तीर्थ स्वरूप श्री आदिनाथ जिनालय ट्रस्ट का नवीन कार्यालय हुआ शुभारंभ
धार्मिक नवाचार के साथ ट्रस्ट परिसर में वाई-फाई और सीसीटीवी की आधुनिक सुविधाएँ
इंदौर, 7 अक्टूबर 2025 | रिपोर्ट – राजेश जैन ‘दद्दू’
शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर, श्रमण संस्कृति के महामहिम संत शिरोमणि समाधिस्थ आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज, नवाचार्य आचार्य श्री समयसागरजी महाराज और गणिनी प्रमुख आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी के अवतरण दिवस पर, तीर्थ स्वरूप श्री दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय ट्रस्ट के नवीन कार्यालय का शुभारंभ हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ पट्टाचार्य आचार्य श्री विशुद्धसागरजी के आशीर्वाद एवं परम पूज्य आचार्य श्री विभवसागरजी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में संपन्न हुआ।
🔹 आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नया ट्रस्ट कार्यालय
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन ‘दद्दू’ ने बताया कि नया कार्यालय पूर्णतः कंप्यूटरीकृत एवं वाई-फाई युक्त है।
साथ ही मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, और आगंतुकों की सुविधा के लिए वाटर कूलर की व्यवस्था भी की गई है।
कार्यालय प्रतिदिन सुबह 8:30 से 9:30 बजे तक खुला रहेगा। यहाँ से श्रद्धालु आने वाले समय में
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छत्रपति नगर के जैन धर्मावलंबियों की संपर्क सूची (नाम, पता व मोबाइल नंबर सहित),
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मंदिर का इतिहास,
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अब तक के ट्रस्ट पदाधिकारियों व ट्रस्टियों का विवरण
आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
इसके अतिरिक्त, कार्यालय में दान राशि, लागा, अथवा बोली की अदायगी के लिए भी व्यवस्था की गई है। जिन श्रद्धालुओं की राशि शेष है, वे उसकी जानकारी भी वहीं प्राप्त कर सकते हैं।
🔹 सहयोगी समाज श्रेष्ठियों के प्रति आभार
नए कार्यालय को सुसज्जित व सुविधा-संपन्न स्वरूप देने में कई समाजसेवियों और दानदाताओं का विशेष योगदान रहा।
ट्रस्ट ने जिन प्रमुख सहयोगियों का आभार व्यक्त किया, उनमें प्रमुख हैं —
संदीप जैन (मोयरा), टी.के. सुभाष वैद, राजेंद्र सोगानी, भूपेंद्र जैन (ट्रस्ट अध्यक्ष), विपुल बांझल (महामंत्री), अजय कासलीवाल, रमेशचंद जैन (MPEB), कमल जैन (चैलेंजर), श्रुत जैन (केवलारी वाले), नीलेश जैन (टैलेंट), मुन्नालाल जैन, शरद रावत, एवं डॉ. जैनेन्द्र जैन (कार्य अध्यक्ष)।
सभी सहयोगियों के प्रति ट्रस्ट परिवार ने हार्दिक आभार और धन्यवाद व्यक्त किया।
🔹 धर्म और आधुनिकता का संगम
इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने कहा कि यह नया कार्यालय न केवल ट्रस्ट के प्रशासनिक कार्यों को सुव्यवस्थित करेगा, बल्कि धार्मिक पारदर्शिता और तकनीकी प्रगति का प्रतीक भी बनेगा।
📍 स्थान: तीर्थ स्वरूप श्री दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय, छत्रपति नगर, इंदौर
📆 अवसर: शरद पूर्णिमा एवं अवतरण दिवस
✍️ रिपोर्ट: राजेश जैन ‘दद्दू’

