अमरकंटक के सोनमुड़ा पर्यटन स्थल की बदहाली, टूटी रेलिंग और उखड़ी टाइल्स से हादसे का खतरा
रिपोर्ट – संभागीय ब्यूरो चीफ सुनील रैदास, दैनिक स्वराज वाणी
अमरकंटक/अनूपपुर।
मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल अमरकंटक का सोनमुड़ा इन दिनों उपेक्षा और रखरखाव की कमी का शिकार होता नजर आ रहा है। मां नर्मदा के उद्गम क्षेत्र अमरकंटक में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सोनमुड़ा एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र है, लेकिन वर्तमान में यहां की जर्जर व्यवस्थाएं लोगों की सुरक्षा के लिए चिंता का कारण बन गई हैं।
लगभग एक दशक पहले करीब 15 लाख रुपये की लागत से विकसित किए गए इस पर्यटन स्थल पर अब कई सुविधाएं खराब हालत में पहुंच चुकी हैं। स्थल पर लगी सुरक्षा रेलिंग टूट चुकी हैं, सीढ़ियों की टाइल्स उखड़ गई हैं और कई स्थानों पर लाइट पोल क्षतिग्रस्त होकर पड़े हुए हैं। इन समस्याओं के कारण यहां आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
टूटी रेलिंग और क्षतिग्रस्त सीढ़ियां बनीं खतरा
सोनमुड़ा पहुंचने के लिए बनी सीढ़ियों के दोनों ओर सुरक्षा के लिए लगाई गई लोहे की रेलिंग कई जगहों पर टूट चुकी है। कुछ हिस्सों में रेलिंग पूरी तरह गायब हो गई है, जिससे विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों और श्रद्धालुओं के लिए खतरा बढ़ गया है।
वहीं सीढ़ियों पर लगी टाइल्स भी कई जगह से उखड़ चुकी हैं। बारिश के मौसम में इन स्थानों पर फिसलन बढ़ने से लोगों के गिरने और चोट लगने की संभावना बनी रहती है। दर्शक मंच (कैंटिलीवर) के आसपास लगी स्टील सुरक्षा ग्रिल भी कई जगहों से खराब हो चुकी है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

करोड़ों के विकास कार्यों के बाद भी रखरखाव का अभाव
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अमरकंटक क्षेत्र में पर्यटन विकास के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन नियमित देखरेख और मरम्मत के अभाव में कई निर्माण कार्य धीरे-धीरे खराब होते जा रहे हैं।
लोगों के अनुसार वर्ष 2021 से अमरकंटक में प्रसाद योजना के अंतर्गत लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य कराए गए हैं। इसके बावजूद सोनमुड़ा जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल पर मूलभूत सुविधाओं का खराब होना चिंता का विषय है।
सौंदर्यीकरण के लिए लगाए गए नाइट लाइट के कई खंभे भी खराब स्थिति में हैं। कहीं लाइट बंद पड़ी हैं तो कहीं खंभे उखड़े हुए दिखाई देते हैं। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं।
सावन में बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ से बढ़ी चिंता
सावन माह शुरू होने के साथ ही अमरकंटक में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है। मां नर्मदा के दर्शन, जलेश्वर महादेव धाम, रतनपुर और अन्य धार्मिक स्थलों पर जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
ऐसे समय में सोनमुड़ा की खराब स्थिति श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर विषय बन गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही मरम्मत कार्य नहीं कराया गया तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।

स्थानीय लोगों ने की तत्काल मरम्मत की मांग
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सोनमुड़ा की टूटी रेलिंग, खराब सीढ़ियों, उखड़ी टाइल्स और खराब लाइट व्यवस्था को जल्द ठीक कराया जाए। उनका कहना है कि अमरकंटक जैसे धार्मिक और पर्यटन महत्व वाले क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों को बेहतर और सुरक्षित सुविधाएं मिलनी चाहिए।
सीएमओ ने जल्द मरम्मत का दिया आश्वासन
इस मामले में नगर परिषद अमरकंटक के सीएमओ चैन सिंह परस्ते ने बताया कि सोनमुड़ा में जिन स्थानों पर रेलिंग क्षतिग्रस्त हुई है, वहां जल्द ही मरम्मत कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुसार उखड़ी हुई टाइल्स को भी बदला जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रशासन के इस आश्वासन के बाद अब लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही सोनमुड़ा की व्यवस्थाएं बेहतर होंगी और यह प्रमुख पर्यटन स्थल फिर से सुरक्षित एवं आकर्षक रूप में नजर आएगा।
