एशियाई खेलों में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने जीता स्वर्ण, कोरबा की संजू देवी को मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई
दैनिक स्वराज वाणी | रायपुर
जापान में आयोजित एशियाई खेल 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने स्वर्ण पदक जीत लिया है। टीम में शामिल छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की खिलाड़ी संजू देवी की उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें फोन कर बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि संजू ने छत्तीसगढ़ के साथ देश का नाम भी रोशन किया है। भारत ने फाइनल में ईरान को हराकर खिताब अपने नाम किया।
फाइनल में ईरान को हराया
भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही। फाइनल में ईरान के खिलाफ मुकाबला करीबी रहा, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने जीत हासिल कर स्वर्ण पदक पक्का किया। इस जीत के साथ महिला कबड्डी में भारत ने अपना एशियाई खेलों का खिताब बरकरार रखा। कबड्डी का यह स्वर्ण मौजूदा खेलों में भारत का तीसरा स्वर्ण पदक बना।
संजू देवी भारतीय महिला टीम का हिस्सा थीं। किसी एक खिलाड़ी को मिली प्रशंसा के साथ यह जीत पूरी टीम के साझा प्रदर्शन की उपलब्धि भी है। टूर्नामेंट के दौरान हर मुकाबले में खिलाड़ियों को आक्रमण और रक्षा, दोनों में तालमेल बनाए रखना पड़ा। फाइनल जैसे दबाव वाले मैच में यही तालमेल निर्णायक साबित हुआ।
कोरबा की खिलाड़ी तक पहुंची मुख्यमंत्री की बधाई
स्वर्ण पदक की खबर आने के बाद मुख्यमंत्री साय ने संजू देवी से फोन पर बात की और उन्हें शुभकामनाएं दीं। संजू को मिली यह बधाई छत्तीसगढ़ के लिए भी खास है, क्योंकि प्रदेश की खिलाड़ी ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण जीतने वाली भारतीय टीम में जगह बनाई।
मुख्यमंत्री ने संजू की उपलब्धि को देश और प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया। उनके संदेश में संजू की मेहनत के साथ भारतीय टीम की जीत पर खुशी व्यक्त की गई। संजू देवी कोरबा जिले से आती हैं और राष्ट्रीय टीम तक उनका पहुंचना प्रदेश की कबड्डी प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा है।
स्वर्ण तक पहुंचने का सफर
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने प्रतियोगिता की शुरुआत बांग्लादेश के खिलाफ जीत से की थी। उस मुकाबले में संजू देवी के योगदान का भी उल्लेख किया गया था। टीम ने आगे के मैचों में अपनी लय बनाए रखी और फाइनल तक पहुंची। खिताबी मुकाबले में सामने ईरान की चुनौती थी, जिसे पार कर भारत ने स्वर्ण हासिल किया।
एशियाई खेलों में कबड्डी भारत के लिए महत्वपूर्ण स्पर्धा रही है। हर नए संस्करण में टीम को अपनी पिछली सफलता के दबाव के साथ अन्य देशों की बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। ऐसे में फाइनल तक अजेय रहना और फिर खिताब जीतना खिलाड़ियों की निरंतरता को दिखाता है।
प्रदेश की युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा
संजू देवी की सफलता उन लड़कियों का हौसला बढ़ा सकती है जो छोटे शहरों और कस्बों से खेलों में आगे बढ़ना चाहती हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्थान बनाने के लिए खिलाड़ी को लंबे समय तक प्रशिक्षण, नियमित अभ्यास और राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन की जरूरत होती है। संजू का भारतीय टीम में शामिल होना और स्वर्ण विजेता दल का हिस्सा बनना इसी यात्रा की बड़ी उपलब्धि है।
इस जीत के बाद प्रदेश के खेल प्रेमियों का ध्यान संजू देवी के आगामी प्रदर्शन पर भी रहेगा। फिलहाल छत्तीसगढ़ में खुशी का कारण साफ है—कोरबा की खिलाड़ी एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम का हिस्सा बनी हैं।
