Silver ने तोड़ा ऑल-टाइम रिकॉर्ड, 4 दिन में ₹40,000 की ऐतिहासिक छलांग, जल्द ₹3 लाख का आंकड़ा पार करने के संकेत
भारतीय सर्राफा बाजार में इन दिनों असाधारण हलचल देखने को मिल रही है। कीमती धातुओं की कीमतों ने निवेशकों से लेकर आम उपभोक्ताओं तक को चौंका दिया है। खासतौर पर Silver की कीमतों में आई बेतहाशा तेजी ने बाजार में सनसनी फैला दी है। औद्योगिक मांग, वैश्विक अनिश्चितता और निवेशकों की सुरक्षित विकल्प की तलाश के बीच Silver अब नई ऊंचाइयों पर पहुंच चुकी है। शुक्रवार, 16 जनवरी को लगातार चौथे कारोबारी दिन Silver की कीमतों में जोरदार उछाल दर्ज किया गया। इस तेजी के साथ ही Silver ₹2.83 लाख प्रति किलोग्राम के ऑल-टाइम हाई (All-Time High) स्तर पर पहुंच गई। महज चार दिनों में ₹40 हजार की छलांग ने चांदी को इस साल का सबसे तेज रिटर्न देने वाला एसेट बना दिया है।
Silver की सुपरफास्ट रैली: 4 दिन में ₹40,000 का धमाकेदार उछाल
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को Silver की कीमत में ₹5,208 प्रति किलो की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके साथ ही Silver ₹2,82,720 प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई, जबकि कुछ बाजारों में यह ₹2.83 लाख के पार भी कारोबार करती नजर आई। गौर करने वाली बात यह है कि केवल चार दिन पहले तक Silver का भाव करीब ₹2.42 लाख प्रति किलो था। इतने कम समय में ₹40,000 की उछाल ने न सिर्फ निवेशकों को बड़ा मुनाफा दिया है, बल्कि बाजार विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह तेजी सामान्य नहीं, बल्कि लंबे समय तक चलने वाले ट्रेंड का संकेत हो सकती है।
सोने के भाव में हल्की नरमी, लेकिन ऊंचे स्तर पर कायम
जहां Silver रॉकेट की रफ्तार से आगे बढ़ रही है, वहीं सोने की कीमतों में आज हल्की गिरावट देखने को मिली। तीन दिनों की लगातार रिकॉर्ड तेजी के बाद शुक्रवार को सोने में मुनाफावसूली नजर आई। 24 कैरेट सोने का भाव ₹298 की गिरावट के साथ ₹1,41,717 प्रति 10 ग्राम पर खुला। हालांकि, यह गिरावट मामूली मानी जा रही है, क्योंकि इससे पहले 14 जनवरी को सोने ने ₹1,42,015 प्रति 10 ग्राम का अपना अब तक का सबसे ऊंचा स्तर छू लिया था। विशेषज्ञों के अनुसार, सोना अभी भी मजबूत स्थिति में है और लंबी अवधि के लिए सुरक्षित निवेश बना हुआ है।
क्यों लगी है सोने-चांदी की कीमतों में आग?
विशेषज्ञों का कहना है कि इस जबरदस्त तेजी के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय और आर्थिक कारण काम कर रहे हैं—
1️⃣ इंडस्ट्रियल और ग्रीन एनर्जी डिमांड में उछाल अब चांदी सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं रही। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), सेमीकंडक्टर और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में चांदी की भारी मांग है। ग्रीन एनर्जी पर बढ़ते फोकस के चलते चांदी की औद्योगिक खपत लगातार बढ़ रही है, जबकि इसकी सप्लाई सीमित है।
2️⃣ वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव रूस-यूक्रेन युद्ध, मिडिल-ईस्ट में बढ़ता तनाव और वेनेजुएला जैसे देशों की राजनीतिक अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम भरे एसेट से दूरी बनाकर सोने-चांदी जैसे सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की ओर रुख कर रहे हैं।
3️⃣ केंद्रीय बैंकों की आक्रामक खरीदारी भारत, चीन और अन्य देशों के केंद्रीय बैंक लगातार सोने की खरीद बढ़ा रहे हैं। पिछले साल ही वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों ने 900 टन से ज्यादा सोना खरीदा। इससे बाजार में सप्लाई घट गई और कीमतों को मजबूती मिली।
असली Silver की पहचान कैसे करें? जानिए 4 आसान तरीके
कीमतों में उछाल के साथ बाजार में मिलावट का खतरा भी बढ़ गया है। ऐसे में शुद्ध चांदी पहचानना बेहद जरूरी हो जाता है—
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मैग्नेट टेस्ट: असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती।
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आइस टेस्ट: चांदी ऊष्मा की बेहतरीन सुचालक होती है। इस पर रखी बर्फ तेजी से पिघलती है।
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स्मेल टेस्ट: असली चांदी में कोई गंध नहीं होती। अगर धातु से कॉपर जैसी बदबू आए, तो सतर्क हो जाएं।
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क्लॉथ टेस्ट: सफेद सूती कपड़े से रगड़ने पर हल्का काला निशान आए, तो चांदी असली मानी जाती है।
निवेशकों के लिए सलाह: ₹3 लाख तक जा सकती है Silver ?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मौजूदा वैश्विक परिस्थितियां बनी रहीं, तो Silver जल्द ही ₹3 लाख प्रति किलो के स्तर को भी छू सकती है। हालांकि, निवेश से पहले बाजार के उतार-चढ़ाव और अपने वित्तीय लक्ष्य को ध्यान में रखना जरूरी है। फिलहाल इतना तय है कि बुलियन मार्केट में चांदी की चमक ने निवेश की दुनिया में नई हलचल पैदा कर दी है और आने वाले दिनों में यह तेजी और भी सुर्खियां बटोर सकती है।
