संयुक्त राष्ट्र में Bharat का तीखा बयान: अफगानिस्तान के पक्ष में समर्थन, पाकिस्तान पर कड़ी चेतावनी
संयुक्त राष्ट्र — Bharat ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अफगानिस्तान के बारे में अपना स्पष्ट और सशक्त रुख पेश करते हुए न सिर्फ मानवीय सहायता और आतंकवाद विरोधी कार्रवाई पर जोर दिया, बल्कि पाकिस्तान के हालिया सैन्य व्यवहारों पर भी तीखी चेतावनी जारी की। Bharat के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने यूएन में भाषण देते हुए अफगानिस्तान के साथ भारत के ऐतिहासिक रिश्तों, वहां के सामाजिक-आर्थिक संकट और सीमा पार से होने वाले खतरों पर विस्तार से बात की।
Bharat ने अपने विचारों को दस मुख्य बिंदुओं में विभक्त करते हुए न सिर्फ अफ़गानिस्तान के लोगों के लिए वैश्विक समर्थन की आवश्यकता पर बल दिया, बल्कि दुनिया से साथ मिलकर आतंकवाद से निपटने और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन की अपील भी की।
अफगानिस्तान के साथ गहरा और मजबूती से बना रिश्ता
Bharat ने संयुक्त राष्ट्र में शुरुआत में यह रेखांकित किया कि उसके और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से एक “घनिष्ठ और बहुआयामी” साझेदारी रही है। यह साझेदारी सिर्फ राजनयिक या राजनीतिक नहीं है, बल्कि आम अफगानों के जीवन, स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़ी है।
Bharat ने कहा कि वर्तमान कठिनाइयों के बावजूद वह अफगान लोगों के साथ खड़ा है और उन्हें आगे बढ़ने में मदद करेगा। भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने यह भी जोर दिया कि अफगानिस्तान न केवल अपनी भूमि पर संकट झेल रहा है बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता के सुरक्षित भविष्य की तलाश में भी संघर्ष कर रहा है।
व्यापक विकास और सहायता कार्यक्रमों की जानकारी
Bharat ने बताया कि वह अफ़गानिस्तान के 34 जिलों/प्रांतों में 500 से अधिक विकास परियोजनाओं के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और क्षमता निर्माण में सहयोग कर रहा है। ये परियोजनाएँ न केवल स्थानीय लोगों की आवश्यक जरूरतों को पूरा करती हैं, बल्कि रोजगार, शिक्षा और बेहतर जीवन स्वास्थ्य जैसी मूलभूत जरूरतों को भी पूरा करती हैं।
इसके अलावा, भारत ने यह स्पष्ट किया कि यह समर्थन सिर्फ आर्थिक या ऐतिहासिक रूप से नहीं दिया जा रहा है, बल्कि यह एक “दृढ़ राजनीतिक और मानवीय प्रतिबद्धता” है।
स्वास्थ्य सहायता वैक्सीन, दवाइयाँ और राहत सामग्री
Bharat ने पिछले तीन महीनों में अफ़गानिस्तान को 10 लाख से अधिक वैक्सीन डोज़, साथ ही 9.5 टन कैंसर रोधी दवाइयां भेजे जाने का वर्णन किया। इसके अलावा भारत ने भूकंप राहत, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा सहायता और ड्रग-विरोधी कार्यक्रमों का भी हवाला दिया।
पर्वतनेनी हरीश ने कहा कि इस तरह की मानवीय सहायता न सिर्फ जीवन रक्षक है, बल्कि अफ़गानिस्तान के समाज और अर्थव्यवस्था को टिकाऊ मदद भी प्रदान कर रही है।
जबरन विस्थापन और सीमा पार हिंसा पर चिंता
Bharat ने अफगानिस्तान में जारी जबरन विस्थापन और हवाई हमलों से होने वाली हिंसा पर गहरी चिंता जताई। भारत ने कहा कि इन घटनाओं का व्यापक असर अफ़गान नागरिकों पर हो रहा है, जिनमें महिलाओं और बच्चों सहित हजारों लोग सीधे प्रभावित हुए हैं।
Bharat ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे ऐसे बल प्रयोगों को चिन्हित करें और उन पर तत्काल ध्यान दें।
अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन की अपील
