भोपाल ATS की बड़ी कार्रवाई: फराज उर्फ खालिद और नईम गिरफ्तार, 2047 तक भारत में शरिया कानून लागू करने की साजिश का आरोप
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आतंकवाद विरोधी दस्ता (ATS) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए संदिग्ध आतंकी गतिविधियों में शामिल मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार फराज पर आरोप है कि वह देश में कट्टरपंथी नेटवर्क खड़ा करने और वर्ष 2047 तक भारत में शरिया कानून लागू करने के उद्देश्य से सक्रिय था। प्रारंभिक जांच में उसके पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलर्स से संपर्क होने की भी जानकारी सामने आई है।
फराज की गिरफ्तारी के बाद उसके परिवार के सदस्य घर छोड़कर चले गए हैं। जिस मकान में वह अपने परिवार के साथ रहता था और जिस क्लीनिक में वह पिछले कई वर्षों से काम कर रहा था, दोनों स्थानों पर ताला लगा मिला है। एटीएस की इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है।
कांग्रेस नगर से हुई गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार एटीएस ने भोपाल के कांग्रेस नगर क्षेत्र से मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह को गिरफ्तार किया। फराज पिछले लगभग 15 वर्षों से इसी इलाके में रह रहा था। स्थानीय स्तर पर वह एक मेडिकल क्लीनिक में कंपाउंडर के रूप में काम करता था और सामान्य जीवन व्यतीत करता दिखाई देता था।
बताया जा रहा है कि फराज का रहन-सहन ऐसा था कि आसपास के अधिकांश लोगों को उसकी गतिविधियों पर कोई संदेह नहीं था। हालांकि जांच एजेंसियों को उसके बारे में लंबे समय से कुछ महत्वपूर्ण सूचनाएं मिल रही थीं, जिसके आधार पर निगरानी की जा रही थी।
15 वर्षों से भोपाल में रह रहा था
फराज कांग्रेस नगर स्थित एक दो मंजिला मकान में अपने परिवार के साथ रहता था। वह क्षेत्र में स्थित खुशबू मेडिकल क्लीनिक में कार्यरत था। क्लीनिक का संचालन डॉ. परवेज अली द्वारा किया जाता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार फराज का परिवार लंबे समय से इलाके में रह रहा था और आसपास के लोगों से सामान्य संबंध बनाए हुए था। हालांकि उसकी गिरफ्तारी के बाद सामने आए तथ्यों ने स्थानीय निवासियों को भी हैरान कर दिया है।
गिरफ्तारी के बाद परिवार हुआ लापता
ATS की कार्रवाई के बाद फराज के परिवार के सदस्य घर छोड़कर कहीं चले गए हैं। शनिवार को जब स्थानीय लोग और मीडिया कर्मी उसके घर पहुंचे तो मकान पर ताला लगा मिला। इसी तरह जिस क्लीनिक में वह काम करता था, वहां भी ताला लटका हुआ था।
पड़ोसियों के मुताबिक फराज की पत्नी कुछ समय पहले ही बच्चों के साथ कहीं चली गई थी। वहीं गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद परिवार के अन्य सदस्य भी घर छोड़कर चले गए। फिलहाल उनके ठिकाने के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
घर में आयोजित होती थी धार्मिक कक्षाएं
स्थानीय लोगों का कहना है कि फराज के घर पर नियमित रूप से धार्मिक गतिविधियां भी आयोजित होती थीं। बताया जा रहा है कि प्रत्येक मंगलवार को वहां कुरान की कक्षाएं आयोजित की जाती थीं, जिसमें आसपास के कुछ लोग भी शामिल होते थे।
हालांकि जांच एजेंसियां फिलहाल इस संबंध में भी जानकारी जुटा रही हैं कि इन बैठकों का स्वरूप क्या था और क्या इनका किसी संदिग्ध गतिविधि से कोई संबंध था। एटीएस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मामले के हर पहलू की जांच कर रही हैं।
आतंकी नईम अब्दुल्ला से जुड़े तार
जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है। एटीएस के अनुसार फराज का संबंध कथित आतंकी नईम अब्दुल्ला से भी था। सुरक्षा एजेंसियों ने नईम को भी गिरफ्तार किया है।
जांचकर्ताओं का आरोप है कि नईम पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी नेटवर्क के संपर्क में था और भारत में उनके लिए नेटवर्क तैयार करने का प्रयास कर रहा था। बताया जा रहा है कि नईम ने ही फराज की मुलाकात पाकिस्तान स्थित कथित हैंडलर्स से कराई थी।
एजेंसियों को संदेह है कि दोनों मिलकर युवाओं को प्रभावित करने और एक संगठित नेटवर्क खड़ा करने की दिशा में काम कर रहे थे। हालांकि इन आरोपों की विस्तृत जांच अभी जारी है और कई पहलुओं की पुष्टि की जा रही है।
पाकिस्तान कनेक्शन की जांच
सुरक्षा एजेंसियां अब फराज और नईम के डिजिटल उपकरणों, मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट्स और अन्य दस्तावेजों की गहन जांच कर रही हैं। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि दोनों के संपर्क किन-किन लोगों से थे और क्या इनके नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं।
ATS यह भी जांच कर रही है कि पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलर्स से इनका संपर्क कब और किस माध्यम से स्थापित हुआ था। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर
इस मामले के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। जांच अधिकारियों का मानना है कि यह केवल दो व्यक्तियों तक सीमित मामला नहीं हो सकता, इसलिए नेटवर्क के अन्य संभावित सदस्यों की भी तलाश की जा रही है।
ATS के साथ-साथ अन्य केंद्रीय और राज्य स्तरीय एजेंसियां भी मामले की निगरानी कर रही हैं। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर और गिरफ्तारियां या महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
जांच जारी, कई पहलुओं पर फोकस
फिलहाल ATS दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनके संपर्कों, वित्तीय लेन-देन, डिजिटल गतिविधियों तथा कथित नेटवर्क की संरचना की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
भोपाल में हुई यह कार्रवाई राज्य की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। वहीं स्थानीय स्तर पर भी इस मामले को लेकर लोगों में काफी चर्चा है और सभी की नजर अब जांच एजेंसियों द्वारा सामने लाई जाने वाली अगली जानकारी पर टिकी हुई है।
