Indore में नाश्ता महंगा: 1 से 10 रुपए तक बढ़े दाम, पोहा, समोसा, कचोरी और थाली भी महंगी
Indore । शहर में एलपीजी की किल्लत और पीएनजी गैस के रेट बढ़ने का असर आम लोगों की थाली पर साफ दिखने लगा है। 56 दुकान, सराफा बाजार और चौपाटियों पर मिलने वाले नाश्ते और खाने-पीने की चीज़ों के दाम 1 से 10 रुपए तक बढ़ गए हैं। पोहा, चाय, समोसा, कचोरी, पानीपुरी से लेकर चाइनीज आइटम तक महंगे हो गए हैं। इसका असर ग्राहकी पर भी दिख रहा है।
शहर के फूड हब 56 दुकान और सराफा बाजार में दाम बढ़ने के बाद दुकानों पर ग्राहकों की संख्या में गिरावट देखने को मिल रही है। होटल और स्टॉल संचालकों का कहना है कि बढ़ती लागत के कारण यह कदम मजबूरी में उठाना पड़ा।
ग्राहकों पर असर
ग्राहकों के अनुसार, पहले जहां 400-500 रुपए में दो लोगों का खाना हो जाता था, अब वही खर्च बढ़कर 700-800 रुपए तक पहुंच गया है। मिडिल क्लास परिवारों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा है। पहले लोग हफ्ते में 2-3 बार बाहर खाना खाते थे, अब यह घटकर एक बार या उससे भी कम हो गया है।
56 दुकान पर कुछ खास आइटम्स के दाम बढ़े
- जॉनी हॉट डॉग – 30 रुपए से बढ़कर 35 रुपए
- पानीपुरी – 30 रुपए से बढ़कर 40 रुपए
- चाय – 10 रुपए से बढ़कर 14 रुपए
- कचोरी, समोसा – 5 से 10 रुपए तक महंगे
56 दुकान स्थित विजय चाट हाउस के संचालक मृदुल ठाकर ने बताया कि इस बार रॉ मटेरियल की कीमतों में तेजी के कारण हमें नाश्ते के दाम 1 से 3 रुपए तक बढ़ाने पड़े।
मधुरम स्वीट्स के संचालक श्याम शर्मा ने कहा कि सभी वस्तुओं के दाम बढ़ने के कारण हमें यहां 5 से 7 प्रतिशत तक कीमत बढ़ानी पड़ी।
रेस्टोरेंट संचालकों की प्रतिक्रिया
जॉनी हॉट डॉग के संचालक ने बताया कि पहले हॉट डॉग 30 रुपए में दे रहे थे, अब 35 रुपए कर दिए गए हैं। वहीं, 56 दुकान पर पानीपुरी के प्लेट के दाम 30 से बढ़कर 40 रुपए हो गए हैं।
अनूप नगर स्थित पार्श्वनाथ रेस्टोरेंट के संचालक हितेश जैन ने बताया कि मूंगफली तेल का डिब्बा पहले 2600 रुपए में आ रहा था, अब यही 3100 से 3200 रुपए में उपलब्ध है। इसके चलते नाश्ते के दाम में 5 रुपए की बढ़ोतरी करनी पड़ी।
उत्साह होटल के संचालक राजेंद्र धनोतिया ने कहा कि दाल, तेल, मसाले और गैस सभी महंगे हो गए हैं। कच्चे माल की लागत 20-25 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है। इसलिए कुछ आइटम्स के दाम बढ़ाने पड़े हैं, हालांकि पूरी तरह से कीमत नहीं बढ़ाई जा रही।
होटल संचालक रवि देवांग ने बताया कि सिलेंडर की कमी के कारण परेशानी बढ़ गई है। पुरानी बुकिंग पर रेट नहीं बढ़ा सकते, लेकिन नई बुकिंग बढ़े हुए दाम पर ही ले रहे हैं। फिलहाल कम प्रॉफिट में काम करना पड़ रहा है।
चाय और अन्य नाश्ता आइटम्स भी महंगे
एमजी रोड के चाय विक्रेता दिलीप यादव ने बताया कि पहले 10 रुपए में मिलने वाली चाय अब 14 रुपए में मिल रही है। गैस सिलेंडर महंगा मिलने के कारण रेट बढ़ाना पड़ा, कोई विकल्प नहीं था।
महंगाई का कारण
- गैस सिलेंडर का दाम 1800 से बढ़कर 3-4 हजार रुपए तक पहुंचा
- पैकेजिंग मटेरियल के दाम दोगुने हो गए
- दाल, चावल, तेल, शक्कर सहित अन्य कच्चा माल महंगा
- बिजली बिल में बढ़ोतरी
- PNG गैस की लिमिट के बाद दोगुनी दर से बिलिंग
इस स्थिति ने छोटे और मिडिल क्लास परिवारों पर सीधा असर डाला है। पहले जहां लोग सप्ताह में 2-3 बार बाहर भोजन करते थे, अब यह संख्या घटकर लगभग एक बार या उससे कम रह गई है।
ग्राहक और दुकानदार दोनों पर असर
ग्राहकों की खरीद क्षमता प्रभावित हुई है और दुकानदार लागत बढ़ने के कारण मजबूरी में कीमतें बढ़ाने को मजबूर हैं। कई रेस्टोरेंट अभी भी अपने प्रॉफिट मार्जिन को न्यूनतम रखते हुए काम कर रहे हैं।
इस महंगाई से न केवल रोजमर्रा के नाश्ते पर असर पड़ा है, बल्कि छोटे भोजनालय और स्ट्रीट फूड स्टॉल्स की बिक्री भी प्रभावित हो रही है।
उपसंहार
शहर में एलपीजी और पीएनजी के बढ़े हुए रेट ने नाश्ते और खाने-पीने की चीज़ों के दामों को बढ़ा दिया है। ग्राहकों पर इसका सीधा असर पड़ा है, और दुकानदार भी लागत बढ़ने के कारण कीमतें बढ़ाने को मजबूर हैं। चाय, पोहा, समोसा, कचोरी, पानीपुरी और थाली तक महंगी हो गई है।
यह स्थिति शहर के मिडिल क्लास परिवारों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि रोजमर्रा की थाली पर खर्च बढ़ने से बजट प्रभावित हो रहा है। दुकानदार उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही गैस और कच्चे माल की कीमतों में स्थिरता आएगी, ताकि कीमतों को स्थिर रखा जा सके।
