Adani Green Energy News: अदाणी ग्रीन ने Global Biodiversity Framework अपनाया, Nature Conservation को मिली नई गति | TNFD Framework India | AGEL Sustainability Update
अहमदाबाद, 8 दिसंबर 2025।
भारत की अग्रणी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Adani Green Energy Limited (AGEL) ने Nature Conservation, Global Biodiversity Protection और Sustainable Development की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए TNFD (Taskforce on Nature-related Financial Disclosures) Framework को अपनी मुख्य व्यवसायिक रणनीति में शामिल कर लिया है। इससे कंपनी न केवल ESG मानकों को मजबूत कर रही है, बल्कि अपने संपूर्ण ऑपरेशन्स को प्रकृति संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरणीय जोखिम प्रबंधन के साथ जोड़ते हुए एक Global Sustainability Leader के रूप में उभर रही है।
AGEL ने अपनाया वैश्विक TNFD Framework – प्रकृति संरक्षण के लिए बड़ा कदम
TNFD Framework एक वैज्ञानिक और अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त पहल है, जिसे
- UNEP Finance Initiative,
- United Nations Development Programme (UNDP),
- World Wildlife Fund (WWF) और
- Global Canopy
जैसी प्रमुख संस्थाओं ने मिलकर विकसित किया है। इसके माध्यम से कंपनियाँ यह समझ पाती हैं कि उनके कार्यों का Nature, Ecosystem और Biodiversity पर क्या प्रभाव पड़ता है, और आगे चलकर कौन-से जोखिम व अवसर उत्पन्न हो सकते हैं।
Adani Green Energy का TNFD को रणनीतिक रूप से अपनाना दर्शाता है कि कंपनी केवल दस्तावेजों पर आधारित ESG रिपोर्टिंग नहीं, बल्कि Nature-Positive Growth Model को वास्तविक रूप से लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
FY 2024 से ही शुरू कर दिया था प्रकृति-आधारित जोखिम व प्रभाव का आकलन
AGEL ने बताया कि वित्त वर्ष 2024 से ही कंपनी ने अपने सभी सोलर व पवन ऊर्जा प्रोजेक्ट्स में यह अध्ययन शुरू कर दिया था कि:
- पर्यावरण उनकी परियोजनाओं को कैसे प्रभावित करता है
- उनकी परियोजनाएँ स्थानीय पर्यावरण, वनस्पति, जीव-जंतु और पारिस्थितिकी पर क्या असर छोड़ती हैं
- भविष्य में कौन-से जोखिम (Nature-related Risks) सामने आ सकते हैं
- कहाँ नई अवसर (Nature-related Opportunities) उपलब्ध हैं
यह शुरुआती तैयारी दिखाती है कि AGEL ने TNFD से औपचारिक रूप से जुड़ने से पहले ही Nature-centric Decision Making को अपनाने का संकल्प ले लिया था।
CEO आशीष खन्ना का बयान – “प्रकृति हमारी विकास यात्रा का आधार”
AGEL के सीईओ आशीष खन्ना ने कहा:
“प्रकृति हमारी विकास कहानी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। TNFD Framework को अपनाकर हम ऐसे अवसर खोज रहे हैं, जिनसे Renewable Energy Projects के साथ-साथ प्राकृतिक तंत्र भी सशक्त हो सके।
हमारी नीयत है कि स्वच्छ ऊर्जा का विस्तार प्रकृति के संरक्षण, पुनर्जीवन और स्थायी भविष्य के निर्माण में योगदान दे। प्रकृति से जुड़े जोखिमों को समझना और सकारात्मक रूप से प्रबंधित करना ही लंबे समय तक मजबूत व्यवसाय और समाज के लिए स्थायी मूल्य निर्माण का मार्ग है।”
AGEL ने Nature-Positive Growth की तरफ बढ़ाया बड़ा कदम
AGEL पहले से ही India Business & Biodiversity Initiative (IBBI & IBBI 2.0) का सदस्य है। कंपनी ने 2030 तक “No Net Loss of Biodiversity” का लक्ष्य निर्धारित किया है — यानी जहाँ प्रोजेक्ट लगेंगे, वहाँ प्रकृति को नुकसान नहीं बल्कि बराबर या अधिक लाभ पहुँचाया जाएगा।
2030 तक 2 करोड़ 78 लाख 60 हजार पेड़ लगाने की योजना
AGEL ने घोषणा की कि वह अपने सभी प्रोजेक्ट क्षेत्रों में:
- पर्यावरण पुनर्स्थापन (Ecological Restoration)
- स्थानीय प्रजातियों का वृक्षारोपण
- सामुदायिक आधारित संरक्षण मॉडल
के तहत 2,78,60,000 पेड़ लगाने का लक्ष्य पूरा करेगी।
यह भारत में किसी निजी ऊर्जा कंपनी द्वारा घोषित अब तक का सबसे बड़ा Corporate Biodiversity Restoration Program माना जा रहा है।
वैश्विक संरक्षण प्राथमिकताओं के साथ भारत की जलवायु नेतृत्व को मजबूती
अदाणी ग्रीन का TNFD Framework अपनाना:
- वैश्विक जैव विविधता लक्ष्यों (Global Biodiversity Goals)
- COP15 के Kunming-Montreal Biodiversity Framework
- भारत के नेट-जीरो और नेचर-पॉजिटिव लक्ष्यों
को सीधा समर्थन देता है।
इस कदम से भारत की क्लाइमेट लीडरशिप, Clean Energy Transition और Nature Conservation पर आधारित वैकल्पिक विकास मॉडल को नई पहचान मिलेगी।
TNFD Framework क्यों महत्वपूर्ण है?
TNFD Framework कंपनियों और वित्तीय संस्थानों को यह समझने में मदद करता है:
- प्रकृति पर उनके संचालन का प्रभाव क्या है
- जैव विविधता को नुकसान पहुँचाने वाले व्यवसायिक जोखिम कहाँ हैं
- प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित अवसर कहाँ उपलब्ध हैं
- निवेशकों को पारदर्शी रिपोर्टिंग कैसे दी जाए
- भविष्य की रणनीतियों में Nature Stewardship कैसे शामिल हो
यह Framework उस दिशा में एक बड़ा कदम है जहाँ दुनिया की कंपनियाँ केवल Carbon Neutrality नहीं, बल्कि Nature Positive Growth की तरफ आगे बढ़ रही हैं।
