गौसेवा और कन्या भोज के साथ शरण साहू ने मनाया जन्मदिन
फिजूलखर्ची और होर्डिंगबाजी से दूर रहकर युवाओं को दिया सेवा का संदेश
वैभव जैन मस्ताना, सिलवानी संवाददाता
सिलवानी। जन्मदिन जैसे खास अवसर पर कई लोग बड़े आयोजन और दिखावे पर खर्च करते हैं, लेकिन सिलवानी तहसील के ग्राम साइनखेड़ा निवासी युवा सामाजिक कार्यकर्ता शरण साहू ने इसे सेवा और संवेदनशीलता के साथ मनाया। उन्होंने गौशाला पहुंचकर गौसेवा की और नगर में जरूरतमंद कन्याओं को भोजन कराया। उनकी इस पहल को लोगों ने सराहा और युवाओं के लिए प्रेरणादायी बताया।
शरण साहू ने अपने जन्मदिन पर फिजूलखर्ची और सार्वजनिक स्थानों पर होर्डिंग लगाकर दिखावा करने के बजाय सेवा कार्य को प्राथमिकता दी। गौशाला में पहुंचकर उन्होंने गायों की सेवा की। इसके बाद नगर में कन्या भोज का आयोजन कर गरीब कन्याओं को भोजन कराया। इस तरह उन्होंने अपने खास दिन की खुशी को जरूरतमंदों के साथ साझा किया।
खुशी के अवसर पर दूसरों की सुविधा का भी रखें ध्यान
शरण साहू ने युवाओं से अपील की कि वे जन्मदिन और अन्य शुभ अवसरों को ऐसे तरीके से मनाएं, जिससे किसी दूसरे व्यक्ति को परेशानी न हो। उनका कहना है कि खुशी का आयोजन ऐसा हो, जिसमें लोग अपनी इच्छा और प्रसन्नता से शामिल हों। सड़क या सार्वजनिक जगह पर होर्डिंग लगाने और दिखावे के लिए किए गए खर्च से कई बार आम लोगों को असुविधा होती है। ऐसे आयोजनों पर खर्च करने से बेहतर है कि जरूरतमंदों की मदद की जाए और सेवा के काम किए जाएं।
उन्होंने कहा कि किसी की खुशी के कारण दूसरे लोगों को रास्ते में परेशानी या तकलीफ हो, यह उचित नहीं है। उत्सव तभी सार्थक बनता है जब उसमें दूसरों की सुविधा और भावनाओं का ध्यान रखा जाए। जन्मदिन पर किया गया सेवा कार्य जरूरतमंदों के चेहरे पर खुशी ला सकता है और आयोजन को यादगार बना सकता है।
जरूरतमंदों की सेवा से मनाएं खास दिन
शरण साहू के अनुसार, जन्मदिन या त्योहार जैसे अवसरों पर यदि खर्च करना ही हो तो उसे किसी गरीब, बेसहारा या जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता में लगाया जा सकता है। गौसेवा, कन्या भोज और जरूरतमंदों को भोजन कराना ऐसे कार्य हैं, जिनसे समाज के लोगों को लाभ मिलता है। सेवा के इन प्रयासों से खुशी केवल आयोजन करने वाले तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उसमें दूसरे लोग भी सहभागी बनते हैं।
उन्होंने युवाओं से यह भी आग्रह किया कि वे अपने शुभ कार्यों में ऐसी गतिविधियां जोड़ें, जिनसे किसी को राहत या सहायता मिले। किसी जरूरतमंद की मदद करने से मिलने वाली दुआ और संतोष दिखावे से अधिक महत्वपूर्ण है। छोटी-छोटी पहल भी समाज में सहयोग और संवेदनशीलता की भावना मजबूत कर सकती है।
लोगों ने पहल की सराहना की
शरण साहू की पहल की जानकारी मिलने पर लोगों ने उनके कार्य की प्रशंसा की। लोगों का कहना है कि आज के समय में कई युवा जन्मदिन पर सोशल मीडिया पर प्रदर्शन, बड़े आयोजन और होर्डिंग लगाने में रुचि लेते हैं। ऐसे माहौल में शरण साहू ने गौसेवा और कन्या भोज के माध्यम से अपने जन्मदिन को अलग तरीके से मनाया और सेवा का संदेश दिया।
स्थानीय लोगों ने कहा कि इस तरह के प्रयास युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी समझने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। जन्मदिन को सादगी से मनाते हुए किसी जरूरतमंद की सहायता करना समाज के लिए सकारात्मक उदाहरण है। शरण साहू की पहल ने यह संदेश दिया कि खुशी जताने के कई तरीके हो सकते हैं और उनमें सेवा का रास्ता भी शामिल है।
गौशाला में गौसेवा और कन्या भोज के साथ मनाया गया यह जन्मदिन शरण साहू के लिए व्यक्तिगत खुशी का अवसर रहा, वहीं समाज के सामने भी एक उपयोगी संदेश लेकर आया। उनकी अपील है कि युवा अपने उत्सव इस तरह मनाएं कि उससे किसी को असुविधा न हो, बल्कि जरूरतमंदों को मदद और खुशी मिले।
