तुलसी नगर Bhopal में ऐतिहासिक आयोजन की शुरुआत
Bhopal : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती के अवसर पर 3 दिवसीय भव्य महोत्सव का शुभारंभ बड़े ही गरिमामय और उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया।
यह आयोजन 12 अप्रैल से 14 अप्रैल 2026 तक डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती मैदान, तुलसी नगर, भोपाल में आयोजित किया जा रहा है।
इस भव्य कार्यक्रम का उद्घाटन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के करकमलों से किया गया, जिससे पूरे आयोजन में एक विशेष गरिमा और राजनीतिक-सामाजिक महत्व जुड़ गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में डॉ. आंबेडकर अनुयायी, सामाजिक कार्यकर्ता, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और आम नागरिक उपस्थित रहे। पूरा परिसर “जय भीम” के नारों से गूंज उठा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संबोधन
कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के जीवन, संघर्ष और योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने न केवल भारत का संविधान बनाया, बल्कि विश्व स्तर पर देश का गौरव बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. आंबेडकर का जीवन संघर्षों से भरा हुआ था, लेकिन उन्होंने हर कठिनाई को पार करते हुए समाज को एक नई दिशा दी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाबा साहेब के सपनों को साकार करने के लिए लगातार कार्य कर रही है और समाज के हर वर्ग को न्याय, समानता और अवसर उपलब्ध कराना प्राथमिक लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि डॉ. आंबेडकर के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उनके समय में थे।
बाबा साहेब के सपनों को साकार करने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में लगातार सुधार कर रही है ताकि बाबा साहेब के सपनों का भारत बनाया जा सके।
उन्होंने जोर देकर कहा कि संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं बल्कि देश की आत्मा है और इसका सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने मुख्यमंत्री के विचारों का स्वागत करते हुए तालियों से उनका समर्थन किया।
मंच पर मौजूद प्रमुख अतिथि
इस भव्य कार्यक्रम में कई प्रमुख राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में विधायक श्री भगवानदास सबनानी, आरपीआई (आंबेडकर) के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. मोहनलाल पाटील, दि बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया के श्री बी. टी. गजभीये, समता सैनिक दल के श्री उदभान चवरे और जयंती समारोह समिति के अध्यक्ष श्री रामु गजभिये शामिल रहे।
इन सभी ने अपने-अपने विचार रखते हुए डॉ. आंबेडकर के विचारों को आज के समय में लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
आयोजन का संचालन और व्यवस्था
कार्यक्रम का संचालन वामन जंजाले द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया।
मंच पर कई गणमान्य व्यक्ति जैसे धम्मरतन सोमकुवर, बाबुराव ढोने, चिंतामन पगारे, गौतम पाटील, विजय कुमार, दिलीप मस्के, दिलीप बागड़े और दिलीप कडबे भी उपस्थित रहे।
पूरे आयोजन स्थल पर सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और बैठने की व्यवस्था को विशेष रूप से तैयार किया गया था ताकि श्रद्धालुओं और आगंतुकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का विशेष आयोजन किया गया, जिसने पूरे वातावरण को भावनात्मक और प्रेरणादायक बना दिया।
महाराष्ट्र के प्रसिद्ध गायक देवानंद जगताप और गायिका स्वरा तामगाडगे ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के जीवन, संघर्ष और सामाजिक योगदान पर आधारित गीतों की प्रस्तुति दी।
उनकी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावुक कर दिया और पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
लोगों ने इन प्रस्तुतियों को केवल मनोरंजन नहीं बल्कि प्रेरणा और चेतना का माध्यम बताया।
सामाजिक एकता और जनसैलाब का दृश्य
कार्यक्रम में भोपाल सहित मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अनुयायी पहुंचे।
पूरे आयोजन स्थल पर “जय भीम” के नारे लगातार गूंजते रहे, जिससे वातावरण में एक अलग ही ऊर्जा और उत्साह देखने को मिला।
लोग सुबह से ही आयोजन स्थल पर पहुंचने लगे थे और शाम तक भीड़ लगातार बढ़ती रही।
डॉ. आंबेडकर के विचारों की प्रासंगिकता
वक्ताओं ने इस अवसर पर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों की वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि आज भी समाज में समानता, शिक्षा और न्याय के लिए बाबा साहेब के विचार मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
उनके द्वारा दिया गया संविधान आज भी देश की एकता और अखंडता का सबसे मजबूत आधार है।
राजनीतिक और सामाजिक महत्व
इस आयोजन को केवल एक जयंती समारोह नहीं बल्कि सामाजिक और राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों की भागीदारी ने इसे और अधिक व्यापक बना दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकता को मजबूत करने के साथ-साथ राजनीतिक संदेश भी देते हैं।
आयोजन समिति की भूमिका
जयंती समारोह समिति ने पूरे कार्यक्रम की जिम्मेदारी बखूबी संभाली।
सुरक्षा, भोजन, बैठने की व्यवस्था और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के संचालन में समिति की सक्रिय भूमिका रही।
समिति के अध्यक्ष रामु गजभिये ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह आयोजन बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास है।
निष्कर्ष
भोपाल में आयोजित यह 3 दिवसीय डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती महोत्सव केवल एक धार्मिक या औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह सामाजिक चेतना, समानता और संविधान की भावना को मजबूत करने वाला एक बड़ा आयोजन है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उद्घाटन ने इस कार्यक्रम को और अधिक गरिमा प्रदान की है।
यह आयोजन आने वाले दिनों में सामाजिक एकता, शिक्षा और न्याय की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरेगा।
