अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन राजगढ़ धार में स्वर्गीय राजा प्रेमसिंह दत्तीगांव की स्मृति में भव्य आयोजन, मुकेश मोलवा की कविता ने जीता दिल।
अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन राजगढ़ धार में उमड़ा जनसैलाब
राजगढ़ (धार) में स्वर्गीय राजा श्री प्रेमसिंह जी दत्तीगांव की स्मृति में आयोजित अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन ने सांस्कृतिक वातावरण को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया। न्यू बस स्टैंड पर आयोजित यह भव्य कार्यक्रम देर रात लगभग 3 बजे तक पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ चलता रहा। बड़ी संख्या में क्षेत्र के साहित्य प्रेमियों, युवाओं और रसिक श्रोताओं ने कार्यक्रम में शामिल होकर कवियों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय राजा श्री प्रेमसिंह जी दत्तीगांव के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर Rajmata Kusum Singh Dattigaon, Rajvardhan Singh Dattigaon तथा Harshvardhan Singh Dattigaon विशेष रूप से उपस्थित रहे।
स्वर्गीय राजा प्रेमसिंह दत्तीगांव को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के दौरान पूर्व विधायक Rajvardhan Singh Dattigaon ने अपने संबोधन में स्वर्गीय राजा साहब के व्यक्तित्व और सेवा भावना को याद करते हुए भावुक शब्दों में श्रद्धांजलि अर्पित की।उन्होंने ओजस्वी अंदाज में कहा—
“मैंने अमलतास के पेड़ नहीं, लोहे के पेड़ उगाए हैं।
जब-जब मैंने उनको देखा, लोहा देखा, लोहा देखा।”
उनकी इन पंक्तियों पर पूरा पंडाल तालियों की गूंज से भर उठा। उन्होंने आगे कहा कि जनता की सेवा के मार्ग पर वे निरंतर कार्य करते रहेंगे और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे।
अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन राजगढ़ धार में मुकेश मोलवा ने बांधा समां
इंदौर से पहुंचे प्रसिद्ध कवि Mukesh Molwa ने अपने काव्य पाठ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने ‘मैं संघ शताब्दी बोल रहा हूँ’ कविता का शानदार प्रस्तुतीकरण किया।जब उन्होंने धार भोजशाला के संदर्भ में ओजस्वी पंक्ति—“पूजा की थाल ले शुक्रवार आया”सुनाई, तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। श्रोताओं ने खड़े होकर उनका अभिवादन किया।
हास्य कवियों ने श्रोताओं को खूब हंसाया
नाथद्वारा से आए हास्य कवि Kanu Pandit ने ग्रामीण परिवेश और भारतीय संस्कृति पर आधारित कविताओं से लोगों का दिल जीत लिया।उन्होंने कहा—
“अपने गांव के बरगद, नीम और अंबुआ की छांव जरूरी है,
इसलिए इस हिंदुस्तान में गांव जरूरी है।”
वहीं आगरा से आए लाफ्टर चैंपियन फेम Pratap Faujdar और देवास के हास्य कवि Kuldeep Rangeela ने तीखे व्यंग्य और हास्य कविताओं से सभी को देर रात तक हंसने पर मजबूर कर दिया।
प्रियंका मिश्रा और शशि श्रेया ने भावनाओं से जोड़ा
कटनी से आईं कवयित्री Priyanka Mishra ने मोहब्बत और संवेदनाओं से जुड़ी रचनाओं का मधुर पाठ किया। उनकी प्रस्तुतियों को श्रोताओं ने खूब सराहा।इसी क्रम में कवयित्री Shashi Shreya ने भाग्य और प्रेम में संघर्ष झेलने वाले लोगों की भावनाओं को अपनी कविताओं में प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावुक कर दिया।
सोशल मीडिया पैरोडी पर युवाओं ने बजाईं तालियां
सोशल मीडिया पर अपने अनूठे अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले कवि Dr. Aditya Jain ने ‘मेलोनी और पीएम मोदी’ से जुड़े वायरल सोशल मीडिया मीम्स पर मजेदार पैरोडी प्रस्तुत की।उनकी प्रस्तुतियों को विशेष रूप से युवाओं ने काफी पसंद किया और पूरे पंडाल में हंसी और तालियों का दौर चलता रहा।
शानदार मंच संचालन ने बढ़ाई कार्यक्रम की गरिमा
डूंगरपुर से आए कवि Vipul Vidrohi ने अपने विशेष अंदाज में पूरे कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन किया। वहीं कार्यक्रम संचालन में निलेश शर्मा की भूमिका भी सराहनीय रही।
आयोजन समिति ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
इस विराट आयोजन को सफल बनाने में आयोजन समिति के सदस्य अशोक भंडारी, संदीप खजांची, राजेश देवड़ा, रमेश रामजी, सोनू भंडारी, भोजराज कमेडिया, मांगीलाल यादव, प्रितेश सराफ, रमेश राजपूत, दीपांशु ठाकर, हितेश परमार, जितेन्द्र (नानु), आयुष सेठी, हेमंत रोकड़िया और अल्पेश लछेटा ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।सभी अतिथियों और कवियों का आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम के अंत में आजाद भंडारी ने उपस्थित नागरिकों और रचनाकारों के प्रति आभार व्यक्त किया।
सांस्कृतिक चेतना और साहित्य का अद्भुत संगम
अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन राजगढ़ धार केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह साहित्य, हास्य, ओज और संवेदनाओं का अद्भुत संगम बन गया। कार्यक्रम ने क्षेत्र के साहित्य प्रेमियों को एक यादगार अनुभव प्रदान किया।

