अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार की ओर BME, अध्यक्ष बने सुशील कोठारी
मुंबई।
बॉम्बे मेटल एक्सचेंज (BME) की नई कार्यकारिणी का गठन हो गया है। वर्ष 2025–27 के लिए सुशील आर. कोठारी को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह कार्यकाल दो वर्षों का होगा। अध्यक्ष पद संभालने के बाद कोठारी ने स्पष्ट कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य संस्था का विस्तार करना और व्यापारियों की समस्याओं का समाधान करना है।
उन्होंने कहा कि BME भारत में अपने विस्तार की गति को तेज करेगा और जल्द ही संस्था को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाया जाएगा। कोठारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान का समर्थन करते हुए कहा कि संस्था इस विज़न को साकार करने में पूरी तरह से सहयोग करेगी।
नई कार्यकारिणी का गठन
BME की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी में कई वरिष्ठ और अनुभवी पदाधिकारी शामिल किए गए हैं:
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रिकब वी. मेहता – चेयरमैन एमेरिटस
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महेंद्र के. मेहता – वरिष्ठ उपाध्यक्ष
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मनीष पी. जैन – उपाध्यक्ष
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अतुल एल. गोयल – सचिव
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संदीप टी. जैन – निदेशक एवं तत्कालीन पूर्व अध्यक्ष
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हेमंत के. पारेख – पूर्व अध्यक्ष (प्रचार एवं कार्यक्रम)
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अल्पेश पी. मुणोत – कोषाध्यक्ष
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मिहिर आर. पारिख – संयुक्त सचिव
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अभिनीत वी. अग्रवाल – निदेशक
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अमित आर. सांगई – निदेशक (कानूनी)
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गौतम पी. पारोलिया – निदेशक (सदस्यता राजदूत)
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गौतम एन. जैन – निदेशक
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चिराग डी. मजीठिया – निदेशक
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आकाश एस. शाह – निदेशक
नई टीम का मुख्य फोकस गैर-लौह धातु उद्योग (Non-Ferrous Metal Industry) को बढ़ावा देना और व्यापारियों को एक मज़बूत मंच प्रदान करना होगा।
BME के लक्ष्य और योजनाएँ
कोठारी ने कहा कि संस्था का लक्ष्य एक आधुनिक, पारदर्शी और मजबूत मंच बनाना है, जो न केवल अपने सदस्यों को बेहतर सेवाएँ दे, बल्कि उद्योग में सहयोग और नवाचार को भी बढ़ावा दे।
उन्होंने यह भी बताया कि BME सरकार और संबंधित मंत्रालयों के साथ मिलकर काम करेगा ताकि व्यापारियों को आसानी से व्यवसाय करने का अवसर मिल सके और उद्योग से जुड़े नियमों को व्यवहारिक ढंग से लागू किया जा सके।
रिकब मेहता का विज़न
चेयरमैन एमेरिटस रिकब वी. मेहता ने कहा कि BME का उद्देश्य सभी धातु संगठनों को एक छत के नीचे लाना है, जिससे उद्योग की आवाज सरकार तक मज़बूती से पहुँच सके। इसी दिशा में BME कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन किया जा रहा है।
📅 तारीख: 12 और 13 जनवरी 2026
📍 स्थान: भारत मंडपम, नई दिल्ली
इस कॉन्क्लेव में व्यापारियों को प्रदर्शनी, नेटवर्किंग और विशेषज्ञों से संवाद का अवसर मिलेगा।
विस्तार की योजनाएँ
नवनिर्वाचित सचिव अतुल गोयल ने कहा कि संस्था आने वाले समय में देश के विभिन्न शहरों में अधिक अध्याय (Chapters) स्थापित करने की योजना बना रही है। इसका उद्देश्य सदस्यों के बीच आपसी संबंध मजबूत करना और उन्हें बेहतर सहयोग प्रदान करना है।
👉 इस तरह, नई कार्यकारिणी के नेतृत्व में BME का लक्ष्य न केवल भारत में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गैर-लौह धातु उद्योग के लिए एक मज़बूत मंच के रूप में स्थापित होना है।

