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बाड़ीवाली से फैमिलीवाला तक: Suman Ghosh ने शिबोप्रसाद के साथ रचनात्मक यात्रा की यादें साझा कीं

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Published On: 21 February 2026
Director Suman Ghosh Shares Emotional Note, Highlights Shiboprasad’s Fearless Performance
— Director Suman Ghosh Shares Emotional Note, Highlights Shiboprasad’s Fearless Performance

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बाड़ीवाली से फैमिलीवाला तक: निर्देशक Suman Ghosh ने शिबोप्रसाद मुखर्जी के अभिनेता रूप का जश्न मनाया

शूटिंग पूरी होने पर भावुक नोट

मुंबई, फरवरी 2026: फैमिलीवाला की शूटिंग पूरी होने के बाद निर्देशक Suman Ghosh ने मुख्य अभिनेता शिबोप्रसाद मुखर्जी के लिए एक भावुक नोट लिखा और उनकी साझेदारी को ‘डेडली कॉम्बिनेशन’ बताया।

निर्देशक ने शूट के पहले और आखिरी दिन की तस्वीरें साझा कीं और अपने अभिनेता के साथ रिश्ते के विकास को याद किया। उन्होंने लिखा,

“ये दोनों तस्वीरें फैमिलीवाला की शूटिंग के पहले और आखिरी दिन की हैं। ये हमारे निर्देशक-अभिनेता संबंध की कहानी को संक्षेप में बयां करती हैं। जैसा कि शिबू कहते हैं- ‘ए डेडली कॉम्बिनेशन’।”

सुमन घोष के अनुसार यह दोनों तस्वीरें केवल उनके संबंध की कहानी नहीं बयां करतीं, बल्कि इस यात्रा की यादों, चुनौतियों और अभिनय में हुई अभूतपूर्व रचनात्मकता को भी दिखाती हैं।

शिबोप्रसाद के प्रति आकर्षण दशकों पुराना

सुमन घोष ने बताया कि शिबोप्रसाद के प्रति उनका आकर्षण कई दशकों पुराना है।

“जब मैंने ऋतुपर्णो घोष की फिल्म बाड़ीवाली देखी, जिसमें शिबू ने एक छोटी भूमिका निभाई थी, तब से मैं उनसे प्रभावित था।”

इसके बाद शिबोप्रसाद ने कई सफल फिल्मों में अभिनय किया, लेकिन वे सभी नंदिता रॉय के निर्देशन में और विंडोज़ के बैनर तले बनी थीं। फैमिलीवाला पिछले 25 वर्षों में किसी बाहरी निर्देशक के साथ उनका पहला सहयोग है।

सुमन घोष ने कहा कि इस फिल्म के लिए शिबोप्रसाद की भूमिका चुनना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि उन्होंने कलाकार की गहराई, भावनाओं की संवेदनशीलता और स्क्रीन पर उनकी उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए स्क्रिप्ट तैयार की थी।

भूमिका की चुनौतियां और अभिनेता का निडर प्रदर्शन

निर्देशक ने इस अनुभव को ‘पूर्ण आनंद’ बताते हुए भूमिका की चुनौतियों और शिबोप्रसाद के निडर प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा:

“मैं एक अभिनेता के रूप में उन्हें लगातार आगे बढ़ाता रहा। उनके अभिनय की व्यापकता, प्रतिक्रियाओं की अनिश्चितता, सहज अभिनय और तीव्रता ने स्क्रिप्ट को एक अलग स्तर पर पहुँचाया। यही किसी निर्देशक को सबसे ज्यादा संतुष्टि देता है।”

सुमन घोष ने यह भी कहा कि नंदिकार थिएटर में प्रशिक्षण ने इस भूमिका में गहराई और अनुशासन जोड़ा।

फिल्म में शिबोप्रसाद की भूमिका को बेहद चुनौतीपूर्ण माना गया क्योंकि यह उनके करियर के नए रंग और शैली की पहचान थी। उन्होंने भूमिका के लिए कई अलग-अलग तकनीकों और इमोशनल रेंज का प्रयोग किया।

सेट पर यादगार पल और हास्य

अब जब फिल्म की शूटिंग पूरी हो चुकी है, सुमन घोष ने स्वीकार किया कि वे शिबोप्रसाद के रचनात्मक संवाद और सेट पर उनके हास्य को याद करेंगे। उन्होंने शिबोप्रसाद की एक हल्की-फुल्की टिप्पणी भी साझा की:

