भीनमाल समरसता यज्ञ के 177वें आयोजन में पहली बार अनीता बंजारा मुख्य यजमान बनीं। सनातन संस्कृति जागरण संघ के घर-घर यज्ञ अभियान के तहत कई लोगों ने नशा और मांसाहार त्यागने तथा बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने का संकल्प लिया। पूरी खबर पढ़ें।
भीनमाल समरसता यज्ञ: 177वें आयोजन में ऐतिहासिक उपलब्धि, पहली महिला मुख्य यजमान बनीं अनीता बंजारा
रिपोर्ट: मुकेश सोलंकी | दैनिक स्वराज वाणी
भीनमाल समरसता यज्ञ ने रविवार को एक नया इतिहास रच दिया। स्थानीय सनातन संस्कृति जागरण संघ द्वारा संचालित घर-घर यज्ञ अभियान के अंतर्गत आयोजित 177वें समरसता यज्ञ में पहली बार अनीता बंजारा मुख्य यजमान बनीं। इस आयोजन ने सामाजिक समरसता, महिला सशक्तिकरण, व्यसन मुक्ति और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों को एक साथ जोड़ते हुए समाज के सामने प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।
भीनमाल समरसता यज्ञ में बना इतिहास
भीनमाल समरसता यज्ञ के 177वें आयोजन का आयोजन गौडी पार्श्वनाथ नगर में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समरस, समरूप, एकरूप तथा व्यसन मुक्त संगठित हिंदू समाज का निर्माण करना था।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग, महिलाएं, युवा और बच्चे शामिल हुए। यह आयोजन सामाजिक समानता और धार्मिक जागरूकता का अनूठा उदाहरण बना।
पहली महिला मुख्य यजमान बनीं अनीता बंजारा
इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता रही कि सनातन संस्कृति जागरण संघ के इतिहास में पहली बार अनीता बंजारा मुख्य यजमान बनीं।अनीता बंजारा ने अपने परिवार के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ में पूर्णाहुति दी। इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लेकर महिला नेतृत्व को नई पहचान दी।
वैदिक विधि से सम्पन्न हुआ यज्ञ
वैदिक विद्वान राव विक्रम सिंह आर्य ने वैदिक रीति-रिवाज एवं मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ सम्पन्न कराया।संघ के वरिष्ठ सदस्य वालाराम मौर्य ने बताया कि यज्ञ में विभिन्न समाजों के लोगों की सहभागिता ने सामाजिक समरसता का संदेश दिया।
व्यसन मुक्ति और शिक्षा का लिया संकल्प
भीनमाल समरसता यज्ञ के समापन पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने यज्ञ वेदी को साक्षी मानकर कई महत्वपूर्ण संकल्प लिए।इनमें प्रमुख रूप से—
- शराब छोड़ने का संकल्प
- बीड़ी और सिगरेट छोड़ने का संकल्प
- गुटखा एवं तंबाकू का त्याग
- मांसाहार छोड़ने का संकल्प
- बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने का संकल्प
इस दौरान कई लोगों ने सार्वजनिक रूप से कहा कि वे जीवनभर किसी भी प्रकार का नशा नहीं करेंगे।
युवाओं को नशे से दूर रखने पर हुई चर्चा
यज्ञ के बाद आयोजित विचार गोष्ठी में समाज के वरिष्ठजनों ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की।दीपाराम गहलोत एवं पारसमल बंजारा ने समाज सुधार, युवा जागरण और हिंदू समाज में समानता को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए।उपस्थित लोगों ने सभी सुझावों का समर्थन करते हुए समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प दोहराया।
घर-घर यज्ञ अभियान बना सामाजिक परिवर्तन का माध्यम
सनातन संस्कृति जागरण संघ का घर-घर यज्ञ अभियान पिछले कई वर्षों से लगातार संचालित किया जा रहा है।
इस अभियान का उद्देश्य है—
- जातिगत भेदभाव समाप्त करना
- सामाजिक समरसता बढ़ाना
- व्यसन मुक्त समाज बनाना
- परिवारों में धार्मिक संस्कार बढ़ाना
- बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करना
- समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करना
हर सप्ताह अलग-अलग बस्तियों में आयोजित होने वाले इन यज्ञों में सैकड़ों परिवार भाग लेते हैं।
कार्यक्रम में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
संगठन के मीडिया प्रभारी माणकमल भंडारी ने बताया कि कार्यक्रम में निम्नलिखित लोग उपस्थित रहे—
- अनीता बंजारा
- राव विक्रम सिंह आर्य
- वालाराम मौर्य
- पारसमल बंजारा
- छोगाराम माली
- ओटाराम मेघवाल
- फगलूराम मेघवाल
- मोहनलाल माली
- बीजाराम राणा
- राजूसिंह माली
- दीपाराम गहलोत
- सोमताराम माली
- सुखराज माली
- राहुल बंजारा
- प्रवीण बंजारा
- मनीष पूरी
- भावेश कुमार
- रमेश राणा
- आर्य राहुल बंजारा
- आर्य अक्षय बंजारा
- रतन बंजारा
- गौरव बंजारा
- हितेश बंजारा
- कार्तिक बंजारा
- सुरेश बंजारा
- प्रकाश बंजारा
साथ ही बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, महिलाएं, युवा एवं बच्चे उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
भीनमाल समरसता यज्ञ केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन का एक प्रभावी अभियान बन चुका है। 177वें आयोजन में पहली महिला मुख्य यजमान के रूप में अनीता बंजारा का चयन महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। वहीं व्यसन मुक्ति, शिक्षा और सामाजिक समानता के लिए लिए गए संकल्प समाज के उज्ज्वल भविष्य की ओर संकेत करते हैं।
