भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट द्वारा अक्षय तृतीया सेवा कार्यक्रम के तहत गरीबों को भोजन वितरण किया गया। डॉ. योगेंद्र पचौरी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। पूरी खबर पढ़ें।
परिचय – अक्षय तृतीया और मानव सेवा का संगम
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट, ग्वालियर (म.प्र.) एवं इसकी नागदा इकाई द्वारा दिनांक 20 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर एक भव्य सेवा कार्यक्रम एवं जन्मोत्सव का आयोजन किया गया। यह आयोजन जिला अध्यक्ष श्रीमती ऊर्मिला नाहर जी के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।इस अवसर पर न केवल धार्मिक अनुष्ठान हुए, बल्कि जरूरतमंदों एवं गरीब व्यक्तियों को भोजन वितरित किया गया, जिससे समाज में करुणा, सेवा और मानवता का संदेश फैला। साथ ही जिला सदस्य डॉ. प्रमिला पचौरी जी के पति डॉ. योगेंद्र पचौरी जी का जन्मदिन भी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम की मुख्य झलकियाँ
| विवरण | विशेषता |
|---|---|
| स्थान | नागदा, जिला – ग्वालियर (म.प्र.) |
| तिथि | 20 अप्रैल 2026 (अक्षय तृतीया) |
| मुख्य आयोजक | भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट, नागदा |
| मार्गदर्शक | जिला अध्यक्ष श्रीमती ऊर्मिला नाहर |
| विशेष उपस्थिति | प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती मधु शर्मा, जिला सचिव श्रीमती सुनीता गिरधर |
| मुख्य अतिथि (जन्मदिन) | डॉ. योगेंद्र पचौरी |
| सेवा कार्य | गरीबों एवं जरूरतमंदों को भोजन वितरण |
| रिपोर्ट प्रस्तुतकर्ता | श्री जीवनलाल जैन (चाय वाले), नागदा |
इस अक्षय तृतीया सेवा कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। सुबह से ही ट्रस्ट के सदस्यों ने व्यवस्थाएँ जुटानी शुरू कर दी थीं। केक कटिंग, प्रसाद वितरण और सामूहिक भोज का आयोजन किया गया।
जन्मोत्सव एवं भोजन वितरण – सेवा का सच्चा स्वरूप
डॉ. योगेंद्र पचौरी जी के जन्मदिन को अक्षय तृतीया के शुभ अवसर के साथ जोड़कर मनाने का निर्णय अत्यंत सराहनीय रहा। डॉ. प्रमिला पचौरी जी ने बताया कि उनके पति हमेशा समाज सेवा में अग्रणी रहे हैं।
“इस बार हमने तय किया कि जन्मदिन केक काटने के साथ-साथ 100 से अधिक जरूरतमंदों को गर्म भोजन परोसा जाए। यही सच्चा उपहार है।” – डॉ. प्रमिला पचौरी
भोजन में पूरी-सब्जी, हलवा, चावल एवं दाल शामिल थी। ट्रस्ट के सदस्यों ने स्वयं अपने हाथों से भोजन परोसा और सभी का आदर-सत्कार किया।
सेवा आँकड़े (अनुमानित)
- लाभान्वित लोग: 120+
- भोजन पैकेट: 150
- स्वयंसेवक: 25+
- केक का वजन: 3 किलो
गणमान्य पदाधिकारियों के वक्तव्य
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव जी
“अक्षय तृतीया केवल धार्मिक महत्व का पर्व नहीं, बल्कि सेवा और दान का भी प्रतीक है। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मानवता को मजबूती मिलती है। भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट सदैव जरूरतमंदों के साथ खड़ा है और आगे भी ऐसे सेवा कार्य निरंतर जारी रहेंगे।”
प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती मधु शर्मा जी
“नागदा में आयोजित यह अक्षय तृतीया सेवा कार्यक्रम भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के लिए गौरव की बात है। सभी ने मिलकर जो स्नेह दिखाया, वह अविस्मरणीय है।”
जिला सचिव श्रीमती सुनीता गिरधर जी
“हम हर वर्ष इस तरह के कार्यक्रम करने का प्रयास करेंगे। अगला लक्ष्य – वृद्धाश्रमों में कंबल वितरण।”
सदस्यों का योगदान – सबने मिलकर बनाया सफल
इस अक्षय तृतीया सेवा कार्यक्रम को सफल बनाने में निम्नलिखित सदस्यों का अतुलनीय योगदान रहा:
- शिवम तिवारी – व्यवस्था प्रबंधन
- कृष्णा यादव – भोजन सामग्री एकत्रण
- डॉ. प्रेम कुमार वैद्य – चिकित्सा सहायता
- रामवेश सिंह राजावत – स्वयंसेवक समन्वय
- युवराज सिंह राठौर – प्रचार-प्रसार
- मनीष गुप्ता – वित्तीय सहयोग
- महेश कुमार वर्मा – स्थानीय संपर्क
- जीवनलाल जैन (चाय वाले) – मीडिया रिपोर्टिंग एवं चाय प्रबंधन
सभी ने संयुक्त रूप से संदेश दिया कि “समाज सेवा ही सच्चा धर्म है। हमें हर अवसर पर जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए और मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता फैलानी चाहिए।”
अक्षय तृतीया का धार्मिक एवं सामाजिक महत्व
अक्षय तृतीया को “अखा तीज” भी कहा जाता है। यह वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को पड़ती है। इस दिन किए गए दान, पुण्य और सेवा का फल अक्षय (जो कभी समाप्त न हो) माना जाता है।इस वर्ष 20 अप्रैल 2026 को संपन्न अक्षय तृतीया सेवा कार्यक्रम भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने इस मान्यता को चरितार्थ किया। ट्रस्ट ने सिद्ध कर दिया कि धर्म और मानवता का मेल ही सच्ची पूजा है।
निष्कर्ष – आगे की योजना
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह केवल कागजी घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि ज़मीनी सेवा में पूरी तरह सक्रिय है।
आगामी आयोजन:
- जून 2026: वृद्धाश्रम एवं बाल गृह में फल वितरण
- अगस्त 2026: रक्तदान शिविर
- अक्टूबर 2026: शीतकालीन वस्त्र संग्रह अभियान
रिपोर्ट: जीवनलाल जैन (चाय वाले), नागदा
संपर्क: 9179662633
