Bangladesh के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने दिया इस्तीफा, शेख हसीना से कथित फोन कॉल को लेकर बढ़ा था विवाद
कार्यकाल पूरा होने से करीब दो साल पहले छोड़ा पद, स्वास्थ्य कारणों का दिया हवाला
नई दिल्ली/ढाका। Bangladesh की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना पांच साल का संवैधानिक कार्यकाल पूरा होने से लगभग दो साल पहले ही पद छोड़ने का फैसला किया। राष्ट्रपति के इस्तीफे के पीछे स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया गया है, हालांकि इससे पहले शेख हसीना से कथित फोन कॉल को लेकर वह राजनीतिक विवादों में घिर गए थे।
रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने बांग्लादेश के संविधान के अनुच्छेद 50(3) के तहत स्पीकर को संबोधित एक हस्ताक्षरित पत्र सौंपकर इस्तीफा दिया। बांग्लादेश में राष्ट्रपति अपना इस्तीफा संसद के स्पीकर को सौंपते हैं।
शेख हसीना से कथित बातचीत बनी विवाद की वजह
मोहम्मद शहाबुद्दीन हाल के दिनों में उस समय चर्चा में आए जब उनके ऊपर भारत में रह रहीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से संपर्क करने का आरोप लगा। रिपोर्टों के मुताबिक, मई 2026 में लंदन यात्रा के दौरान स्वास्थ्य उपचार के समय राष्ट्रपति ने कथित रूप से शेख हसीना से फोन पर बातचीत करने की कोशिश की थी।
हालांकि इस बातचीत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बांग्लादेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में इस कथित कॉल को लेकर विवाद बढ़ गया। सरकार और राजनीतिक दलों के कुछ वर्गों ने इसे शेख हसीना के साथ नजदीकी के तौर पर देखा और राष्ट्रपति की राजनीतिक निष्ठा पर सवाल उठाए गए।
BNP सरकार के दौर में बढ़ा राजनीतिक दबाव
बांग्लादेश में वर्तमान में BNP की सरकार है और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद पर हैं। शेख हसीना और तारिक रहमान लंबे समय से बांग्लादेश की राजनीति में एक-दूसरे के प्रमुख विरोधी रहे हैं।
सत्ता परिवर्तन के बाद शेख हसीना भारत में रह रही हैं। हाल ही में उन्होंने दिसंबर 2026 में बांग्लादेश लौटने की घोषणा की थी, जिसके बाद वहां की राजनीति और अधिक सक्रिय हो गई।
रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति शहाबुद्दीन पर इस्तीफे का दबाव बढ़ रहा था। राजनीतिक हलकों में पिछले कुछ दिनों से उनके पद छोड़ने की अटकलें लगातार चल रही थीं।
राष्ट्रपति ने बताया स्वास्थ्य कारण
इस्तीफे के बाद राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने स्वास्थ्य कारणों को प्रमुख वजह बताया। उन्होंने कहा कि वह कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति ने इस्तीफे से जुड़े विषय पर अधिक टिप्पणी करने से इनकार किया। राष्ट्रपति के प्रेस सचिव मोहम्मद सरवर आलम ने बताया कि स्पीकर हाफिजउद्दीन अहमद ने शाम 5:01 बजे इस्तीफा पत्र स्वीकार कर लिया।
2023 में संभाला था राष्ट्रपति पद
मोहम्मद शहाबुद्दीन ने 24 अप्रैल 2023 को बांग्लादेश के 22वें राष्ट्रपति के रूप में पदभार संभाला था। उनका संवैधानिक कार्यकाल अप्रैल 2028 तक था, लेकिन उन्होंने करीब दो साल पहले ही पद छोड़ दिया।
शहाबुद्दीन 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के योद्धा और निचली न्यायपालिका के पूर्व न्यायाधीश भी रह चुके हैं। अवामी लीग सरकार के कार्यकाल में उनकी नियुक्ति हुई थी और सत्ता परिवर्तन के बाद भी वह पद पर बने रहने वाले प्रमुख लोगों में शामिल थे।
Bangladesh की राजनीति में बढ़ी हलचल
राष्ट्रपति के इस्तीफे के बाद बांग्लादेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों और सरकार के बीच पहले से चल रहे तनाव के बीच यह घटनाक्रम नए राजनीतिक समीकरणों को जन्म दे सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रपति पद पर बदलाव बांग्लादेश की आगामी राजनीतिक दिशा के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। शेख हसीना की संभावित वापसी, BNP सरकार की नीतियां और सत्ता संतुलन आने वाले दिनों में बांग्लादेश की राजनीति के प्रमुख मुद्दे बने रहेंगे।