भारत ने यूएन में स्पष्ट रूप से कहा कि हवाई हमले और सीमा से पार होने वाली आक्रामक गतिविधियाँ अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और राज्य संप्रभुता के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन हैं। भारत ने यह भी कहा कि इन कार्रवाइयों का कोई वैध औचित्य नहीं हो सकता खासकर ऐसे समय में जब रमजान का पवित्र महीना चल रहा है।
भारत ने इस बात पर जोर दिया कि “एक तरफ अंतरराष्ट्रीय कानून और इस्लामी एकता के उच्च सिद्धांतों की बात करना और दूसरी तरफ रमजान में बेरहमी से एयर स्ट्राइक करना केवल दोगलापन है।”
पाकिस्तान पर त्वरित टिप्पणी और प्रतिक्रिया
Bharat ने अपने बयान में पाकिस्तान की ओर सीधा संकेत देते हुए कहा कि अगर कोई “अंतरराष्ट्रीय कानून और इस्लामी एकता” जैसे सिद्धांतों का समर्थन करता है, तो उसे ऐसे हिंसात्मक और निर्दयी कार्यों से दूरी बनानी चाहिए। भारत की इस टिप्पणी के अनुसार, पाकिस्तान को सिर्फ समझौते या भाषणों तक सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि वास्तविक कार्रवाई में भी अंतरराष्ट्रीय अपेक्षाओं को पूरा करना चाहिए।
भारत ने कहा कि 6 मार्च 2026 तक हवाई हमलों में 185 से अधिक आम नागरिक मारे गए, जिनमें अधिकतर निर्दोष लोग थे और यह आंकड़ा स्वयं मानवीय कोशिशों पर प्रश्न उठाता है।
आतंकवाद पर भारत की चिंता
Bharat ने चिंता जताई कि कुछ देशों का इस्तेमाल “आतंकवाद, ग्राउंड-टू-ग्राउंड आतंक और अस्थिरता फैलाने” जैसे तत्वों के माध्यम से क्षेत्रीय देशों को कमजोर करने में किया जा रहा है। भारत ने इसे वैश्विक सुरक्षा के लिए तत्काल खतरा बताया।
भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आह्वान किया कि वे ISIL (ISIS), अल-कायदा, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और द रेजिस्टेंस फ्रंट जैसे संगठनों तथा उनके समर्थकों के खिलाफ समानांतर, समन्वित और निर्णायक कार्रवाई करें।
खेल के माध्यम से सकारात्मक संदेश
Bharat ने संयुक्त राष्ट्र में यह भी कहा कि अफगानिस्तान की क्रिकेट टीम ने समस्त विश्व में दिल जीत लिया है और ICC World Cup 2026 में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन ने अफ़गान युवाओं के उत्साह और जज़्बे को उभारा है।
भारत ने कहा कि खेल जैसे सकारात्मक माध्यम से अफ़गानिस्तान में उम्मीद और सामान्य जीवन के लिए एक पुनर्निर्माण की भावना लाई जा सकती है।
प्रभावी और लचीली अंतरराष्ट्रीय नीतियों की अपील
Bharat ने यह भी कहा कि वर्तमान चुनौतियों का समाधान पुराने नीतिगत ढाँचों से नहीं निकाल सकता। वैश्विक समुदाय को लचीली, प्रभावी और सकारात्मक नीतियां अपनानी चाहिए जो उन देशों के पुनर्निर्माण और स्थिरता को प्रोत्साहित करें, जिनके भीतर संघर्ष, विस्थापन और मानवीय संकट व्याप्त हैं।
Bharat का समग्र संदेश
Bharat ने अपने UN भाषण का समग्र संदेश यह रखा:
अफगानिस्तान के साथ भारत की प्रतिबद्धता सशक्त और स्थायी है
मानवीय सहायता और विकास सहयोग जारी रहेगा
अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन पर कड़ा विरोध
आतंकवाद और हिंसा के खिलाफ वैश्विक एकजुटता आवश्यक
सकारात्मक बदलाव और साझेदारी की नीतियों को अपनाना जरूरी
निष्कर्ष:
Bharat ने यूएन में अफगानिस्तान के प्रति समर्थन जताते हुए एक स्पष्ट, दृढ़ और विस्तृत बयान दिया। साथ ही पाकिस्तान द्वारा की गई हिंसा और हवाई हमलों पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद, चरमपंथ और मानवीय संकट के खिलाफ मिलकर काम करने की अपील की, ताकि क्षेत्रीय और वैश्विक शांति एवं स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।
