दक्षिण भारत में जैन पत्रकार सम्मेलन का आगाज। बेंगलुरु में 10 पत्रकारों ने विजय नित्यानंद सूरीश्वर जी महाराज के दर्शन किए। 26 से 29 अक्टूबर तक श्रवणबेलगोला और तुमकुर में सम्मेलन आयोजित होगा।
दक्षिण भारत में जैन पत्रकार सम्मेलन का आगाज, बेंगलुरु में पत्रकारों ने किए विजय नित्यानंद सूरीश्वर जी महाराज के दर्शन
26 से 29 अक्टूबर तक श्रवणबेलगोला और तुमकुर में होगा भव्य आयोजन, देशभर के जैन पत्रकार होंगे शामिल
जैन एकता और समाजहित में पत्रकारिता को मजबूत बनाने का दिया संदेश, बेंगलुरु में 10 पत्रकारों का हुआ सम्मान
बेंगलुरु। अथाई मीडिया इंटरनेशनल एवं अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ के संयुक्त तत्वावधान में दक्षिण भारत में चार दिवसीय जैन पत्रकार सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन 26 एवं 27 अक्टूबर को प्रसिद्ध जैन तीर्थक्षेत्र श्रवणबेलगोला तथा 28 एवं 29 अक्टूबर को तुमकुर में आयोजित होगा। इस सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से जैन पत्रकार, संपादक एवं समाजसेवी भाग लेंगे।
बेंगलुरु में पत्रकारों का स्वागत, महाराज श्री से लिया आशीर्वाद
सम्मेलन के प्रारंभिक कार्यक्रम के अंतर्गत 10 पत्रकारों का दल बेंगलुरु पहुंचा। सभी पत्रकार लालबाग स्थित जैन भवन में ठहरे, जहां अथाई मीडिया इंटरनेशनल के कर्नाटक प्रभारी एवं समाजसेवी गौतम धारीवाल ने उनके आवास, जलपान एवं भोजन की व्यवस्था की।
इस अवसर पर पत्रकारों ने जैन भवन में विराजमान गच्छाधिपति श्री विजय नित्यानंद सूरीश्वर जी महाराज के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। पत्रकारों ने महाराज श्री से साक्षात्कार कर धर्म, समाज और जैन एकता से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
महाराज श्री ने सभी जैन धर्मानुयायियों से आपसी मतभेद भुलाकर समाज की एकता और उत्थान के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने समाज में आपसी सहयोग, सद्भाव और संगठन की भावना को मजबूत बनाने का संदेश दिया।
शॉल, माला और पटका पहनाकर पत्रकारों का सम्मान
अथाई मीडिया इंटरनेशनल के निदेशक एवं अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ के महामंत्री डॉ. अखिल बंसल ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी पत्रकारों का परिचय कराया।
समाजसेवी गौतम धारीवाल ने सभी आगंतुक पत्रकारों का शॉल, माला एवं पटका पहनाकर सम्मान किया। इस अवसर पर जैन पत्रकारिता के माध्यम से समाज में जागरूकता बढ़ाने और धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को जन-जन तक पहुंचाने के महत्व पर चर्चा हुई।
सम्मान समारोह के बाद पत्रकारों का दल हुमचा, ज्वालामालिनी, कारकल, मूडबिद्री और धर्मस्थल सहित दक्षिण भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए रवाना हुआ।
श्रवणबेलगोला और तुमकुर में मिलेगा संतों का मंगल सान्निध्य
डॉ. अखिल बंसल ने बताया कि सम्मेलन के दौरान श्रवणबेलगोला में पूज्य भट्टारक स्वस्तिश्री चारूकीर्ति जी तथा तुमकुर में आचार्य श्री प्रमुख सागर जी ससंघ का मंगल सान्निध्य प्राप्त होगा।
उन्होंने बताया कि पत्रकारों ने 21 एवं 22 अक्टूबर को मथुरा में आयोजित तीर्थक्षेत्र कमेटी के अधिवेशन में भाग लिया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 25 अक्टूबर को कनकगिरि एवं आसपास के तीर्थस्थलों की वंदना के बाद पत्रकार 26 और 27 अक्टूबर को श्रवणबेलगोला तथा 28 और 29 अक्टूबर को तुमकुर में आयोजित सम्मेलन में शामिल होंगे।
20 वर्षों से जैन पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय है संगठन
अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ पिछले 20 वर्षों से जैन समाज में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। संगठन ने धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रमुखता से सामने लाकर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
संघ के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद जैन ने बताया कि वर्ष 2018 से संगठन आचार्य श्री प्रमुख सागर जी के सान्निध्य में विभिन्न अधिवेशनों का आयोजन करता आ रहा है। अब तक गोवा, मुंबई, पुष्पगिरि, इटावा, कोलकाता, गुवाहाटी और दीमापुर सहित अनेक स्थानों पर सम्मेलन आयोजित किए जा चुके हैं।
देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे पत्रकार
बेंगलुरु में आयोजित स्वागत एवं सम्मान समारोह में अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद जैन (आगरा), महामंत्री डॉ. अखिल बंसल (जयपुर), डॉ. शरद जैन (नांदेड़), डॉ. राजीव प्रचण्डिया (अलीगढ़), डॉ. मीना जैन (उदयपुर), प्रवीण भाई भंडारी (पुणे), अकलेश जैन (अजमेर), अजित जैन (पवई), योगेंद्र जैन (दिल्ली) एवं डॉ. ऋषभ जैन (ललितपुर) का सम्मान किया गया।
जैन समाज की एकता और पत्रकारिता को मिलेगा नया आयाम
चार दिवसीय सम्मेलन के माध्यम से जैन पत्रकारों के बीच आपसी संवाद, संगठनात्मक सहयोग और समाजहित से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श का अवसर मिलेगा।
सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य जैन पत्रकारिता को सशक्त बनाना, धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा समाज में एकता और सकारात्मक विचारों को प्रोत्साहित करना है।
दक्षिण भारत के प्रमुख जैन तीर्थस्थलों पर आयोजित होने वाला यह सम्मेलन धार्मिक आस्था के साथ पत्रकारिता और सामाजिक एकजुटता का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।

