सेवा संकल्प अभियान में दिखा जनसेवा का जज्बा, रक्तदान कर दिया मानवता का संदेश
मानस भवन दमोह में आयोजित शिविर में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों ने की सहभागिता
कोमल अहिरवार, जिला ब्यूरो चीफ | दैनिक स्वराज वाणी
दमोह। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर ‘सेवा संकल्प अभियान-2026’ के अंतर्गत मानस भवन दमोह में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस दौरान कई लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानव सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।
शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता बढ़ाने के साथ समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों ने रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाया और स्वस्थ एवं पात्र नागरिकों से नियमित अंतराल पर रक्तदान करने का आह्वान किया।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही उपस्थिति
रक्तदान शिविर में आनंद विभाग के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार लखन पटेल, दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी, विधायक जयंत कुमार मलैया, जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल और भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम शिवहरे उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव सहित प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक भी शामिल हुए। सभी ने सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित रक्तदान शिविर को महत्वपूर्ण सामाजिक पहल बताया।
कार्यक्रम के दौरान रक्तदान करने पहुंचे नागरिकों में उत्साह दिखाई दिया। आयोजन स्थल पर रक्तदाताओं के पंजीयन, प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण, रक्त संग्रह और रक्तदान के बाद आवश्यक देखभाल की व्यवस्थाएं की गईं।
पुलिस अधीक्षक ने स्वयं किया रक्तदान
पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि ने शिविर में स्वयं रक्तदान कर ‘रक्तदान—महादान’ के संदेश को साकार किया। उनके रक्तदान करने से शिविर में उपस्थित युवाओं और नागरिकों को भी प्रेरणा मिली। उन्होंने अपने इस कार्य के माध्यम से बताया कि मानवता की सेवा में प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को आगे आना चाहिए।
पुलिस अधीक्षक की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ सामाजिक दायित्व निभाना भी आवश्यक है। शिविर में उपस्थित लोगों ने उनके इस प्रयास की सराहना की। आयोजकों ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा स्वयं रक्तदान करने से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है तथा अन्य लोग भी स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित होते हैं।
जरूरतमंद मरीजों का जीवन बचाता है रक्तदान
रक्तदान को महादान कहा जाता है, क्योंकि आपात स्थिति में उपलब्ध कराया गया रक्त किसी व्यक्ति का जीवन बचा सकता है। दुर्घटना में घायल लोगों, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों, बड़ी शल्य चिकित्सा कराने वालों और प्रसव के दौरान आवश्यकता पड़ने पर रक्त की तत्काल जरूरत होती है।
रक्त का कृत्रिम रूप से निर्माण नहीं किया जा सकता। अस्पतालों और ब्लड बैंकों में इसकी उपलब्धता स्वैच्छिक रक्तदाताओं पर निर्भर रहती है। इसी कारण रक्तदान शिविरों का आयोजन समाज और स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार निर्धारित मानकों को पूरा करने वाला स्वस्थ व्यक्ति चिकित्सकीय जांच के बाद रक्तदान कर सकता है। रक्तदान से पहले रक्तदाता के स्वास्थ्य, वजन, रक्तचाप और हीमोग्लोबिन सहित आवश्यक जांच की जाती है। पात्र पाए जाने पर ही रक्तदान कराया जाता है।
रक्तदान को लेकर भ्रम दूर करना जरूरी
समाज में आज भी रक्तदान को लेकर कई प्रकार के भ्रम पाए जाते हैं। कुछ लोगों को लगता है कि रक्तदान करने से शरीर में कमजोरी आ जाती है अथवा स्वास्थ्य प्रभावित होता है। चिकित्सकों के अनुसार स्वस्थ व्यक्ति द्वारा तय अंतराल के बाद और चिकित्सा परामर्श के अनुसार रक्तदान करना सामान्यतः सुरक्षित माना जाता है।
रक्तदान के बाद शरीर आवश्यक रक्त की पूर्ति प्राकृतिक प्रक्रिया से कर लेता है। रक्तदाता को पर्याप्त पानी पीने, पौष्टिक भोजन करने और कुछ समय तक आराम करने की सलाह दी जाती है। इस संबंध में नागरिकों को सही और वैज्ञानिक जानकारी देना भी ऐसे शिविरों का प्रमुख उद्देश्य रहता है।
सेवा कार्यों से समाज को जोड़ने का प्रयास
सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से समाज के अलग-अलग वर्गों को जनसेवा की गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। रक्तदान शिविर जैसे कार्यक्रम लोगों में परोपकार, संवेदनशीलता और सामाजिक सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।
आयोजकों ने नागरिकों से अपील की कि वे रक्तदान को केवल विशेष अवसर तक सीमित न रखें। स्वस्थ और पात्र व्यक्ति नियमित अंतराल पर स्वैच्छिक रक्तदान कर जरूरतमंदों की सहायता कर सकते हैं। इसके साथ ही परिवार, मित्रों और युवाओं को भी रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए।
मानस भवन में आयोजित शिविर ने सेवा, सहयोग और मानवता का संदेश दिया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने जरूरतमंद मरीजों की सहायता और जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय सहभागिता करने का संकल्प लिया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने रक्तदाताओं के योगदान की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
