अहिल्या चेंबर्स ऑफ कॉमर्स ने ट्रांसपोर्ट हड़ताल को दिया समर्थन, कहा – उद्योग और व्यापार पर गहरा असर
इंदौर, अक्टूबर 2025:
शहर में लागू किए गए नए “नो-एंट्री नियम” के विरोध में ट्रांसपोर्ट संगठनों द्वारा घोषित हड़ताल को अब अहिल्या चेंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़, इंदौर का समर्थन मिल गया है। चेंबर्स ने प्रशासन से अपील की है कि वह व्यापारिक हितों को ध्यान में रखते हुए इस निर्णय पर पुनर्विचार करे।
अहिल्या चेंबर्स के अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल ने कहा कि सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक भारी वाहनों पर शहर की सीमाओं में रोक से थोक व्यापार, लॉजिस्टिक सेक्टर और औद्योगिक इकाइयों पर सीधा असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि यह निर्णय बिना पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था के लिया गया है, जिससे माल परिवहन बाधित हो रहा है और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि इंदौर जैसे औद्योगिक शहर की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा ट्रांसपोर्ट नेटवर्क पर निर्भर है। “यदि वाहनों की आवाजाही में इतनी लंबी पाबंदी रहेगी, तो बाजारों में माल की कमी और कीमतों में उछाल दोनों ही देखने को मिल सकते हैं,” उन्होंने कहा।
दूसरी ओर, इंदौर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने नो-एंट्री नियम को “एकतरफा फैसला” बताते हुए अनिश्चितकालीन बंद की घोषणा की है। उनका कहना है कि जब तक प्रशासन उनसे बातचीत कर समाधान नहीं निकालता, तब तक शहर में माल की बुकिंग और डिलीवरी बंद रहेगी।
व्यापारिक जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि ट्रांसपोर्टर्स और प्रशासन के बीच जल्द समझौता न होने पर इंदौर की थोक मंडियों, औद्योगिक क्षेत्रों और गोदामों में गतिविधियाँ लगभग ठप हो सकती हैं।

