगा। साथ ही ई-टोकन व्यवस्था की समीक्षा से खाद वितरण की समस्याओं का समाधान होने की उम्मीद है।</p>
<p>हालांकि किसान संगठनों ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे सरकार के फैसलों की निगरानी करेंगे और यदि भविष्य में किसानों की समस्याएं बनी रहती हैं तो दोबारा आवाज उठाई जाएगी।</p>
<p>फिलहाल भोपाल में दो दिनों से चल रहा किसान आंदोलन समाप्त हो गया है और सरकार तथा किसान संगठनों के बीच बातचीत के बाद कई महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति बन गई है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>PM Fasal Bima Yojana: किसानों के लिए जरूरी खबर फसल नुकसान का मुआवजा चाहिए तो 31 जुलाई तक कराएं बीमा, जानें 72 घंटे वाला नियम</title>
		<link>https://swarajvani.com/pm-fasal-bima-yojana-2026-fasal-nuksan-muawza/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 28 Jul 2026 04:29:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[kisan]]></category>
		<category><![CDATA[Crop Insurance Scheme]]></category>
		<category><![CDATA[PM Fasal Bima Yojana 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://swarajvani.com/?p=339512</guid>

					<description><![CDATA[PM Fasal Bima Yojana: किसानों के लिए जरूरी खबर फसल नुकसान का मुआवजा चाहिए तो 31 जुलाई तक कराएं बीमा, जानें 72 घंटे वाला नियम PM Fasal Bima Yojana: प्रधानमंत्री ... <a title="PM Fasal Bima Yojana: किसानों के लिए जरूरी खबर फसल नुकसान का मुआवजा चाहिए तो 31 जुलाई तक कराएं बीमा, जानें 72 घंटे वाला नियम" class="read-more" href="https://swarajvani.com/pm-fasal-bima-yojana-2026-fasal-nuksan-muawza/" aria-label="Read more about PM Fasal Bima Yojana: किसानों के लिए जरूरी खबर फसल नुकसान का मुआवजा चाहिए तो 31 जुलाई तक कराएं बीमा, जानें 72 घंटे वाला नियम">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>PM Fasal Bima Yojana: किसानों के लिए जरूरी खबर फसल नुकसान का मुआवजा चाहिए तो 31 जुलाई तक कराएं बीमा, जानें 72 घंटे वाला नियम</strong></h1>
<p><strong>PM Fasal Bima Yojana:</strong> प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PM Fasal Bima Yojana) के तहत खरीफ मौसम 2026 के लिए फसल बीमा कराने की अंतिम तारीख नजदीक आ गई है। किसान अब 31 जुलाई 2026 तक अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते अपनी फसलों का पंजीयन कराएं, ताकि प्राकृतिक आपदा या अन्य कारणों से फसल खराब होने की स्थिति में उन्हें बीमा सुरक्षा और मुआवजे का लाभ मिल सके।</p>
<p>कृषि विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी किसान की फसल को नुकसान होता है तो उसे इसकी जानकारी <strong>72 घंटे के भीतर</strong> देनी होगी। निर्धारित समय सीमा में सूचना नहीं देने पर बीमा दावा प्रभावित हो सकता है और मुआवजा मिलने में परेशानी आ सकती है।</p>
<h2><strong>31 जुलाई तक करा सकते हैं फसल बीमा</strong></h2>
<p>PM फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ फसलों का बीमा कराने की प्रक्रिया जारी है। आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है। किसानों के पास अब सीमित समय बचा है, इसलिए विभाग ने सभी पात्र किसानों से जल्द से जल्द आवेदन करने की अपील की है।</p>
<p>फसल बीमा योजना का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक जोखिमों से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। सूखा, बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, जलभराव, कीट प्रकोप और अन्य प्राकृतिक कारणों से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए यह योजना किसानों के लिए सहारा बनती है।</p>
<p>कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि समय पर बीमा कराने से किसान किसी भी आपदा की स्थिति में आर्थिक नुकसान को कम कर सकते हैं और खेती से जुड़ी अनिश्चितताओं से राहत पा सकते हैं।</p>
<h3><strong>फसल खराब होने पर 72 घंटे में देनी होगी सूचना</strong></h3>
<p>फसल बीमा योजना में सबसे महत्वपूर्ण नियमों में से एक है नुकसान की सूचना देने की समय सीमा। कृषि विभाग के अनुसार यदि किसी किसान की फसल प्राकृतिक आपदा या किसी अन्य कारण से खराब होती है तो उसे <strong>72 घंटे के अंदर</strong> इसकी जानकारी देनी होगी।</p>
