Silwani :अखंड दिगंबर जैन समाज सिलवानी ने रीवा में दो जैन साध्वियों के सड़क हादसे में निधन पर मौन जुलूस निकालकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। समाज ने निष्पक्ष न्यायिक जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने की मांग की।
अखंड दिगंबर जैन समाज ने निकाला मौन जुलूस, संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने की मांग
SIlwani संवाददाता वैभव जैन मस्ताना।
अखंड दिगंबर जैन समाज Silwani द्वारा रीवा में दो जैन साध्वियों के सड़क हादसे में दुखद निधन के बाद गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया। समाज द्वारा बुधवार को एक विशाल मौन जुलूस निकालकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में घटना की निष्पक्ष न्यायिक जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई तथा देशभर में संत सुरक्षा प्रोटोकॉल तुरंत लागू करने की मांग की गई।अखंड दिगंबर जैन समाज के नेतृत्व में निकला यह मौन जुलूस बुधवार बाजार स्थित जैन मंदिर से प्रारंभ हुआ। जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ तहसील कार्यालय पहुंचा, जहां प्रशासनिक अधिकारियों को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।समाजजनों ने इस दौरान गहरा दुख और नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि रीवा में हुई यह घटना केवल एक हादसा नहीं बल्कि संत समाज की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। समाज का कहना है कि आए दिन जैन साधु-संतों और समाज के लोगों को निशाना बनाया जाता है, जिससे पूरे समाज में भय और आक्रोश का वातावरण बन रहा है।
रीवा हादसे पर जैन समाज में आक्रोश
रीवा में दो जैन साध्वियों की सड़क दुर्घटना में दुखद मृत्यु के बाद पूरे प्रदेश सहित देशभर के जैन समाज में गहरा आक्रोश है। अखंड दिगंबर जैन समाज सिलवानी ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि संत समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है।समाज के लोगों का कहना है कि जैन संत अहिंसा, तप और त्याग का संदेश देते हैं। ऐसे में संतों के साथ होने वाली घटनाएं केवल जैन समाज ही नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए चिंताजनक हैं।
अखंड दिगंबर जैन समाज का मौन जुलूस
अखंड दिगंबर जैन समाज द्वारा निकाला गया मौन जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया गया। बड़ी संख्या में समाजजन हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर शामिल हुए। जुलूस में शामिल लोगों ने मौन रहकर अपनी पीड़ा और आक्रोश व्यक्त किया।यह जुलूस बुधवार बाजार स्थित जैन मंदिर से शुरू होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से निकला। जुलूस के दौरान समाज के लोगों ने संत सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
तहसील कार्यालय पहुंचने के बाद अखंड दिगंबर जैन समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रमुख रूप से निम्न मांगें रखी गईं:
- रीवा सड़क हादसे की निष्पक्ष न्यायिक जांच हो
- दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए
- देशभर में संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया जाए
- राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाई जाए
- संतों के विरुद्ध अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखा जाए
समाज का कहना है कि यदि समय रहते संतों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ती जाएंगी।
संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने की मांग
अखंड दिगंबर जैन समाज Silwani ने स्पष्ट रूप से कहा कि देश में संत सुरक्षा प्रोटोकॉल तुरंत लागू होना चाहिए। समाजजनों का कहना है कि साधु-संत पैदल विहार करते हैं और लगातार यात्रा में रहते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था आवश्यक है।समाज ने मांग की कि प्रशासनिक स्तर पर ऐसे नियम बनाए जाएं जिससे संतों की यात्रा मार्ग पर विशेष निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति की आवश्यकता
ज्ञापन में समाज ने राष्ट्रीय स्तर पर संत सुरक्षा नीति बनाने की भी मांग उठाई। समाज का कहना है कि जैन संतों सहित सभी धर्मों के संत समाज के मार्गदर्शक होते हैं। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।अखंड दिगंबर जैन समाज ने कहा कि संतों के विरुद्ध होने वाले अपराधों को सामान्य घटनाओं की तरह नहीं देखा जाना चाहिए बल्कि उन्हें विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखा जाना चाहिए।
समाज ने जताई गहरी नाराजगी
जुलूस के दौरान समाजजनों ने कहा कि जैन समाज लगातार ऐसी घटनाओं से आहत हो रहा है। समाज का आरोप है कि कई बार जैन समाज के साधु-संतों और आम लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है।समाज ने प्रशासन से मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाएं।
प्रशासन से की निष्पक्ष जांच की मांग
अखंड दिगंबर जैन society Silwani के प्रतिनिधियों ने कहा कि रीवा हादसे की निष्पक्ष जांच होना अत्यंत आवश्यक है। समाज का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए ताकि वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई हो सके।समाज ने यह भी कहा कि यदि घटना की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो समाज में असंतोष और बढ़ेगा।
जैन समाज की भावनाओं को समझने की अपील
समाजजनों ने शासन और प्रशासन से अपील की कि जैन समाज की भावनाओं को गंभीरता से समझा जाए। उन्होंने कहा कि यह केवल एक समुदाय का मुद्दा नहीं बल्कि संत परंपरा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा विषय है।समाज का कहना है कि संत समाज सदैव शांति, अहिंसा और मानवता का संदेश देता आया है। ऐसे में उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर भी उठी आवाज
रीवा हादसे के बाद सोशल मीडिया पर भी जैन समाज के लोग लगातार अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों और धार्मिक संस्थाओं ने भी इस घटना की निंदा की है।लोगों ने सोशल मीडिया पर संत सुरक्षा कानून लागू करने और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
निष्कर्ष
अखंड दिगंबर जैन समाज Silwani द्वारा निकाला गया मौन जुलूस केवल विरोध प्रदर्शन नहीं बल्कि संत सुरक्षा को लेकर समाज की गंभीर चिंता का प्रतीक है। रीवा में दो जैन साध्वियों की सड़क दुर्घटना में दुखद मृत्यु ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है।समाज की मांग है कि घटना की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए और देशभर में संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
