Bhopal मंत्रालय में कैबिनेट बैठक: विकास, किसान कल्याण और महिला सशक्तिकरण पर ऐतिहासिक निर्णय
Bhopal स्थित मंत्रालय में 13 अप्रैल 2026 (सोमवार) को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन के साथ हुई, जिससे पूरे वातावरण में देशभक्ति और गंभीरता का माहौल बन गया।
इस बैठक में प्रदेश के समग्र विकास, कृषि सुधार, महिला सशक्तिकरण, जनजातीय कल्याण और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए, जिन्हें सरकार ने प्रदेश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है।
286 करोड़ की मिडवासा सिंचाई परियोजना को मंजूरी
कैबिनेट बैठक का सबसे प्रमुख निर्णय सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना को मंजूरी देना रहा। इस परियोजना के लिए 286 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद लगभग 7,200 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे क्षेत्र की कृषि क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे सागर जिले की तीन विधानसभा क्षेत्रों के सैकड़ों गांवों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
सरकार का मानना है कि इस योजना से न केवल खेती योग्य भूमि का विस्तार होगा, बल्कि फसल उत्पादन और किसानों की आय में भी सुधार देखने को मिलेगा। यह परियोजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा: खाद सब्सिडी व्यवस्था में बदलाव
कृषि क्षेत्र को राहत देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी (NBS) प्रणाली को मंजूरी दी गई है। इस नई व्यवस्था के तहत फॉस्फेट और पोटाश आधारित खादों पर विशेष सब्सिडी दी जाएगी।
यह व्यवस्था आगामी खरीफ सीजन से लागू होगी। इस योजना के तहत केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष की तुलना में 4317 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया है।
सरकार का दावा है कि इस निर्णय से किसानों पर आर्थिक बोझ कम होगा और उन्हें समय पर उर्वरक उपलब्ध हो सकेंगे, जिससे कृषि उत्पादन में स्थिरता आएगी।
महिला सशक्तिकरण पर सरकार का विशेष फोकस
बैठक में महिला सशक्तिकरण को लेकर कई महत्वपूर्ण पहलें सामने आईं। प्रदेश में 10 अप्रैल से 25 अप्रैल तक “नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा” मनाया जा रहा है।
इस दौरान पूरे राज्य में जागरूकता अभियान, सम्मेलन, रैलियां, पदयात्राएं, और स्कूल-कॉलेजों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन आयोजनों का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं और सामाजिक भागीदारी के प्रति जागरूक करना है।
इसके साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। इस विषय को लेकर प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी व्यापक चर्चा देखी जा रही है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जनजातीय महोत्सव की पहल
कैबिनेट बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि जिन क्षेत्रों को नक्सल प्रभावित माना जाता था, वहां अब जनजातीय महोत्सवों का आयोजन किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य इन क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ना, सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों में विश्वास और विकास की भावना को मजबूत करना है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक नक्सल उन्मूलन का लक्ष्य काफी हद तक पूरा कर लिया गया है। अब इन क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा।
विकास योजनाओं को मिली निरंतरता
राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं को निरंतर जारी रखने की मंजूरी दी है, जिनमें शामिल हैं—
- लोक निर्माण विभाग की सड़क विकास योजनाएं
- संबल योजना (श्रमिक कल्याण हेतु)
- बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान
- महिला हेल्पलाइन 181
- वन स्टॉप सेंटर
- पोषण शक्ति निर्माण योजना
- मध्याह्न भोजन योजना
इन योजनाओं का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
इसके अलावा, राजगढ़, मंडला, नीमच, मंदसौर, श्योपुर और सिंगरौली जिलों में नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्य को भी कैबिनेट द्वारा मंजूरी प्रदान की गई है। इससे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की उम्मीद है।
बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूती
बैठक में सड़क निर्माण, सार्वजनिक कार्यों और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर भी विशेष जोर दिया गया। लोक निर्माण विभाग की विभिन्न परियोजनाओं, बीओटी मार्गों और एनओपी योजनाओं को आगे बढ़ाने की अनुमति दी गई है।
सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बेहतर सड़क संपर्क, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
महिला और बाल विकास योजनाओं पर जोर
बैठक में यह भी सुनिश्चित किया गया कि महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं को और प्रभावी तरीके से लागू किया जाए। विशेष रूप से वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को मजबूत करने पर बल दिया गया।
सरकार का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता प्रदेश की प्राथमिकताओं में शामिल है।
निष्कर्ष
भोपाल में हुई यह कैबिनेट बैठक प्रदेश के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। कृषि, सिंचाई, महिला सशक्तिकरण, जनजातीय विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े फैसले आने वाले समय में मध्य प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को नई गति प्रदान करेंगे।
सरकार का दावा है कि इन निर्णयों से “विकसित मध्य प्रदेश” के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी और प्रदेश के हर वर्ग तक विकास की रोशनी पहुंचेगी।
