छह साल बाद भी अंजनी माता मंदिर तक सड़क और बिजली का इंतजार
2020 में तत्कालीन सांसद डॉ. वीरेंद्र कुमार ने पक्की सड़क के लिए लिखा था पत्र; ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांगा जवाब
टीकमगढ़। जिले के अंजनी माता मंदिर तक पहुंचने वाले मार्ग के पक्कीकरण और मंदिर परिसर में स्थायी विद्युत व्यवस्था की मांग वर्षों से उठ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन मूलभूत सुविधाओं के अभाव में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस मांग को लेकर तत्कालीन सांसद और वर्तमान केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने 8 जून 2020 को तत्कालीन कलेक्टर को पत्र भी लिखा था। इसके बावजूद लोगों के अनुसार, अब तक सड़क और बिजली की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
सांसद ने गणेशगंज से मंदिर तक सड़क का किया था अनुरोध
डॉ. वीरेंद्र कुमार ने पत्र क्रमांक 1171/2020 के माध्यम से गणेशगंज से बरीघाट होते हुए अंजनी माता मंदिर तक पक्की सड़क बनवाने का अनुरोध किया था। पत्र में मंदिर को क्षेत्र का प्रसिद्ध आस्था केंद्र बताते हुए कहा गया था कि पक्की सड़क नहीं होने से श्रद्धालुओं को आवागमन में कठिनाई होती है। सांसद ने शासन की किसी उपयुक्त योजना के तहत सड़क निर्माण कराने की बात कही थी।
पत्र में बरीघाट जल संयंत्र और वन विभाग के पशु अभयारण्य का भी उल्लेख था। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन स्थानों के कारण भी मार्ग का महत्व बढ़ जाता है। उनका सवाल है कि पत्र के बाद संबंधित विभागों ने क्या कार्रवाई की, सड़क निर्माण का प्रस्ताव बना या नहीं और बजट की व्यवस्था किस स्तर तक पहुंची।
सड़क और बिजली की सुविधाओं का अभाव
अंजनी माता मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को मार्ग की स्थिति के कारण असुविधा होती है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, मंदिर परिसर और आसपास स्थायी विद्युत व्यवस्था की भी जरूरत है। धार्मिक स्थल पर नियमित पूजा-अर्चना होती है और विशेष अवसरों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ती है। ऐसे में सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक हैं।
लोगों का कहना है कि वर्षों से मांग किए जाने के बाद भी इन सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। वे प्रशासन से जानना चाहते हैं कि निर्माण में कोई तकनीकी, बजट संबंधी या वन क्षेत्र से जुड़ी बाधा है या नहीं। यदि कोई अड़चन है, तो उसके समाधान के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं—यह जानकारी भी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में भी उठी मांग
स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, सांसद के पत्र के बाद भी मंदिर मार्ग और बिजली व्यवस्था का मुद्दा कई बार सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से उठाया गया। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क और आवश्यक सुविधाओं की मांग पर संबंधित विभागों को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि केवल आश्वासन मिलने से समस्या हल नहीं होगी। उन्हें यह जानना है कि सड़क निर्माण की वर्तमान स्थिति क्या है, किसी योजना में इसका प्रस्ताव शामिल किया गया है या नहीं और काम शुरू होने में कितना समय लग सकता है।
कार्रवाई और समयसीमा की मांग
लोगों की नाराजगी का कारण केवल सुविधाओं का अभाव नहीं, बल्कि लंबे समय से उठाई जा रही मांग पर ठोस प्रगति का पता नहीं चलना भी है। उनका सवाल है कि वर्ष 2020 में भेजे गए पत्र पर अब तक क्या कार्रवाई हुई। वे जिला प्रशासन से संबंधित विभागों से विवरण लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, प्रशासन को सड़क निर्माण की वर्तमान स्थिति, संभावित तकनीकी या वन संबंधी अड़चनों और स्थायी विद्युत व्यवस्था की योजना के बारे में जानकारी देनी चाहिए। यदि निर्माण संभव है, तो काम की समयसीमा तय की जाए और यदि किसी अनुमति या विभागीय स्वीकृति की जरूरत है, तो उसकी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।
अंजनी माता मंदिर तक बेहतर पहुंच मार्ग और स्थायी बिजली की मांग अब स्थानीय सुविधा के साथ प्रशासनिक जवाबदेही का विषय भी बन गई है। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि जिला प्रशासन इस मामले में स्पष्ट जवाब देगा और समस्या के समाधान की दिशा में समयबद्ध कार्रवाई करेगा।
