इंदौर BRTS तोड़ने की तैयारी: 2-3 दिन में शुरू होगा ध्वस्तीकरण, 13 करोड़ खर्च होंगे
Indore BRTS Corridor Demolition News: करीब 6 महीने की देरी के बाद आखिरकार इंदौर नगर निगम ने BRTS (Bus Rapid Transit System) को हटाने की तैयारी पूरी कर ली है। चौथे प्रयास में टेंडर पास होने के बाद राजगढ़ की ठेकेदार कंपनी को काम सौंपा गया है। निगम ने इस प्रोजेक्ट पर 2.55 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है, जबकि नए डिवाइडर और सड़क सुधार पर करीब 13 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
2-3 दिन में टूटना शुरू होगा BRTS कॉरिडोर
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि अगले 2-3 दिन में BRTS कॉरिडोर ध्वस्त करने का काम शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही नई डिज़ाइन के तहत डिवाइडर, स्ट्रीट लाइटिंग और अन्य काम भी किए जाएंगे। निगम का लक्ष्य है कि ट्रैफिक सुचारू रहे और सड़क हादसों की संभावना कम हो।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद तेज हुई कार्रवाई
फरवरी 2025 में हाईकोर्ट ने इंदौर से BRTS हटाने के आदेश दिए थे। करीब 11 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर को बनाने में 300 करोड़ रुपये खर्च हुए थे, लेकिन यह प्रोजेक्ट शुरू से ही विवादों में घिरा रहा।
ट्रैफिक जाम और हादसों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए इसकी वर्षों से हटाने की मांग हो रही थी।
तीन बार टेंडर फेल, चौथे प्रयास में सफलता
नगर निगम ने पहले तीन बार टेंडर जारी किए, लेकिन कोई एजेंसी आगे नहीं आई। इसके बाद कम राशि पर चौथा टेंडर निकाला गया, जिसमें राजगढ़ की ठेकेदार कंपनी ने रुचि दिखाई। सोमवार को ठेकेदार को स्वीकृति पत्र सौंपा जाएगा और इसके बाद वर्क ऑर्डर जारी कर दिया जाएगा।
हादसों से बचाने के लिए तुरंत होगा सड़क सुधार
निगम का कहना है कि BRTS तोड़ने के साथ ही नए डिवाइडर और लाइटिंग का काम तुरंत शुरू किया जाएगा। हाल ही में सत्यसाईं चौराहे के पास अस्थायी डिवाइडर के चलते दो सड़क हादसे हो चुके हैं। इसलिए निगम नहीं चाहता कि ध्वस्तीकरण के दौरान सड़क सुरक्षा पर असर पड़े।
ओवरब्रिज निर्माण से बिगड़ा BRTS
फिलहाल कई हिस्सों में ओवरब्रिज निर्माण के कारण BRTS पहले ही अव्यवस्थित हो चुका है।
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स्कीम नंबर 78 से निरंजनपुर चौराहा
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विजय नगर से सत्यसाईं चौराहा
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सत्यसाईं से स्कीम नंबर 78 तक
कई जगहों पर रैलिंग हटाकर अस्थायी डिवाइडर बिछाए गए हैं, जिससे ट्रैफिक और भी खतरनाक हो गया है।
