Bhupesh Baghel Durg बयान में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने BJP-RSS पर डर फैलाकर 3 बार चुनाव जीतने का आरोप लगाया। उन्होंने कथावाचकों द्वारा अंधविश्वास फैलाने पर भी कड़ा प्रहार किया।
सम्मेलन की पृष्ठभूमि
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में आयोजित अखिल भारतीय एससी, एसटी, ओबीसी संयुक्त मोर्चा के संविधान पर्व एवं राज्य स्तरीय सम्मेलन में पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने केंद्र की राजनीति, BJP-RSS और चर्चित कथावाचकों को लेकर तीखा भाषण दिया।
Bhupesh Baghel Durg: BJP-RSS पर डर की राजनीति का आरोप
Bhupesh Baghel Durg कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि देश में हिंदू कभी खतरे में नहीं था, लेकिन BJP-RSS ने “हिंदू खतरे में है” का डर दिखाकर तीन बार सत्ता हासिल की। यह पूरी तरह से भय पर आधारित राजनीति है।
‘हिंदू नहीं, अब सनातनी’ बयान
भूपेश बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि अब ये लोग खुद को हिंदू कहने के बजाय “सनातनी” कहने लगे हैं, ताकि समाज को नए शब्दों के जरिए बांटा जा सके।
मुगल-सुल्तान काल पर बड़ा बयान
उन्होंने कहा कि:
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आज़ादी की लड़ाई के समय भी हिंदू खतरे में नहीं थे
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देश आज़ाद होने पर भी कोई संकट नहीं था
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मुगलों और सुल्तानों के दौर में भी हिंदू सुरक्षित थे
असल में “हिंदू खतरे में है” का नैरेटिव RSS-BJP शासन के साथ उभरा।
कथावाचकों पर सीधा हमला
भूपेश बघेल ने नाम लेकर कहा कि प्रदेश में दो कथावाचक— Pradeep Mishra और Dhirendra Shastri—अंधविश्वास फैला रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ये भगवान शिव या हनुमान के दर्शन की जगह टोटके, चमत्कार और डर बेच रहे हैं।
अंधविश्वास बनाम वैज्ञानिक सोच
Bhupesh Baghel Durg बयान में उन्होंने चिंता जताई कि:
“समाज जितना पढ़ा-लिखा हो रहा है, उतना ही ज्यादा अंधविश्वासी बनता जा रहा है।”
उन्होंने कहा कि आम श्रद्धालु भी जानते हैं कि शिव और हनुमान कौन हैं, पूजा कैसे होती है—फिर भी डर के नाम पर लोग ठगे जा रहे हैं।
श्रद्धालु बनाम कथावाचक संपन्नता
भूपेश बघेल ने कहा:
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श्रद्धालु भारी धनराशि चढ़ाते हैं
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उनकी ज़िंदगी बदली या नहीं, पता नहीं
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लेकिन महाराजों की हालत जरूर सुधर गई
उन्होंने महापुरुषों के अंधविश्वास-विरोधी संघर्ष को याद करते हुए इसे सामाजिक पीछे लौटना बताया।
सर्वे विवाद पर प्रतिक्रिया
अपने नाम पर कराए जा रहे सर्वे पर उन्होंने कहा:
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“क्या मुझे गिरफ्तार किया जाना चाहिए?” जैसे सवाल लोकतंत्र का मज़ाक हैं
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पुलिस और न्याय व्यवस्था है, फैसला कोर्ट करता है
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ऐसे सर्वे BJP का डर दिखाते हैं
उन्होंने स्पष्ट कहा— “मैं डरने वाला नहीं हूं।”
राजनीतिक मायने
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार:
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Bhupesh Baghel Durg बयान 2026 की राजनीति की दिशा तय कर सकता है
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SC-ST-OBC और अल्पसंख्यक वर्ग को सीधा संदेश
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BJP की सांस्कृतिक राजनीति पर वैचारिक हमला
निष्कर्ष
Bhupesh Baghel Durg कार्यक्रम सिर्फ एक भाषण नहीं, बल्कि डर बनाम संविधान, अंधविश्वास बनाम विवेक और राजनीति बनाम समाज के बीच स्पष्ट रेखा खींचता नजर आया।
