जीर्णोद्धार के लिए तड़प रहा सुंदर तालाब, गंदे पानी की निकासी बनी समस्या
बम्होरी
मूलभूत समस्याओं से जूझ रही पंचायत
तहसील मुख्यालय से महज 6 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत पड़रिया कलां इन दिनों सड़क, पानी और तालाब जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है। गांव के बीचों-बीच बना वर्षों पुराना सुंदर तालाब, जो कभी ग्रामीणों के लिए आकर्षण का केंद्र हुआ करता था, आज प्रशासनिक उपेक्षा और गंदे पानी की निकासी की समस्या के कारण बदहाल स्थिति में पहुंच गया है।
गंदे पानी से बिगड़ रही सुंदरता
तालाब के चारों ओर पत्थरों से बने पाट आज भी इसकी खूबसूरती को दर्शाते हैं। लेकिन गांव का गंदा पानी लगातार तालाब में पहुंचने के कारण इसकी स्वच्छता और सुंदरता पर ग्रहण लग रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब के जीर्णोद्धार और साफ-सफाई की ओर प्रशासन द्वारा कोई ठोस ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसी उपेक्षा के चलते तालाब की स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है।
“आकर्षण का केंद्र बन सकता है तालाब”
ग्रामीण आशीष धाकड़ ने बताया कि यदि तालाब की उचित साफ-सफाई, जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण कराया जाए तथा गंदे पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए, तो यह तालाब पूरे क्षेत्र के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है। उनके अनुसार तालाब के आसपास विकास कार्य कराए जाने से न केवल ग्रामीणों को बेहतर वातावरण मिलेगा, बल्कि आसपास के लोग भी यहां घूमने के लिए पहुंच सकेंगे। इससे गांव के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तालाब का निरीक्षण कर जीर्णोद्धार, साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण और गंदे पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था कराई जाए। उनका कहना है कि ऐसा होने पर ही इस प्राकृतिक धरोहर को फिर से उसका पुराना स्वरूप मिल सकेगा।
समस्या के समाधान की उम्मीद
गांव के लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस ओर ध्यान देगा। तालाब गांव की पहचान से जुड़ा है, इसलिए ग्रामीण चाहते हैं कि इसे सहेजकर भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जाए।
