स्वराजवाणी की खबर का असर: सेमरी शाहबाद में स्कूल और मुक्तिधाम की जमीन से हटा अतिक्रमण
संवाददाता : राहुल जैन
प्रशासन ने चलाया अतिक्रमण विरोधी अभियान, शासकीय भूमि को कराया कब्जामुक्त
अशोकनगर। शाढ़ौरा तहसील अंतर्गत ग्राम सेमरी शाहबाद में शासकीय भूमि पर लंबे समय से चले आ रहे कथित अवैध कब्जे के मामले में आखिरकार प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्कूल और मुक्तिधाम जैसी सार्वजनिक उपयोग की महत्वपूर्ण जमीन पर किए गए कब्जे को लेकर लगातार उठ रही आवाजों के बाद राजस्व विभाग का अमला सक्रिय हुआ और मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।
बताया जा रहा है कि इस मामले को लेकर स्वराजवाणी द्वारा प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। खबर सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हुई और अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।
खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया प्रशासन
ग्राम सेमरी शाहबाद में शासकीय स्कूल और मुक्तिधाम की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतें लंबे समय से सामने आ रही थीं। ग्रामीणों का कहना था कि सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर अतिक्रमण होने से गांव की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही थीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए समाचार माध्यमों ने इस मुद्दे को उठाया। खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की जानकारी ली और राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया।
इसके बाद तहसीलदार और पटवारी सहित राजस्व अमला ग्राम सेमरी शाहबाद पहुंचा। टीम ने मौके पर पहुंचकर भूमि का निरीक्षण किया और सीमांकन की प्रक्रिया पूरी की।
विधानसभा में भी उठा था मामला
सेमरी शाहबाद में शासकीय जमीन पर अतिक्रमण का मुद्दा केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विधानसभा तक पहुंच गया था। स्थानीय विधायक हरीबाबू राय ने इस मामले को ध्यानाकर्षण के माध्यम से विधानसभा में उठाया था।
विधायक द्वारा मामला उठाए जाने के बाद प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ा। वहीं आयोग अध्यक्ष ने भी इस मामले को लेकर टिप्पणी करते हुए स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।
इसके बाद राजस्व विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की।
नाप-जोख के बाद हटाया गया अवैध कब्जा
प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर पहले भूमि का सीमांकन किया। इसके बाद सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।
अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सार्वजनिक उपयोग की जमीन जैसे स्कूल परिसर और मुक्तिधाम की भूमि की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
ग्रामीणों ने जताई राहत
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद ग्रामीणों में राहत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल और मुक्तिधाम जैसी जगहों की भूमि सुरक्षित रहना जरूरी है, क्योंकि इनका उपयोग पूरे गांव के लोग करते हैं।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी प्रशासन शासकीय जमीनों की सुरक्षा को लेकर इसी तरह सक्रिय रहेगा और अवैध कब्जों पर समय रहते कार्रवाई करेगा।
दोबारा अतिक्रमण करने पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के साथ ही संबंधित लोगों को चेतावनी भी दी है कि यदि दोबारा शासकीय भूमि, स्कूल परिसर या मुक्तिधाम क्षेत्र में कब्जा करने का प्रयास किया गया तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व विभाग ने साफ संदेश दिया है कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
प्रशासनिक कार्रवाई से उठी उम्मीद
सेमरी शाहबाद की कार्रवाई को ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय भूमि संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि समय-समय पर निगरानी और त्वरित कार्रवाई होने से सरकारी संपत्तियों को सुरक्षित रखा जा सकता है।
अब प्रशासन की जिम्मेदारी है कि हटाए गए अतिक्रमण की नियमित निगरानी की जाए, ताकि भविष्य में दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।
