उज्जैन-गरोठ फोरलेन पर करोड़ों खर्च, फिर भी दचकों से परेशान यात्री
उज्जैन। करीब 2,660 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे 160 किलोमीटर लंबे उज्जैन-गरोठ फोरलेन (Ujjain-Garoth Fourlane) पर सफर करना लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। हाईवे पर जगह-जगह दचके (jerks) लगने से वाहन चालकों और यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
प्रोजेक्ट डायरेक्टर भी हुए दचकों का शिकार
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने स्वीकार किया है कि रोड के अलाइनमेंट (Alignment) में गड़बड़ी है। खास बात यह है कि प्रोजेक्ट डायरेक्टर एम.एल. पुरबिया खुद इस समस्या के शिकार हो चुके हैं। एक निरीक्षण के दौरान अचानक झटका लगने से उनकी कमर में मोच आ गई थी।
जनप्रतिनिधियों ने उठाई शिकायत
मामला प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (ACS) डॉ. राजेश राजौरा के सामने भी रखा गया। समीक्षा बैठक के दौरान सुवासरा विधायक हरदीप सिंह डंग, मंदसौर सांसद सुधीर गुप्ता और उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि फोरलेन पर बने ज्वॉइंट्स ऊपर-नीचे हो गए हैं, जिससे तेज रफ्तार वाहनों को अचानक झटके लग रहे हैं।
अंडरपास बने तालाब, ग्रामीण परेशान
हाईवे पर बनी एक और बड़ी समस्या अंडरपास में पानी भरना है। बरसात के दौरान पानी की निकासी नहीं होने से ये अंडरपास छोटे तालाब बन जाते हैं, जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में भारी परेशानी होती है। कई बार वाहनों के फंसने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
फोरलेन की खासियतें
- कुल लागत: ₹2,660 करोड़
- लंबाई: 160 किलोमीटर
- स्पीड: 100 किमी/घंटा तक गाड़ियाँ दौड़ेंगी
- कनेक्टिविटी: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधा जुड़ाव

90% काम पूरा, जल्द होगा उद्घाटन
NHAI अधिकारियों का कहना है कि परियोजना का 90% काम पूरा हो चुका है और अगले दो महीनों में हाईवे पूरी तरह तैयार हो जाएगा। वर्तमान में उज्जैन से खेड़ा खजुरिया तक करीब 41 किलोमीटर हिस्से में अंतिम चरण का काम चल रहा है।
हाईवे शुरू होने के बाद उज्जैन से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक की यात्रा और भी तेज और आसान हो जाएगी।
