—Advertisement—

नर्मदा तट पर मिले इंदौर के 343 वोटर आईडी कार्ड, कांग्रेस ने की जांच की मांग

Author Picture
Published On: 26 October 2026
unnamed file 5

—Advertisement—

नर्मदा तट पर मिले इंदौर के 343 वोटर आईडी कार्ड, कांग्रेस ने की जांच की मांग

मंडलेश्वर में सफाई अभियान के दौरान मिले कार्ड प्रशासन ने जब्त किए; कांग्रेस ने वोट चोरी का आरोप लगाकर थाने के बाहर धरना दिया

मंडलेश्वर। खरगोन जिले के मंडलेश्वर में रविवार को नर्मदा तट पर सफाई अभियान के दौरान इंदौर के पते वाले 343 मतदाता पहचान पत्र मिलने का मामला सामने आया। इंदौर से आए निस्वार्थ सेवा ग्रुप के सदस्यों को कुछ कार्ड नदी में तैरते और कुछ तट किनारे पड़े मिले। प्रशासन की टीम ने मौका पंचनामा तैयार कर कार्डों को जब्त किया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, कार्ड इंदौर के तिलक नगर क्षेत्र और राऊ विधानसभा क्षेत्र से जुड़े हो सकते हैं। उन्हें मंडलेश्वर तक कैसे लाया गया, इसकी जांच की जा रही है।

सफाई अभियान के दौरान मिले कार्ड

नर्मदा तट की सफाई कर रहे समूह के सदस्यों ने कार्ड देखकर स्थानीय प्रशासन को सूचना दी। मौके पर पहुंचे राजस्व अधिकारियों ने बरामद कार्डों का पंचनामा बनाया। प्रशासनिक रिकॉर्ड में इनकी संख्या 343 दर्ज की गई और कार्डों को जब्त कर लिया गया। पहचान पत्रों पर दर्ज पतों में तिलक नगर, आस्था पैलेस, आकाश नगर और श्रद्धापुरी जैसे इलाकों का उल्लेख बताया गया है।

प्रारंभिक जानकारी में कार्ड इंदौर जिले की राऊ विधानसभा से जुड़े होने की बात कही गई है। हालांकि, कार्ड किन लोगों के हैं, वे नदी किनारे कैसे पहुंचे और कितने समय से वहां पड़े थे—इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।

कांग्रेस ने लगाया ‘वोट चोरी’ का आरोप

ppppppppppppकार्ड मिलने की सूचना के बाद खरगोन जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि नाईक के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधिमंडल मंडलेश्वर थाने पहुंचा। कार्यकर्ताओं ने बरामद कार्ड पुलिस को सौंपे और मामले में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने इसे मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए चुनावी गड़बड़ी की आशंका जताई।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई। पार्टी नेताओं ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में मतदाता पहचान पत्र दूसरे जिले के नदी तट पर मिलना जांच का विषय है। ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं; अभी तक जांच में चुनावी धांधली या वोट चोरी की पुष्टि नहीं हुई है।

थाने के बाहर दिया धरना

unnamed file 6पुलिस की ओर से शिकायत लेकर जांच किए जाने की बात कहे जाने पर कांग्रेस कार्यकर्ता नाराज हो गए और थाने के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए। बाद में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार कैलाश सस्त्या तथा एसडीओपी श्वेता शुक्ला को ज्ञापन सौंपा। अधिकारियों ने मामले की जांच और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद कांग्रेस ने धरना समाप्त कर दिया।

मौके पर राजस्व और पुलिस अधिकारियों की टीम पहुंची थी। तहसीलदार के निर्देश पर पटवारी और राजस्व अमले ने घटनास्थल का पंचनामा बनाया तथा सभी 343 कार्ड जब्त किए। पुलिस ने शिकायत भी प्राप्त की है।

पुलिस और प्रशासन कर रहे जांच

ppppppppppppppppppएसडीओपी श्वेता शुक्ला के मुताबिक, कार्ड नर्मदा सफाई अभियान के दौरान मिले थे। राजस्व टीम ने उन्हें जब्त किया है और मंडलेश्वर थाना प्रभारी को मामले की जांच सौंपी गई है। कार्ड इंदौर के पतों से जुड़े बताए जा रहे हैं, इसलिए संबंधित निर्वाचन कार्यालय और इंदौर प्रशासन से भी जानकारी मांगी जा रही है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि पहचान पत्र किसने और किन परिस्थितियों में नदी तट पर छोड़े। प्रशासन को कार्डों के विवरण, पते और संबंधित निर्वाचन रिकॉर्ड का मिलान करना होगा। जांच से यह भी पता चलेगा कि सभी कार्ड वैध हैं या नहीं और वे कितने समय से वहां मौजूद थे। जब तक जांच पूरी नहीं होती, वोट चोरी या किसी संगठित साजिश के दावों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp