जिला जेल के सामने नियमों को ताक पर रखकर चल रहा मैरिज गार्डन, अनुमति को लेकर उठे सवाल
अशोकनगर | संवाददाता राहुल जैन
Ashoknagar। स्थानीय जिला जेल के ठीक सामने नियमों को ताक पर रखकर एक मैरिज गार्डन का अवैध संचालन धड़ल्ले से किया जा रहा है। ग्राम पंचायत पड़रिया के अंतर्गत आने वाले इस कुशवाह मैरिज गार्डन के पास संचालन के लिए आवश्यक वैध दस्तावेज हैं या नहीं, इसे लेकर खुद पंचायत प्रबंधन भी स्पष्ट जानकारी नहीं होने की बात कह रहा है। इससे प्रशासनिक व्यवस्थाओं और अवैध निर्माणों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जेल जैसे अतिसंवेदनशील और सुरक्षित क्षेत्र के ठीक सामने इस तरह के कमर्शियल मैरिज गार्डन का बिना अनुमति के संचालित होना कई बड़े सवाल खड़े करता है। नियमानुसार जेल परिसर के आसपास किसी भी प्रकार के भारी जमावड़े या व्यावसायिक गतिविधियों के लिए सुरक्षा मानकों का पालन आवश्यक माना जाता है। मैरिज गार्डन में शादियों और आयोजनों के दौरान देर रात तक डीजे बजना, आतिशबाजी होना और सैकड़ों लोगों की भीड़ जुटना आम बात है। ऐसे में जिला जेल की सुरक्षा व्यवस्था और वहां के शांत वातावरण पर भी इसका सीधा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

इसके बावजूद अब तक केवल कागजी नोटिस जारी करने के अलावा मैरिज गार्डन के खिलाफ जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्यवाही सामने नहीं आई है। ग्राम पंचायत और जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बाद भी संचालन जारी रहने से कार्रवाई की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।
यदि मैरिज गार्डन के पास वैध अनुमति नहीं है तो कार्यवाही क्यों नहीं की गई? दो से तीन बार नोटिस दिए जाने के बाद भी संचालन का जारी रहना यह संकेत देता है कि नियमों के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि पंचायत द्वारा अनुमति को लेकर स्पष्ट जानकारी न होने की बात सामने आने के बाद जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारी इस मामले में क्या कार्यवाही करते हैं, अथवा जेल के सामने संचालित इस मैरिज गार्डन पर जांच कर नियमानुसार निर्णय लिया जाता है।
इनका कहना है
“अनुमति का पता नहीं है कि उन्होंने ली है या नहीं, लेकिन दो से तीन बार नोटिस दिए थे। राशि जमा कर रहे हैं।”
— राजेश वैरागी, सचिव, ग्राम पंचायत पड़रिया