<p>किसान नुकसान की सूचना केंद्र सरकार के <strong>कृषि रक्षक पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 14447</strong> पर दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा किसान अपने नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय, राजस्व विभाग, बैंक या संबंधित बीमा कंपनी को भी नुकसान की जानकारी दे सकते हैं।</p>
<p>समय पर सूचना देने से बीमा कंपनी नुकसान का आकलन कर प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है। यदि किसान निर्धारित समय सीमा में जानकारी नहीं देते हैं तो उनका बीमा दावा प्रभावित हो सकता है।</p>
<h4><strong>इन खरीफ फसलों का कराया जा सकता है बीमा</strong></h4>
<p>खरीफ मौसम 2026 के लिए कई प्रमुख फसलों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल किया गया है। किसान अपनी इन फसलों का बीमा करा सकते हैं—</p>
<ul>
<li>धान (सिंचित और असिंचित)</li>
<li>मक्का</li>
<li>सोयाबीन</li>
<li>अरहर</li>
<li>मूंगफली</li>
<li>मूंग</li>
<li>उड़द</li>
<li>कोदो</li>
<li>कुटकी</li>
<li>रागी सहित अन्य मोटे अनाज</li>
</ul>
<p>राज्य सरकार ने योजना के तहत कई प्रकार के नुकसान को भी बीमा सुरक्षा के दायरे में शामिल किया है। इसमें बाधित बोनी, रोपण में असफलता, स्थानीय प्राकृतिक आपदाएं और फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान शामिल हैं।</p>
<h4><strong>किसानों को मिलेगा इन परिस्थितियों में लाभ</strong></h4>
<p>PM फसल बीमा योजना के तहत किसानों को कई जोखिमों से सुरक्षा मिलती है। यदि प्राकृतिक कारणों से फसल खराब होती है तो किसान बीमा क्लेम कर सकते हैं।</p>
<p>योजना में शामिल प्रमुख परिस्थितियां इस प्रकार हैं—</p>
<ul>
<li>सूखे के कारण फसल नुकसान</li>
<li>अत्यधिक बारिश या बाढ़ से नुकसान</li>
<li>ओलावृष्टि से फसल खराब होना</li>
<li>जलभराव से फसल को नुकसान</li>
<li>कीट और रोगों के कारण उत्पादन में कमी</li>
<li>फसल कटाई के बाद होने वाला नुकसान</li>
</ul>
<p>इस योजना का उद्देश्य किसानों को आर्थिक संकट से बचाना और उन्हें खेती जारी रखने के लिए सहायता उपलब्ध कराना है।</p>
<h5><strong>ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन की सुविधा</strong></h5>
<p>किसानों की सुविधा के लिए फसल बीमा आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध कराई गई है।</p>
<p><strong>ऋणी किसान</strong> यानी जिन्होंने कृषि ऋण लिया है, वे संबंधित बैंक या वित्तीय संस्थान के माध्यम से अपना आवेदन कर सकते हैं।</p>
<p>वहीं <strong>गैर-ऋणी किसान</strong> बैंक, वित्तीय संस्थान, लोक सेवा केंद्र (CSC), बीमा मध्यस्थों या केंद्र सरकार के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।</p>
<p>किसान आवेदन करते समय अपनी व्यक्तिगत जानकारी, भूमि संबंधी दस्तावेज, बैंक खाता विवरण और फसल की जानकारी सही-सही दर्ज कराएं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो।</p>
<h6><strong>किसानों से समय पर पंजीयन की अपील</strong></h6>
<p>कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि अंतिम तिथि का इंतजार न करें और जल्द से जल्द अपनी फसलों का बीमा कराएं। विभाग का कहना है कि समय पर बीमा कराने से किसान प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले संभावित नुकसान के लिए तैयार रहेंगे।</p>
<p>किसानों को सलाह दी गई है कि वे बीमा कराने के बाद सभी जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखें और फसल नुकसान की स्थिति में तुरंत संबंधित विभाग या हेल्पलाइन पर सूचना दें।</p>
<pre><strong>खेती को सुरक्षित बनाने में मददगार योजना</strong></pre>
<p>खेती मौसम और प्राकृतिक परिस्थितियों पर निर्भर रहती है। कई बार अचानक आने वाली आपदाओं के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच का काम करती है।</p>
<p>31 जुलाई तक खरीफ फसलों का बीमा कराने का मौका किसानों के पास है। यदि किसान समय पर पंजीयन करा लेते हैं और नुकसान की स्थिति में 72 घंटे के नियम का पालन करते हैं, तो वे योजना के तहत मिलने वाली सहायता का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।</p>
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