“सुमन दा- ये सीन तो सीधा था, आपने इसे मुश्किल बना दिया.. आपने मुझे ऐसे-ऐसे सह-अभिनेताओं के साथ खेलने दिया, जैसे मैं ऑस्ट्रेलिया की पीक बॉलिंग अटैक का सामना कर रहा हूँ।”

निर्देशक ने निष्कर्ष में कहा, “आखिरकार फैसला दर्शकों का होगा। उम्मीद है आप सभी को हमारी फैमिलीवाला पसंद आएगी।”

सुमन घोष ने यह भी बताया कि सेट पर कई मजेदार और अप्रत्याशित घटनाएँ हुईं, जिन्होंने शूटिंग के माहौल को और जीवंत बना दिया। उनका कहना था कि शिबोप्रसाद की सहजता और पेशेवर रवैया हमेशा सेट को सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है।

शिबोप्रसाद का अनुभव और प्रतिक्रिया

शिबोप्रसाद मुखर्जी ने कहा:

“विंडोज़ की 25वीं वर्षगांठ के लिए सुमन घोष जो फिल्म बना रहे हैं, उसका कॉन्सेप्ट अनोखा है—कुछ अलग और असाधारण। इसमें ऐसा विचार है जिसे दर्शक प्रभावशाली तरीके से महसूस करेंगे। मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूँ कि मैं इस फिल्म का हिस्सा हूँ।”

उन्होंने आगे कहा कि इस प्रोजेक्ट में ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ काम करना उनके लिए अभिभूत करने वाला अनुभव था। उन्होंने पहली बार शास्त्रिका मुखबद्धा, सुदीप्त चक्रवर्ती, अनुष्वा मजूमदार और लिली चक्रवर्ती जैसे अभिनेताओं के साथ काम किया, जो उनके लिए भावनात्मक अनुभव रहा।

शिबोप्रसाद ने यह भी बताया कि फिल्म की शूटिंग और डबिंग प्रक्रिया में कई बार उन्हें भावनात्मक रूप से चुनौती का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा:

“प्रक्रिया के दौरान मैं कई बार रोया, क्योंकि फिल्म की कहानी और पात्रों की गहराई ने मुझ पर गहरा प्रभाव डाला।”

बाड़ीवाली और फैमिलीवाला की तुलना

फैमिलीवाला, शिबोप्रसाद के पिछले प्रोजेक्ट बाड़ीवाली से काफी अलग है। बाड़ीवाली में उन्होंने छोटे रोल में अभिनय किया था, जबकि फैमिलीवाला में मुख्य भूमिका है।

निर्देशक सुमन घोष ने कहा कि बाड़ीवाली में उनकी पहली छवि और अभिनय शैली ने उन्हें प्रभावित किया, और उसी प्रेरणा ने उन्हें फैमिलीवाला के लिए शिबोप्रसाद को चुनने में मदद की। उन्होंने यह भी कहा कि यह फिल्म उनके करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण और रोमांचक परियोजनाओं में से एक है।

फिल्म की वर्तमान स्थिति और दर्शकों की उम्मीदें

फिल्म वर्तमान में संपादन और डबिंग के चरण में है।

इस सहयोग ने दो अलग-अलग सिनेमाई संवेदनाओं को एक साथ लाया है। फैमिलीवाला अब तक की सबसे रोमांचक बंगाली फिल्मों में से एक बन गई है और दर्शकों में पहले से ही उत्सुकता बढ़ा दी है।

सुमन घोष और शिबोप्रसाद दोनों ही दर्शकों से उम्मीद करते हैं कि फिल्म को देखकर उन्हें उनके प्रयासों और रचनात्मकता की सराहना मिलेगी।

निष्कर्ष

बाड़ीवाली से फैमिलीवाला तक की यह यात्रा शिबोप्रसाद मुखर्जी के करियर के महत्वपूर्ण पड़ाव को दर्शाती है। निर्देशक-सम्मिलित प्रयास, अभिनेता की निडर भूमिका और फिल्म की अनूठी कहानी ने इसे बंगाली सिनेमा की आने वाली सबसे चर्चित फिल्मों में से एक बना दिया है।

दर्शकों के लिए अब इंतजार है केवल फिल्म के रिलीज़ होने का, जब वे यह महसूस कर पाएँगे कि सेट पर और पर्दे के पीछे कितनी मेहनत और भावनाएँ लगी हैं।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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