बिहार चुनाव 2025: NDA में सीट बंटवारा तय, भाजपा-जदयू बराबरी पर, लोजपा और हम को भी मिला हिस्सा
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने आखिरकार सीट बंटवारे का ऐलान कर दिया है। लंबे समय से चल रही चर्चाओं और रणनीतिक बैठकों के बाद गठबंधन के सभी प्रमुख दलों ने सीटों का फॉर्मूला तय कर लिया है। इस बार बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी) और जेडीयू (जनता दल यूनाइटेड) बराबर-बराबर यानी 101-101 सीटों पर चुनाव मैदान में उतरेंगी। वहीं, लोजपा (रामविलास), हम (हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को भी गठबंधन में सम्मानजनक हिस्सेदारी दी गई है।
🔹 सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय
बिहार की कुल 243 विधानसभा सीटों में से एनडीए ने सीटों का संतुलित वितरण किया है।
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) – 101 सीटें
- जनता दल यूनाइटेड (जदयू) – 101 सीटें
- लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) – 29 सीटें
- हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) – 6 सीटें
- राष्ट्रीय लोक मोर्चा – 6 सीटें
इस बंटवारे के साथ ही बिहार में NDA का गठबंधन एकजुट होकर चुनावी रण में उतरने की तैयारी कर चुका है। गठबंधन नेताओं का कहना है कि सीट वितरण पूरी सहमति और सामंजस्य के साथ तय किया गया है ताकि राज्य में स्थिरता और विकास की राह को और मजबूत किया जा सके।
🔹 भाजपा और जदयू के बीच बराबरी का समझौता
पिछले कुछ चुनावों में भाजपा और जदयू के बीच सीट बंटवारे को लेकर कई बार मतभेद देखने को मिले थे, लेकिन इस बार दोनों दलों ने बराबरी के आधार पर चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह समझौता बिहार की राजनीति में एक “संतुलित साझेदारी” का संकेत है।
भाजपा का फोकस उन क्षेत्रों पर रहेगा जहां पार्टी ने पिछले लोकसभा चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया था, जबकि जदयू अपने परंपरागत वोटबैंक वाले इलाकों — खासकर ग्रामीण और पिछड़े वर्गों वाले क्षेत्रों — में मजबूत पकड़ बनाने पर ध्यान देगी।
🔹 लोजपा (रामविलास) को 29 सीटों का हिस्सा
लोजपा (रामविलास) को गठबंधन में 29 सीटें मिली हैं। यह फैसला दल के नेता चिराग पासवान के लिए राहत की खबर है, क्योंकि वे पहले अधिक सीटों की मांग कर रहे थे। माना जा रहा है कि लोजपा को शहरी और दलित बहुल क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारने का अवसर मिलेगा।
चिराग पासवान ने कहा कि पार्टी गठबंधन के साथ मजबूती से खड़ी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार के विकास को नया आयाम देने के लिए पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगी।
🔹 हम और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 6-6 सीटें
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के नेता जीतनराम मांझी और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेता उपेंद्र कुशवाहा को भी गठबंधन में 6-6 सीटों का हिस्सा दिया गया है। दोनों दलों का कहना है कि वे एनडीए के साझा लक्ष्य “विकसित बिहार” के मिशन को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं।
विशेषकर मांझी की पार्टी का प्रभाव गया और आसपास के इलाकों में देखा जाता है, जबकि कुशवाहा की पकड़ पूर्वी बिहार के कई हिस्सों में है। दोनों नेताओं की मौजूदगी एनडीए को पिछड़े वर्गों और अति पिछड़े वर्गों के वोटों में फायदा पहुंचा सकती है।
🔹 एनडीए की रणनीति — “एकजुट होकर जीत की ओर”
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार एनडीए की प्राथमिकता एकता और संगठनात्मक मजबूती पर है। गठबंधन के सभी दलों को यह एहसास है कि विपक्षी महागठबंधन (राजद-कांग्रेस-लेफ्ट) के सामने टिके रहने के लिए एकजुटता ही सबसे बड़ा हथियार है।
बीजेपी और जदयू ने चुनाव प्रचार की रूपरेखा भी लगभग तय कर ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और गृह मंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेता संयुक्त रैलियों में हिस्सा लेंगे। इन रैलियों का फोकस होगा — “विकास, सुशासन और स्थिर सरकार।”
🔹 विपक्ष के लिए चुनौतीपूर्ण राह
महागठबंधन के सामने अब बड़ी चुनौती यह है कि एनडीए के इस संतुलित सीट बंटवारे का मुकाबला कैसे किया जाए। राजद और कांग्रेस के बीच सीट वितरण पर अभी भी पूरी सहमति नहीं बनी है। वहीं, जदयू के साथ भाजपा की तालमेल और मजबूत संगठन विपक्ष के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है।
🔹 निष्कर्ष
एनडीए का यह सीट बंटवारा बिहार में एक बड़ा राजनीतिक संकेत देता है — कि 2025 का चुनाव “बराबरी की साझेदारी” और “विकास की राजनीति” पर लड़ा जाएगा। भाजपा और जदयू के बीच संतुलन बनाए रखना, लोजपा और छोटे सहयोगी दलों को साथ लेकर चलना, और मोदी-नीतीश की जोड़ी को केंद्र में रखना — यही एनडीए की इस बार की जीत की रणनीति होगी।
