ऑस्कर एंट्री ‘गोंधल’ का ग्लोबल ट्रेलर रिलीज, 13 नवंबर से सात भाषाओं में दिखेगी फिल्म
संतोष दावखर की मनोवैज्ञानिक थ्रिलर में महाराष्ट्र की लोकपरंपरा और रिश्तों के तनाव का मेल; भारत की ओर से 99वें अकादमी पुरस्कारों की सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी में भेजी गई है फिल्म
मुंबई। फिल्मकार संतोष दावखर की मराठी फिल्म ‘गोंधल’ का ग्लोबल ट्रेलर जारी कर दिया गया है। फिल्म 13 नवंबर 2026 से दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। निर्माताओं के मुताबिक, फिल्म हिंदी, मराठी, तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़ और अंग्रेज़ी सहित सात भाषाओं में दर्शकों तक पहुंचेगी। इसकी रिलीज़ भारत के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, दुबई और अफ्रीका के सिनेमाघरों में भी प्रस्तावित है।
‘गोंधल’ को फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया ने 99वें अकादमी पुरस्कारों के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में चुना है। फिल्म सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया ने 18 सितंबर को 33 फिल्मों में से इसका चयन किया था।
ट्रेलर में दिखा रहस्य और मनोवैज्ञानिक तनाव
ग्लोबल ट्रेलर फिल्म के रहस्यमय माहौल, सांस्कृतिक परिवेश और पात्रों के बीच बढ़ते तनाव की झलक देता है। कहानी में निजी इच्छाएं, पारिवारिक दायित्व और आस्था एक-दूसरे से टकराते हैं। ट्रेलर के दृश्य संकेत देते हैं कि पात्र जिस स्थिति को सच मान रहे हैं, उसकी तह में कुछ और भी छिपा हो सकता है।
महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत और लोकपरंपरा की पृष्ठभूमि पर बनी यह फिल्म दर्शकों को एक ऐसे वातावरण में ले जाती है, जहां रहस्य धीरे-धीरे खुलते हैं। फिल्म की कहानी सुमन और आनंद राव नाम के नवविवाहित जोड़े के इर्द-गिर्द घूमती है। उनके जीवन में घटनाओं का ऐसा सिलसिला शुरू होता है, जो रिश्ते, विश्वास और जिम्मेदारियों को नई कसौटी पर खड़ा कर देता है।
क्षेत्रीय कहानी को वैश्विक दर्शकों तक ले जाने की कोशिश
निर्माताओं ने फिल्म को सात भाषाओं में उपलब्ध कराने की योजना को मराठी सिनेमा के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है। उनके अनुसार, ‘गोंधल’ के आधिकारिक प्रचार वीडियो मराठी, हिंदी, अंग्रेज़ी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम में जारी किए जा चुके हैं।
लेखक-निर्देशक संतोष दावखर का कहना है कि भारतीय सिनेमा की पहचान केवल सामाजिक समस्याओं पर आधारित कहानियों तक सीमित नहीं है। भारत की सांस्कृतिक परंपराएं, लोककलाएं और अलग-अलग क्षेत्रों की विशिष्ट जीवनशैली भी दुनिया के सामने आनी चाहिए। दावखर के मुताबिक, ‘गोंधल’ के जरिए वे महाराष्ट्र की एक पीढ़ियों पुरानी परंपरा और वहां के सांस्कृतिक अनुभव को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाना चाहते हैं।
फिल्म की कथा और प्रस्तुति में क्षेत्रीय प्रामाणिकता को बनाए रखते हुए ऐसी सिनेमाई भाषा का उपयोग किया गया है, जिससे अलग-अलग भाषाओं के दर्शक भी कहानी से जुड़ सकें। ट्रेलर में लोकपरंपरा के दृश्यों के साथ रिश्तों की जटिलता और मनोवैज्ञानिक बेचैनी को प्रमुखता दी गई है।
IFFI में मिला था सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार
‘गोंधल’ को 56वें अंतर्राष्ट्रीय भारतीय फिल्म महोत्सव (IFFI) में पहचान मिली थी। फिल्म के निर्देशक संतोष दावखर को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का सिल्वर पीकॉक पुरस्कार दिया गया। फिल्म महोत्सव में मिली इस उपलब्धि के बाद फिल्म को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अधिक चर्चा मिली।
फिल्म में इशिता देशमुख, किशोर कदम, योगेश सोहनी और निशाद भोईर प्रमुख भूमिकाओं में हैं। ‘गोंधल’ का निर्माण संतोष दावखर ने अपनी प्रोडक्शन कंपनी दावखर फिल्म्स की सह-संस्थापक दीक्षा दावखर के साथ किया है। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी अमलेंदु चौधरी ने की है।
निर्माताओं के अनुसार, फिल्म की शुरुआत 25 मिनट के एक निरंतर शॉट से होती है। इस लंबे दृश्य के जरिए दर्शकों को कहानी के वातावरण और पात्रों की दुनिया में धीरे-धीरे प्रवेश कराया जाता है। फिल्म की दृश्य शैली, ध्वनि, संगीत और अभिनय को भी इसकी प्रस्तुति के महत्वपूर्ण हिस्सों के रूप में तैयार किया गया है।
ऑस्कर अभियान में अगला पड़ाव
भारत की आधिकारिक प्रविष्टि चुने जाने के बाद ‘गोंधल’ अब अकादमी पुरस्कारों की अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म चयन प्रक्रिया में आगे बढ़ेगी। आधिकारिक प्रविष्टि का अर्थ अंतिम ऑस्कर नामांकन नहीं है; फिल्म को आगे की चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा। 99वें अकादमी पुरस्कार समारोह का आयोजन 14 मार्च 2027 को होना निर्धारित है।
